मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग लाजिस्टिक्स कार्पोरेशन रीवा शाखा प्रबंधक कमलभान बागरी के संरक्षण में यह चावल स्टेक न होकर सीधे ट्रक में लोड करके रैक किया जा रहा है उनके द्वारा किसी भी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में वेयर हाउस चाहिए संचालकों ने दबी जुबान में आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें लेबरों का पैसा भी बचाया जा रहा है जोकि मैनेजर के जेब में जा रहा है। सुत्रो के हवाले से यह भी खबर सामने आ रही है कि मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग लाजिस्टिक्स कार्पोरेशन रीवा शाखा प्रबंधक का कई बार रीवा से स्थानांतरण हुआ लेकिन राजनीतिक पहुंच के कारण स्थानांतरण स्थगित कराने में सफल हो रहें। वेयर हाउस संचालकों के द्वारा कई बार शाखा प्रबंधक के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया लेकिन आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की कोई भी कार्यवाही नहीं हुई जिससे वेयर हाउस संचालकों में शाखा प्रबंधक की कार्यशैली को लेकर काफी आक्रोश व्याप्त है। मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग लाजिस्टिक्स कार्पोरेशन रीवा शाखा प्रबंधक कमलभान बागरी के संरक्षण में यह चावल स्टेक न होकर सीधे ट्रक में लोड करके रैक किया जा रहा है उनके द्वारा किसी भी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में वेयर हाउस चाहिए संचालकों ने दबी जुबान में आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें लेबरों का पैसा भी बचाया जा रहा है जोकि मैनेजर के जेब में जा रहा है। सुत्रो के हवाले से यह भी खबर सामने आ रही है कि मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग लाजिस्टिक्स कार्पोरेशन रीवा शाखा प्रबंधक का कई बार रीवा से स्थानांतरण हुआ लेकिन राजनीतिक पहुंच के कारण स्थानांतरण स्थगित कराने में सफल हो रहें। वेयर हाउस संचालकों के द्वारा कई बार शाखा प्रबंधक के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया लेकिन आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की कोई भी कार्यवाही नहीं हुई जिससे वेयर हाउस संचालकों में शाखा प्रबंधक की कार्यशैली को लेकर काफी आक्रोश व्याप्त है।
मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग लाजिस्टिक्स कार्पोरेशन रीवा शाखा प्रबंधक कमलभान बागरी के संरक्षण में यह चावल स्टेक न होकर सीधे ट्रक में लोड करके रैक किया जा रहा है उनके द्वारा किसी भी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में वेयर हाउस चाहिए संचालकों ने दबी जुबान में आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें लेबरों का पैसा भी बचाया जा रहा है जोकि मैनेजर के जेब में जा रहा है। सुत्रो के हवाले से यह भी खबर सामने आ रही है कि मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग लाजिस्टिक्स कार्पोरेशन रीवा शाखा प्रबंधक का कई बार रीवा से स्थानांतरण हुआ लेकिन राजनीतिक पहुंच के कारण स्थानांतरण स्थगित कराने में सफल हो रहें। वेयर हाउस संचालकों के द्वारा कई बार शाखा प्रबंधक के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया लेकिन आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की कोई भी कार्यवाही नहीं हुई जिससे वेयर हाउस संचालकों में शाखा प्रबंधक की कार्यशैली को लेकर काफी आक्रोश व्याप्त है। मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग लाजिस्टिक्स कार्पोरेशन रीवा शाखा प्रबंधक कमलभान बागरी के संरक्षण में यह चावल स्टेक न होकर सीधे ट्रक में लोड करके रैक किया जा रहा है उनके द्वारा किसी भी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में वेयर हाउस चाहिए संचालकों ने दबी जुबान में आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें लेबरों का पैसा भी बचाया जा रहा है जोकि मैनेजर के जेब में जा रहा है। सुत्रो के हवाले से यह भी खबर सामने आ रही है कि मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग लाजिस्टिक्स कार्पोरेशन रीवा शाखा प्रबंधक का कई बार रीवा से स्थानांतरण हुआ लेकिन राजनीतिक पहुंच के कारण स्थानांतरण स्थगित कराने में सफल हो रहें। वेयर हाउस संचालकों के द्वारा कई बार शाखा प्रबंधक के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया लेकिन आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की कोई भी कार्यवाही नहीं हुई जिससे वेयर हाउस संचालकों में शाखा प्रबंधक की कार्यशैली को लेकर काफी आक्रोश व्याप्त है।
- प्रशासन का इस पर कोई ध्यान नहीं, गौशाला के प्रभारी गौशाला पर आना जरूरी नहीं समझते हैं1
- Post by JOURNALIST RIPPU PANDEY1
- Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa1
- सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में कलेक्टर विकास मिश्रा की सादगी और विनम्रता का एक अनोखा मामला सामने आया है। मझौली जनपद पंचायत के ग्राम नेबूहा में शनिवार को आयोजित 'जन समस्या समाधान शिविर' में कलेक्टर ने एक महिला के सामने हाथ जोड़कर कहा कि वह अधिकारी नहीं, बल्कि जनता के नौकर हैं और असली मालिक जनता ही है। क्या है पूरा मामला? शनिवार शाम करीब 4 बजे हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में लगे शिविर में भारी भीड़ थी। इसी दौरान ग्राम पंचायत की पंच ललिता सेन ने आगे आकर सरपंच बसंती कोल और सचिव पर मनमाने तरीके से काम करने और फंड में गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने शिकायत की कि पंचायत में नियमित ग्राम सभाएं और बैठकें नहीं होती हैं। कलेक्टर विकास मिश्रा ने उनकी शिकायत को पूरी गंभीरता से सुना और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। कलेक्टर के जवाब ने जीता दिल आश्वासन मिलने के बाद जब महिला पंच ने कलेक्टर को धन्यवाद दिया, तो माहौल को सहज करते हुए कलेक्टर ने हाथ जोड़ लिए और कहा- “मैं अधिकारी नहीं, आपका नौकर हूं, मालिक आप लोग हैं।” कलेक्टर का यह जवाब सुनकर वहां मौजूद लोग चौंक गए। इसके बाद सरपंच बसंती बाई मुस्कुराते हुए वहां से चली गईं। मौके पर ही कराई सुलह दूसरी ओर, सरपंच बसंती कोल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पंचायत के सारे काम पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाते हैं और वह नियमित रूप से पंचायत में मौजूद रहती हैं। हालात को शांतिपूर्ण ढंग से संभालते हुए कलेक्टर ने समझदारी का परिचय दिया। उन्होंने पंच और सरपंच दोनों से हाथ मिलवाकर मौके पर ही सुलह करा दी। साथ ही उन्हें नसीहत दी कि वे अपने आपसी मतभेद भुलाकर गांव के विकास के लिए एक साथ मिलकर काम करें, क्योंकि यही उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। #SidhiCollector #VikasMishraIAS #PublicServant #InspirationalIAS #viralnews1
- Post by Bolti Divare1
- Post by CHOTKAUNA KEWAT1
- Post by नमस्ते विंध्य1
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