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किसी भी पुलिसकर्मी को कानून अपने हाथ में लेकर किसी को मारने-पीटने का हक नहीं है। अगर दुकानदार ने गंदगी की है, नियम तोड़े हैं या कानून का उल्लंघन किया है, तो कार्रवाई का तरीका तय है—चालान, जुर्माना, नोटिस, या कानूनी मुकदमा। लेकिन हाथ उठाना या अपमान करना कानून के खिलाफ है। भारत में पुलिस भी कानून से ऊपर नहीं है। भारतीय दंड संहिता और भारतीय संविधान दोनों ही नागरिकों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा की बात करते हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने का मतलब यह नहीं कि किसी की इज्जत या शारीरिक सुरक्षा छीन ली जाए। हाँ, अगर दुकानदार सच में गंदगी फैला रहा था तो प्रशासन जुर्माना कर सकता है, लाइसेंस पर कार्रवाई कर सकता है—लेकिन “मारना-धड़काना” समाधान नहीं है, उल्टा इससे पुलिस की छवि खराब होती है और लोगों का भरोसा टूटता है।
MOHD ASIF ABBAS
किसी भी पुलिसकर्मी को कानून अपने हाथ में लेकर किसी को मारने-पीटने का हक नहीं है। अगर दुकानदार ने गंदगी की है, नियम तोड़े हैं या कानून का उल्लंघन किया है, तो कार्रवाई का तरीका तय है—चालान, जुर्माना, नोटिस, या कानूनी मुकदमा। लेकिन हाथ उठाना या अपमान करना कानून के खिलाफ है। भारत में पुलिस भी कानून से ऊपर नहीं है। भारतीय दंड संहिता और भारतीय संविधान दोनों ही नागरिकों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा की बात करते हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने का मतलब यह नहीं कि किसी की इज्जत या शारीरिक सुरक्षा छीन ली जाए। हाँ, अगर दुकानदार सच में गंदगी फैला रहा था तो प्रशासन जुर्माना कर सकता है, लाइसेंस पर कार्रवाई कर सकता है—लेकिन “मारना-धड़काना” समाधान नहीं है, उल्टा इससे पुलिस की छवि खराब होती है और लोगों का भरोसा टूटता है।
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- यह घटना बेहद निंदनीय और दिल दहला देने वाली है। स्कूल बस जैसी जगह, जहां बच्चे सुरक्षित महसूस करते हैं, वहां एक छात्र को बर्बर तरीके से पीटना और उसकी चीखें सुनकर भी कुछ न करना समाज के लिए शर्म की बात है। आरोपी कलवा त्यागी को हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि ऐसे लोग पहले से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय हैं, फिर भी सिस्टम उन्हें रोक नहीं पाया। आपका कहना बिल्कुल सही है: कानून को हाथ में लेना नहीं चाहिए, कानून इसी लिए है। अगर हर कोई खुद न्याय करने लगे, तो अराजकता फैल जाएगी। लेकिन समस्या यह है कि जब कानून का डर कमजोर पड़ता है, तो गुंडे हौसला पाकर ऐसी हरकतें करते हैं—खासकर स्कूल के बच्चों जैसी नाजुक जगहों पर। ऐसी घटनाओं में जरूरी है: पुलिस तुरंत सख्त कार्रवाई करे, FIR दर्ज हो, और आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए। स्कूल बसों में सुरक्षा के इंतजाम मजबूत हों—CCTV, बस अटेंडेंट, और रूट की निगरानी। हिस्ट्रीशीटरों पर पहले से ही सख्त निगरानी और एक्शन हो, ताकि वे दोबारा अपराध न करें। उम्मीद है कि हापुड़ पुलिस और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और पीड़ित छात्र को इंसाफ मिलेगा। बच्चों की सुरक्षा से बड़ा कुछ नहीं—यह सबके लिए चिंता का विषय होना चाहिए। अगर आप इस घटना के बारे में और अपडेट चाहें या कोई सुझाव दें, तो बताएं।1
- रिपोर्ट आदित्य भारद्वाज आंवला। आंवला-भमोरा मार्ग पर बुधवार को एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। देशी शराब से लदा एक छोटा हाथी वाहन बाइक सवार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगभग 10 फीट गहरी खाई में जा पलटा। हादसे में चालक बाल-बाल बच गया, जबकि करीब 70 पेटी शराब क्षतिग्रस्त हो गईं। जानकारी के अनुसार, भूता थाना क्षेत्र के गांव मगरासा निवासी डोरी लाल छोटा हाथी वाहन में करीब 250 पेटी देशी शराब लेकर कुसमरा व मनौना स्थित देसी शराब भट्टियों पर सप्लाई देने जा रहे थे। जब वाहन भरताना मोड़ के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रहे एक बाइक सवार को बचाने के प्रयास में चालक ने अचानक मोड़ लिया। अचानक संतुलन बिगड़ने से वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरा। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि डोरी लाल को केवल मामूली चोटें आईं और कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि दुर्घटना में लगभग 70 पेटियां टूटकर नष्ट हो गईं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ।4
- राष्ट्रीय योगी सेना संघ की टीम माननीय विधायक श्री राघवेन्द्र शर्मा जी से मिलना पहुंचे साथ में उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष मुस्तकीम खान भी शामिल हुए1
- जिला बरेली तहसील आंवला के सभी नए युवा व विकास के प्रति जो अधिकारी व नागरिक जो विकास के स्वच्छ भारत अभियान के क्षेत्र में काम करते हैं सभी अधिकारियों से अपील है क्यों आप सरकार से मोटा रकम का बजट लेकर विकास के नाम पर पैसा लेते हैं रुपए लेते हैं कम से कम उसको सही समय पर लोगों को विकास का फायदा तो दे इससे भी क्या लोग बीमार पड़ जाए उसके बाद आप उसे विकास को चरण फिर उसका फायदा क्या होगा जो समय पर होना चाहिए वह आप लोग समय पर लापरवाही देते हैं उसके बाद और में आप जब आपको लगता है कि जब आपको लगता है की राजनीति का सट्टा गिरने वाला है जनता को गुमराह कर कर उसको विकास के नाम पर वोट मांगने का काम करते हैं और उन्हें लालच देकर आप उनसे वोट अपनी और लेने का काम करते हैं अगर आप ऐसा ना करके आम आदमी व क्षेत्र वासियों की समस्या का समाधान विकास की प्रति समय के अनुसार करें तो आपको यह सब कुछ करने व समस्या का समाधान न करना पड़े ताकि हमारी आम जनता भी परेशान ना हो और ऐसी संक्रामक बीमारी जैसी परेशानी से दूर रह सके इसमें कहीं ना कहीं बड़े लेवल व अधिकारी लोगों की तुर्की व कमी के कारण ही या लापरवाही की वजह से ही हम आम आदमी जनता को बहुत परेशानियों से गुजरना पड़ता है यह देश का सच्ची कड़वी बात है बात है मैं समझता हूं आज के नए युवा व अधिकारी या कोई नेता को यह बात मेरी उसके दिल पर लगी होगी बट मेरा किसी को बुरा कहने का अधिकार नहीं है नहीं मैं किसी को बुरा कह रहा हूं मेरा तो एक मकसद है कि आम जनता यह हमारे किसी देशवासी को या क्षेत्रवासी को कोई समस्या या प्रॉब्लम से ना गुजरना पड़े ताकि वह अपने घर परिवार को अच्छे से पाल सके और रख सके और अपने बच्चों को भविष्य में कामयाब कर सके मेरी आप सभी लोग उसे यही अपील है की समय के प्रति काम को नजर में रखते हुए विकास को नजर अंदाज न करें आप सभी नेता युवा व विकास के अधिकारियों को पता होना चाहिए कि हमारी जो सरकार डबल इंजन की है वह बहुत शक्ति और एनर्जी वह हमारे देश को भविष्य उज्जवल बनाने का काम करने में लगी हुई है और आप लोग उसमें लापरवाही ना करते मैं एक छोटा नागरिक आम आदमी उपेंद्र पाल पिपरिया उपरला से हूं पर्सनल मेरे खुद गांव में बी गांव में पानी पास न होने के कारण रामलीला ग्राउंड में गंदगी व सर कल हुआ पानी बहुत देर में से बदबू फैल रहा है और तमाम लोगों को संक्रमण जैसी टाइफाइड मलेरिया बीमारियां हो रही है उसे पर भी ना ग्राम पंचायत प्रधान जी ना कोई ब्लॉक प्रमुख जी और बड़े स्तर के अधिकारी कोई भी इस समस्या का समाधान करने मैं लापरवाही हो रही है और इस लापरवाही की वजह से ग्राम पंचायत पिपरिया उपरला के कई परिवार के बच्चों बा बुजुर्ग और नई युवा लोगों को बहुत गंभीर तरीके से उसे सड़े गले पानी की बदबू की वजह से बहुत तेजी से बीमारी फैल रही है इसका जिम्मेदार कौन होगा स्वच्छ भारत अभियान का अधिकारी व नेता लोग इतनी जोश होश के साथ नारा तो लगते हैं पर उसे पर जो महत्व बनता है वह कार्य विकास करके बिल्कुल नहीं जानते तो इसका समाधान बिल्कुल कराया जाता बीच गांव में रोड पिपरिया ऑपेरला गांव में पानी भरा हुआ है यह हर व्यक्ति को दिखता है और हर नेता युवा इसको नजर अंदाज करके चला जाता है क्या ऐसा होना चाहिए यूपी के अंदर माननीय श्री आदित्यनाथ योगी जी की सरकार में विकास के प्रति इतनी लापरवाही वर्तमान सख्त कानून के लिए बहुत विरोधी और गलत बात है मेरी यही अपील है सभी देशवासी हुआ युवा लोगों से हाथ जोड़कर कि इसकी समस्या का समाधान जल्द से जल्द करने की कोशिश करें जय हिंद जय भारत, 🇮🇳🤝👬💞🕉️🌄💯1
- बरेली पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 20.290 किलोग्राम डोडा छिलका और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। यह कार्रवाई भमोरा थाना क्षेत्र में की गई।1
- majdoori chod chuna taskari ka rasta ab Katni hogi Jil ki haba1
- ⚡किसान नेता थाने का निरीक्षण कर रहे थे। थाना प्रभारी के साथ कर रहे थे निरीक्षण ⚡एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भी केस दर्ज ⚡फजीहत के बाद अतुल तोमर, अज्ञात पर केस ⚡थाना अध्यक्ष ज्योति सिंह पर कार्रवाई नहीं ⚡बदायूं के मुजरिया थाना क्षेत्र का मामला1
- यह घटना बेहद निंदनीय और दिल दहला देने वाली है। स्कूल बस जैसी जगह, जहां बच्चे सुरक्षित महसूस करते हैं, वहां एक छात्र को बर्बर तरीके से पीटना और उसकी चीखें सुनकर भी कुछ न करना समाज के लिए शर्म की बात है। आरोपी कलवा त्यागी को हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि ऐसे लोग पहले से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय हैं, फिर भी सिस्टम उन्हें रोक नहीं पाया। आपका कहना बिल्कुल सही है: कानून को हाथ में लेना नहीं चाहिए, कानून इसी लिए है। अगर हर कोई खुद न्याय करने लगे, तो अराजकता फैल जाएगी। लेकिन समस्या यह है कि जब कानून का डर कमजोर पड़ता है, तो गुंडे हौसला पाकर ऐसी हरकतें करते हैं—खासकर स्कूल के बच्चों जैसी नाजुक जगहों पर। ऐसी घटनाओं में जरूरी है: पुलिस तुरंत सख्त कार्रवाई करे, FIR दर्ज हो, और आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए। स्कूल बसों में सुरक्षा के इंतजाम मजबूत हों—CCTV, बस अटेंडेंट, और रूट की निगरानी। हिस्ट्रीशीटरों पर पहले से ही सख्त निगरानी और एक्शन हो, ताकि वे दोबारा अपराध न करें। उम्मीद है कि हापुड़ पुलिस और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और पीड़ित छात्र को इंसाफ मिलेगा। बच्चों की सुरक्षा से बड़ा कुछ नहीं—यह सबके लिए चिंता का विषय होना चाहिए। अगर आप इस घटना के बारे में और अपडेट चाहें या कोई सुझाव दें, तो बताएं।1