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मौलाना मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की जो बात कही है, उसे सत्य बताया गया है। इस बात पर जोर दिया गया है कि यही मांग बाबा जयगुरुदेव और भारत के तमाम संतों ने भी की है। एक प्रश्न उठाया गया है कि जब केंद्र में और प्रदेश में 'हमारी सरकार' है, तो फिर समस्या कहाँ है कि मौलाना मदनी को यह वक्तव्य देना पड़ा।
Ashok verma
मौलाना मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की जो बात कही है, उसे सत्य बताया गया है। इस बात पर जोर दिया गया है कि यही मांग बाबा जयगुरुदेव और भारत के तमाम संतों ने भी की है। एक प्रश्न उठाया गया है कि जब केंद्र में और प्रदेश में 'हमारी सरकार' है, तो फिर समस्या कहाँ है कि मौलाना मदनी को यह वक्तव्य देना पड़ा।
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- भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में सप्तऋषियों का विशेष महत्व बताया गया है, जिन्होंने भारत देश की सांस्कृतिक संरचना, ज्ञान-विज्ञान और जनजीवन को दिशा देने का महान कार्य किया। महर्षि कश्यप, अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और भरद्वाज जैसे इन सप्तऋषियों ने पुराणों और शास्त्रों के अनुसार समाज को धर्म, नीति, शिक्षा और मानव जीवन के आदर्शों से परिचित कराया। पुराणों में यह भी वर्णित है कि इन ऋषि-मुनियों ने भारत भूमि को तप, साधना और ज्ञान की पवित्र भूमि बनाया। उन्होंने वेद, उपनिषद और शास्त्रों के माध्यम से जनमानस को सत्य, अहिंसा, सेवा और धर्म का मार्ग दिखाया। इसके अतिरिक्त, गांवों की व्यवस्था, खेती-बाड़ी, जल संरक्षण, शिक्षा और सामाजिक जीवन की नींव भी ऋषि परंपरा से जुड़ी मानी जाती है। भारतीय जनजीवन में आज भी सप्तऋषियों की परंपरा की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है, जहाँ पूजा-पाठ, संस्कार, त्योहार और जीवन के हर महत्वपूर्ण अवसर पर उनके बताए गए मार्ग का अनुसरण किया जाता है। विद्वानों का मत है कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति में बसती है, जिसकी मजबूत नींव सप्तऋषियों ने ही रखी थी। आज भी इन ऋषियों के विचार समाज को एकता, भाईचारा और मानवता का संदेश देते हैं, और सनातन धर्म की यह गौरवशाली विरासत भारत को विश्वगुरु बनने की प्रेरणा देती है।1
- श्री हनुमान बालाजी सेवा फाउंडेशन सुल्तानपुर-अयोध्या ने गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंगलवार, 26 मई 2026 को लंभुआ, सुल्तानपुर के पौराणिक स्थल धोपाप धाम मंदिर के निकट एक विशाल सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। भीषण गर्मी के मद्देनजर, संस्था ने सुबह 08:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक श्रद्धालुओं और राहगीरों को प्रसाद, शरबत और शीतल जल वितरित किया। वितरण कार्य के साथ ही, संस्था ने धोपाप धाम परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई भी की, जिसकी क्षेत्रवासियों ने सराहना की। यह पूरा सेवा कार्यक्रम संस्था प्रबंधन समिति बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भंडारा, पानी, प्रसाद एवं शरबत वितरण विभाग के निदेशक श्री राम प्यारे मिश्रा और स्वच्छता एवं ग्रामीण विकास विभाग प्रमुख निदेशक श्री परमात्मा दीन गुप्ता ने अपने-अपने विभागों के निदेशकों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कार्यक्रम की कुशल व्यवस्था सुनिश्चित की। इस कार्यक्रम में श्रीमती शशिकला यादव, श्रीराम त्रिपाठी, राकेश कुमार ग्राम पंचायत मित्र, अमित कुमार अग्रहरि, राज बहादुर यादव, शिवनायक उपाध्याय, अनिल कुमार तिवारी, रामचन्द्र मौर्य, अशोक कुमार यादव, मनोज कुमार उपाध्याय, अच्छेलाल नाविक, महेन्द्र कुमार यादव अधिवक्ता, रामसहाय दुबे, वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, श्रीकृष्ण सिंह, राजकुमार अग्रहरि, सूर्यदेव उपाध्याय अधिवक्ता, धीरेन्द्र कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, सेवादाता और संस्था सदस्य उपस्थित रहे। आदित्य, माखन, राम, देवनारायण, रौनक, गणेश, विक्रम, आकाश, विपिन, कार्तिक, सत्यम, अजीत, सिद्धार्थ, राजेंद्र, सुधांशु, ऋषभ, अरविंद और रामकेश जैसे अनेक युवाओं ने भी सेवा कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाई। क्षेत्रवासियों ने भी इस मानवीय प्रयास में बढ़-चढ़कर सहयोग किया और संस्था की सराहना की। अंत में, संस्था पदाधिकारियों ने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए 'जय श्री हनुमान बालाजी' के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया।4
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में भूमाफियाओं द्वारा अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। एक प्रार्थी ने जिलाधिकारी महोदय, प्रतापगढ़ से इस संबंध में शिकायत करते हुए त्वरित और उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है। शिकायत के अनुसार, यह मामला प्रतापगढ़ कुंडा राजमार्ग के बगल तिलोरी विक्रमपुर के अंतर्गत आता है। प्रार्थी की बैनामे की जमीन, जिसके गाटा संख्या 497, 498 और 539 सहित अन्य भूमियाँ भी शामिल हैं, उस पर कुछ दबंग लोगों ने फर्जी तरीके से अपना बताकर कब्जा कर लिया है। इन भूमाफियाओं में अधिवक्ता संजय कुमार मौर्य (पुत्र राजेंद्र कुमार, कटरा गढ़ी मानिकपुर, तहसील कुंडा), मनोज कुमार (पुत्र छेदीलाल, गढ़ी मानिकपुर), मनोज कुमार (पुत्र छेदीलाल, काछी पट्टी कुंडा, प्रतापगढ़), लल्लन पटेल (पुत्र स्वर्गीय राम प्रसाद, बाबू का पुरवा रैयापुर, परगना बिहार, तहसील कुंडा, जिला प्रतापगढ़), प्रेमनाथ (पुत्र देवनारायण, काछी पट्टी कुंडा, प्रतापगढ़) और राकेश कुमार (पुत्र श्रीनाथ पटेल, गिस्था बदगवां, कुण्डा, प्रतापगढ़) शामिल हैं। आरोप है कि जब पीड़ित अपनी जमीन पर जाते हैं, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है और कहा जाता है कि वे जहाँ शिकायत करना चाहें, कर लें। ये लोग लगातार निर्माण कार्य भी कर रहे हैं। प्रार्थी ने जिलाधिकारी से विनम्र निवेदन किया है कि इस विषय पर ध्यान देते हुए इन भूमाफियाओं पर यथोचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने तत्काल प्रभाव से जारी निर्माण कार्य को रुकवाने और उन्हें इन लोगों से संरक्षण प्रदान करने की भी मांग की है।1
- मौरावां नगर पंचायत में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह भंडारा सुंदरकांड के कार्यक्रम के समापन के उपरांत रखा गया था।1
- पट्टी नगर पंचायत के लोकप्रिय अध्यक्ष अशोक कुमार जायसवाल ने अपने सफल कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं, जिसके अवसर पर नगर पंचायत परिसर में हर्षोल्लास का माहौल देखने को मिला। इस विशेष अवसर पर सभासदों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने अध्यक्ष जायसवाल के साथ मिलकर केक काटकर खुशियां मनाईं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बीते तीन वर्षों में नगर पंचायत क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने बताया कि इस अवधि में नगर के सौंदर्यीकरण, सड़क निर्माण, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से संपन्न किए गए हैं। अध्यक्ष अशोक कुमार जायसवाल ने पट्टी के सर्वांगीण विकास में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह मोती सिंह के विशेष सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने सभी सभासदों, कार्यकर्ताओं और नगरवासियों का भी धन्यवाद अदा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि जनता के सहयोग और विश्वास का ही परिणाम है। अध्यक्ष जायसवाल ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में पट्टी नगर पंचायत को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए और अधिक तेजी से कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान पूरे समय उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा, जिसमें सभी ने एकजुट होकर नगर के निरंतर विकास का संकल्प लिया।3
- प्रतापगढ़ जिले के पट्टी में मंगलवार शाम 5 बजे भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के बीच राहगीरों को राहत देने के लिए शर्बत वितरण का आयोजन किया गया। पट्टी चौक स्थित पंजाब टूल्स शॉप पर विनय जायसवाल द्वारा इस पुनीत कार्य का आयोजन किया गया, जहाँ तपती धूप में ठंडा शर्बत पाकर राहगीरों, दुकानदारों और आम जनता ने काफी सुकून महसूस किया। इस जनसेवा कार्यक्रम में शीतला सिंह, गौरव जायसवाल, मानवेंद्र प्रताप सिंह माना, अतुल सिंह, राजेश जायसवाल, मनु जायसवाल, शिवांग अंशिका जायसवाल, गौरी जायसवाल, रुद्र उम्रवैश्य और आर्यन जायसवाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने आयोजकों के इस सराहनीय कार्य की खूब प्रशंसा की। आयोजकों ने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए भविष्य में भी इस तरह के सेवा कार्य समय-समय पर जारी रहेंगे।1
- 2014 में गाया गया एक गीत, जो महंगाई के विषय पर आधारित था, अब कहीं भी सुनाई नहीं देता। इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि क्या देश से महंगाई वास्तव में खत्म हो चुकी है, या फिर इस गाने को गाने वाले लोगों को ही 'नजरबंद' कर दिया गया है।1
- भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में सप्तऋषियों का अत्यंत विशेष महत्व बताया गया है। पुराणों और शास्त्रों के अनुसार, महर्षि कश्यप, अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और भरद्वाज जैसे इन सप्तऋषियों ने ही भारत देश की सांस्कृतिक संरचना, ज्ञान-विज्ञान और जनजीवन को दिशा देने का महान कार्य किया। उन्होंने समाज को धर्म, नीति, शिक्षा और मानव जीवन के आदर्शों से परिचित कराया। पुराणों में यह भी वर्णित है कि इन्हीं ऋषि-मुनियों ने भारत भूमि को तप, साधना और ज्ञान की पवित्र भूमि बनाया। उन्होंने वेद, उपनिषद और शास्त्रों के माध्यम से जनमानस को सत्य, अहिंसा, सेवा और धर्म का मार्ग दिखाया। गांवों की व्यवस्था, खेती-बाड़ी, जल संरक्षण, शिक्षा और सामाजिक जीवन की नींव भी ऋषि परंपरा से ही जुड़ी हुई मानी जाती है। भारतीय जनजीवन में आज भी सप्तऋषियों की परंपरा की स्पष्ट झलक देखने को मिलती है। पूजा-पाठ, संस्कार, त्योहार और जीवन के हर महत्वपूर्ण अवसर पर ऋषियों द्वारा बताए गए मार्ग का ही अनुसरण किया जाता है। विद्वानों का मानना है कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति में बसती है, जिसकी सुदृढ़ नींव इन सप्तऋषियों ने ही रखी थी। उनके विचार वर्तमान दौर में भी समाज को एकता, भाईचारा और मानवता का संदेश दे रहे हैं। सनातन धर्म की यह गौरवशाली विरासत भारत को विश्वगुरु बनने की प्रेरणा देती है।1
- उन्नाव के मौरावां नगर पंचायत में एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन के तहत, पहले सुंदरकांड का पाठ संपन्न हुआ, जिसके उपरांत श्रद्धालुओं के लिए एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम क्षेत्र में भक्तिपूर्ण वातावरण और प्रसाद वितरण के महत्व को दर्शाता है।1