*नावाडीह कृषक पाठशाला में श्री विधि से धान की रोपाई बनी मिसाल, महिला किसानों ने संभाली कमान *नावाडीह कृषक पाठशाला में श्री विधि से धान की रोपाई बनी मिसाल, महिला किसानों ने संभाली कमान* नावाडीह (बोकारो): बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड स्थित आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति द्वारा संचालित नावाडीह कृषक पाठशाला एक बार फिर आधुनिक कृषि का केंद्र बनकर उभरी है। यहां खरीफ मौसम के दौरान श्री विधि से धान की रोपाई का कार्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसकी अगुवाई महिला किसान कर रही हैं, जो खेतों में वैज्ञानिक पद्धति से धान की रोपाई कर अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही हैं। *श्री विधि से खेती की नई पहचान* कृषक पाठशाला में महिलाओं एवं किसानों को कम उम्र के धान के पौधों की रोपाई, पौधों के बीच उचित दूरी बनाए रखने, कम पानी में खेती तथा संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खेतों में कतारबद्ध तरीके से की जा रही रोपाई आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की मिसाल पेश कर रही है। *महिलाओं ने संभाली खेती की जिम्मेदारी* रोपाई कार्य में बड़ी संख्या में महिला किसान सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। वे न केवल स्वयं श्री विधि से धान की रोपाई कर रही हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी इस तकनीक की जानकारी देकर प्रेरित कर रही हैं। खेतों में उनकी मेहनत यह साबित कर रही है कि ग्रामीण विकास और कृषि उन्नति में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। *कम लागत, अधिक उत्पादन पर जोर* आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति के सचिव बसुदेव शर्मा ने बताया कि श्री विधि से धान की खेती करने पर कम बीज, कम पानी और कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से नावाडीह कृषक पाठशाला के माध्यम से किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के किसान नई तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कृषक पाठशाला में अब तक एक हजार से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या महिला किसानों की है। प्रशिक्षित किसान अपने-अपने गांवों में आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार कर अन्य किसानों को भी जागरूक कर रहे हैं। *नावाडीह बन रहा आधुनिक कृषि का मॉडल* नावाडीह कृषक पाठशाला आज केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि किसानों के लिए जीवंत प्रदर्शन केंद्र बन चुकी है। यहां श्री विधि, जैविक खेती, एकीकृत कृषि प्रणाली एवं अन्य आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन कर किसानों को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
*नावाडीह कृषक पाठशाला में श्री विधि से धान की रोपाई बनी मिसाल, महिला किसानों ने संभाली कमान *नावाडीह कृषक पाठशाला में श्री विधि से धान की रोपाई बनी मिसाल, महिला किसानों ने संभाली कमान* नावाडीह (बोकारो): बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड स्थित आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति द्वारा संचालित नावाडीह कृषक पाठशाला एक बार फिर आधुनिक कृषि का केंद्र बनकर उभरी है। यहां खरीफ मौसम के दौरान श्री विधि से धान की रोपाई का कार्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसकी अगुवाई महिला किसान कर रही हैं, जो खेतों में वैज्ञानिक पद्धति से धान की रोपाई कर अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही हैं। *श्री विधि से खेती की नई पहचान* कृषक पाठशाला में महिलाओं एवं किसानों को कम उम्र के धान के पौधों की रोपाई, पौधों के बीच उचित दूरी बनाए रखने, कम पानी में खेती तथा संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खेतों में कतारबद्ध तरीके से की जा रही रोपाई आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की मिसाल पेश कर रही है। *महिलाओं ने संभाली खेती की जिम्मेदारी* रोपाई कार्य में बड़ी संख्या में महिला किसान सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। वे न केवल स्वयं श्री विधि से धान की रोपाई कर रही हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी इस तकनीक की जानकारी देकर प्रेरित कर रही हैं। खेतों में उनकी मेहनत यह साबित कर रही है कि ग्रामीण विकास और कृषि उन्नति में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। *कम लागत, अधिक उत्पादन पर जोर* आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति के सचिव बसुदेव शर्मा ने बताया कि श्री विधि से धान की खेती करने पर कम बीज, कम पानी और कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से नावाडीह कृषक पाठशाला के माध्यम से किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के किसान नई तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कृषक पाठशाला में अब तक एक हजार से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या महिला किसानों की है। प्रशिक्षित किसान अपने-अपने गांवों में आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार कर अन्य किसानों को भी जागरूक कर रहे हैं। *नावाडीह बन रहा आधुनिक कृषि का मॉडल* नावाडीह कृषक पाठशाला आज केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि किसानों के लिए जीवंत प्रदर्शन केंद्र बन चुकी है। यहां श्री विधि, जैविक खेती, एकीकृत कृषि प्रणाली एवं अन्य आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन कर किसानों को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- तेलो में पूर्व मंत्री स्व जगरनाथ महतो की जयंती मनायी गया, 1 सौ साड़ी एवं 50 किलो दूध का खीर का वितरण किया गया। पूर्व मंत्री स्वर्गीय जगरनाथ महतो की 59वीं जयंती समारोह तेलो के शंकर चौक में झारखंड नव निर्माण मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष गणेश वर्णवाल के नेतृत्व में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ महतो मार्केट से गाजे बाजे के साथ जगरनाथ बाबू अमर, जबतक सूरज चांद रहेगा टाइगर जगरनाथ बाबू तेरा नाम अमर रहेगा के नारे लगाते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुँचकर कर जगरनाथ महतो के चित्र पर माल्यापर्ण करते हुए सभी लोगो ने नमन किया। इस दौरान केंद्रीय अध्यक्ष गणेश वर्णवाल के द्वारा 1सौ गरीब महिलाओं के बीच साड़ी वितरण एवं 50 किलो दूध का खीर वितरण किया। गणेश वर्णवाल ने कहा कि पूर्व मंत्री स्व. जगरनाथ महतो किसी एक पार्टी के नेता नहीं थे, बल्कि पूरे जनमानस के नेता थे। वे हर आदमी के दुख-सुख में खड़े रहते थे। गरीब, किसान, मजदूर और नौजवानों की आवाज बनकर उन्होंने हमेशा संघर्ष किया। शिक्षा और रोजगार के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है। स्व. जगरनाथ महतो का जन्म 4 जनवरी 1967 को बोकारो के डुमरी में हुआ था। वे "टाइगर" के नाम से प्रसिद्ध थे। डुमरी से 4 बार विधायक और झारखंड सरकार में शिक्षा मंत्री रहे। शिक्षा, रोजगार और आदिवासी-मूलवासी के हक की लड़ाई में उनकी अहम भूमिका रही। साथ ही कहा कि मंत्री के छोटे से कार्याकाल मे शिक्षा के क्षेत्र में जो कार्य किए है वो आज भी असमरणीय है। आज उनकी कमी पूरे झारखंड को खल रही है। ऐसे जननेता को हमारा शत-शत नमन। जयंती समारोह में अजीत सोनी, शक्ति ठाकुर, राजन कुमार, जगदीश रजक, पूर्व शिक्षक कुंज बिहारी महतो, लोकनाथ गोप, शंकर कुमार, सुनील कुमार, महेश बरनवाल, सुल्तान अंसारी, सबा खान, मोहम्मद इजहार समेत सैकड़ो की संख्या में लोग स्व जगन्नाथ बाबू की चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया।1
- 👉 “ED की कार्रवाई से खुलेंगे सट्टेबाजों का राज?” 👉 “पंकज–बाघमारा का पप्पू और राका का खेल!” #लोयाबाद #बाघमारा #धनबाद #EDRaid #EDAction #ईडी #पंकजचौहान #सट्टेबाजी #सट्टाकनेक्शन #BreakingNews #DhanbadNews #Loyabad #Baghmara #BulandSandesh #बुलंदसंदेश #बेबाकखबरें1
- झारखण्ड नौकरी या व्यापार झारखण्ड सरकार,JPSC/JSSC नौकरी नियुक्ती निकाल कर व्यापार कर रही है #jpsc #jssc #jharkhand #dhanbad #paperleak1
- ⚠️ जान जोखिम में डालकर उफनती नहर पार कर रहे लोग! sach Tak Jharkhand News बेड़म और हुरलुंग क्षेत्र की यह जमीनी हकीकत देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे। सवाल एक ही है—प्रशासन आखिर कब जागेगा? पूरी रिपोर्ट देखने के लिए वीडियो को अंत तक देखें और शेयर करें। 🔁1
- जेपीएससी में कथित घोटाला और भ्रष्टाचार को लेकर भाजपाइयों ने निकाली मशाल जुलूस1
- रोजगार के लिए गए काड़ामारा गांव के 35 वर्षीय युवक विजय सिंह की ओडिशा के एक निजी अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत। रोजगार की तलाश में पलायन करना चंद्रपुरा प्रखंड के एक और परिवार के लिए भारी पड़ गया। तुरियो पंचायत अंतर्गत काड़ामारा गांव निवासी 35 वर्षीय विजय सिंह की ओडिशा के एक निजी अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत हो गया। जानकारी के अनुसार विजय सिंह पिछले तीन महीने से ओडिशा राज्य के झारसुगुड़ा में स्थित रूंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड स्टील प्लांट में मजदूरी का काम कर रहा था। परिजनों ने बताया कि पिछले दो दिनों से उसकी तबीयत खराब थी। बुधवार को सुबह अस्पताल से ही उसने वीडियो कॉल के माध्यम से पत्नी से बातचीत भी की थी। शाम में उनकी मृत्यु हो जाने की सूचना दी। मृतक की पत्नी ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण विजय रोजगार के लिए ओडिशा गया था। वह बहुत मेहनती था और परिवार का भरण-पोषण के लिए कठिन परिस्थितियों में भी काम करता था। उसका घर का भी स्थिति ठीक नहीं। खपरा का कच्चा मकान है। वह भी गिरने के कगार पर है। नतीजन वह अपने मायके में रहती थी। उनका शव गुरुवार-शुक्रवार की रात्रि 2 बजे पैतृक गांव कांडामारा लाया गया। इधर विजय की मौत की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया। मृतक अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियों और एक पुत्र को छोड़ गया है। चार छोटे-छोटे बच्चों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। शव पहुंचते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक अपने घर का इकलौता पुत्र था। उसके पिता भी 6 साल पहले मृत्यु हो गया है। शुक्रवार को उनका दाहसंस्कार किया जाएगा।1
- बरोरा चेकपोस्ट पर गूंजी गोलियों की आवाज युवक पर दो राउंड फायरिंग, बाल-बाल बची जान माथाबांध विवाद की रंजिश में हमले का आरोप पुलिस ने शुरू की जांच, सीसीटीवी खंगाल रही टीम1