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शाहदरा AATS ने 'अज्जू' नाम के एक शातिर झपटमार को गिरफ्तार किया है, जो चोरी की पल्सर बाइक पर झपटमारी की वारदातें करता था। डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के निर्देश पर 'ऑपरेशन अज्जू' शुरू किया गया था। एसआई अनूज की टीम ने 'अज्जू' को सीमापुरी में रंगे हाथों धर दबोचा। यह अपराधी केवल 5वीं पास था, लेकिन जुर्म के क्षेत्र में उसने 'पीएचडी' कर रखी थी। वह 73 मामलों का 'क्रिमिनल रिज्यूमे' लेकर घूमता था, जो उसकी लंबी आपराधिक पृष्ठभूमि को दर्शाता है। पुलिस ने 'अज्जू' की गिरफ्तारी के साथ ही चार चोरी की बाइक और स्कूटी बरामद की हैं, जिससे चार थानों के मामले सुलझ गए हैं। 'अज्जू' अब लॉकअप में है, जबकि उसका साथी 'जीतू' अभी भी फरार है। पुलिस की स्क्रिप्ट के अनुसार, हर अपराधी का अंजाम तय होता है और 'जीतू' का 'द एंड' भी इंटरवल से पहले ही हो जाएगा।
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शाहदरा AATS ने 'अज्जू' नाम के एक शातिर झपटमार को गिरफ्तार किया है, जो चोरी की पल्सर बाइक पर झपटमारी की वारदातें करता था। डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के निर्देश पर 'ऑपरेशन अज्जू' शुरू किया गया था। एसआई अनूज की टीम ने 'अज्जू' को सीमापुरी में रंगे हाथों धर दबोचा। यह अपराधी केवल 5वीं पास था, लेकिन जुर्म के क्षेत्र में उसने 'पीएचडी' कर रखी थी। वह 73 मामलों का 'क्रिमिनल रिज्यूमे' लेकर घूमता था, जो उसकी लंबी आपराधिक पृष्ठभूमि को दर्शाता है। पुलिस ने 'अज्जू' की गिरफ्तारी के साथ ही चार चोरी की बाइक और स्कूटी बरामद की हैं, जिससे चार थानों के मामले सुलझ गए हैं। 'अज्जू' अब लॉकअप में है, जबकि उसका साथी 'जीतू' अभी भी फरार है। पुलिस की स्क्रिप्ट के अनुसार, हर अपराधी का अंजाम तय होता है और 'जीतू' का 'द एंड' भी इंटरवल से पहले ही हो जाएगा।
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- सत्यम संजीवनी ट्रस्ट द्वारा हाल ही में 'मां एवं शिक्षा जागरूकता अभियान' का आयोजन किया गया। ट्रस्ट की अध्यक्ष कंचन सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और समाज में मां के सम्मान, पारिवारिक मूल्यों तथा शिक्षा के महत्व पर अपने विचार साझा किए। अपने संबोधन में, अध्यक्ष कंचन सिंह ने समाज में बढ़ती वृद्धाश्रम की समस्या पर गंभीरता से विचार करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि एक बेटी बहू बनने के बाद भी अपने सास-ससुर को माता-पिता जैसा सम्मान दे और बहू को बेटी का दर्जा मिले, तो कोई भी बुजुर्ग वृद्धाश्रम जाने को मजबूर नहीं होगा। उन्होंने परिवारों में प्रेम, सम्मान और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। कंचन सिंह ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने में संगीता श्रीवास्तव, आशा सिंह, सरोज सिंह, शोभा देवी, ओम प्रकाश अग्रवाल, स्मिता देवी, संजू शर्मा, संजू सिंह और शंभू सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ट्रस्ट ने सभी सहयोगियों और कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी तरह के जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।1
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