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गुना जिले में प्रशासनिक व्यवस्था, लंबित मामलों, कर्मचारियों के भुगतान और पेंशन प्रकरणों से संबंधित मुद्दे सामने आए हैं।
राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
गुना जिले में प्रशासनिक व्यवस्था, लंबित मामलों, कर्मचारियों के भुगतान और पेंशन प्रकरणों से संबंधित मुद्दे सामने आए हैं।
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- इंदौर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम का विशेष फोकस वैचारिक मजबूती, संगठन के विस्तार और नेतृत्व क्षमता के विकास पर रहा।1
- मध्य प्रदेश से आ रही सुपरफास्ट खबरों में कई महत्वपूर्ण अपडेट्स और सवालों को शामिल किया गया है। इनमें स्थानीय स्तर पर आसपास की घटनाओं, गाड़ियों के चलने वाले मार्गों और आगामी नौकरी के अवसरों से जुड़ी जानकारी शामिल है। विशेष रूप से, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में कितने पदों पर भर्ती होने वाली है, यह सवाल प्रमुखता से उठाया गया है। इसके साथ ही, दिग्विजय सिंह के उस बयान पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है जिसमें उन्होंने 'केसरिया बस' चलने की बात कही है। इसके अतिरिक्त, यह भी पूछा गया है कि उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर राज्य के अन्य किन-किन मंदिरों में इसी तरह के 'लोक' विकसित किए जाएंगे।1
- आज 31 मई 2026 को इंदौर में लोक माता देवी अहिल्याबाई होलकर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर प्रातःकाल राजवाड़ा उद्यान परिसर में स्थित देवी अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। माल्यार्पण कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री लाल सिंह आर्य, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव और विधायक सुश्री उषा ठाकुर सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। महापौर श्री भार्गव ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि लोक माता अहिल्याबाई होलकर न केवल मालवा बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने देवी अहिल्या के त्याग, बलिदान, संघर्ष, दूरदर्शी नेतृत्व, जनकल्याण के प्रति समर्पण और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की भावना को आज भी प्रासंगिक और अनुकरणीय बताया। महापौर ने कहा कि मां अहिल्या ने अपने शासनकाल में न्याय, विकास और जनभागीदारी का जो आदर्श स्थापित किया, वही इंदौर की पहचान और शक्ति है। उन्होंने प्रार्थना की कि देवी अहिल्या का आशीर्वाद इंदौर शहर पर सदैव बना रहे, जिससे शहर उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर विकास, स्वच्छता, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी के नए आयाम स्थापित करता रहे। इस पावन अवसर पर इंदौरवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए महापौर श्री भार्गव ने बताया कि आज शाम 6:30 बजे माननीय मुख्यमंत्री की उपस्थिति में गांधी हाल में मां अहिल्या उत्सव समारोह 2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सामूहिक वंदे मातरम गान, म्यूजिक लाइव कंसर्ट और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। उन्होंने सभी नागरिकों को इस समारोह में सादर आमंत्रित किया।1
- इंदौर में आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन, श्रीधाम वृंदावन के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद ने गीता भवन सत्संग सभागृह में प्रवचन देते हुए कहा कि धर्मयुक्त जीवन और सदाचार से ही सुमति का प्रवेश संभव है। पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में मातुश्री श्रीमती कमलादेवी-बाबूलाल मंगल की पुण्य स्मृति में 24 मई से चल रही इस कथा में, उन्होंने भागवत को एक अनुपम और विलक्षण ग्रंथ बताया, जिसकी गहराई आज तक कोई नहीं जान पाया है। स्वामी भास्करानंद ने जोर दिया कि भागवत श्रवण की सार्थकता इसी में है कि हम इसकी अमृतवाणी से नई पीढ़ी को संस्कारित करें और स्वयं भी जीवन को संवारने के अनमोल रत्नों को आत्मसात करें। शनिवार को कथा के समापन प्रसंग पर, स्वामी जी ने कृष्ण सुदामा मैत्री सहित विभिन्न प्रसंगों की व्याख्या की। इस दौरान राधा कृष्ण के संग फूलों की होली का मनोहारी आयोजन भी किया गया, जिसमें पहले भगवान राधाकृष्ण पर और फिर सभागृह में बैठे भक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। स्वामी भास्करानंद ने अपने संदेश में कहा कि लंका और द्वारका जैसी स्वर्ण नगरीयां भी अंततः नष्ट हो गईं, यह दिखाता है कि मनुष्य जीवनभर धन संग्रह में लगा रहता है, लेकिन अपने अंतिम लक्ष्य मोक्ष की ओर ध्यान नहीं देता। उन्होंने बताया कि भागवत मृत्यु को मोक्ष में बदलने की कथा है, और कथा श्रवण का अर्थ केवल सुनना नहीं, बल्कि उसके संदेशों को अपने जीवन में उतारना है। उनके अनुसार, यदि हजारों श्रोताओं में से कुछ लोग भी भागवत के संदेशों से अपना जीवन संवार लें, तो यही इसकी वास्तविक सार्थकता होगी, जिसके लिए मन को संयमित और सतर्क रखना आवश्यक है। इस आयोजन में सत्संग सभागृह के बाहर तक श्रोताओं को बैठना पड़ा और उनके लिए एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की गई थी। आयोजन समिति की ओर से प्रमुख संयोजक संजय-किरण मंगल, बिनोद-सुनीता अग्रवाल, अविरल मंगल सहित समाजसेवी प्रेमचंद गोयल, बालकिशन छाबछरिया, विष्णु बिंदल, राजेश चेलावत, किशोर चेलावत, अशोक ऐरन, राजेश कुंजीलाल गोयल, राजेश गर्ग, और शिव जिंदल ने इसमें सहयोग किया। विद्वान वक्ता की अगवानी अवनि-अनंत अग्रवाल, विनीता-अक्षत अग्रवाल, दीपचंद गर्ग मोमबत्ती, गोविन्द-राजश्री मंगल, गोपाल मंगल, अजय आलूवाले, और विनोद गोयल ने की। कथा समापन पर श्रीधाम वृन्दावन के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद और साध्वी कृष्णानंद को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित भी किया गया।1
- इंदौर के प्रतिष्ठित केयर सीएचएल अस्पताल पर प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। सीएमएचओ ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए एक महीने का नोटिस जारी किया है। यह कदम मरीजों को अस्पताल में भर्ती रखकर परिसर में निर्माण कार्य करने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया गया है।1
- जनहित पार्टी छावनी क्षेत्र में हुई तोड़फोड़ के विरोध में सड़कों पर उतरी। पार्टी ने एक ‘न्याय रैली’ का आयोजन किया, जिसमें पीड़ितों के लिए मुआवजे और पुनर्वास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया और इसे लेकर जोरदार आवाजें गूँजी।1
- भारतवर्ष की महान विरासत की संरक्षक, कुशल प्रशासिका और वीर योद्धा, धर्मस्थलों एवं सांस्कृतिक धरोहरों की पुनरोद्धारक तथा धर्मपरायण पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर को उनकी जयंती के अवसर पर कोटि-कोटि और शत-शत नमन अर्पित किया गया। इस दौरान उन्हें लोक माता अहिल्याबाई के रूप में स्मरण किया गया। इस श्रद्धांजली के बीच यह भी कहा गया कि आज फिर भारत पर बही संकट मंडरा रहा है।1