स्वच्छता से ही बनती है स्थायी पहचान: स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के.के.गुप्ता, धौलपुर। स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार के अंतर्गत संचालित स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित स्वच्छता कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि पद और प्रतिष्ठा सीमित समय तक साथ देते हैं, लेकिन कार्यों से निर्मित पहचान लंबे समय तक जीवित रहती है। उन्होंने स्वच्छता को जनभागीदारी से जुड़ा राष्ट्रीय अभियान बताते हुए इसे प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बताया। गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर से जुड़ा अभियान है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य देश को स्वच्छ बनाना और गंदगी से फैलने वाली बीमारियों पर नियंत्रण करना था। उन्होंने बताया कि अभियान के प्रभाव से गांवों, कस्बों और शहरों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है और वातावरण अधिक साफ एवं सुंदर हुआ है। उन्होंने प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश की 309 नगर निकायों का एबीसीडी ग्रेडिंग के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही ‘राइजिंग राजस्थान’ कार्यक्रम के माध्यम से राज्य में निवेश और विकास को गति मिल रही है, जिसमें स्वच्छता महत्वपूर्ण आधार है। जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने डूंगरपुर के स्वच्छता मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि निरंतर प्रयास और जनसहभागिता से शहर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकता है। कार्यशाला में स्वच्छता के पांच प्रमुख घटकों—घर-घर कचरा संग्रहण, नाइट स्वीपिंग, सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई, प्लास्टिक थैली पर नियंत्रण तथा खाली प्लॉट्स की सफाई—पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, उद्यानों की स्वच्छता, अवैध अतिक्रमण रोकने और कचरा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वच्छता से ही बनती है स्थायी पहचान: स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के.के.गुप्ता, धौलपुर। स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार के अंतर्गत संचालित स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित स्वच्छता कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि पद और प्रतिष्ठा सीमित समय तक साथ देते हैं, लेकिन कार्यों से निर्मित पहचान लंबे समय तक जीवित रहती है। उन्होंने स्वच्छता को जनभागीदारी से जुड़ा राष्ट्रीय अभियान बताते हुए इसे प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बताया। गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर से जुड़ा अभियान है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य देश को स्वच्छ बनाना और गंदगी से फैलने वाली बीमारियों पर नियंत्रण करना था। उन्होंने बताया कि अभियान के प्रभाव से गांवों, कस्बों और शहरों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है और वातावरण अधिक साफ एवं सुंदर हुआ है। उन्होंने प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश की 309 नगर निकायों का एबीसीडी ग्रेडिंग के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही ‘राइजिंग राजस्थान’ कार्यक्रम के माध्यम से राज्य में निवेश और विकास को गति मिल रही है, जिसमें स्वच्छता महत्वपूर्ण आधार है। जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने डूंगरपुर के स्वच्छता मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि निरंतर प्रयास और जनसहभागिता से शहर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकता है। कार्यशाला में स्वच्छता के पांच प्रमुख घटकों—घर-घर कचरा संग्रहण, नाइट स्वीपिंग, सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई, प्लास्टिक थैली पर नियंत्रण तथा खाली प्लॉट्स की सफाई—पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, उद्यानों की स्वच्छता, अवैध अतिक्रमण रोकने और कचरा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
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- सोनीपत में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा, लाइसेंस के नाम पर मांगे पैसे उपनिदेशक 50 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार ACB की बड़ी कार्रवाई से विभाग में मचा हड़कंप “लाइसेंस चाहिए तो दो रिश्वत” कहने वाला अफसर पहुंचा सलाखों के पीछे सोनीपत में ACB का छापा, उपनिदेशक रिश्वत लेते पकड़ा गया #Sonipat #ACB #BriberyCase #HaryanaNews #LicenseScam #Corruption #BreakingNews #SonipatNews #ACBAction #ViralNews1
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- चिड़ावा: शहर की सफाई व्यवस्था से आमजन ही नहीं अब तो शहर के वार्डों के तात्कालीन पार्षद भी बुरी तरह से परेशान हैं। अपनी इसी समस्या को लेकर आक्रोशित पार्षदों ने नगरपालिका चिड़ावा के ईओ दिनेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। पार्षदों का आरोप है कि वार्डवासी उन्हें वार्ड में सफाई व्यवस्था की लगातार शिकायत करतें हैं जबकि नगरपालिका चिड़ावा में उनकी इस समस्या बाबत कोई सुनवाई नहीं होती है। वार्ड नंबर पुराना 31 व नया 44 की पार्षद सुभिता भगासरा ने बताया कि उनके वार्ड में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं और पिछले एक सप्ताह से घरों से कचरा संग्रहण करने वाले ऑटो टिपर भी आना बंद हो गए हैं। वार्ड नंबर पुराना 29 व नया 39 के पार्षद सतपाल जांगिड़ ने आरोप लगाया कि नगरपालिका चिड़ावा द्वारा शहर में संचालित हो रहे ऑटो टिपरों की इंश्योरेंस के लिए लगभग 4 लाख 50 हजार रुपए का भुगतान किया गया है जबकि ज्यादातर ऑटो टिपर पत्थरों पर कबाड़ की तरह खड़े हैं। वार्ड नंबर पुराना 27 व नया 29 के पार्षद निरंजन लाल सैनी ने आरोप लगाया कि नगरपालिका चिड़ावा की कार्यकारिणी समाप्त होने के बाद से शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि पशुधन के मर जाने पर उसे उठाने के लिए भी किसानों से नगरपालिका प्रशासन द्वारा 21 सौ रुपए लिए जाते हैं। इस वजह से किसान पर दोहरी मार होती है। वार्ड नंबर पुराना 13 व नया 27 के पार्षद देवेंद्र सैनी उनके वार्ड में नालियां कचरे से भरी पड़ी हैं। पिछले 10 दिनों से हो रही बारिश की वजह से ऑवरफ्लो होकर नाली का सारा कचरा वार्ड की सड़कों पर फ़ैल गया है जिससे राहगीरों को पैदल निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन सौंपने वालों में सतपाल जांगिड़, निरंजन लाल सैनी, पार्षद प्रतिनिधि कुलदीप भगासरा सहित अन्य लोग शामिल रहे।1
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