logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

29 वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, गया जी द्वारा पाँच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन। बिक्कु कुमार 29 वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, गया जी द्वारा मानव संसाधन विकास (HRD) कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 27 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर, गया जी में आयोजित पाँच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि श्री मानवेन्द्र, उप महानिरीक्षक, क्षेत्रक मुख्यालय (विशेष प्रचालन), सशस्त्र सीमा बल, गया जी (बिहार) एवं श्री कुणाल, कमांडेंट, 29 वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, गया जी की गरीमामयी उपस्थिति में सपन्न हुआ। उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मानवेन्द्र, उप महानिरीक्षक ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा समाज के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से प्राप्त ज्ञान का व्यवहारिक उपयोग कर स्वरोजगार स्थापित करने तथा अन्य लोगों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने 29 वाहिनी सशस्त्र सीमा बल एवं कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सीमावर्ती एवं वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त श्री कुणाल, कमांडेंट, 29 वाहिनी स.सी.बल, गया जी ने सम्बोधन में कहा कि सभी लोगों को सरकारी अथवा निजी क्षेत्र में नौकरी मिलना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में बेरोजगारी कम करने के लिए स्वरोजगार एक बेहतर विकल्प है। मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्राप्त कर लोग अपने घर पर कम लागत में मशरूम का उत्पादन कर आय अर्जित कर सकते हैं तथा आत्मनिर्भर बन सकते हैं। समारोह के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण से प्राप्त अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों, उत्पादन प्रबंधन, विपणन एवं स्वरोजगार के अवसरों की उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य कर सकेंगे। बता दें कि कार्यक्रम के अंत में सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा सभी अतिथियों एवं सहयोगी संस्थान के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर ई. मनोज कुमार राय, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रभारी, कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर, गया जी, श्री देवेन्द्र उपाध्याय, उप कमांडेंट, 29 वाहिनी स.सी.बल, गया जी, डॉ. अशोक कुमार, वैज्ञानिक (प्रसार शिक्षा), कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर, गया जी तथा सशस्त्र सीमा बल के अधीनस्थ अधिकारी, बलकर्मी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

7 hrs ago
user_BIKKU SINGH
BIKKU SINGH
Local News Reporter बिक्रम, पटना, बिहार•
7 hrs ago
5b31eccc-0d59-49e0-8fdb-00b437696985

29 वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, गया जी द्वारा पाँच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन। बिक्कु कुमार 29 वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, गया जी द्वारा मानव संसाधन विकास (HRD) कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 27 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर, गया जी में आयोजित पाँच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि श्री मानवेन्द्र, उप महानिरीक्षक, क्षेत्रक मुख्यालय (विशेष प्रचालन), सशस्त्र सीमा बल, गया जी (बिहार) एवं श्री कुणाल, कमांडेंट, 29 वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, गया जी की गरीमामयी उपस्थिति में सपन्न हुआ। उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मानवेन्द्र, उप महानिरीक्षक ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा समाज के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से प्राप्त ज्ञान का व्यवहारिक उपयोग कर स्वरोजगार स्थापित करने तथा अन्य लोगों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने 29 वाहिनी सशस्त्र सीमा बल एवं कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सीमावर्ती एवं वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त श्री कुणाल, कमांडेंट, 29 वाहिनी स.सी.बल, गया जी ने सम्बोधन में कहा कि सभी लोगों को सरकारी अथवा निजी क्षेत्र में नौकरी मिलना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में बेरोजगारी कम करने के लिए स्वरोजगार एक बेहतर विकल्प है। मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्राप्त कर लोग अपने घर पर कम लागत में मशरूम का उत्पादन कर आय अर्जित कर सकते हैं तथा आत्मनिर्भर बन सकते हैं। समारोह के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण से प्राप्त अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों, उत्पादन प्रबंधन, विपणन एवं स्वरोजगार के अवसरों की उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य कर सकेंगे। बता दें कि कार्यक्रम के अंत में सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा सभी अतिथियों एवं सहयोगी संस्थान के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर ई. मनोज कुमार राय, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रभारी, कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर, गया जी, श्री देवेन्द्र उपाध्याय, उप कमांडेंट, 29 वाहिनी स.सी.बल, गया जी, डॉ. अशोक कुमार, वैज्ञानिक (प्रसार शिक्षा), कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर, गया जी तथा सशस्त्र सीमा बल के अधीनस्थ अधिकारी, बलकर्मी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

More news from बिहार and nearby areas
  • मिड-डे मील में कीड़ा मिलने के बाद केंद्रीकृत रसोई ने दी सफाई, कहा– "हर स्तर पर होती है जांच, गुणवत्ता से नहीं होता समझौता" मिड-डे मील में कीड़ा मिलने के बाद केंद्रीकृत रसोई ने दी सफाई, कहा– "हर स्तर पर होती है जांच, गुणवत्ता से नहीं होता समझौता" व्यवस्थापक बोले– स्टील के सीलबंद कंटेनरों में भेजा जाता है भोजन, स्कूल पहुंचने के बाद ही खुलता है डिब्बा; मामले की निष्पक्ष जांच की मांग मसौढ़ी प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय तरेगना मुशहरी में मंगलवार को बच्चों को परोसे गए मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की थाली में कथित रूप से कीड़ा मिलने के मामले के बाद पीएम पोषण योजना के तहत संचालित केंद्रीकृत रसोईघर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। घटना के बाद मसौढ़ी के संवाददाता ने विद्यालय के समीप स्थित टीम एक्सीलेंस द्वारा संचालित केंद्रीकृत रसोईघर पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। केंद्रीकृत रसोईघर के व्यवस्थापक रंजीत कुमार ने घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संस्था से निकलने वाला प्रत्येक भोजन पूरी गुणवत्ता जांच और स्वच्छता मानकों का पालन करने के बाद ही स्टेनलेस स्टील के विशेष कंटेनरों में पैक कर संबंधित विद्यालयों तक भेजा जाता है। उनका कहना था कि भोजन तैयार करने से लेकर पैकिंग और वितरण तक हर चरण की नियमित निगरानी की जाती है। उन्होंने कहा कि जब एमडीएम कर्मी विद्यालय में भोजन पहुंचाते हैं तो वहां बच्चों को परोसने से पहले विद्यालय प्रशासन द्वारा भी भोजन का निरीक्षण किया जाना चाहिए। यदि भोजन में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी तो विद्यालय स्तर पर इसकी पहचान क्यों नहीं हो सकी, यह भी जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि संस्था की छवि खराब करने की कोशिश से भी इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। रंजीत कुमार ने बताया कि रसोईघर में प्रतिदिन साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को स्वच्छता संबंधी सभी मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भोजन जिन स्टेनलेस स्टील कंटेनरों में भेजा जाता है, वे उच्च गुणवत्ता वाले हैं। अगले महीने से भोजन को अधिक समय तक गर्म और सुरक्षित रखने वाले नए एवं बेहतर गुणवत्ता के इंसुलेटेड कंटेनर उपलब्ध कराने की भी तैयारी की जा रही है। उन्होंने बिहार सरकार से यह भी मांग की कि विद्यालयों में संस्था के कर्मचारी स्वयं बच्चों को भोजन परोसने की व्यवस्था हो, ताकि भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद या भ्रम उत्पन्न न हो। इस दौरान मसौढ़ी के संवाददाता ने केंद्रीकृत रसोईघर में भोजन तैयार होने, गुणवत्ता जांच, पैकिंग और सीलबंद स्टील कंटेनरों में विद्यालय भेजने की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रसोईघर में साफ-सफाई की व्यवस्था, कर्मचारियों द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया तथा पैकिंग प्रणाली को भी देखा गया। कर्मचारियों ने बताया कि रसोईघर से सीलबंद होकर निकलने वाले भोजन के कंटेनर विद्यालय पहुंचने के बाद ही खोले जाते हैं। गौरतलब है कि प्राथमिक विद्यालय तरेगना मुशहरी में बच्चों के भोजन में कथित रूप से कीड़ा मिलने की घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। अब इस मामले में प्रशासनिक जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन में कीड़ा किस स्तर पर पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है। वहीं, केंद्रीकृत रसोईघर प्रबंधन ने दावा किया है कि वह गुणवत्ता और स्वच्छता के सभी मानकों का पूरी गंभीरता से पालन करता है तथा भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
    1
    मिड-डे मील में कीड़ा मिलने के बाद केंद्रीकृत रसोई ने दी सफाई, कहा– "हर स्तर पर होती है जांच, गुणवत्ता से नहीं होता समझौता"

मिड-डे मील में कीड़ा मिलने के बाद केंद्रीकृत रसोई ने दी सफाई, कहा– "हर स्तर पर होती है जांच, गुणवत्ता से नहीं होता समझौता"
व्यवस्थापक बोले– स्टील के सीलबंद कंटेनरों में भेजा जाता है भोजन, स्कूल पहुंचने के बाद ही खुलता है डिब्बा; मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
मसौढ़ी प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय तरेगना मुशहरी में मंगलवार को बच्चों को परोसे गए मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की थाली में कथित रूप से कीड़ा मिलने के मामले के बाद पीएम पोषण योजना के तहत संचालित केंद्रीकृत रसोईघर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। घटना के बाद मसौढ़ी के संवाददाता ने विद्यालय के समीप स्थित टीम एक्सीलेंस द्वारा संचालित केंद्रीकृत रसोईघर पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
केंद्रीकृत रसोईघर के व्यवस्थापक रंजीत कुमार ने घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संस्था से निकलने वाला प्रत्येक भोजन पूरी गुणवत्ता जांच और स्वच्छता मानकों का पालन करने के बाद ही स्टेनलेस स्टील के विशेष कंटेनरों में पैक कर संबंधित विद्यालयों तक भेजा जाता है। उनका कहना था कि भोजन तैयार करने से लेकर पैकिंग और वितरण तक हर चरण की नियमित निगरानी की जाती है।
उन्होंने कहा कि जब एमडीएम कर्मी विद्यालय में भोजन पहुंचाते हैं तो वहां बच्चों को परोसने से पहले विद्यालय प्रशासन द्वारा भी भोजन का निरीक्षण किया जाना चाहिए। यदि भोजन में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी तो विद्यालय स्तर पर इसकी पहचान क्यों नहीं हो सकी, यह भी जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि संस्था की छवि खराब करने की कोशिश से भी इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
रंजीत कुमार ने बताया कि रसोईघर में प्रतिदिन साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को स्वच्छता संबंधी सभी मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भोजन जिन स्टेनलेस स्टील कंटेनरों में भेजा जाता है, वे उच्च गुणवत्ता वाले हैं। अगले महीने से भोजन को अधिक समय तक गर्म और सुरक्षित रखने वाले नए एवं बेहतर गुणवत्ता के इंसुलेटेड कंटेनर उपलब्ध कराने की भी तैयारी की जा रही है।
उन्होंने बिहार सरकार से यह भी मांग की कि विद्यालयों में संस्था के कर्मचारी स्वयं बच्चों को भोजन परोसने की व्यवस्था हो, ताकि भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद या भ्रम उत्पन्न न हो।
इस दौरान मसौढ़ी के संवाददाता ने केंद्रीकृत रसोईघर में भोजन तैयार होने, गुणवत्ता जांच, पैकिंग और सीलबंद स्टील कंटेनरों में विद्यालय भेजने की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रसोईघर में साफ-सफाई की व्यवस्था, कर्मचारियों द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया तथा पैकिंग प्रणाली को भी देखा गया। कर्मचारियों ने बताया कि रसोईघर से सीलबंद होकर निकलने वाले भोजन के कंटेनर विद्यालय पहुंचने के बाद ही खोले जाते हैं।
गौरतलब है कि प्राथमिक विद्यालय तरेगना मुशहरी में बच्चों के भोजन में कथित रूप से कीड़ा मिलने की घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। अब इस मामले में प्रशासनिक जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन में कीड़ा किस स्तर पर पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है। वहीं, केंद्रीकृत रसोईघर प्रबंधन ने दावा किया है कि वह गुणवत्ता और स्वच्छता के सभी मानकों का पूरी गंभीरता से पालन करता है तथा भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
    user_Niraj kumar
    Niraj kumar
    पत्रकार मसहौढ़ी, पटना, बिहार•
    13 hrs ago
  • 🩺 निःशुल्क त्वचा रोग शिविर आयोजित 💊 मरीजों को मुफ्त दवा वितरण 🎤 डॉ. सन्नी सिंह ने त्वचा व बालों की देखभाल पर दी अहम जानकारी। 🩺 निःशुल्क त्वचा रोग शिविर आयोजित 💊 मरीजों को मुफ्त दवा वितरण 🎤 डॉ. सन्नी सिंह ने त्वचा व बालों की देखभाल पर दी अहम जानकारी। ✍️ रिपोर्टर: पंकज सिंह | जनता की आवाज आरा न्यूज़ #Ara #Bhojpur #DrSunnySingh #FreeMedicalCamp #SkinCare #UshaHospital #JanataKiAawazAraNews
    1
    🩺 निःशुल्क त्वचा रोग शिविर आयोजित
💊 मरीजों को मुफ्त दवा वितरण
🎤 डॉ. सन्नी सिंह ने त्वचा व बालों की देखभाल पर दी अहम जानकारी।
🩺 निःशुल्क त्वचा रोग शिविर आयोजित
💊 मरीजों को मुफ्त दवा वितरण
🎤 डॉ. सन्नी सिंह ने त्वचा व बालों की देखभाल पर दी अहम जानकारी।
✍️ रिपोर्टर: पंकज सिंह | जनता की आवाज आरा न्यूज़ #Ara #Bhojpur #DrSunnySingh #FreeMedicalCamp #SkinCare #UshaHospital #JanataKiAawazAraNews
    user_जनता की आवाज
    जनता की आवाज
    आरा, भोजपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • बांकीपुर विधानसभा चुनाव में महिलाओं ने किसे चुना किस मुद्दे पर वोट किया? #foryou #viralnews
    1
    बांकीपुर विधानसभा चुनाव में महिलाओं ने किसे चुना किस मुद्दे पर वोट किया?
#foryou #viralnews
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company Dinapur-Cum-Khagaul, Patna•
    5 hrs ago
  • विरेन्द्र मिश्रा प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी शहीद भवन आरा कांग्रेस कार्यालय शहीद भवन आरा से अंबेडकर चौक पर विरोध प्रदर्शन किया गया
    1
    विरेन्द्र मिश्रा प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी शहीद भवन आरा 
कांग्रेस कार्यालय शहीद भवन आरा से अंबेडकर चौक पर विरोध प्रदर्शन किया गया
    user_विरेन्द्र मिश्रा
    विरेन्द्र मिश्रा
    आरा, भोजपुर, बिहार•
    12 hrs ago
  • 🚨 भरत तिवारी केस में कैसे और क्यों हो रही राजनीति? परिवार के साथ खड़े रहने वाले लोगों पर ही क्यों दर्ज हुई FIR? बेलौटी के 'त्रिपाठी बंधुओं' ने खोला चंदा और विवाद का राज! 🔴 बड़ा आरोप: बोले- सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद बदल गया पूरा परिवार! आखिर भरत तिवारी मामले में क्या है पूरा विवाद? किस बात को लेकर उठ रहे हैं सवाल? जानिए त्रिपाठी बंधुओं की जुबानी पूरी कहानी... #BharatTiwariCase #BharatTiwari #BhojpurNews #BiharNews #JusticeForBharatTiwari #ARNEWS24
    1
    🚨 भरत तिवारी केस में कैसे और क्यों हो रही राजनीति?

परिवार के साथ खड़े रहने वाले लोगों पर ही क्यों दर्ज हुई FIR?
बेलौटी के 'त्रिपाठी बंधुओं' ने खोला चंदा और विवाद का राज!

🔴 बड़ा आरोप: बोले- सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद बदल गया पूरा परिवार!

आखिर भरत तिवारी मामले में क्या है पूरा विवाद?
किस बात को लेकर उठ रहे हैं सवाल?
जानिए त्रिपाठी बंधुओं की जुबानी पूरी कहानी...

#BharatTiwariCase #BharatTiwari #BhojpurNews #BiharNews #JusticeForBharatTiwari #ARNEWS24
    user_अजय कुमार
    अजय कुमार
    आरा, भोजपुर, बिहार•
    13 hrs ago
  • बिहार सरकार में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने श्रावण के पवित्र माह में अशोकधाम मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की बिहार सरकार में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने श्रावण के पवित्र माह में यहां के प्रसिद्ध धर्म स्थान अशोक धाम में जाकर सपरिवार पूजा अर्चना की और उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर भी धर्म संदेश देने वाला पोस्ट शेयर किया है। शिवभक्ति, सेवा और संस्कार—श्रावण का यही सार। अशोक धाम से गूंजा आस्था, सेवा और शिवभक्ति का संदेश। 🔱
    1
    बिहार सरकार में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने श्रावण के पवित्र माह में अशोकधाम मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की
बिहार सरकार में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने श्रावण के पवित्र माह में यहां के प्रसिद्ध धर्म स्थान अशोक धाम में जाकर सपरिवार पूजा अर्चना की और उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर भी धर्म संदेश देने वाला पोस्ट शेयर किया है।
शिवभक्ति, सेवा और संस्कार—श्रावण का यही सार।
अशोक धाम से गूंजा आस्था, सेवा और शिवभक्ति का संदेश। 🔱
    user_Newslahar
    Newslahar
    Local News Reporter मुस्तफापुर, पटना•
    15 hrs ago
  • सुनो कर बेइमानो संविधान में मोच और राज्यसभा का सीट उनके लिए बना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जो चुनाव नहीं लड़ सकते हैं जो आर्थिक रूप से मजबूत है चुनाव लड़ सकता है धनवान है उसके लिए नहीं बना मगर तुम लोग सारा सेट बेचकर गरीब गुरु मध्यम वर्ग की औकात राजनीतिक भागीदारी छीन लेते हो अपनी आदत में सुधार लाओ लोकतंत्र की रक्षा करो
    1
    सुनो कर बेइमानो संविधान में मोच और राज्यसभा का सीट उनके लिए बना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जो चुनाव नहीं लड़ सकते हैं जो आर्थिक रूप से मजबूत है चुनाव लड़ सकता है धनवान है उसके लिए नहीं बना मगर तुम लोग सारा सेट बेचकर गरीब गुरु मध्यम वर्ग की औकात राजनीतिक भागीदारी छीन लेते हो अपनी आदत में सुधार लाओ लोकतंत्र की रक्षा करो
    user_आर के शर्मा
    आर के शर्मा
    Local Politician आरा, भोजपुर, बिहार•
    15 hrs ago
  • पांच वर्षों से जाम नालियों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सहरू गांव में मुखिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन पांच वर्षों से जाम नालियों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सहरू गांव में मुखिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन जलनिकासी ठप होने से सड़क बनी तालाब, 10 बीघे से अधिक खेत जलमग्न; ग्रामीणों ने कहा— कई बार आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई धनरुआ प्रखंड की धनरुआ पंचायत अंतर्गत सहरू गांव में वर्षों से जाम पड़ी नालियों, जलभराव और अधूरी जलनिकासी व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश गुरुवार को सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, किसान, छात्र-छात्राएं और ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जाम नालियों की तत्काल सफाई, अधूरे नाली निर्माण कार्य को पूरा कराने और गांव में स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पूर्व में नाली का निर्माण तो कराया गया था, लेकिन पिछले करीब पांच वर्षों से उसकी सफाई नहीं कराई गई। नालियां पूरी तरह जाम होने के कारण बरसात का पानी सड़क, गलियों और खेतों में जमा हो रहा है। इससे गांव की सड़कें कीचड़ से पट गई हैं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी रास्ते से प्रतिदिन स्कूली छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं। फिसलन और जलभराव के कारण कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, एक छात्रा और एक बुजुर्ग का पैर टूट चुका है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। किसानों ने बताया कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से करीब 10 बीघे से अधिक कृषि भूमि में बरसाती पानी जमा हो गया है, जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार पंचायत प्रतिनिधियों को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धनरुआ पंचायत की मुखिया रानी देवी ने कथित रूप से कहा कि "आप लोगों ने हमें वोट नहीं दिया, इसलिए यहां काम नहीं होगा।" हालांकि इस आरोप पर मुखिया का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में पूर्व मुखिया योगेंद्र चंद्रवंशी, जय मंगल प्रसाद, रामप्रवेश, हरिकांत प्रसाद, निरंजन कुमार, रोहित पासवान, नीलकू पासवान, चंपा देवी, शारदा देवी, पनपता देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं मतदाता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र नालियों की सफाई और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो वे प्रखंड मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक चरणबद्ध आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी.
    1
    पांच वर्षों से जाम नालियों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सहरू गांव में मुखिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
पांच वर्षों से जाम नालियों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सहरू गांव में मुखिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
जलनिकासी ठप होने से सड़क बनी तालाब, 10 बीघे से अधिक खेत जलमग्न; ग्रामीणों ने कहा— कई बार आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
धनरुआ प्रखंड की धनरुआ पंचायत अंतर्गत सहरू गांव में वर्षों से जाम पड़ी नालियों, जलभराव और अधूरी जलनिकासी व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश गुरुवार को सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, किसान, छात्र-छात्राएं और ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जाम नालियों की तत्काल सफाई, अधूरे नाली निर्माण कार्य को पूरा कराने और गांव में स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पूर्व में नाली का निर्माण तो कराया गया था, लेकिन पिछले करीब पांच वर्षों से उसकी सफाई नहीं कराई गई। नालियां पूरी तरह जाम होने के कारण बरसात का पानी सड़क, गलियों और खेतों में जमा हो रहा है। इससे गांव की सड़कें कीचड़ से पट गई हैं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसी रास्ते से प्रतिदिन स्कूली छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं। फिसलन और जलभराव के कारण कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, एक छात्रा और एक बुजुर्ग का पैर टूट चुका है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
किसानों ने बताया कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से करीब 10 बीघे से अधिक कृषि भूमि में बरसाती पानी जमा हो गया है, जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार पंचायत प्रतिनिधियों को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
प्रदर्शन के दौरान कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धनरुआ पंचायत की मुखिया रानी देवी ने कथित रूप से कहा कि "आप लोगों ने हमें वोट नहीं दिया, इसलिए यहां काम नहीं होगा।" हालांकि इस आरोप पर मुखिया का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में पूर्व मुखिया योगेंद्र चंद्रवंशी, जय मंगल प्रसाद, रामप्रवेश, हरिकांत प्रसाद, निरंजन कुमार, रोहित पासवान, नीलकू पासवान, चंपा देवी, शारदा देवी, पनपता देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं मतदाता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र नालियों की सफाई और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो वे प्रखंड मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक चरणबद्ध आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी.
    user_Niraj kumar
    Niraj kumar
    पत्रकार मसहौढ़ी, पटना, बिहार•
    14 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.