छतरपुर शहर में गैस एजेंसी संचालकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि उपभोक्ताओं से गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी का शुल्क वसूला जा रहा है, लेकिन वास्तविकता यह है कि आम लोगों को गैस एजेंसी के गोदाम के बाहर लंबी-लंबी लाइनों में खड़े होकर स्वयं सिलेंडर लेना पड़ रहा है। छतरपुर में गैस एजेंसियों की मनमानी पर सवाल स्थानीय अधिवक्ताओं का कहना है कि जब उपभोक्ता खुद गोदाम से सिलेंडर ले रहे हैं तो फिर डिलीवरी चार्ज किस बात का लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता घंटों लाइन में खड़ी रहती है, लेकिन किसी नेता, मंत्री या अधिकारियों के परिचित इन लाइनों में दिखाई नहीं देते, उन्हें सीधे गैस उपलब्ध करा दी जाती है। साथ ही यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि शहर में कृत्रिम गैस संकट का माहौल बनाकर कुछ एजेंसी संचालक सिलेंडरों को ऊंचे दामों पर ब्लैक में बेच रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले की जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दिलाएंगे या फिर यह मनमानी यूं ही चलती रहेगी? 🚨
छतरपुर शहर में गैस एजेंसी संचालकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि उपभोक्ताओं से गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी का शुल्क वसूला जा रहा है, लेकिन वास्तविकता यह है कि आम लोगों को गैस एजेंसी के गोदाम के बाहर लंबी-लंबी लाइनों में खड़े होकर स्वयं सिलेंडर लेना पड़ रहा है। छतरपुर में गैस एजेंसियों की मनमानी पर सवाल स्थानीय अधिवक्ताओं का कहना है कि जब उपभोक्ता खुद गोदाम से सिलेंडर ले रहे हैं तो फिर डिलीवरी चार्ज किस बात का लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता घंटों लाइन में खड़ी रहती है, लेकिन किसी नेता, मंत्री या अधिकारियों के परिचित इन लाइनों में दिखाई नहीं देते, उन्हें सीधे गैस उपलब्ध करा दी जाती है। साथ ही यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि शहर में कृत्रिम गैस संकट का माहौल बनाकर कुछ एजेंसी संचालक सिलेंडरों को ऊंचे दामों पर ब्लैक में बेच रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले की जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दिलाएंगे या फिर यह मनमानी यूं ही चलती रहेगी? 🚨
- दुकान संचालक प्रो. आकाश मिश्रा के अनुसार, यहां ग्राहकों को बेहद सस्ते और आकर्षक ऑफर्स दिए जा रहे हैं। खासतौर पर ₹500 में 4 स्टाइलिश शर्ट और ₹1000 में 4 जींस, 3 जींस या 4 फॉर्मल पैंट जैसे ऑफर्स चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसके अलावा ₹375 में पैंट और शर्ट का स्पेशल कॉम्बो भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जो खासतौर पर युवाओं और मध्यम वर्ग के लिए काफी किफायती माना जा रहा है। दुकान पर जींस, शर्ट, लोअर और टी-शर्ट की विविध रेंज उपलब्ध है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भी @Chicha.chhatarpur के जरिए ग्राहक जुड़ सकते हैं। यह स्टोर छतरपुर के पुराना पन्ना नाका, सिंचाई कॉलोनी रोड पर स्थित है, जहां बड़ी संख्या में लोग इन ऑफर्स का लाभ लेने पहुंच रहे हैं।1
- Post by गणेश यादव1
- ललिता यादव की कुछ बातें उनकी जुबानी चैत्र नवरात्रि पर जय श्री राम 🚩🚩🙏🙏🙏1
- Post by Jatin Rai1
- छतरपुर में चुरहट विधानसभा से विधायक और मध्यप्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया का भव्य स्वागत किया गया। यह कार्यक्रम कांग्रेस नेता शिव सिंह यादव द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। राहुल भैया के इस दौरे को लेकर छतरपुर में सियासी माहौल भी गरमा गया है। इस वीडियो में देखिए पूरा कार्यक्रम, स्वागत और राहुल भैया की खास बातें। वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और चैनल Ankit Speaks को सब्सक्राइब करना न भूलें।1
- गरीब आदिवासी महिला सगुनती आदिवासी से मुआवजे के नाम पर घूस मांगना पटवारी को भारी पड़ गया। नेगुवा के पटवारी राहुल अग्रवाल को लोकायुक्त सागर टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। 👉 पीड़िता के अनुसार, पटवारी ने 12 लाख 50 हजार के मुआवजे में से 1 लाख 60 हजार “इनाम” मांगा 👉 धमकी दी – पैसे नहीं दिए तो मुआवजा वापस चला जाएगा हिम्मत दिखाते हुए महिला ने लोकायुक्त में शिकायत की, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई हुई। 💬 यह मामला बताता है कि जागरूकता और साहस से भ्रष्टाचार के खिलाफ जीत संभव है।1
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़1
- अनुसार युवक को अचेत अवस्था में अस्पताल लाया गया था, जहां प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत मानते हुए पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम की तैयारी के दौरान युवक को होश आ गया। होश में आते ही वह घबराकर बिना कपड़ों के ही वहां से बाहर की ओर भाग निकला, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों और मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे संभाला और तत्काल दोबारा उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। वहीं, जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।1