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भोपाल MP एंकर......प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से पूर्व सैनिक विभाग, कांग्रेस मध्य प्रदेश ने मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व सैनिक विभाग ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए मंत्री को पद से हटाने और उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कठोर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व सैनिकों आरोप है कि 13 मई 2025 को महू के मानपुर में आयोजित एक जनसभा के दौरान मंत्री कुंवर विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की प्रवक्ता रहीं कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। कांग्रेस का कहना है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी ने सेना की ओर से देश को महत्वपूर्ण जानकारी दी थी। पूर्व सैनिक विभाग के मुताबिक, सेना की एक महिला अधिकारी के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि इससे भारतीय सेना के सम्मान और सैनिकों के त्याग की गरिमा भी प्रभावित होती है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई को लेकर निर्देश दिए। इसके बावजूद मंत्री विजय शाह को मंत्रिमंडल में बनाए रखने पर पूर्व सैनिक विभाग ने सवाल उठाए हैं। मध्य प्रदेश सरकार से मांग की है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की जाए और उन्हें मंत्रिमंडल से हटाया जाए। स्पष्ट किया कि भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की सेना है और सैनिकों तथा सैन्य अधिकारियों का सम्मान सर्वोपरि है। पूर्व सैनिक विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की, तो पूर्व सैनिक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए सड़कों पर उतरेंगे।

1 hr ago
user_Naved khan
Naved khan
हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

भोपाल MP एंकर......प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से पूर्व सैनिक विभाग, कांग्रेस मध्य प्रदेश ने मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व सैनिक विभाग ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए मंत्री को पद से हटाने और उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कठोर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व सैनिकों आरोप है कि 13 मई 2025 को महू के मानपुर में आयोजित एक जनसभा के दौरान मंत्री कुंवर विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की प्रवक्ता रहीं कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। कांग्रेस का कहना है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी ने सेना की ओर से देश को महत्वपूर्ण जानकारी दी थी। पूर्व सैनिक विभाग के मुताबिक, सेना की एक महिला अधिकारी के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि इससे भारतीय सेना के सम्मान और सैनिकों के त्याग की गरिमा भी प्रभावित होती है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई को लेकर निर्देश दिए। इसके बावजूद मंत्री विजय शाह को मंत्रिमंडल में बनाए रखने पर पूर्व सैनिक विभाग ने सवाल उठाए हैं। मध्य प्रदेश सरकार से मांग की है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की जाए और उन्हें मंत्रिमंडल से हटाया जाए। स्पष्ट किया कि भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की सेना है और सैनिकों तथा सैन्य अधिकारियों का सम्मान सर्वोपरि है। पूर्व सैनिक विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की, तो पूर्व सैनिक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए सड़कों पर उतरेंगे।

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  • 🚨 ब्रेकिंग | बाड़ी, रायसेन सरकारी अनुबंध की प्राइवेट बोलेरो, रात में ड्राइवर के हाथों दौड़ी—उठे सवाल! जल संसाधन विभाग बाड़ी में अनुबंधित बोलेरो MP 04 TB 2393 को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। वाहन निजी स्वामित्व का बताया जा रहा है, लेकिन उस पर “मध्य प्रदेश शासन” लिखा है। 27 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे वाहन बाड़ी बस स्टैंड के आसपास ड्राइवर द्वारा चलाते हुए देखा गया। उस समय एसडीओ वाहन में मौजूद नहीं थीं। अब सवाल— ➡️ वाहन किस शासकीय काम से निकला था? ➡️ क्या लॉगबुक में इस यात्रा की एंट्री है? ➡️ किस अधिकारी के निर्देश पर वाहन चलाया गया? ➡️ वाहन पर “मध्य प्रदेश शासन” लिखने की अनुमति किस आधार पर है? ➡️ अगर वाहन विभाग से हट चुका है, तो सरकारी पहचान क्यों नहीं हटाई गई? ➡️ अनुबंध और वाहन के भुगतान का रिकॉर्ड क्या कहता है? ड्राइवर के कथित जवाब “वो तो हट गई है, ये भी निकालना है” ने भी सवाल बढ़ा दिए हैं। मामले में जल संसाधन विभाग के ईई ने कार्यालय से जानकारी लेकर जवाब देने की बात कही है। अब नजर अनुबंध, लॉगबुक, ड्यूटी रिकॉर्ड और भुगतान विवरण पर है। 🔥 सबसे बड़ा सवाल—अगर गाड़ी विभाग से हट गई है तो ‘मध्य प्रदेश शासन’ क्यों नहीं हटा?
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    🚨 ब्रेकिंग | बाड़ी, रायसेन
सरकारी अनुबंध की प्राइवेट बोलेरो, रात में ड्राइवर के हाथों दौड़ी—उठे सवाल!
जल संसाधन विभाग बाड़ी में अनुबंधित बोलेरो MP 04 TB 2393 को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। वाहन निजी स्वामित्व का बताया जा रहा है, लेकिन उस पर “मध्य प्रदेश शासन” लिखा है।
27 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे वाहन बाड़ी बस स्टैंड के आसपास ड्राइवर द्वारा चलाते हुए देखा गया। उस समय एसडीओ वाहन में मौजूद नहीं थीं।
अब सवाल—
➡️ वाहन किस शासकीय काम से निकला था?
➡️ क्या लॉगबुक में इस यात्रा की एंट्री है?
➡️ किस अधिकारी के निर्देश पर वाहन चलाया गया?
➡️ वाहन पर “मध्य प्रदेश शासन” लिखने की अनुमति किस आधार पर है?
➡️ अगर वाहन विभाग से हट चुका है, तो सरकारी पहचान क्यों नहीं हटाई गई?
➡️ अनुबंध और वाहन के भुगतान का रिकॉर्ड क्या कहता है?
ड्राइवर के कथित जवाब “वो तो हट गई है, ये भी निकालना है” ने भी सवाल बढ़ा दिए हैं।
मामले में जल संसाधन विभाग के ईई ने कार्यालय से जानकारी लेकर जवाब देने की बात कही है।
अब नजर अनुबंध, लॉगबुक, ड्यूटी रिकॉर्ड और भुगतान विवरण पर है।
🔥 सबसे बड़ा सवाल—अगर गाड़ी विभाग से हट गई है तो ‘मध्य प्रदेश शासन’ क्यों नहीं हटा?
    user_Naved khan
    Naved khan
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट ने प्रदेश में 10 हजार 630 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों को हरी झंडी दी है। इसमें सिवनी-बालाघाट फोरलेन बायपास सहित कई सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। प्रदेश की 12 सड़कों का निर्माण हाइब्रिड मॉडल पर किया जा रहा है। साथ ही नाबार्ड के माध्यम से 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक का लोन लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। बैठक में भोपाल-विदिशा मार्ग, खलघाट-मनावर मार्ग, मंदसौर-सीतामऊ-बसई-सुवासरा मार्ग और पूर्वी भोपाल बायपास को 6 लेन करने सहित अन्य सड़क परियोजनाओं पर भी निर्णय लिए गए। किसानों से जमीन अधिग्रहण के लिए आपसी सहमति के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए तय किया गया कि सहमत किसान को अधिग्रहित जमीन की चार गुना राशि तत्काल दी जाएगी। उज्जैन में धनवंतरी विश्वविद्यालय के लिए पदों की स्वीकृति, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है। बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। 20 अगस्त से फार्मर आईडी बनाने का काम शुरू हो चुका है और अब अधिकारी किसानों के पास जाकर फार्मर आईडी बनाएंगे। खाद वितरण व्यवस्था को आसान बनाने के लिए व्हाट्सऐप के जरिए खाद की बुकिंग की सुविधा भी शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में असामान्य बारिश की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिक बारिश वाले जिलों में राहत-बचाव कार्य और कम बारिश वाले जिलों के लिए पहले से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। वहीं, रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपये अतिरिक्त भेजे जाने की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले मध्यप्रदेश के 32 खिलाड़ियों को बधाई दी। विदिशा के विभोर जैन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात को भी प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया गया।
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    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
कैबिनेट ने प्रदेश में 10 हजार 630 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों को हरी झंडी दी है। इसमें सिवनी-बालाघाट फोरलेन बायपास सहित कई सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। प्रदेश की 12 सड़कों का निर्माण हाइब्रिड मॉडल पर किया जा रहा है। साथ ही नाबार्ड के माध्यम से 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक का लोन लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में भोपाल-विदिशा मार्ग, खलघाट-मनावर मार्ग, मंदसौर-सीतामऊ-बसई-सुवासरा मार्ग और पूर्वी भोपाल बायपास को 6 लेन करने सहित अन्य सड़क परियोजनाओं पर भी निर्णय लिए गए। किसानों से जमीन अधिग्रहण के लिए आपसी सहमति के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए तय किया गया कि सहमत किसान को अधिग्रहित जमीन की चार गुना राशि तत्काल दी जाएगी।
उज्जैन में धनवंतरी विश्वविद्यालय के लिए पदों की स्वीकृति, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है।
बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। 20 अगस्त से फार्मर आईडी बनाने का काम शुरू हो चुका है और अब अधिकारी किसानों के पास जाकर फार्मर आईडी बनाएंगे। खाद वितरण व्यवस्था को आसान बनाने के लिए व्हाट्सऐप के जरिए खाद की बुकिंग की सुविधा भी शुरू करने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में असामान्य बारिश की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिक बारिश वाले जिलों में राहत-बचाव कार्य और कम बारिश वाले जिलों के लिए पहले से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
वहीं, रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपये अतिरिक्त भेजे जाने की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले मध्यप्रदेश के 32 खिलाड़ियों को बधाई दी। विदिशा के विभोर जैन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात को भी प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया गया।
    user_Aamir Khan
    Aamir Khan
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • सा रे गा मा म्यूजिकल ग्रुप द्वारा संगीत संध्या का आयोजन भोपाल के सावन मेले में किया गया पूरी खबर अवश्य देखे
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    सा रे गा मा म्यूजिकल ग्रुप द्वारा संगीत संध्या का आयोजन भोपाल के सावन मेले में किया गया पूरी खबर अवश्य देखे
    user_Pradesh Prasar
    Pradesh Prasar
    Media house हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • भोपाल में शिक्षक भर्ती में पद-वृद्धि जैसी अन्य मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे अभ्यर्थियों से आज वीडियो कॉल पर बात की! उनकी पूरी बात/मुद्दे को ध्यान से सुना! उनकी पीड़ा, चिंता और भविष्य को लेकर उनकी बेचैनी और अनिश्चितता को भी समझा! मैं सभी मांग का पूरी तरह समर्थन करता हूं! इस पूरे संघर्ष में उनके साथ खड़ा हूं! @DrMohanYadav51 जी, युवाओं की आवाज़ को दबाने या नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें सुनिए! तमाम मांगों पर संवेदनशीलता और सकारात्मकता के साथ तत्काल निर्णय लीजिए! प्रदेश के युवाओं ने परीक्षा दी, योग्यता हासिल की, अब अपने हिस्से का रोजगार मांग रहे हैं! सरकार उनकी उम्मीदों का सम्मान करे, उन्हें सड़क पर संघर्ष करने के लिए मजबूर न करे!
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    भोपाल में शिक्षक भर्ती में पद-वृद्धि जैसी अन्य मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे अभ्यर्थियों से आज वीडियो कॉल पर बात की! 

उनकी पूरी बात/मुद्दे को ध्यान से सुना! उनकी पीड़ा, चिंता और भविष्य को लेकर उनकी बेचैनी और अनिश्चितता को भी समझा!

मैं सभी मांग का पूरी तरह समर्थन करता हूं!
इस पूरे संघर्ष में उनके साथ खड़ा हूं!

@DrMohanYadav51 जी,
युवाओं की आवाज़ को दबाने या नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें सुनिए! तमाम मांगों पर संवेदनशीलता और सकारात्मकता के साथ तत्काल निर्णय लीजिए!

प्रदेश के युवाओं ने परीक्षा दी, योग्यता हासिल की, अब अपने हिस्से का रोजगार मांग रहे हैं! सरकार उनकी उम्मीदों का सम्मान करे, उन्हें सड़क पर संघर्ष करने के लिए मजबूर न करे!
    user_शाहिद खान रिपोर्टर
    शाहिद खान रिपोर्टर
    Journalist हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • 28 अगस्त सुबह होगा साल का आखिर आंशिक चंद्र ग्रहण,लेकिन भारत में रहेगा अदृश्य, विज्ञान प्रसारक सारिका ने कहा-सुबह तांबे जैसा लाल नजर आएगा चांद शुक्रवार को रक्षाबंधन की पूर्णिमा पर अंतरिक्ष में एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण या डीप पार्शियल लुनर इकलिप्‍स होने जा रहा है। जिसमें चंद्रमा का 96.3% हिस्सा पृथ्वी की घनी छाया में छिप जाएगा और वह तांबे जैसा लाल दिखाई देगा। नेशनल अवार्ड प्राप्‍त ख्‍गोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि भारतीय समय के अनुसार यह घटना सुबह के समय घटित होगी, जब भारत में चंद्रमा क्षितिज से नीचे रहेगा। यही कारण है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा। यह ग्रहण उत्‍तरी और दक्षिणी अमेरिका, पश्चिमी यूरोप,पश्चिम अफ्रीका और अटलांटिक के कुछ भागों में देखा जा सकेगा। सारिका ने बताया कि जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्‍वी इस स्थिति में आती है कि पृथ्‍वी की गहरी छाया चंद्रमा को पूरी तरह नहीं ढक पाती है बल्कि आंशिक भाग को ढ़कती है तो चंद्रमा का गहरी छाया से ढका भाग ग्रहणग्रस्‍त दिखाई देता है ।इसे आंशिक चंद्र ग्रहण या पार्शियल लुनर इकल्प्सि कहते हैं। सारिका ने बताया कि एक गणितीय अनुमान के अनुसार विश्‍व की लगभग 41 प्रतिशत जनसंख्‍या इसे देख सकेगी। 12 अगस्‍त को हुये सूर्य ग्रहण के 15 दिन के अंतराल से यह घटना होने पर सोशल मीडिया में यह बताया जा रहा है कि 15 दिन के अंतर से ग्रहण होना अनिष्‍ट करता है जबकि वैज्ञानिक तथ्‍य यह है कि कोई भी ग्रहण अकेला नहीं होता है। हर ग्रहण जोड़ी के रूप मे 15 दिन के अंतर पर होता है। आज तक जितने भी ग्रहण हुये है उनके 15 दिन के अंतर पर दूसरा ग्रहण होता ही है। इसलिये आज का ग्रहण कोई अनोखी घटना नहीं है। आंशिक ग्रहण आरंभ प्रात: 08 बजकर 03 मिनिट 54 सेकंड आंशिक ग्रहण समाप्ति दोपहर 11 बजकर 21 मिनिट 59 सेकंड आंशिक ग्रहण की अवधि लगभग 03 घंटे 18 मिनिट आगामी ग्रहण 06 फरवरी 2027 वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत मे नहीं दिखेगा 20-21 फरवरी 2027 उपछाया चंद्रग्रहण्‍ भारत में दिखेगा लेकिन उपछाया ग्रहण की मान्‍यता नहीं है 02 अगस्‍त 2027 पूर्णसूर्यग्रहण भारत में आंशिक सूर्यग्रहण के रूप में दिखेगा 16-17 अगस्‍त 2027 उपछाया चंद्रग्रहण भारत में नहीं दिखेगा
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    28 अगस्त सुबह होगा साल का आखिर आंशिक चंद्र ग्रहण,लेकिन भारत में रहेगा अदृश्य, विज्ञान प्रसारक सारिका ने कहा-सुबह तांबे जैसा लाल नजर आएगा चांद

शुक्रवार को रक्षाबंधन की पूर्णिमा पर अंतरिक्ष में एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण या डीप पार्शियल लुनर इकलिप्‍स  होने जा रहा है। जिसमें चंद्रमा का 96.3% हिस्सा पृथ्वी की घनी छाया में छिप जाएगा और वह तांबे जैसा लाल दिखाई देगा। नेशनल अवार्ड प्राप्‍त ख्‍गोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि   भारतीय समय के अनुसार यह घटना सुबह के समय घटित होगी, जब भारत में चंद्रमा क्षितिज से नीचे रहेगा। यही कारण है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा। यह ग्रहण उत्‍तरी और दक्षिणी अमेरिका, पश्चिमी यूरोप,पश्चिम अफ्रीका और अटलांटिक के कुछ भागों में देखा जा सकेगा। सारिका ने बताया कि जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्‍वी इस स्थिति में आती है कि पृथ्‍वी की गहरी छाया चंद्रमा को पूरी तरह नहीं ढक पाती है बल्कि आंशिक भाग को ढ़कती है तो चंद्रमा का गहरी छाया से ढका भाग ग्रहणग्रस्‍त दिखाई देता है ।इसे आंशिक चंद्र ग्रहण या पार्शियल लुनर इकल्प्सि कहते हैं। सारिका ने बताया कि एक गणितीय अनुमान के अनुसार विश्‍व की लगभग 41 प्रतिशत जनसंख्‍या इसे देख सकेगी। 12 अगस्‍त को हुये सूर्य ग्रहण के 15 दिन के अंतराल से यह घटना होने पर सोशल मीडिया में यह बताया जा रहा है कि 15 दिन के अंतर से ग्रहण होना अनिष्‍ट करता है जबकि वैज्ञानिक तथ्‍य यह है कि कोई भी ग्रहण अकेला नहीं होता है। हर ग्रहण जोड़ी के रूप मे 15 दिन के अंतर पर होता है। आज तक जितने भी ग्रहण हुये है उनके 15 दिन के अंतर पर दूसरा ग्रहण होता ही है। इसलिये आज का ग्रहण कोई अनोखी घटना नहीं है।
आंशिक ग्रहण आरंभ                          प्रात: 08 बजकर 03 मिनिट 54 सेकंड
आंशिक ग्रहण समाप्ति                         दोपहर 11 बजकर 21 मिनिट 59 सेकंड
आंशिक ग्रहण की अवधि                      लगभग 03 घंटे 18 मिनिट
आगामी ग्रहण
06 फरवरी 2027        वलयाकार सूर्य ग्रहण                भारत मे नहीं दिखेगा
20-21 फरवरी 2027    उपछाया चंद्रग्रहण्‍                   भारत में दिखेगा लेकिन उपछाया ग्रहण की मान्‍यता नहीं है
02 अगस्‍त 2027         पूर्णसूर्यग्रहण                          भारत में आंशिक सूर्यग्रहण के रूप में दिखेगा
16-17 अगस्‍त 2027     उपछाया चंद्रग्रहण                   भारत में नहीं दिखेगा
    user_Madeeha khan
    Madeeha khan
    Local News Reporter हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • भोपाल नगर निगम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल: फिर उठे हक और आश्वासन पर सवाल भोपाल। नगर निगम कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर राजधानी भोपाल में आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। नगर निगम कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, पेंशन और पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर आगामी 7 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से चलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि हड़ताल लंबी चली तो इसका सीधा असर सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण, जलापूर्ति और शहर की अन्य नागरिक सेवाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और सरकार के सामने कर्मचारियों की मांगों को लेकर जल्द समाधान निकालने की चुनौती है। हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह आंदोलन कर्मचारियों को उनका वास्तविक हक दिला पाएगा या फिर एक बार फिर आश्वासन तक ही सीमित रह जाएगा? यह पहली बार नहीं है जब नगर निगम कर्मचारियों की मांगों को लेकर आंदोलन या प्रदर्शन की स्थिति बनी हो। इससे पहले भी अलग-अलग समय पर कर्मचारी अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। संगठन भी कर्मचारियों की मांगों को लेकर कई बार आंदोलन और प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि हर बार आंदोलन के बाद उन्हें आश्वासन तो मिलता है, लेकिन उनकी मूल समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाता। यही वजह है कि अब कर्मचारियों के बीच भी यह सवाल उठने लगा है कि आखिर कब तक संगठन कर्मचारियों के नाम पर आंदोलन करते रहेंगे और कब उन्हें उनका वास्तविक अधिकार मिलेगा? हर बार नया आंदोलन, नया प्रदर्शन और उसके बाद नया आश्वासन—लेकिन यदि परिणाम वही रहता है तो कर्मचारियों के हित में ठोस कदम कब उठाया जाएगा? कर्मचारी वर्षों से अपनी सेवाओं के नियमितीकरण, उचित वेतन, पेंशन और पदोन्नति जैसी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे शहर की व्यवस्था को संभालने में दिन-रात अपनी सेवाएं देते हैं, ऐसे में उनके भविष्य और आर्थिक सुरक्षा को लेकर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। वहीं, यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि कर्मचारियों को बार-बार किसी संगठन या बैनर के पीछे खड़े होकर अपना हक क्यों मांगना पड़ रहा है? यदि उनकी मांगें जायज हैं तो सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों को उनके समाधान के लिए ठोस और समयबद्ध निर्णय लेना चाहिए। अब सभी की नजरें 7 सितंबर पर टिकी हैं। क्या सरकार और नगर निगम प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत कर कोई स्थायी समाधान निकाल पाएगा? क्या कर्मचारियों को उनका हक मिलेगा? या फिर एक बार फिर उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त कराने की कोशिश होगी? आगामी 7 सितंबर का आंदोलन यह तय करेगा कि इस बार कर्मचारियों के हाथ में वास्तविक अधिकार आएगा या फिर एक नया आश्वासन। सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर कब तक नगर निगम कर्मचारी अपने हक के लिए इसी तरह संघर्ष करते रहेंगे?
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    भोपाल नगर निगम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल: फिर उठे हक और आश्वासन पर सवाल

भोपाल। नगर निगम कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर राजधानी भोपाल में आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। नगर निगम कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, पेंशन और पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर आगामी 7 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।

कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से चलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि हड़ताल लंबी चली तो इसका सीधा असर सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण, जलापूर्ति और शहर की अन्य नागरिक सेवाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और सरकार के सामने कर्मचारियों की मांगों को लेकर जल्द समाधान निकालने की चुनौती है।

हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह आंदोलन कर्मचारियों को उनका वास्तविक हक दिला पाएगा या फिर एक बार फिर आश्वासन तक ही सीमित रह जाएगा?

यह पहली बार नहीं है जब नगर निगम कर्मचारियों की मांगों को लेकर आंदोलन या प्रदर्शन की स्थिति बनी हो। इससे पहले भी अलग-अलग समय पर कर्मचारी अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। संगठन भी कर्मचारियों की मांगों को लेकर कई बार आंदोलन और प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि हर बार आंदोलन के बाद उन्हें आश्वासन तो मिलता है, लेकिन उनकी मूल समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाता।

यही वजह है कि अब कर्मचारियों के बीच भी यह सवाल उठने लगा है कि आखिर कब तक संगठन कर्मचारियों के नाम पर आंदोलन करते रहेंगे और कब उन्हें उनका वास्तविक अधिकार मिलेगा? हर बार नया आंदोलन, नया प्रदर्शन और उसके बाद नया आश्वासन—लेकिन यदि परिणाम वही रहता है तो कर्मचारियों के हित में ठोस कदम कब उठाया जाएगा?

कर्मचारी वर्षों से अपनी सेवाओं के नियमितीकरण, उचित वेतन, पेंशन और पदोन्नति जैसी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे शहर की व्यवस्था को संभालने में दिन-रात अपनी सेवाएं देते हैं, ऐसे में उनके भविष्य और आर्थिक सुरक्षा को लेकर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए।

वहीं, यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि कर्मचारियों को बार-बार किसी संगठन या बैनर के पीछे खड़े होकर अपना हक क्यों मांगना पड़ रहा है? यदि उनकी मांगें जायज हैं तो सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों को उनके समाधान के लिए ठोस और समयबद्ध निर्णय लेना चाहिए।

अब सभी की नजरें 7 सितंबर पर टिकी हैं। क्या सरकार और नगर निगम प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत कर कोई स्थायी समाधान निकाल पाएगा? क्या कर्मचारियों को उनका हक मिलेगा? या फिर एक बार फिर उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त कराने की कोशिश होगी?

आगामी 7 सितंबर का आंदोलन यह तय करेगा कि इस बार कर्मचारियों के हाथ में वास्तविक अधिकार आएगा या फिर एक नया आश्वासन। सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर कब तक नगर निगम कर्मचारी अपने हक के लिए इसी तरह संघर्ष करते रहेंगे?
    user_K K D NEWS MP/CG
    K K D NEWS MP/CG
    TV News Anchor हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र में तलवार से केक काटने के मामले में पुलिस ने किया मामला दर्ज राजधानी के कोलार क्षेत्र में जन्मदिन के जश्न में तलवार से केक काटना एक युवक को भारी पड़ गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कोलार थाना पुलिस ने आरोपी विशाल पाठक के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वायरल वीडियो में युवक सरेआम धारदार हथियार का प्रदर्शन करते हुए केक काटता नजर आ रहा था, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पुलिस ने यह कानूनी कार्रवाई की।
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    भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र में तलवार से केक काटने के मामले में पुलिस ने किया मामला दर्ज
राजधानी के कोलार क्षेत्र में जन्मदिन के जश्न में तलवार से केक काटना एक युवक को भारी पड़ गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कोलार थाना पुलिस ने आरोपी विशाल पाठक के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वायरल वीडियो में युवक सरेआम धारदार हथियार का प्रदर्शन करते हुए केक काटता नजर आ रहा था, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पुलिस ने यह कानूनी कार्रवाई की।
    user_Shafiq Khan
    Shafiq Khan
    Huzur, Bhopal•
    5 hrs ago
  • breaking newsमेरा मज़हब, मेरी आज़ादी। UCC का बहिष्कार — अपने मज़हबी और संवैधानिक अधिकारों की हिफ़ाज़त के लिए। मोहसिन अली खान प्रदेश अध्यक्ष, AIMIM मध्य प्रदेश
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    breaking newsमेरा मज़हब, मेरी आज़ादी।
UCC का बहिष्कार — अपने मज़हबी और संवैधानिक अधिकारों की हिफ़ाज़त के लिए।

मोहसिन अली खान
प्रदेश अध्यक्ष, AIMIM मध्य प्रदेश
    user_Naved khan
    Naved khan
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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