नदी कटाव निरोधक कार्य को लेकर गहराया विवादविधायक ने हस्तक्षेप कर मामला सुलझाया अमौर प्रखंड के सिमलबारी नगरा टोल में कनकई और दास नदी के संगम पर चल रहे नदी कटाव निरोधक कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई.मामला बढ़ता देख अमौर विधायक अख्तरुल ईमान ने जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता,कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता एवं बीडीओ सह प्रभारी सीओ के साथ मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ मिलकर ग्रामीणों की शंकाओं को दूर किया.विधायक अख्तरुल ईमान ने बताया कि कनकई नदी का लगभग 75% पानी दास नदी में प्रवाहित हो रहा है. दास नदी के किनारे ज्ञानडोभ, लालटोली और हरिपुर जैसी घनी आबादी वाली पंचायतें बसी हैं, जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 50,000 है.नदी के किनारे सरकारी स्कूल, पंचायत भवन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी इमारतें हैं, जिन पर कटाव का खतरा मंडरा रहा है.नदी और किनारे बसे गांवों को बचाने के लिए विभाग द्वारा 8 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है, जिसमें से 5 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ है.विवाद तब शुरू हुआ जब विभाग द्वारा 100 मीटर की सिल्टिंग (गाद) हटाने का काम शुरू किया गया.नदी के एक ओर के ग्रामीणों को डर था कि सिल्टिंग हटने से नदी का बहाव उनके घरों की ओर मुड़ जाएगा और कटाव बढ़ेगा.वहीं, दूसरी ओर के लोगों का मानना था कि यदि काम रुका तो पूरी आबादी खतरे में पड़ जाएगी.विधायक ने अधिकारियों साथ स्थल निरीक्षण करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना बहुत मुश्किल से स्वीकृत हुई है. पूरे पूर्णिया प्रमंडल में इस समय इतनी बड़ी कोई दूसरी योजना नहीं चल रही है. कुछ लोग इस पर राजनीति कर रहे हैं, लेकिन हमें क्षेत्र के हित को देखना है. विभाग की हाई-लेवल तकनीकी टीम ने यह सुनिश्चित किया है कि दास नदी और कनकई नदी दोनों का संतुलन बना रहे और किसी भी पक्ष को नुकसान न हो. वही विधायक अख्तरुल ईमान ने जोर देकर कहा कि 15 मई से पहले मानसून पूर्व के ये कार्य पूरे होने अनिवार्य हैं. इस बार बारिश जल्दी शुरू हो गई है, यदि अगले 10-15 दिनों में काम पूरा नहीं हुआ, तो क्षेत्र को भारी आर्थिक और जान-माल का नुकसान उठाना पड़ सकता है. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और विकास कार्यों में सहयोग करें.
नदी कटाव निरोधक कार्य को लेकर गहराया विवादविधायक ने हस्तक्षेप कर मामला सुलझाया अमौर प्रखंड के सिमलबारी नगरा टोल में कनकई और दास नदी के संगम पर चल रहे नदी कटाव निरोधक कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई.मामला बढ़ता देख अमौर विधायक अख्तरुल ईमान ने जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता,कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता एवं बीडीओ सह प्रभारी सीओ के साथ मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ मिलकर ग्रामीणों की शंकाओं को दूर किया.विधायक अख्तरुल ईमान ने बताया कि कनकई नदी का लगभग 75% पानी दास नदी में प्रवाहित हो रहा है. दास नदी के किनारे ज्ञानडोभ, लालटोली और हरिपुर जैसी घनी आबादी वाली पंचायतें बसी हैं, जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 50,000 है.नदी के किनारे सरकारी स्कूल, पंचायत भवन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी इमारतें हैं, जिन पर कटाव का खतरा मंडरा रहा है.नदी और किनारे बसे गांवों को बचाने के लिए विभाग द्वारा 8 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है, जिसमें से 5 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ है.विवाद तब शुरू हुआ जब विभाग द्वारा 100 मीटर की सिल्टिंग (गाद) हटाने का काम शुरू किया गया.नदी
के एक ओर के ग्रामीणों को डर था कि सिल्टिंग हटने से नदी का बहाव उनके घरों की ओर मुड़ जाएगा और कटाव बढ़ेगा.वहीं, दूसरी ओर के लोगों का मानना था कि यदि काम रुका तो पूरी आबादी खतरे में पड़ जाएगी.विधायक ने अधिकारियों साथ स्थल निरीक्षण करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना बहुत मुश्किल से स्वीकृत हुई है. पूरे पूर्णिया प्रमंडल में इस समय इतनी बड़ी कोई दूसरी योजना नहीं चल रही है. कुछ लोग इस पर राजनीति कर रहे हैं, लेकिन हमें क्षेत्र के हित को देखना है. विभाग की हाई-लेवल तकनीकी टीम ने यह सुनिश्चित किया है कि दास नदी और कनकई नदी दोनों का संतुलन बना रहे और किसी भी पक्ष को नुकसान न हो. वही विधायक अख्तरुल ईमान ने जोर देकर कहा कि 15 मई से पहले मानसून पूर्व के ये कार्य पूरे होने अनिवार्य हैं. इस बार बारिश जल्दी शुरू हो गई है, यदि अगले 10-15 दिनों में काम पूरा नहीं हुआ, तो क्षेत्र को भारी आर्थिक और जान-माल का नुकसान उठाना पड़ सकता है. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और विकास कार्यों में सहयोग करें.
- Post by Harsh kumar1
- Muzaffarnagar2
- Post by Araria News1
- Post by Razi Anwar1
- बाद में चाय बना रही हूं ठंडी के मौसम में तो मैं चाय बना रही हूं आप देख सकते हैं1
- Post by ABU HANZALA TO RANI1
- जलालगढ़ प्रखंड में दो दिवसीय सत्संग का सफल समापन जलालगढ़ प्रखंड के एकंबा पंचायत अंतर्गत विशंथा गांव में दो दिवसीय आयोजित भव्य सत्संग का भक्तिमय माहौल में सफल समापन हो गया। यह आयोजन सद्गुरु कबीर साहेब की असीम कृपा से संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सत्संग के दौरान स्वामी पलटू दास जी महाराज एवं संत श्री शैलेंद्र साहब मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके प्रेरणादायक प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को सत्य, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, कार्यक्रम में शामिल गायक-गायिकाओं और साधु-संतों ने भजन एवं साधुगान प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। इस धार्मिक आयोजन में दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं बच्चों ने भाग लिया और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। सत्संग के माध्यम से लोगों को आध्यात्मिक उन्नति और जीवन में सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में एकंबा पंचायत के स्थानीय ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला।1
- Post by Araria News1