प्रतापगढ़ जिले के निवासी पूर्व प्रमुख सचिव न्याय शशिकांत पांडेय के बड़े भाई श्रीकांत पांडेय का निधन क्षेत्र में पसरा सन्नाटा *प्रतापगढ़ जिले के निवासी पूर्व प्रमुख सचिव न्याय शशिकांत पांडेय के बड़े भाई श्रीकांत पांडेय का निधन, क्षेत्र में पसरा सन्नाटा।* *प्रतापगढ़ के पट्टी तहसील के गधियांवा गांव के निवासी पूर्व प्रमुख सचिव न्याय एवं नारायण महाविद्यालय गधियांवा के प्रबंधक शशिकांत पांडेय के बड़े भाई *श्रीकांत पांडेय* का आज दोपहर 12 बजे लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। दिवंगत श्रीकांत पांडेय का अंतिम संस्कार आज शाम 5 बजे प्रयागराज के प्रसिद्ध रसूलाबाद घाट पर पूर्ण धार्मिक रीति-रिवाज के साथ किया जाएगा। *बाजार बंद, विद्यालयों में दी गई श्रद्धांजलि---* जैसे ही उनके निधन की दुखद सूचना क्षेत्र में पहुंची, लोगों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। सम्मान और संवेदना व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रतिष्ठानों व दुकानों को बंद कर दिया गया। नारायण महाविद्यालय गधियांवा सहित क्षेत्र के कई शिक्षण संस्थानों में शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में दो मिनट का मौन रखकर मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई और परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई।
प्रतापगढ़ जिले के निवासी पूर्व प्रमुख सचिव न्याय शशिकांत पांडेय के बड़े भाई श्रीकांत पांडेय का निधन क्षेत्र में पसरा सन्नाटा *प्रतापगढ़ जिले के निवासी पूर्व प्रमुख सचिव न्याय शशिकांत पांडेय के बड़े भाई श्रीकांत पांडेय का निधन, क्षेत्र में पसरा सन्नाटा।* *प्रतापगढ़ के पट्टी तहसील के गधियांवा गांव के निवासी पूर्व प्रमुख सचिव न्याय एवं नारायण महाविद्यालय गधियांवा के प्रबंधक शशिकांत पांडेय के बड़े भाई *श्रीकांत पांडेय* का आज दोपहर 12 बजे लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। दिवंगत श्रीकांत पांडेय का अंतिम संस्कार आज शाम 5 बजे प्रयागराज के प्रसिद्ध रसूलाबाद घाट पर पूर्ण धार्मिक रीति-रिवाज के साथ किया जाएगा। *बाजार बंद, विद्यालयों में दी गई श्रद्धांजलि---* जैसे ही उनके निधन की दुखद सूचना क्षेत्र में पहुंची, लोगों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। सम्मान और संवेदना व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रतिष्ठानों व दुकानों को बंद कर दिया गया। नारायण महाविद्यालय गधियांवा सहित क्षेत्र के कई शिक्षण संस्थानों में शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में दो मिनट का मौन रखकर मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई और परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई।
- *रक्षाबन्धन पर्व के सुअवसर पर उ0प्र0 राज्य सड़क परिवहन निगम की समस्त बसों में सभी महिलाओं को एक सहयात्री के साथ दिनांक 27.08.2026 की प्रातः 06:00 बजे से दिनांक 29.08.2026 की मध्य रात्रि 12:00 बजे तक निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में।*1
- रक्षाबंधन पर लड़को के लिए एक जरूरी सुचना रक्षाबंधन पर विशेष अपील1
- यहां पर कोई सुनाई सुनाई नहीं कर रहा है ना कोई सड़क बनवा रहा है यहां के पुराने प्रधान ज्योति है रंगीली थे वह जो है सड़क का निर्माण करवाए थे अब फिर रिंकू सिंह प्रधान है वह भी नहीं करवारहे हैं1
- *कादीपुर में पानी की टंकी पर झंडा विवाद: रील बनाने वाले दो युवक हिरासत में, पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल* * कादीपुर में पानी की टंकी पर झंडा विवाद: रील बनाने वाले दो युवक हिरासत में, पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल* स्थान: कादीपुर, सुल्तानपुर सुल्तानपुर जिले के कादीपुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मालापुर चंदौली गांव में पानी की टंकी पर झंडे लगाने को लेकर एक संवेदनशील मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद इलाके में तनाव और सुगबुगाहट का माहौल है। पूरा मामला क्या है? झंडों का क्रम: प्राप्त जानकारी और वायरल वीडियो के अनुसार, गांव की पानी की टंकी पर पहले से एक धार्मिक झंडा लगा हुआ था, जिसके बाद वहां तिरंगा झंडा लगाया गया। इसके बाद कथित तौर पर अराजक तत्वों द्वारा सबसे ऊपर एक अन्य मजहबी झंडा लगाकर मामले को हवा देने की कोशिश की गई। सोशल मीडिया रील: इस पूरी घटना का वीडियो शूट कर युवकों द्वारा सोशल मीडिया पर रील के रूप में वायरल किया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस की कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए कादीपुर कोतवाली पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पानी की टंकी से सभी झंडों को हटवाया और स्थिति को नियंत्रित किया। इस मामले में रील बनाकर वायरल करने वाले दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रशासन की कार्यप्रणाली और राजनीतिक दबाव पर सवाल इस पूरी घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर और सोशल मीडिया पर प्रशासन की भूमिका को लेकर तीखे सवाल खड़े होने लगे हैं: राजनीतिक दबाव की चर्चा: स्थानीय लोगों और तहलका मचाने वाले तेवरों के बीच यह सवाल जोर-शोर से उठ रहा है कि क्या इस तरह के संवेदनशील मामलों में पुलिस प्रशासन स्थानीय नेताओं या रसूखदार लोगों के दबाव में आकर काम करता है? निष्पक्षता पर संदेह: जनता के एक वर्ग का यह भी आरोप है कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले ऐसे तत्वों पर यदि समय रहते और कड़ा रुख न अपनाया जाए, तो प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगना स्वाभाविक है। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या पुलिस बिना किसी भेदभाव और बाहरी दबाव के पारदर्शी कार्रवाई कर रही है या नहीं। कोतवाली प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र की शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले और माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे।1
- *चौकिया–भरकट–लालका पूरा मार्ग वर्षों से जर्जर, जिम्मेदारों की अनदेखी से बढ़ा हादसों का खतरा* लम्भुआ, सुल्तानपुर। चौकिया से भरकट होते हुए लालका पूरा अवसानपुर जाने वाला मार्ग पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में पड़ा है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, किसानों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह सड़क खराब होने से दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी हुई है। वहीं इस मार्ग का उपयोग यहाँ की जनता का लगभग 2000 लोगों का प्रतिदिन आना जाना होता है यह मार्ग भरखरे को भी जोड़ने का कार्य इस सम्पर्क मार्ग से विद्यालय वा हायर एजुकेसन को भी जोड़ता है सवाल भविष्य का है वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। सड़क की खराब स्थिति का असर आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ रहा है। दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं को भी इस जर्जर मार्ग से गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिससे समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचने में बाधा उत्पन्न होने की आशंका रहती है। शिकायतों के बावजूद नहीं हुई ठोस कार्रवाई स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार सड़क की समस्या को लेकर कई बार शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक मार्ग के मरम्मत कार्य को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि जब सड़क पहले से बनी हुई है तो उसके मरम्मत कार्य में आखिर इतनी देरी क्यों हो रही है? ग्रामीणों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? जर्जर सड़क के कारण सबसे अधिक खतरा बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बना हुआ है। विधायक और जिलाधिकारी से शीघ्र कार्रवाई की मांग क्षेत्रवासियों ने 190 लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं जिलाधिकारी, सुल्तानपुर से जनहित में मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि चौकिया–भरकट–लालका पूरा मार्ग का शीघ्र स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और आवश्यकतानुसार सड़क की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कराया जाए। लोगों की मांग है कि सड़क को जल्द दुरुस्त कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, किसानों और आम नागरिकों का जीवन सुरक्षित रह सके तथा आपात स्थिति में एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं भी बिना बाधा संचालित हो सकें।3
- मुझसे मोहब्बत का इजहार करती❤️❤️♥️❤️♥️♥️♥️🌹🌹🌹🌹🌹🌹❤️❤️🌹♥️♥️♥️♥️ मुझसे मोहब्बत का इजहार करती❤️❤️♥️❤️♥️♥️1
- *सशक्त निर्णय, समृद्ध उत्तर प्रदेश! मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक* *लखनऊ* उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश के विकास, जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक को प्रदेश की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं, विकास परियोजनाओं और जनहित से जुड़े प्रस्तावों पर मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने सरकार की नीतियों और फैसलों को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा प्रदेशवासियों को योजनाओं का समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बैठक की तस्वीर साझा करते हुए संदेश दिया गया—“सशक्त निर्णय, समृद्ध उत्तर प्रदेश!” यह संदेश सरकार की विकासोन्मुखी नीति और प्रदेश को आगे बढ़ाने के संकल्प को रेखांकित करता है।1
- तिब्बत से आई बाढ ने नेपाल में मचाई तबाही 7 की मौत बिहार के आठ जिलों में अलर्ट नेपाल से सटे इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा, गांव-घर और पुल प्रभावित, राहत-बचाव कार्य तेज चीन के तिब्बत क्षेत्र से अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके में कई घरों, बाजारों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। तेज बहाव की चपेट में वाहन और सामान बह गए, जबकि एक पुल के टूटने की भी सूचना है। रसुवा में एक हाइड्रोपावर परियोजना के प्रभावित होने की खबर है। बाढ़ की इस भीषण स्थिति में अब तक 7 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात 9 पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव अभियान में 14 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं और करीब 25 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। नेपाल में बाढ़ के बढ़ते असर को देखते हुए भारत के बिहार में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर समेत आठ जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग ने गंडक नदी में करीब तीन मीटर ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका जताई है। नदी किनारे बसे इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। नेपाल की तबाही के बाद बिहार में भी बाढ़ का खतरा बढ़ने से सीमावर्ती क्षेत्रों में चिंता का माहौल है।1