मॉं नर्मदा भक्ति का महापर्व: आशापुर से ओंकारेश्वर तक निकलेगी भव्य चुनरी यात्रा, 25 पड़ावों से गुजरकर मां नर्मदा को अर्पित होगी श्रद्धा की चुनरी मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र मां नर्मदा के प्रति समर्पण और श्रद्धा का अनुपम दृश्य बुधवार 26 अगस्त को देखने को मिलेगा। आशापुर माता मंदिर से ओंकारेश्वर तक भव्य नर्मदा चुनरी यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु मां नर्मदा के जयकारों के साथ पदयात्रा और वाहन यात्रा के माध्यम से ओंकारेश्वर पहुंचकर चुनरी अर्पित करेंगे। यह धार्मिक आयोजन कुंवर दिव्यादित्य शाह मित्र मंडल द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसकी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। समाजसेवी एवं प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि नर्मदा चुनरी यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालु पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन, जयघोष और धार्मिक उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगे तथा मां नर्मदा के प्रति अपनी आस्था प्रकट करेंगे। नर्मदा नदी भारतीय संस्कृति और आस्था का आधार भारतीय संस्कृति में नदियों को केवल जलधारा नहीं, बल्कि जीवन और आध्यात्मिक चेतना का स्रोत माना गया है। मां नर्मदा को हिंदू धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि नर्मदा के दर्शन मात्र से पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसे में मां नर्मदा को चुनरी अर्पित करने की परंपरा श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह चुनरी यात्रा आयोजित की जा रही है। आशापुर माता मंदिर से होगा शुभारंभ यात्रा का शुभारंभ बुधवार सुबह आशापुर माता मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु मां नर्मदा के जयकारे लगाते हुए ओंकारेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे। यात्रा में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं युवा संगठनों के सदस्य भी शामिल होंगे। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां भी विभिन्न स्थानों पर की गई हैं। 25 प्रमुख पड़ावों से होकर गुजरेगी यात्रा आयोजकों के अनुसार यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए बैतूल फाटा, रेलवे ब्रिज खमेरा, सक्तापुर फाटा, चारखेड़ा फाटा, तितली पार्क-चारखेड़ा, डेडल फाटा, मांडला, सहेजला, भैसावा, मायणी, पालसूद, केनूद, जलवा, खुटला, देवला, कुड़गांव, बरखड़गांव, सुलगांव, पोसल्ली, इमलपुर, कोठी और नागर घाट सहित 25 प्रमुख पड़ावों से होकर ओंकारेश्वर पहुंचेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। ओंकारेश्वर में मां नर्मदा को अर्पित होगी चुनरी ओंकारेश्वर पहुंचने के बाद श्रद्धालु मां नर्मदा के पावन तट पर विशेष पूजा-अर्चना करेंगे और चुनरी अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां नर्मदा को चुनरी अर्पित करना श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर सामूहिक प्रार्थना और आरती भी आयोजित की जाएगी। युवा शक्ति निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका कुंवर दिव्यादित्य शाह मित्र मंडल के युवाओं द्वारा यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। मार्ग निर्धारण, श्रद्धालुओं की सुविधा, जलपान व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर स्वयंसेवकों की टीम लगातार कार्य कर रही है। मंडल के सदस्यों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश देते हैं। श्रद्धालुओं से की सहभागिता की अपील आयोजकों ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों और श्रद्धालुओं से यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि मां नर्मदा की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने का यह एक विशेष अवसर है। यात्रा के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन होगा, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती मिलेगी। नर्मदा तट की पवित्रता, ओंकारेश्वर की दिव्यता और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था से जुड़ी यह चुनरी यात्रा निश्चित रूप से क्षेत्र के धार्मिक आयोजनों में एक विशेष स्थान बनाएगी तथा मां नर्मदा के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी संदेश जन-जन तक पहुंचाएगी।
मॉं नर्मदा भक्ति का महापर्व: आशापुर से ओंकारेश्वर तक निकलेगी भव्य चुनरी यात्रा, 25 पड़ावों से गुजरकर मां नर्मदा को अर्पित होगी श्रद्धा की चुनरी मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र मां नर्मदा के प्रति समर्पण और श्रद्धा का अनुपम दृश्य बुधवार 26 अगस्त को देखने को मिलेगा। आशापुर माता मंदिर से ओंकारेश्वर तक भव्य नर्मदा चुनरी यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु मां नर्मदा के जयकारों के साथ पदयात्रा और वाहन यात्रा के माध्यम से ओंकारेश्वर पहुंचकर चुनरी अर्पित करेंगे। यह धार्मिक आयोजन कुंवर दिव्यादित्य शाह मित्र मंडल द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसकी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। समाजसेवी एवं प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि नर्मदा चुनरी यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालु पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन, जयघोष और धार्मिक उत्साह के साथ आगे बढ़ेंगे तथा मां नर्मदा के प्रति अपनी आस्था प्रकट करेंगे। नर्मदा नदी भारतीय संस्कृति और आस्था का आधार भारतीय संस्कृति में नदियों को केवल जलधारा नहीं, बल्कि जीवन और आध्यात्मिक चेतना का स्रोत माना गया है। मां नर्मदा को हिंदू धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि नर्मदा के दर्शन मात्र से पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसे में मां नर्मदा को चुनरी अर्पित करने की परंपरा श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह चुनरी यात्रा आयोजित की जा रही है। आशापुर माता मंदिर से होगा शुभारंभ यात्रा का शुभारंभ बुधवार सुबह आशापुर माता मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु मां नर्मदा के जयकारे लगाते हुए ओंकारेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे। यात्रा में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं युवा संगठनों के सदस्य भी शामिल होंगे। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां भी विभिन्न स्थानों पर की गई हैं। 25 प्रमुख पड़ावों से होकर गुजरेगी यात्रा आयोजकों के अनुसार यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए बैतूल फाटा, रेलवे ब्रिज खमेरा, सक्तापुर फाटा, चारखेड़ा फाटा, तितली पार्क-चारखेड़ा, डेडल फाटा, मांडला, सहेजला, भैसावा, मायणी, पालसूद, केनूद, जलवा, खुटला, देवला, कुड़गांव, बरखड़गांव, सुलगांव, पोसल्ली, इमलपुर, कोठी और नागर घाट सहित 25 प्रमुख पड़ावों से होकर ओंकारेश्वर पहुंचेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। ओंकारेश्वर में मां नर्मदा को अर्पित होगी चुनरी ओंकारेश्वर पहुंचने के बाद श्रद्धालु मां नर्मदा के पावन तट पर विशेष पूजा-अर्चना करेंगे और चुनरी अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां नर्मदा को चुनरी अर्पित करना श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर सामूहिक प्रार्थना और आरती भी आयोजित की जाएगी। युवा शक्ति निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका कुंवर दिव्यादित्य शाह मित्र मंडल के युवाओं द्वारा यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। मार्ग निर्धारण, श्रद्धालुओं की सुविधा, जलपान व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर स्वयंसेवकों की टीम लगातार कार्य कर रही है। मंडल के सदस्यों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश देते हैं। श्रद्धालुओं से की सहभागिता की अपील आयोजकों ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों और श्रद्धालुओं से यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि मां नर्मदा की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने का यह एक विशेष अवसर है। यात्रा के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन होगा, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती मिलेगी। नर्मदा तट की पवित्रता, ओंकारेश्वर की दिव्यता और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था से जुड़ी यह चुनरी यात्रा निश्चित रूप से क्षेत्र के धार्मिक आयोजनों में एक विशेष स्थान बनाएगी तथा मां नर्मदा के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी संदेश जन-जन तक पहुंचाएगी।
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- खातेगांव के ग्राम पंचायत बुराडा का मामला युवा ग्रामीण ने लगाए कई आरोप.. सरपंच के रिश्तेदार के फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपए का आहरण निकालने के आरोप.. युवा कर रहे हैं निष्पक्ष जांच की मांग.. कई निधि के पैसे निकाल कर दुरुपयोग जमीनी स्तर पर विकास कार्य अधूरा...1
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- नर्मदा नदी ने लिया रौद्र रूप, लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर; कई इलाकों में जलभराव की स्थिति नर्मदा नदी ने लिया रौद्र रूप, लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर; कई इलाकों में जलभराव की स्थिति1
- थोड़ा सा पानी आ जाने पर रपटे पर आवा जाई बंद हो जाती है निपानिया की बड़ी समस्या निपानिया की समस्या1
- टेट परीक्षा के विरोध में शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा भैंसदेही विकासखंड के शिक्षकों द्वारा आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में आरटीई अधिनियम के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत सेवारत शिक्षकों हेतु टीईटी आयोजित किए जाने के संबंध में मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल भोपाल द्वारा परीक्षा संचालन नियम पुस्तिका जारी की गई है उक्त नियम पुस्तिका एवं परीक्षा प्रक्रिया के संबंध में प्रदेश के शिक्षकों के मध्य अनेक व्यावहारिक एवं प्रशासनिक शंकाएं उत्पन्न हुई है अतः संगठन निम्न बिंदुओं पर शासन स्तर से स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए जाने की मांग को, लेकर माननीय मुख्यमंत्री महोदय मध्य प्रदेश शासन ,माननीय शिक्षा मंत्री महोदय मध्य प्रदेश शासन तथा श्रीमान आयुक्त महोदय लोक शिक्षण संचनालय भोपाल के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार सुमित गुजर को मंगल वार शाम 5.30 बजे सौपा l दिए गए ज्ञापन में उल्लेख है कि 1.टीईटी की अनिवार्यता संबंधी स्पष्ट सूची जारी की जाए कि किन शिक्षकों को टीईटी देना अनिवार्य हैl 2.पदोन्नति की स्थिति में टी.ई.टी. की पात्रता स्पष्ट की जाए l 3.विषय चयन संबंधी स्पष्टता प्रदान की जाए l 4.पाठ्यक्रम संबंधी स्थिति स्पष्ट की जाए l 5.संविदा शाला शिक्षक पात्रता परीक्षा- 2005 उत्तीर्ण शिक्षकों के संबंध में पुनः टीईटी की आवश्यकता एवं उनकी स्थिति स्पष्ट की जाए l 6. टीईटी अनिवार्य शिक्षकों की विभाग द्वारा स्पष्ट श्रेणीवार सूची जारी की जाए कि किन-किन पदों के शिक्षकों के लिए टी. ई. टी. अनिवार्य हैl 7.उच्च पद का प्रभार प्राप्त शिक्षकों को टेट परीक्षा देने संबंधी स्थिति स्पष्ट की जाए l 8.सर्व शिक्षा अभियान छात्रावास एवं कार्यालय में पदस्थ शिक्षकों हेतु स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किया जाएl संगठन द्वारा उपरोक्त बिंदुओं सहित ज्ञापन में उल्लेखित अन्य 10 बिंदुओं पर यथाशीघ्र स्पष्ट दिशा निर्देश लिखित में जारी कर प्रदेश के हजारों सेवारत शिक्षकों की शंकाओ का समाधान करने की मांग शासन प्रशासन से की गई हैl,ज्ञापन सौंपने वालों में श्रीराम भुस्कुटे, दिनेश चितकारे, मोहम्मद शाकिर सिद्दीकी, सुरेश सेटे, गिरीश मालवीय,सूरज राठौड़, दानवीर क्षत्रपाल, नामदेव कुबड़े, रामविलास बामने ,चंद्र प्रकाश हरसूले, भारत सेमरे , सोहन सलामे ,बृजलाल उईके, राजेंद्र आठनेरे,राजू धोटे, विकास माकोड़े, अनिल मर्शकोले,मिश्रीलाल बामने, सुंदरलाल वाडीवा, विट्ठल गजलवार, श्रीमती रीना धुर्वे ,अरुण महाले, सुनीता इवने, सविता वाडीवा,अर्चना भराडे, सुमन बेले, बबीता महाले,शिवरती मालवी, शर्मिला उईके, चंद्रकला चिलाटे आदि उपस्थित थे1
- देवास RTO का बड़ा एक्शन, पीयूसी वैन ज़ब्त, बस मालिक से 1.13 लाख टैक्स वसूला ।।1
- शिवना से खुशलेश्वर तक गूंजा बोल बम, हजारों श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य कावड़ यात्रासांसद-विधायक ने किया स्वागत मनोज जायसवाल के नेतृत्व में निकली कावड़ यात्रा, सांसद-विधायक ने किया स्वागत इंदौर के कलाकारों की शिव भक्ति प्रस्तुति ने मोहा मन, हजारों भक्त रहे मौजूद1