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बाहुबली कॉलोनी बांसवाड़ा में जैन समाज द्वारा बैंड बाजे के साथ बहुत धूमधाम से निकाला गया शोभा यात्रा । जिसमे बालक बालिकाओं ने शोभा यात्रा के दौरान नित्य करती नजर आए।

7 hrs ago
user_Ajay kumar Pandit
Ajay kumar Pandit
Photographer Banswara, Rajasthan•
7 hrs ago

बाहुबली कॉलोनी बांसवाड़ा में जैन समाज द्वारा बैंड बाजे के साथ बहुत धूमधाम से निकाला गया शोभा यात्रा । जिसमे बालक बालिकाओं ने शोभा यात्रा के दौरान नित्य करती नजर आए।

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  • *प्राइम न्यूज राजस्थान की विशेष कवरेज* *ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)* *श्री कल्लाजी राठोड़ - श्रद्धा, भक्ति और आस्था के प्रतीक, युवा संत जिला महामंत्री धीरु महाराज पलकपाड़ा* *कुशलगढ़।* वागड़ की धरती हमेशा से वीरों और संतों की धरती रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ भारत के जिला महामंत्री युवा संत धीरु महाराज पलकपाड़ा। युवा होते हुए भी जिनके मुख पर तेज, वाणी में ओज और हृदय में सनातन के प्रति अटूट निष्ठा है। आज प्राइम न्यूज राजस्थान के माध्यम से हम बात कर रहे हैं उनके आराध्य, श्रद्धा, भक्ति और आस्था के प्रतीक श्री कल्लाजी राठोड़ की। *कौन हैं श्री कल्लाजी राठोड़?* श्री कल्लाजी राठोड़ मेवाड़ के इतिहास के वह अमर पात्र हैं जिनका नाम सुनते ही वीरता और भक्ति दोनों एक साथ याद आती है। कल्लाजी राठोड़ मेड़ता के राव जयमल जी के भतीजे थे और चित्तौड़गढ़ की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान योद्धा थे। इतिहास कहता है कि जब 1568 में अकबर ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया तो वीर जयमल और कल्लाजी राठोड़ ने माँ चित्तौड़ेश्वरी की रक्षा का प्रण लिया। कल्लाजी राठोड़ को चार हाथ वाला देवता भी कहा जाता है। कहा जाता है कि युद्ध में उनके दोनों हाथ कट जाने के बाद भी उन्होंने तलवारें अपने कंधों पर बांधकर युद्ध किया था, इसलिए उन्हें "चार हाथ वाला देवता" कहा गया। वे केवल योद्धा नहीं, बल्कि सिद्ध योगी और श्री कृष्ण के अनन्य भक्त थे। युद्ध से पहले वे भगवान श्री कृष्ण की उपासना करते थे। इसीलिए आज भी राजस्थान और गुजरात में कल्लाजी को लोक देवता के रूप में पूजा जाता है। उनकी समाधि चित्तौड़गढ़ में है, जहां आज भी ज्योति जलती है। *युवा संत धीरु महाराज पलकपाड़ा - कल्लाजी के पथ के अनुयायी* जिला महामंत्री युवा संत धीरु महाराज पलकपाड़ा ने प्राइम न्यूज से बातचीत में कहा - "मेरे जीवन के प्रेरणास्रोत श्री कल्लाजी राठोड़ हैं। मैंने उनसे सीखा है कि धर्म की रक्षा के लिए यदि प्राण भी देने पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए।" धीरु महाराज पलकपाड़ा, उम्र में युवा लेकिन विचारों में एक तपस्वी संत। पलकपाड़ा जैसे छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने पूरे बांसवाड़ा जिले में सनातन धर्म की अलख जगाई है। वे राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ के जिला महामंत्री के रूप में दिन-रात धर्म प्रचार में लगे रहते हैं। महाराज जी ने कहा - "आज का युवा भटक रहा है। वह पश्चिमी संस्कृति की ओर जा रहा है। उसे यह नहीं पता कि हमारे अपने लोक देवता कितने महान थे। कल्लाजी राठोड़ ने सिखाया है कि भक्ति में ही शक्ति है। जब तक हमारे अंदर भक्ति नहीं होगी, तब तक हम धर्म की रक्षा नहीं कर सकते।" *श्रद्धा, भक्ति और आस्था का संगम -* धीरु महाराज जी बताते हैं कि कल्लाजी राठोड़ में तीन गुणों का अद्भुत संगम था। *1. श्रद्धा -* अपने धर्म और अपनी मातृभूमि के प्रति अटूट श्रद्धा। अकबर की विशाल सेना को देखकर भी वे विचलित नहीं हुए। *2. भक्ति -* भगवान श्री कृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति। वे युद्ध को भी भगवान की पूजा मानते थे। *3. आस्था -* अपनी तलवार और अपने कर्म पर आस्था। उन्होंने कभी फल की चिंता नहीं की, बस धर्म युद्ध किया। आज के युवाओं में इन्हीं तीन चीजों की कमी है। युवा संत धीरु महाराज इसी कमी को पूरा करने के लिए गांव-गांव जाकर कथा, सत्संग और जागरूकता अभियान चला रहे हैं। *वागड़ में कल्लाजी की पूजा -* बांसवाड़ा और कुशलगढ़ क्षेत्र में कल्लाजी राठोड़ के कई मंदिर हैं। यहां के आदिवासी समाज में कल्लाजी के प्रति अगाध आस्था है। लोग उन्हें "कल्ला जी बाबा" कहकर पुकारते हैं। शादी हो, या कोई नया काम - सबसे पहले कल्लाजी की पूजा की जाती है। धीरु महाराज पलकपाड़ा ने पलकपाड़ा में कल्लाजी राठोड़ की कथा का आयोजन भी कराया था, जिसमें हजारों श्रद्धालु उमड़े थे। *संदेश -* अंत में युवा संत धीरु महाराज ने कहा - "मैं वागड़ के हर युवा से कहना चाहता हूं कि अपने इतिहास को पढ़ो। कल्लाजी राठोड़ जैसे वीरों को जानो। मोबाइल में रील देखने से कुछ नहीं होगा। अपने लोक देवताओं की कहानी सुनो, तभी तुम्हारे अंदर श्रद्धा, भक्ति और आस्था जागेगी और तभी तुम सनातन धर्म की सच्चे अर्थों में रक्षा कर पाओगे।" निश्चित ही धीरु महाराज जैसे युवा संत ही हैं जो कल्लाजी राठोड़ की वीरता और भक्ति की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे युवा संतों पर पूरे वागड़ को गर्व है। *ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, प्राइम न्यूज राजस्थान, कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)*
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    *प्राइम न्यूज राजस्थान की विशेष कवरेज*
*ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)*
*श्री कल्लाजी राठोड़ - श्रद्धा, भक्ति और आस्था के प्रतीक, युवा संत जिला महामंत्री धीरु महाराज पलकपाड़ा*
*कुशलगढ़।* वागड़ की धरती हमेशा से वीरों और संतों की धरती रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ भारत के जिला महामंत्री युवा संत धीरु महाराज पलकपाड़ा। युवा होते हुए भी जिनके मुख पर तेज, वाणी में ओज और हृदय में सनातन के प्रति अटूट निष्ठा है। आज प्राइम न्यूज राजस्थान के माध्यम से हम बात कर रहे हैं उनके आराध्य, श्रद्धा, भक्ति और आस्था के प्रतीक श्री कल्लाजी राठोड़ की।
*कौन हैं श्री कल्लाजी राठोड़?*
श्री कल्लाजी राठोड़ मेवाड़ के इतिहास के वह अमर पात्र हैं जिनका नाम सुनते ही वीरता और भक्ति दोनों एक साथ याद आती है। कल्लाजी राठोड़ मेड़ता के राव जयमल जी के भतीजे थे और चित्तौड़गढ़ की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान योद्धा थे।
इतिहास कहता है कि जब 1568 में अकबर ने चित्तौड़ पर आक्रमण किया तो वीर जयमल और कल्लाजी राठोड़ ने माँ चित्तौड़ेश्वरी की रक्षा का प्रण लिया। कल्लाजी राठोड़ को चार हाथ वाला देवता भी कहा जाता है। कहा जाता है कि युद्ध में उनके दोनों हाथ कट जाने के बाद भी उन्होंने तलवारें अपने कंधों पर बांधकर युद्ध किया था, इसलिए उन्हें "चार हाथ वाला देवता" कहा गया।
वे केवल योद्धा नहीं, बल्कि सिद्ध योगी और श्री कृष्ण के अनन्य भक्त थे। युद्ध से पहले वे भगवान श्री कृष्ण की उपासना करते थे। इसीलिए आज भी राजस्थान और गुजरात में कल्लाजी को लोक देवता के रूप में पूजा जाता है। उनकी समाधि चित्तौड़गढ़ में है, जहां आज भी ज्योति जलती है।
*युवा संत धीरु महाराज पलकपाड़ा - कल्लाजी के पथ के अनुयायी*
जिला महामंत्री युवा संत धीरु महाराज पलकपाड़ा ने प्राइम न्यूज से बातचीत में कहा - "मेरे जीवन के प्रेरणास्रोत श्री कल्लाजी राठोड़ हैं। मैंने उनसे सीखा है कि धर्म की रक्षा के लिए यदि प्राण भी देने पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए।"
धीरु महाराज पलकपाड़ा, उम्र में युवा लेकिन विचारों में एक तपस्वी संत। पलकपाड़ा जैसे छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने पूरे बांसवाड़ा जिले में सनातन धर्म की अलख जगाई है। वे राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ के जिला महामंत्री के रूप में दिन-रात धर्म प्रचार में लगे रहते हैं।
महाराज जी ने कहा - "आज का युवा भटक रहा है। वह पश्चिमी संस्कृति की ओर जा रहा है। उसे यह नहीं पता कि हमारे अपने लोक देवता कितने महान थे। कल्लाजी राठोड़ ने सिखाया है कि भक्ति में ही शक्ति है। जब तक हमारे अंदर भक्ति नहीं होगी, तब तक हम धर्म की रक्षा नहीं कर सकते।"
*श्रद्धा, भक्ति और आस्था का संगम -*
धीरु महाराज जी बताते हैं कि कल्लाजी राठोड़ में तीन गुणों का अद्भुत संगम था।
*1. श्रद्धा -* अपने धर्म और अपनी मातृभूमि के प्रति अटूट श्रद्धा। अकबर की विशाल सेना को देखकर भी वे विचलित नहीं हुए।
*2. भक्ति -* भगवान श्री कृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति। वे युद्ध को भी भगवान की पूजा मानते थे।
*3. आस्था -* अपनी तलवार और अपने कर्म पर आस्था। उन्होंने कभी फल की चिंता नहीं की, बस धर्म युद्ध किया।
आज के युवाओं में इन्हीं तीन चीजों की कमी है। युवा संत धीरु महाराज इसी कमी को पूरा करने के लिए गांव-गांव जाकर कथा, सत्संग और जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
*वागड़ में कल्लाजी की पूजा -*
बांसवाड़ा और कुशलगढ़ क्षेत्र में कल्लाजी राठोड़ के कई मंदिर हैं। यहां के आदिवासी समाज में कल्लाजी के प्रति अगाध आस्था है। लोग उन्हें "कल्ला जी बाबा" कहकर पुकारते हैं। शादी हो, या कोई नया काम - सबसे पहले कल्लाजी की पूजा की जाती है।
धीरु महाराज पलकपाड़ा ने पलकपाड़ा में कल्लाजी राठोड़ की कथा का आयोजन भी कराया था, जिसमें हजारों श्रद्धालु उमड़े थे।
*संदेश -*
अंत में युवा संत धीरु महाराज ने कहा - "मैं वागड़ के हर युवा से कहना चाहता हूं कि अपने इतिहास को पढ़ो। कल्लाजी राठोड़ जैसे वीरों को जानो। मोबाइल में रील देखने से कुछ नहीं होगा। अपने लोक देवताओं की कहानी सुनो, तभी तुम्हारे अंदर श्रद्धा, भक्ति और आस्था जागेगी और तभी तुम सनातन धर्म की सच्चे अर्थों में रक्षा कर पाओगे।"
निश्चित ही धीरु महाराज जैसे युवा संत ही हैं जो कल्लाजी राठोड़ की वीरता और भक्ति की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे युवा संतों पर पूरे वागड़ को गर्व है।
*ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, प्राइम न्यूज राजस्थान, कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)*
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • प्रतापगढ़ पहुंचे सीएम भजनलाल शर्मा, 1452 विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास
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    प्रतापगढ़ पहुंचे सीएम भजनलाल शर्मा, 1452 विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास
    user_Baba
    Baba
    अरनोद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • बरोटा ग्राम पंचायत मैं खात वितरित किया गया दिनांक 27 9 2026 को 6 गांव की बड़ी पंचायत है खात लेने के लिए ग्रामीणों का सैलाब देखने को नजर आया
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    बरोटा ग्राम पंचायत मैं  खात वितरित किया गया दिनांक 27 9 2026 को 6 गांव की बड़ी पंचायत है खात लेने के लिए ग्रामीणों का सैलाब देखने को नजर आया
    user_ईश्वर सीहसोलंकी
    ईश्वर सीहसोलंकी
    Grain Wholesaler प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    1 hr ago
  • विप्र फाउंडेशन जॉन की बड़ी बैठक जिसमें उपस्थित बांसवाड़ा डूंगरपुर प्रतापगढ़ के सभी वे विप बंदु विप्रो फाउंडेशन की बड़ी बैठक आज आतरी पंचायत में संपन्न हुई कार्यक्रम में सभी विप्र बंधुओ ने अपने विचार रखें
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    विप्र फाउंडेशन जॉन की बड़ी बैठक जिसमें उपस्थित बांसवाड़ा डूंगरपुर प्रतापगढ़ के सभी वे विप बंदु 
विप्रो फाउंडेशन की बड़ी बैठक आज आतरी पंचायत में संपन्न हुई कार्यक्रम में सभी विप्र बंधुओ ने अपने विचार रखें
    user_Yashwant Joshi
    Yashwant Joshi
    डौडा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ वार्ड 32 में निकला विजय जटिया का धन्यवाद जुलूस (रिपोर्टर अनिल जटिया ) ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ वार्ड 32 में निकला विजय जटिया का धन्यवाद जुलूस रिपोर्टर अनिल जटिया वार्ड नंबर 32 के पार्षद विजय जटिया ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ घर-घर पहुंचकर लोगों से मुलाकात कर धन्यवाद प्रकट कर रहे हैं। इस दौरान स्थानीय लोगों द्वारा विजय जटिया का माला पहनाकर स्वागत किया जा रहा है। क्षेत्र में जुलूस को लेकर उत्साह का माहौल नजर आया।
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    ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ वार्ड 32 में निकला विजय जटिया का धन्यवाद जुलूस (रिपोर्टर अनिल जटिया )
ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ वार्ड 32 में निकला विजय जटिया का धन्यवाद जुलूस
रिपोर्टर अनिल जटिया 
वार्ड नंबर 32 के पार्षद विजय जटिया ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ घर-घर पहुंचकर लोगों से मुलाकात कर धन्यवाद प्रकट कर रहे हैं। इस दौरान स्थानीय लोगों द्वारा विजय जटिया का माला पहनाकर स्वागत किया जा रहा है। क्षेत्र में जुलूस को लेकर उत्साह का माहौल नजर आया।
    user_Anil Jatiya news repotar
    Anil Jatiya news repotar
    Local News Reporter प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • सेवा की 33 साल पुरानी परंपरा को सलाम, जय अंबे मित्र मंडल ने पदयात्रा के सहयोगियों और नवनिर्वाचित पार्षदों का किया सम्मान संवाददाता – संतोष व्यास डूंगरपुर। जय अंबे पदयात्रा मित्र मंडल की 33वीं अंबाजी पदयात्रा एवं डूंगरपुर में आयोजित तीन दिवसीय यात्री विश्राम कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद मंडल की ओर से धनैश्वर मंदिर परिसर, मानक चौक में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सेवा कार्यों की समीक्षा के साथ नवनिर्वाचित पार्षदों का अभिनंदन किया गया। पार्षदों का माल्यार्पण कर उपरणा ओढ़ाकर सम्मान किया गया। मंडल संस्थापक पदमेश गांधी ने वर्ष 1993 से 2026 तक मंडल की ओर से किए गए सेवा कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के तीन दिवसीय आयोजन में नया प्रयोग करते हुए महाआरती के बाद भजन संध्या का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि पदयात्रियों की सेवा और उनके लिए विश्राम की व्यवस्था मंडल की वर्षों पुरानी परंपरा है, जिसे कार्यकर्ताओं के सहयोग से लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। मंडल अध्यक्ष प्रदीप श्रीमाल ने आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने महादेव टिंबर एंड प्लाईवुड एवं पद्मावती इलेक्ट्रिकल के सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया। उपाध्यक्ष गजेंद्र श्रीमाल ने आयोजन की सफलता के लिए कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। मंडल सचिव रजनीश चौबिसा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए मंडल की ओर से किए जा रहे सेवा कार्यों का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान नवनिर्वाचित पार्षद वर्षा चोबिसा, शैलेश मेहता, हिमांशु भावसार, भूपेंद्र पालीवाल, लक्ष्मी सेवक, हंसा दर्जी और भाजपा नगर अध्यक्ष नयन सुथार का सम्मान किया गया। साथ ही पहली पदयात्री कमला देवी दर्जी का भी अभिनंदन किया गया। बैठक में पूर्व पार्षद सूर्यसिंह राठौड़, भंवरलाल सुथार, मोहनसिंह बारोड़, आलोक शाह, गिरीश जोशी एवं गेबी लाल कलाल ने मंडल के सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पदयात्रियों के लिए तीन दिवसीय विश्राम स्थल पर की जाने वाली सेवा सामाजिक समरसता और श्रद्धा का उदाहरण है। उन्होंने इस सेवा परंपरा को आने वाले वर्षों में भी इसी उत्साह के साथ जारी रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर जया कंसारा, ममता भट्ट, कीर्ति जोशी, प्रकाश लबाना, ओमप्रकाश चोबिसा, किरणेश्वर चोबिसा, संजय पांचाल, छगन ननोमा, मुकेश भट्ट, राजेश चौहान, अजीत कंसारा, भानु शाह, रमेश शर्मा, यशवंत शर्मा सहित बड़ी संख्या में मंडल पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    सेवा की 33 साल पुरानी परंपरा को सलाम, जय अंबे मित्र मंडल ने पदयात्रा के सहयोगियों और नवनिर्वाचित पार्षदों का किया सम्मान
संवाददाता – संतोष व्यास
डूंगरपुर। जय अंबे पदयात्रा मित्र मंडल की 33वीं अंबाजी पदयात्रा एवं डूंगरपुर में आयोजित तीन दिवसीय यात्री विश्राम कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद मंडल की ओर से धनैश्वर मंदिर परिसर, मानक चौक में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सेवा कार्यों की समीक्षा के साथ नवनिर्वाचित पार्षदों का अभिनंदन किया गया। पार्षदों का माल्यार्पण कर उपरणा ओढ़ाकर सम्मान किया गया।
मंडल संस्थापक पदमेश गांधी ने वर्ष 1993 से 2026 तक मंडल की ओर से किए गए सेवा कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के तीन दिवसीय आयोजन में नया प्रयोग करते हुए महाआरती के बाद भजन संध्या का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि पदयात्रियों की सेवा और उनके लिए विश्राम की व्यवस्था मंडल की वर्षों पुरानी परंपरा है, जिसे कार्यकर्ताओं के सहयोग से लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
मंडल अध्यक्ष प्रदीप श्रीमाल ने आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने महादेव टिंबर एंड प्लाईवुड एवं पद्मावती इलेक्ट्रिकल के सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया। उपाध्यक्ष गजेंद्र श्रीमाल ने आयोजन की सफलता के लिए कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
मंडल सचिव रजनीश चौबिसा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए मंडल की ओर से किए जा रहे सेवा कार्यों का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान नवनिर्वाचित पार्षद वर्षा चोबिसा, शैलेश मेहता, हिमांशु भावसार, भूपेंद्र पालीवाल, लक्ष्मी सेवक, हंसा दर्जी और भाजपा नगर अध्यक्ष नयन सुथार का सम्मान किया गया। साथ ही पहली पदयात्री कमला देवी दर्जी का भी अभिनंदन किया गया।
बैठक में पूर्व पार्षद सूर्यसिंह राठौड़, भंवरलाल सुथार, मोहनसिंह बारोड़, आलोक शाह, गिरीश जोशी एवं गेबी लाल कलाल ने मंडल के सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पदयात्रियों के लिए तीन दिवसीय विश्राम स्थल पर की जाने वाली सेवा सामाजिक समरसता और श्रद्धा का उदाहरण है। उन्होंने इस सेवा परंपरा को आने वाले वर्षों में भी इसी उत्साह के साथ जारी रखने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जया कंसारा, ममता भट्ट, कीर्ति जोशी, प्रकाश लबाना, ओमप्रकाश चोबिसा, किरणेश्वर चोबिसा, संजय पांचाल, छगन ननोमा, मुकेश भट्ट, राजेश चौहान, अजीत कंसारा, भानु शाह, रमेश शर्मा, यशवंत शर्मा सहित बड़ी संख्या में मंडल पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • बावलियाखाल हनुमान मंदिर में जनप्रतिनिधियों का भव्य सम्मान, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने मंदिर विकास में सहयोग का दिया भरोसा कुशलगढ़। क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र बावलियाखाल हनुमान मंदिर परिसर में बावलियाखाल हनुमान मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं पार्षदों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समिति पदाधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों का तिलक, पगड़ी, माला एवं शॉल से अभिनंदन किया। सैकड़ों श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने तालियों से स्वागत किया। समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष हितेश पडियार, उपाध्यक्ष नरेश गादीया, पूर्व पालिका अध्यक्ष एवं पार्षद राघवेश चरपोटा, वरिष्ठ पार्षद रजनीकांत खाब्या सहित निर्वाचित पार्षदों का सम्मान किया गया। अध्यक्ष हितेश पडियार ने कहा कि बावलियाखाल हनुमान मंदिर पूरे क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर परिसर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए आवश्यक कार्यों में वे तन-मन-धन से सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उपाध्यक्ष नरेश गादीया ने भी मंदिर के विकास एवं सेवा कार्यों में तन-मन-धन से पूरा सहयोग देने की बात कही। उन्होंने मंदिर की आवश्यकताओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए समिति, जनप्रतिनिधियों एवं नगरवासियों से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। पूर्व पालिका अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पार्षद राघवेश चरपोटा ने मंदिर को कुशलगढ़ की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए विकास के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। वरिष्ठ पार्षद रजनीकांत खाब्या ने आयोजन को सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का उदाहरण बताया। पार्षद चेतना बैरागी ने मंदिर विकास में सभी की भागीदारी की बात कही। समारोह का संचालन वरिष्ठ पत्रकार ललित गोलेछा ने किया। इस दौरान पत्रकार ललित गोलेछा, सुनील शर्मा एवं दीपांशु गुप्ता का भी समिति की ओर से सम्मान किया गया। अंत में हसमुखलाल जोशी ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, समिति सदस्यों एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।
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    बावलियाखाल हनुमान मंदिर में जनप्रतिनिधियों का भव्य सम्मान, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने मंदिर विकास में सहयोग का दिया भरोसा
कुशलगढ़। क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र बावलियाखाल हनुमान मंदिर परिसर में बावलियाखाल हनुमान मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में नवनिर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं पार्षदों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समिति पदाधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों का तिलक, पगड़ी, माला एवं शॉल से अभिनंदन किया। सैकड़ों श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने तालियों से स्वागत किया।
समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष हितेश पडियार, उपाध्यक्ष नरेश गादीया, पूर्व पालिका अध्यक्ष एवं पार्षद राघवेश चरपोटा, वरिष्ठ पार्षद रजनीकांत खाब्या सहित निर्वाचित पार्षदों का सम्मान किया गया।
अध्यक्ष हितेश पडियार ने कहा कि बावलियाखाल हनुमान मंदिर पूरे क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर परिसर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए आवश्यक कार्यों में वे तन-मन-धन से सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास को सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
उपाध्यक्ष नरेश गादीया ने भी मंदिर के विकास एवं सेवा कार्यों में तन-मन-धन से पूरा सहयोग देने की बात कही। उन्होंने मंदिर की आवश्यकताओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए समिति, जनप्रतिनिधियों एवं नगरवासियों से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
पूर्व पालिका अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पार्षद राघवेश चरपोटा ने मंदिर को कुशलगढ़ की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए विकास के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। वरिष्ठ पार्षद रजनीकांत खाब्या ने आयोजन को सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का उदाहरण बताया। पार्षद चेतना बैरागी ने मंदिर विकास में सभी की भागीदारी की बात कही।
समारोह का संचालन वरिष्ठ पत्रकार ललित गोलेछा ने किया। इस दौरान पत्रकार ललित गोलेछा, सुनील शर्मा एवं दीपांशु गुप्ता का भी समिति की ओर से सम्मान किया गया। अंत में हसमुखलाल जोशी ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, समिति सदस्यों एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • कर्तव्य की राह में शहीद फायरकर्मी प्रीतेश को नम आंखों से अंतिम विदाई, प्रशासन की गैरमौजूदगी पर ग्रामीणों में रोष संवाददाता – संतोष व्यास डूंगरपुर। राजस्थान के जोधपुर के बासनी स्थित केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान हुए ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे डूंगरपुर के फायरकर्मी प्रीतेश परमार का रविवार को उनके पैतृक गांव लांबाभाटड़ा, चुंडावाड़ा में अंतिम संस्कार किया गया। प्रीतेश करीब 90 प्रतिशत झुलस गए थे और उपचार के दौरान शनिवार को उनकी मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार में प्रदेशभर से पहुंचे अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार में जोधपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी जलज घसिया, उदयपुर संभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी सहित प्रदेश के करीब 25 अग्निशमन अधिकारी और बड़ी संख्या में अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रीतेश को सैल्यूट प्रदान कर सम्मान दिया। अग्निशमन विभाग की ओर से कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले साथी को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। - परिजनों को दी दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता उदयपुर संभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग उदयपुर की टीम की ओर से प्रीतेश परमार के परिजनों को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। इस दौरान विभाग के अधिकारियों ने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। - प्रशासन की गैरमौजूदगी पर ग्रामीणों में नाराजगी अंतिम संस्कार में डूंगरपुर जिला प्रशासन के किसी अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने कहा कि प्रीतेश ने आमजन की सुरक्षा और अपनी ड्यूटी का निर्वहन करते हुए जान गंवाई है। ऐसे में उनकी अंतिम विदाई के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी होनी चाहिए थी। ग्रामीणों ने कहा कि जोधपुर हादसे और जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उद्योग मंत्री झाबरमल खर्रा, केंद्रीय मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घायलों की स्थिति जानने पहुंचे थे। लेकिन डूंगरपुर जिले की सीमा में प्रवेश करने के बाद से अंतिम संस्कार तक प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने कहा कि यह और भी गंभीर बात है क्योंकि हादसे में घायल 14 अग्निशमनकर्मियों में से यह पहली मौत थी और मृतक डूंगरपुर जिले का रहने वाला था। - पिता भी फायर ब्रिगेड में दे रहे सेवाएं प्रीतेश परमार के पिता धुलेश्वर परमार नगर परिषद डूंगरपुर की फायर ब्रिगेड टीम में लीडिंग फायरमैन के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। पिता की तरह बेटे ने भी अग्निशमन सेवा को अपना कर्तव्य बनाया और दूसरों की जान-माल की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। प्रीतेश के निधन से परिवार के साथ पूरे गांव में शोक का माहौल है।
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    कर्तव्य की राह में शहीद फायरकर्मी प्रीतेश को नम आंखों से अंतिम विदाई, प्रशासन की गैरमौजूदगी पर ग्रामीणों में रोष
संवाददाता – संतोष व्यास
डूंगरपुर। राजस्थान के जोधपुर के बासनी स्थित केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान हुए ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे डूंगरपुर के फायरकर्मी प्रीतेश परमार का रविवार को उनके पैतृक गांव लांबाभाटड़ा, चुंडावाड़ा में अंतिम संस्कार किया गया। प्रीतेश करीब 90 प्रतिशत झुलस गए थे और उपचार के दौरान शनिवार को उनकी मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार में प्रदेशभर से पहुंचे अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
अंतिम संस्कार में जोधपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी जलज घसिया, उदयपुर संभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी सहित प्रदेश के करीब 25 अग्निशमन अधिकारी और बड़ी संख्या में अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रीतेश को सैल्यूट प्रदान कर सम्मान दिया। अग्निशमन विभाग की ओर से कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले साथी को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
- परिजनों को दी दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता
उदयपुर संभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग उदयपुर की टीम की ओर से प्रीतेश परमार के परिजनों को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। इस दौरान विभाग के अधिकारियों ने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
- प्रशासन की गैरमौजूदगी पर ग्रामीणों में नाराजगी
अंतिम संस्कार में डूंगरपुर जिला प्रशासन के किसी अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने कहा कि प्रीतेश ने आमजन की सुरक्षा और अपनी ड्यूटी का निर्वहन करते हुए जान गंवाई है। ऐसे में उनकी अंतिम विदाई के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी होनी चाहिए थी। ग्रामीणों ने कहा कि जोधपुर हादसे और जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उद्योग मंत्री झाबरमल खर्रा, केंद्रीय मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घायलों की स्थिति जानने पहुंचे थे। लेकिन डूंगरपुर जिले की सीमा में प्रवेश करने के बाद से अंतिम संस्कार तक प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने कहा कि यह और भी गंभीर बात है क्योंकि हादसे में घायल 14 अग्निशमनकर्मियों में से यह पहली मौत थी और मृतक डूंगरपुर जिले का रहने वाला था।
- पिता भी फायर ब्रिगेड में दे रहे सेवाएं
प्रीतेश परमार के पिता धुलेश्वर परमार नगर परिषद डूंगरपुर की फायर ब्रिगेड टीम में लीडिंग फायरमैन के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। पिता की तरह बेटे ने भी अग्निशमन सेवा को अपना कर्तव्य बनाया और दूसरों की जान-माल की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। प्रीतेश के निधन से परिवार के साथ पूरे गांव में शोक का माहौल है।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • स्कोर्पियो वाहन चेक करते 04 क्विटंल डोडाचुरा मिला अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा जप्त कर एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानो का पालन करते हुए आरोपी के विरुद्ध थाना नाहरगढ पर अपराध क्रमांक 402/26 धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। 26.09.2026 को थाना नाहरगढ पर पदस्थ कार्यवाहक सउनि सीताराम शर्मा को मुखबिर से सुचना मिली कि जवाहरीलाल विश्नोई पिता चौथाराम विश्नोई निवासी ओसिया जिला जौधपुर राजस्थान का जिसने लाईनिंग वाली सफेद शर्ट एवं गहरे निले रंग की जिंस पहन रखी है जो महिन्द्रा स्कार्पियो वाहन काले रंग की जिस पर MP13AG0627 नंबर की नंबर प्लेट लगी हुई है जिसमे अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा भरकर कचनारा तरफ से राजस्थन तरफ जाने वाले है यदि शीघ्र ही कचनारा विशनिया रोड के बीच नाकाबन्दी की जावे तो तस्कर को अवैध डोडाचुरा सहित पकड़ा जा सकता हैं । मुखबिर सूचना विश्वसनीय होने से तत्काल टीम गठीत कर ग्राम फतेहगढ हनुमान मंदीर के पास नाकाबंदी की गई तभी थोडी देर बाद कचनारा तरफ से एक स्कोर्पियो न. MP13AG0627 आई जिसे रोककर पकडा । स्कोर्पियो वाहन चेक करते 04 क्विटंल डोडाचुरा मिला अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा जप्त कर एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानो का पालन करते हुए आरोपी के विरुद्ध थाना नाहरगढ पर अपराध क्रमांक 402/26 धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
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    स्कोर्पियो वाहन चेक करते 04 क्विटंल डोडाचुरा मिला  अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा जप्त कर एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानो का पालन करते हुए आरोपी के विरुद्ध थाना नाहरगढ पर अपराध क्रमांक 402/26 धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। 
26.09.2026 को थाना नाहरगढ पर पदस्थ कार्यवाहक सउनि सीताराम शर्मा को मुखबिर से  सुचना  मिली कि जवाहरीलाल विश्नोई पिता चौथाराम विश्नोई निवासी ओसिया जिला जौधपुर राजस्थान का जिसने लाईनिंग वाली सफेद शर्ट एवं गहरे निले रंग की जिंस पहन रखी है जो महिन्द्रा स्कार्पियो वाहन काले रंग की जिस पर MP13AG0627 नंबर की नंबर प्लेट लगी हुई है जिसमे अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा भरकर कचनारा तरफ से राजस्थन तरफ जाने वाले है  यदि शीघ्र ही कचनारा विशनिया रोड के बीच नाकाबन्दी की जावे तो तस्कर को अवैध डोडाचुरा सहित पकड़ा जा सकता हैं ।  मुखबिर सूचना विश्वसनीय होने से तत्काल टीम गठीत कर ग्राम फतेहगढ हनुमान मंदीर के पास नाकाबंदी की गई तभी थोडी देर बाद कचनारा तरफ से एक स्कोर्पियो न. MP13AG0627 आई जिसे रोककर पकडा । स्कोर्पियो वाहन चेक करते 04 क्विटंल डोडाचुरा मिला  अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा जप्त कर एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानो का पालन करते हुए आरोपी के विरुद्ध थाना नाहरगढ पर अपराध क्रमांक 402/26 धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
    user_विजय रेटूदिया
    विजय रेटूदिया
    मंदसौर नगर, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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