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आजकल कुछ तथाकथित 'प्रबुद्ध जन' जिस तरह से पर्यावरण की सुरक्षा कर रहे हैं, उस पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि ये लोग पहले पेड़ काटते हैं और फिर केवल दिखावे के लिए वृक्षारोपण करते हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल तस्वीरें लेना होता है। यह स्थिति आज के दौर की उस 'महानता' पर व्यंग्य करती है, जहाँ पेड़ों को काटना और फिर फ़ोटो खिंचवाने के लिए दिखावटी पौधे लगाना ही चलन बन गया है। इस पूरे परिदृश्य को देखते हुए यह प्रश्न उठाया गया है कि आखिर पेड़ों का असली दुश्मन कौन है।
Prashant Shukla Maihar
आजकल कुछ तथाकथित 'प्रबुद्ध जन' जिस तरह से पर्यावरण की सुरक्षा कर रहे हैं, उस पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि ये लोग पहले पेड़ काटते हैं और फिर केवल दिखावे के लिए वृक्षारोपण करते हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल तस्वीरें लेना होता है। यह स्थिति आज के दौर की उस 'महानता' पर व्यंग्य करती है, जहाँ पेड़ों को काटना और फिर फ़ोटो खिंचवाने के लिए दिखावटी पौधे लगाना ही चलन बन गया है। इस पूरे परिदृश्य को देखते हुए यह प्रश्न उठाया गया है कि आखिर पेड़ों का असली दुश्मन कौन है।
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- पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी मैहर पहुंच गए हैं, जहाँ वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है।1
- रीवा जिला चिकित्सालय बिछिया अस्पताल में पार्किंग को लेकर खुलेआम भ्रष्टाचार चलने का आरोप सामने आया है। सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति अपने पिताजी को लेकर अस्पताल गए थे और उन्होंने अपनी गाड़ी अस्पताल के गेट के बाहर खड़ी कर दी थी। पानी की बोतल लेने के लिए वह 20 मिनट के लिए गए और वापस लौटे तो पाया कि उनकी गाड़ी को जंजीर से बांधा गया है। पूछने पर, पार्किंग कर्मी ने बताया कि उसने सिविल सर्जन के आदेश पर गाड़ी को जंजीर से बांधा है। कर्मचारी के मुताबिक, सिविल सर्जन का निर्देश है कि अस्पताल के गेट के बाहर खड़ी गाड़ियों में सकरी लगाई जाए और ₹20 का पार्किंग शुल्क वसूला जाए। साथ ही, किसी भी सवाल पर सिविल सर्जन का नाम लेने का निर्देश भी दिया गया है। मौके पर न तो कोई रेट सूची लगी है और न ही कोई नोटिस प्रदर्शित किया गया है। वहीं, जो पावती दी जा रही है उसमें साइकिल के लिए ₹2, मोटरसाइकिल के लिए ₹5 और बड़े वाहनों के लिए ₹10 का शुल्क दर्ज है, जो वसूले जा रहे ₹20 से भिन्न है। इस मामले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि जब जनता अपने इलाज के लिए सरकारी अस्पताल आती है, क्योंकि उनके पास निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए पैसे नहीं होते, ऐसे में पार्किंग के नाम पर यह वसूली अनुचित है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब जनता के 'रक्षक ही भक्षक' बन जाएं। शासन-प्रशासन से इस भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- साइकिल दिवस के अवसर पर सतना में एक साइकिल रैली का आयोजन किया गया। यह रैली वेंकटेश मंदिर से शुरू होकर कलेक्ट्रेट होते हुए वापस वेंकटेश मंदिर पर ही समाप्त हुई। इस साइकिल रैली में रामपुर बाघेलान विधायक के कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी रामशंकर पयासी भी सम्मिलित हुए।1
- आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी वेतन बढ़ोत्तरी की मांग उठाई है।2
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