रीवा जिले की सिरमौर पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक शातिर मोटरसाइकिल चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई पाँच अलग-अलग मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग पाँच लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, जिससे क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत हुआ है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रीवा डॉ. गुरकरन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा के मार्गदर्शन और एसडीओपी सिरमौर प्रतिभा शर्मा के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। थाना प्रभारी दीपक तिवारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही टीम ने संभावित स्थान पर घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और सख्त पूछताछ के बाद उसने वाहन चोरी की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी दीपक तिवारी के साथ सहायक उपनिरीक्षक प्यारेलाल वर्मा, आरक्षक कैलाश सोलंकी, वीपेन्द्र कुशवाहा, अजय चौहान, राहुल चौहान, रावेंद्र सिंह एवं चेतन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओझा कोल (उम्र 40 वर्ष, पिता गणेश कोल, निवासी ग्राम कोचरी, थाना सिरमौर, जिला रीवा) के रूप में हुई है। आरोपी की निशानदेही से कुल पाँच मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जिनमें एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक MP17MW1065 (अनुमानित कीमत ₹50,000), पल्सर 220 मोटरसाइकिल क्रमांक UP70HA3570 (अनुमानित कीमत ₹1.50 लाख), अपाचे मोटरसाइकिल क्रमांक BR24AJ2439 (अनुमानित कीमत ₹1.50 लाख), राइडर मोटरसाइकिल क्रमांक UP70HW7215 (अनुमानित कीमत ₹1.50 लाख), और हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल क्रमांक UP70HY0484 (अनुमानित कीमत ₹1.50 लाख) शामिल हैं। बरामद सभी वाहनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹5 लाख आंकी गई है। पुलिस ने सभी वाहनों को अपने कब्जे में लेकर उनके दस्तावेजों का सत्यापन शुरू कर दिया है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन वाहनों की चोरी किन-किन स्थानों से की गई थी तथा क्या आरोपी किसी संगठित वाहन चोर गिरोह से जुड़ा हुआ है। आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस इन वाहनों के वास्तविक मालिकों का पता लगाकर उन्हें नियमानुसार सुपुर्द करने की प्रक्रिया भी पूरी कर रही है। रीवा पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर पार्क करें, हमेशा लॉक लगाकर रखें, सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से बच पाना किसी भी अपराधी के लिए संभव नहीं है और रीवा पुलिस अपराधों तथा अपराधियों के विरुद्ध पूरी मुस्तैदी के साथ भविष्य में भी इसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रखेगी।
रीवा जिले की सिरमौर पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक शातिर मोटरसाइकिल चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई पाँच अलग-अलग मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग पाँच लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, जिससे क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत हुआ है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रीवा डॉ. गुरकरन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा के मार्गदर्शन और एसडीओपी सिरमौर प्रतिभा शर्मा के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। थाना प्रभारी दीपक तिवारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही टीम ने संभावित स्थान पर घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और सख्त पूछताछ के बाद उसने वाहन चोरी की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी दीपक तिवारी के साथ सहायक उपनिरीक्षक प्यारेलाल वर्मा, आरक्षक कैलाश सोलंकी, वीपेन्द्र कुशवाहा, अजय चौहान, राहुल चौहान, रावेंद्र सिंह एवं चेतन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओझा कोल (उम्र 40 वर्ष, पिता गणेश कोल, निवासी ग्राम कोचरी, थाना सिरमौर, जिला रीवा) के रूप में हुई है। आरोपी
की निशानदेही से कुल पाँच मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जिनमें एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक MP17MW1065 (अनुमानित कीमत ₹50,000), पल्सर 220 मोटरसाइकिल क्रमांक UP70HA3570 (अनुमानित कीमत ₹1.50 लाख), अपाचे मोटरसाइकिल क्रमांक BR24AJ2439 (अनुमानित कीमत ₹1.50 लाख), राइडर मोटरसाइकिल क्रमांक UP70HW7215 (अनुमानित कीमत ₹1.50 लाख), और हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल क्रमांक UP70HY0484 (अनुमानित कीमत ₹1.50 लाख) शामिल हैं। बरामद सभी वाहनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹5 लाख आंकी गई है। पुलिस ने सभी वाहनों को अपने कब्जे में लेकर उनके दस्तावेजों का सत्यापन शुरू कर दिया है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन वाहनों की चोरी किन-किन स्थानों से की गई थी तथा क्या आरोपी किसी संगठित वाहन चोर गिरोह से जुड़ा हुआ है। आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस इन वाहनों के वास्तविक मालिकों का पता लगाकर उन्हें नियमानुसार सुपुर्द करने की प्रक्रिया भी पूरी कर रही है। रीवा पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर पार्क करें, हमेशा लॉक लगाकर रखें, सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से बच पाना किसी भी अपराधी के लिए संभव नहीं है और रीवा पुलिस अपराधों तथा अपराधियों के विरुद्ध पूरी मुस्तैदी के साथ भविष्य में भी इसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रखेगी।
- रीवा के संजय गांधी अस्पताल में खुलेआम लूट का गंभीर आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, मरीजों को अपनी रिपोर्ट्स दिखाने के लिए भी ₹500 का शुल्क देना पड़ता है। यह स्थिति अस्पताल के भीतर चल रही मनमानी और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।1
- सतना शहरी क्षेत्र में एक विशेष शिविर के आयोजन को लेकर सतना महापौर योगेश ताम्रकार ने आम जनता से अपील की है। यह शिविर आयुष्मान कार्ड के निर्माण और आधार कार्ड में सुधार कराने के उद्देश्य से लगाया जा रहा है, जिसके लिए महापौर ने नागरिकों से इसमें भागीदारी करने का आग्रह किया है।1
- सतना जिले के रामपुर बघेलान स्थित वार्ड क्रमांक 13 के बरसाती नाला रामघाट की वर्तमान स्थिति नगर परिषद पर गंभीर सवाल उठाती है। यहाँ नगर परिषद ने 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत नदी-नालों की साफ-सफाई का कोई भी काम नहीं किया है। इस स्थिति को देखते हुए, 'जल गंगा संवर्धन अभियान' मात्र कोरी हवावाजी बनकर रह गया है। नगर परिषद रामपुर बघेलान द्वारा की गई यह अनदेखी इस महत्वपूर्ण अभियान को सीधे तौर पर ठेंगा दिखाती प्रतीत होती है, विशेषकर वार्ड क्रमांक 13 के रामघाट में साफ-सफाई के मामले में।1
- मैहर तहसील के काँसा गांव में उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई जब आरआई सहित राजस्व अमला, पुलिस के साथ एक कथित विवादित जमीन को नापने पहुंचा। पीड़ित रामानंद का आरोप है कि वह वर्षों से अपने पिताजी की जमीन पर सब्जियों की खेती कर रहे हैं, जिसका विवाद उनकी बुआ के साथ चल रहा है। रामानंद के अनुसार, उनकी बुआ के इशारे पर मैहर का राजस्व अमला बिना किसी पूर्व सूचना के उनके घर पहुंचा। रामानंद ने दावा किया कि उनकी और उनकी पत्नी की अनुपस्थिति के बावजूद, उनकी सब्जियों को तहस-नहस कर दिया गया और उनके घर में घुसकर जमीन की नाप-जोख की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नियमानुसार बरसात के मौसम में सीमांकन का कोई प्रावधान ही नहीं है, और जमीन की नाप के लिए जरीब के बजाय फीते का उपयोग किया गया, जो निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, इस कार्यवाही की सूचना एक पक्ष को नहीं दी गई। काँसा में हुई इस कार्यवाही ने राजस्व अमले पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और शासकीय पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया जा रहा है।4
- प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के महाप्रबंधक (GM) उमेश साहू के खिलाफ ठेकेदारों ने उनके कार्यालय का घेराव किया है। ठेकेदारों ने जीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके विरोध में वे अनशन पर बैठे हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में, अभी तक कोई भी जिले का जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी घटनास्थल पर उपस्थित नहीं है।3
- अमरपाटन में एक प्रधानाध्यापक पर जानलेवा हमला हुआ है, जहाँ हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। पीड़ित प्रवीण कुमार मिश्रा, जो संकुल रामगढ़ के अंतर्गत डोमा में प्रधानाचार्य के पद पर पदस्थ हैं, ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। प्रवीण कुमार मिश्रा ने बताया कि वे रामू पाण्डेय के मेडिकल स्टोर पर दवाई खरीदने गए थे और अपनी कार में बैठने ही वाले थे, तभी एक आरोपी पीछे से आया और उनके सिर पर वार कर दिया। हमलावर ने डंडे से उनके सिर सहित उनकी गाड़ी में भी तोड़-फोड़ की। इस हमले से बचने के लिए प्रवीण कुमार मिश्रा अपनी जान बचाकर वहाँ से भागे, और इस दौरान उन्हें पीठ में भी चोटें आईं। इस घटना के बाद, प्रवीण कुमार मिश्रा ने थाना अमरपाटन पहुँचकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई है।4
- फ़्लोरिडा में एक महिला ने पुलिस अधिकारियों पर चाकू तान दिया, जिसके बाद जवाबी गोलीबारी में उसकी मौत हो गई। ऑरेंज काउंटी शेरिफ कार्यालय के डिप्टी एक शिकायत पर महिला (होजेज) के घर पहुँचे थे। पुलिस के दरवाज़ा खटखटाते ही महिला हाथ में रसोई का चाकू लेकर बाहर आ गई। अधिकारियों ने पीछे हटते हुए महिला को बार-बार चाकू नीचे गिराने की चेतावनी दी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। महिला ने "मैं तुम्हें मार डालूंगी" चिल्लाते हुए अधिकारियों की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया, जिसके बाद तीन पुलिस अधिकारियों ने गोली चलाकर उसे ढेर कर दिया। इस इनकाउंटर के दौरान का पुलिस बॉडीकैम फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस पर तीव्र बहस छिड़ गई है।1
- एक इंस्पेक्टर को फर्जी शादी के मामले में रंगे हाथों पकड़ा गया है, जिसके बाद जनता के बीच खौफ का माहौल फैल गया है।1
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग ने भोपाल, रीवा, शहडोल, जबलपुर, सिंगरौली और दतिया से संबंधित खबरें साझा की हैं। ये सभी अपडेट मध्य प्रदेश जनसंपर्क खबरों के तहत जारी किए गए हैं।1