Shuru
Apke Nagar Ki App…
आगे बढ़ाना है तो ये नियम पालन करे
Deshi dashtak
आगे बढ़ाना है तो ये नियम पालन करे
More news from Bihar and nearby areas
- गुमसुदा हुआ लड़का नाम :-मिथुन कुमार ग्राम +पोस्ट :- विरमपुर थाना :-गिधा जिला भोजपुर इसके बारे में जानकारी देने वाले को कुछ नगदी नाम दिया जाएगा संपर्क सूत्र:-7061439132, 62035482763
- आरा मुफस्सिल थानांतर्गत सारंगपुर अमर चिमनी भट्टा के समीप पक्की सड़क पर वाहन जाँच के क्रम में 319 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ एक चार पहिया वाहन को जप्त किया गया।3
- दिल्ली को खाली मखाना बोर्ड देने से काम नही चलेगा,दिल्ली से सरकार नही चल सकती प्रशांतकिशोर! #shot #pk1
- भोजपुर जिला के सहार प्रखंड के कार्यकाल स्थित प्रांगण में प्रताप सेवा संस्थान के महिला द्वारा नुकड़ नाटक का आयोजन किया गया1
- श्रीकृष्ण तिवारी बलिया बलिया न्यूज़... बलिया का एक ऐसा गांव.. जहां के ग्रामीणों ने तन मन और धन लगाकर भगवान भोले शंकर का विशाल मंदिर निर्माण करा रहे है... जिसका नाम शिव मंदिर भोला नगरी जीराबस्ती है.... जी हां आपने सही सुना हम बात कर रहे हैं बलिया मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित जीराबस्ती गांव की.. जहां बरसों पुराने बने भगवान भोलेनाथ के मंदिर का भव्य निर्माण गांव की जनता के द्वारा कराया जा रहा है.... जिसका निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है.. हम आपको बता दे की 3 फरवरी 2026 को सुबह 7:00 से कलश यात्रा निकाली जाएगी.. वही 7 फरवरी को भव्य भंडारा का आयोजन किया गया है...4
- जय श्री राम1
- आरा। देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक नया नियम लागू होने से सियासत गरमा गई है. शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकने और समानता को बढ़ावा देने के मकसद से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) ने 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन 2026' के रूप में नये नियम लागू किए हैं, इसका विरोध में आरा के जेपी स्मारक के समीप यूजीसी खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। आपको बता दे कि यूजीसी के नए नियम को लेकर एक तरफ जहां सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ विरोध के सुर उठने लगे हैं, खासकर अगड़ी जातियों से जुड़े संगठनों और प्रभावशाली नेताओं ने इस लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। धरना के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान हालात से शिक्षण संस्थानों में चिंता और आशंका का माहौल बन रहा है ,उन्होंने यह भी कहा कि बिना संतुलित प्रतिनिधित्व के बनाई गई समितियां न्याय नहीं कर सकतीं. ऐसी समितियां सिर्फ औपचारिक निर्णय देती हैं, जिससे समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता. न्याय के पथ पर चलते हुए हर नागरिक के सम्मान और सुरक्षा की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. उनका कहना है कि निर्णय प्रक्रिया में सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की असमानता न रहे।3
- #UGC bill हटाने के लिए #PM मोदी का पुतला दहन किया गया,भोजपुर आरा Bihar News 241
- Post by बागी बलिया1