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थाना कटघर क्षेत्रान्तर्गत गोकशी की घटना में संलिप्त 02 अभियुक्तो को थाना कटघर पुलिस द्वारा मुठभेड़ में गिरफ्तार थाना कटघर क्षेत्रान्तर्गत गोकशी की घटना में संलिप्त 02 अभियुक्तो को थाना कटघर पुलिस द्वारा मुठभेड़ में गिरफ्तार

3 hrs ago
user_नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी
नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी
Local Politician Moradabad, Uttar Pradesh•
3 hrs ago

थाना कटघर क्षेत्रान्तर्गत गोकशी की घटना में संलिप्त 02 अभियुक्तो को थाना कटघर पुलिस द्वारा मुठभेड़ में गिरफ्तार थाना कटघर क्षेत्रान्तर्गत गोकशी की घटना में संलिप्त 02 अभियुक्तो को थाना कटघर पुलिस द्वारा मुठभेड़ में गिरफ्तार

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • ​विषय: अल्पसंख्यकों और कमज़ोर वर्गों के खिलाफ हो रही हिंसा एवं पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता। ​समाजवादी पार्टी के लोकप्रिय सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्र सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि जहाँ-जहाँ भाजपा की सरकारें हैं, वहाँ मुसलमानों की 'लक्षित हत्याओं' (Target Killing) को महज़ एक 'हादसा' या 'एक्सीडेंट' बताकर दबाने की कोशिश की जाती है। ​सांसद ने किशनगंज की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि समाज में एक ऐसी ज़ालिमाना और 'गैर-मुस्लिम' सोच पनप रही है जो भारत की जड़ों को खोखला कर रही है। इंसानियत का कत्ल इतना आम कर दिया गया है कि अब किसी भी शरीफ और इज़्ज़तदार इंसान की जान-माल सुरक्षित नहीं है। ​यह सिलसिला रेहड़ी-पटरी वालों और कूड़ा बीनने वाले गरीब इंसानों से शुरू हुआ था, लेकिन अब हमारे सम्मानित मौलाना और धार्मिक व्यक्तित्व भी सुरक्षित नहीं हैं। मौलाना का कत्ल महज़ एक मौत नहीं, बल्कि एक 'लिंचिंग' और सोची-समझी साज़िश है। ​बरेली शरीफ और धार्मिक आस्था में मौलाना अहमद रज़ा खां (रहमतुल्लाह अलैहि) के मज़ार और बरेली की ज़ियारत का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि जिस तरह से एक मौलाना की हत्या हुई और उनके 'डाइंग डिक्लेरेशन' (मृत्युपूर्व बयान) के बावजूद पुलिस उचित कार्रवाई नहीं कर रही है, वह बेहद निंदनीय है। ​जांच पर सवाल: पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि आख़िर पुलिस फोरेंसिक जांच क्यों नहीं करती? यात्रियों के बयान दर्ज क्यों नहीं किए जा रहे? क्या प्रशासन मुसलमानों के खून को इतना सस्ता समझता है ​सांसद ने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग मज़लूमों, दलितों और कमज़ोरों के कत्ल को एक आम बात समझते हैं, उन्हें इस दुनिया में और इसके बाद की अदालतो में भी जवाब देना पड़ेगा। इससे ज़्यादा शर्मनाक बात और कुछ नहीं हो सकती। किसी नागरिक की हत्या उसके पहनावे (लिबास) या उसकी पहचान (ID) के आधार पर की जाती है, तो यह सिर्फ़ एक व्यक्ति का कत्ल नहीं बल्कि संविधान का कत्ल है। देश के कमज़ोर, दलित और मुस्लिम समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। "किसी न किसी दिन उस इंसाफ को हासिल करने के लिए हम सड़कों पर भी उतरेंगे और अदालतों का दरवाजा भी खटखटाएंगे। कानून और लोकतंत्र ने हमें जो अधिकार दिए हैं, आखिर उनके लिए हमें खड़ा होना ही पड़ेगा। ​यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि इंसानियत का कत्ल है। आखिर कब तक ट्रेनों में इस तरह मासूमों को मारा जाता रहेगा? आखिर कब तक उनका कत्ल होता रहेगा? ​मैं प्रशासन, उत्तर प्रदेश सरकार, रेलवे पुलिस और माननीय गृह मंत्री जी से गुजारिश करता हूँ कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष 'इन्वेस्टिगेशन टीम' गठित की जाए, ताकि इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच हो सके। यह सिलसिला यहीं रुकना चाहिए; इस तरह की घटनाएं समाज में नहीं होनी चाहिए।​अगर मानवता ही गिर गई, तो संविधान की कोई हैसियत नहीं रह जाएगी। फिर मुल्क में क्या बचेगा? हमारी साझा विरासत, हमारी इंसानियत और हमारे स्कूलों का क्या होगा? आखिर हमारे नौजवानों को इससे क्या संदेश मिलेगा? जुल्म करके कभी कोई 'जालिम' पनप नहीं सकता। ​अगर हम अपने समाज से इस 'ना-इंसाफी' को खत्म नहीं करेंगे, तो हमारा पनपना और खुशहाल तरक्की करना कोई मायने नहीं रखता। वेदों और सभी मजहबी (धार्मिक) किताबों में भी यही लिखा है कि जालिम कभी कामयाब नहीं हो सकता। मैं चाहता हूँ कि यह जुल्म, चाहे वह किसी भी किस्म का हो, पूरी तरह खत्म होना चाहिए। यह जानकारी सांसद मीडिया प्रभारी एडवोकेट महबूब अली पाशा ने दी
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    ​विषय: अल्पसंख्यकों और कमज़ोर वर्गों के खिलाफ हो रही हिंसा एवं पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता।
​समाजवादी पार्टी के लोकप्रिय सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्र सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि जहाँ-जहाँ भाजपा की सरकारें हैं, वहाँ मुसलमानों की 'लक्षित हत्याओं' (Target Killing) को महज़ एक 'हादसा' या 'एक्सीडेंट' बताकर दबाने की कोशिश की जाती है।
​सांसद ने किशनगंज की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि समाज में एक ऐसी ज़ालिमाना और 'गैर-मुस्लिम' सोच पनप रही है जो भारत की जड़ों को खोखला कर रही है। इंसानियत का कत्ल इतना आम कर दिया गया है कि अब किसी भी शरीफ और इज़्ज़तदार इंसान की जान-माल सुरक्षित नहीं है।
​यह सिलसिला रेहड़ी-पटरी वालों और कूड़ा बीनने वाले गरीब इंसानों से शुरू हुआ था, लेकिन अब हमारे सम्मानित मौलाना और धार्मिक व्यक्तित्व भी सुरक्षित नहीं हैं। मौलाना का कत्ल महज़ एक मौत नहीं, बल्कि एक 'लिंचिंग' और सोची-समझी साज़िश है।
​बरेली शरीफ और धार्मिक आस्था  में मौलाना अहमद रज़ा खां (रहमतुल्लाह अलैहि) के मज़ार और बरेली की ज़ियारत का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि जिस तरह से एक मौलाना की हत्या हुई और उनके 'डाइंग डिक्लेरेशन' (मृत्युपूर्व बयान) के बावजूद पुलिस उचित कार्रवाई नहीं कर रही है, वह बेहद निंदनीय है।
​जांच पर सवाल: पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि आख़िर पुलिस फोरेंसिक जांच क्यों नहीं करती? यात्रियों  के बयान दर्ज क्यों नहीं किए जा रहे? क्या प्रशासन मुसलमानों के खून को इतना सस्ता समझता है 
​सांसद ने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग मज़लूमों, दलितों और कमज़ोरों के कत्ल को एक आम बात समझते हैं, उन्हें इस दुनिया में और इसके बाद की अदालतो में भी जवाब देना पड़ेगा। इससे ज़्यादा शर्मनाक बात और कुछ नहीं हो सकती। किसी नागरिक की हत्या उसके पहनावे (लिबास) या उसकी पहचान (ID) के आधार पर की जाती है, तो यह सिर्फ़ एक व्यक्ति का कत्ल नहीं बल्कि संविधान का कत्ल है। देश के कमज़ोर, दलित और मुस्लिम समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
"किसी न किसी दिन उस इंसाफ को हासिल करने के लिए हम सड़कों पर भी उतरेंगे और अदालतों का दरवाजा भी खटखटाएंगे। कानून और लोकतंत्र ने हमें जो अधिकार दिए हैं, आखिर उनके लिए हमें खड़ा होना ही पड़ेगा।
​यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि इंसानियत का कत्ल है। आखिर कब तक ट्रेनों में इस तरह मासूमों को मारा जाता रहेगा? आखिर कब तक उनका कत्ल होता रहेगा?
​मैं प्रशासन, उत्तर प्रदेश सरकार, रेलवे पुलिस और माननीय गृह मंत्री जी से गुजारिश करता हूँ कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष 'इन्वेस्टिगेशन टीम' गठित की जाए, ताकि इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच हो सके। यह सिलसिला यहीं रुकना चाहिए; इस तरह की घटनाएं समाज में नहीं होनी चाहिए।​अगर मानवता ही गिर गई, तो संविधान की कोई हैसियत नहीं रह जाएगी। फिर मुल्क में क्या बचेगा? हमारी साझा विरासत, हमारी इंसानियत और हमारे स्कूलों का क्या होगा? आखिर हमारे नौजवानों को इससे क्या संदेश मिलेगा? जुल्म करके कभी कोई 'जालिम' पनप नहीं सकता।
​अगर हम अपने समाज से इस 'ना-इंसाफी' को खत्म नहीं करेंगे, तो हमारा पनपना और खुशहाल तरक्की करना कोई मायने नहीं रखता। वेदों और सभी मजहबी (धार्मिक) किताबों में भी यही लिखा है कि जालिम कभी कामयाब नहीं हो सकता। मैं चाहता हूँ कि यह जुल्म, चाहे वह किसी भी किस्म का हो, पूरी तरह खत्म होना चाहिए। यह जानकारी सांसद मीडिया प्रभारी एडवोकेट महबूब अली पाशा ने दी
    user_अनुपम संदेश रिपोर्टर
    अनुपम संदेश रिपोर्टर
    सुआर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • सेकुलर हिंदुओं को बीते हुए भूतकाल में हिंदुस्तान की दुर्गति और हिंदुओं के साथ अत्याचार के विषय में कुछ समझना चाहिए मुट्ठी भर आबादी करोड़ों की संख्या पर भारी क्यों पड़ रही थी क्योंकि वह कायरों की भांति डरकर रहते थे जब हिंदुत्व की सरकार आई तो उन्हें स्वतंत्रता मिली वरना वह मुसलमान से डर कर रहते थे और उन्हें अपने छत्रपति शिवाजी महाराज महाराणा प्रताप पृथ्वीराज चौहान हरियाणा संग बप्पा रावल दर्शन भारतीय वीर योद्धाओं का इतिहास के विषय में पढ़ने को नहीं मिलता था पहले ही उनको इतिहास से गुमराह कर देते थे किंतु आज हिंदू बीजेपी सरकार में सुरक्षित है स्वतंत्र है और हिंदू खुलकर जी रहा है 🚩 हिंदू को जय श्री राम बोलने की शक्ति बीजेपी के कानून से मिली है वरना जिनके शासन में कानून बना था जिनके शासन में संविधान बना था उनके शासन में भारत देश के विभाजन भी हो गया था कश्मीर पंडितों से खाली भी हो गया था जब पाकिस्तान मुसलमान का अलग बना दिया तो भारत देश में बार-बार षड्यंत्र रच कर हिंदुत्व को समाप्त करने का विचार रखते थे बच्चे खुचे मुसलमान जो पाकिस्तान नहीं जा पाए वह भारत देश में रहकर दीमक की भांति देश को खोखला करने में जुटे हुए हैं वह स्कूलों में नहीं पढ़े वह विद्यालय में नहीं पड़े वह मदरसे में पढ़े हैं यहषड्यंत्र रचना सीखते हैं भारत देश की दुर्गति करना सिखते हैं भारत देश में आतंकवाद मचाना चाहते हैं जैसे यह स्वयं है वैसे अपने बच्चों को सिखाते हैं अपना भविष्य पंचरछाप बनकर बेकार तो किया किंतु बच्चों को भी भविष्य पंचरछाप बनाने के लिए बेकार कर दिया यदि यह अब्दुल हमीद अब्दुल कलाम जैसे पढ़ाई किए होते तो यह आज वैज्ञानिक इंजीनियर और अच्छे व्यापारी होते यूं आज पंचर छाप नहीं होते भीख नहीं मांगते🚩 कटमुल्लों ने कांग्रेस के विषय में सच नहीं जाना बीजेपी की बुराई वही चमचे करते हैं जिन्होंने भारत देश का विभाजन नहीं देखा जिन्होंने भारत देश के विभाजन के विषय में इतिहास नहीं पड़ा कि उसे समय किसके शासन में विभाजन हुआ किसके शासन में कश्मीरी पंडितों से खाली होगा किसके शासन में हिंदू मुस्लिम दंगे होते रहे जो आज बीजेपी को निशाना साधते हैं वह पिछले दिनों को याद कीजिए जिनके समय में दंगे हुआ करते थे व्यापारियों का धन सुरक्षित नहीं था बहन बेटे की रक्षा सुरक्षा नहीं थी व्यापारी आज सुरक्षित है धन सुरक्षित है बहन बेटी की रक्षा सुरक्षित है और तुम जैसे चमचों को क्या चाहिए फिर फिर वही देंगे वाली सरकार फिर वही विभाजन वाली सरकार फिर वही सरकार जो कहती है भारत के टुकड़े होंगे इंशा अल्लाह फिर वही सरकार लगे आप जिन्होंने भारत के ही महान वीर योद्धाओं का इतिहास हमसे छुपा कर रखा बाहरी आक्रांताओं मुगलों का इतिहास उन्होंने भारतीय युवाओं के बच्चों को पढ़ाया अपने शासन में इतना गलत काम किया संविधान का दुरुपयोग किया कानून का दुरुपयोग किया शर्यत कानून लागू किया पाकिस्तान हिंदुस्तान विभाजन होने के पश्चात भी उन्होंने दीमको की आधी आबादी यही छोड़ दी ताकि आगे यह दीमक बनाकर आतंकवादी आतंकवाद मचाते रहे और जिसकी सरकार बने उसका विरोध होता रहे की जिसकी सरकार है उसकी सरकार में आतंकवाद क्यों हो रहा है जब उनकी सरकार में आतंकवाद होता था तब किसी ने प्रश्न नहीं किया क्योंकि प्रश्न करने वाले कोई है तो उसे कारागृह में बंदी बना लेते थे बीजेपी की सरकार में आज उन हिंदुओं को जय श्री राम बोलने से कोई नहीं रोक सकता हिंदुओं को भाजपा के सरकार में स्वतंत्रता मिली है जबकि देश को स्वतंत्रता 1947 में मिली थी किंतु मूल रूप से हिंदुओं को स्वतंत्रता मोदी के सरकार में मिली है हम कैसे कह रहे हैं कि हमने अपना समय में बुरा समय नहीं देखा हमारे बड़े-बड़े यही कहते हैं कि कांग्रेस ने अपने समय में बहुत कानून और संविधान का दुरुपयोग किया जो आज संविधान की पुस्तक उठाकर कहते हैं कि संविधान खतरे में है जब उनके शासन में संविधान खतरे में था तो यह क्या कर रहे थे यह काला धन कमाने की आड़ में गौ तस्करी करते थे बहन बेटी की इज्जत पर जिहादियों का हाथ लगे जिहादियों से पैसा वसूलते थे देश में सरिया लागू करने के लिए इनकम टैक्स लेते थे गुंडागर्दी का आधा योगदान सरकार को जाता था तो जब इतनी जीएसटी नहीं थी तो सरकार गुंडागर्दी से चलाई जाती थी व्यापारियों का धन छन छन कर सरकार को टैक्स के रूप में योगदान देना गुंडो को गुंडागर्दी करने के लिए कानून के हाथ उन जिहादियों की सेवा में लगा दिए जिन जिहादियों ने पाकिस्तान बनाने का समर्थन किया था जिन जिहादियों के पूर्वज मुगलों ने भारत देश को लूटने चाहा आज उनकी औलाद मुगलों का गुणगान नहीं करेगी तो फिर क्या करेगी यदि यह अब्दुल कलाम वीर अब्दुल हमीद जैसे भारत देश के पहचानो बनने का प्रयास करते तो न जाने यह कितनी उन्नति पर पहुंचते किंतु इन्हें तो पंचर छाप बनना है और इन्हें लोगों के आगे भीख के लिए हाथ फैलाने हैं
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    सेकुलर हिंदुओं को बीते हुए भूतकाल में हिंदुस्तान की दुर्गति और हिंदुओं के साथ अत्याचार के विषय में  कुछ  समझना चाहिए मुट्ठी भर आबादी करोड़ों की संख्या पर भारी क्यों पड़ रही थी क्योंकि वह कायरों की भांति डरकर रहते थे जब हिंदुत्व की सरकार आई तो उन्हें स्वतंत्रता मिली वरना वह मुसलमान से डर कर रहते थे और उन्हें अपने छत्रपति शिवाजी महाराज महाराणा प्रताप पृथ्वीराज चौहान हरियाणा संग बप्पा रावल दर्शन भारतीय वीर योद्धाओं का इतिहास के विषय में पढ़ने को नहीं मिलता था पहले ही उनको इतिहास से गुमराह कर देते थे किंतु आज हिंदू बीजेपी सरकार में सुरक्षित है स्वतंत्र है और हिंदू खुलकर जी रहा है 🚩 हिंदू को जय श्री राम बोलने की शक्ति बीजेपी के कानून से मिली है वरना जिनके शासन में कानून बना था जिनके शासन में संविधान बना था उनके शासन में भारत देश के विभाजन भी हो गया था कश्मीर पंडितों से खाली भी हो गया था जब पाकिस्तान मुसलमान का अलग बना दिया तो भारत देश में बार-बार  षड्यंत्र  रच कर हिंदुत्व को समाप्त करने का विचार रखते थे बच्चे खुचे मुसलमान जो पाकिस्तान नहीं जा पाए वह भारत देश में रहकर दीमक की भांति देश को खोखला करने में जुटे हुए हैं वह स्कूलों में नहीं पढ़े वह विद्यालय में नहीं पड़े वह मदरसे में पढ़े हैं यहषड्यंत्र रचना सीखते हैं भारत देश की दुर्गति करना सिखते हैं भारत देश में आतंकवाद मचाना चाहते हैं जैसे यह स्वयं है वैसे अपने बच्चों को सिखाते हैं अपना भविष्य पंचरछाप बनकर बेकार तो किया किंतु बच्चों को भी भविष्य  पंचरछाप बनाने के लिए बेकार कर दिया यदि यह अब्दुल हमीद अब्दुल कलाम जैसे पढ़ाई किए होते तो यह आज वैज्ञानिक इंजीनियर और अच्छे व्यापारी होते यूं आज पंचर छाप नहीं होते भीख नहीं मांगते🚩
कटमुल्लों ने कांग्रेस के विषय में सच नहीं जाना बीजेपी की बुराई वही चमचे करते हैं जिन्होंने भारत देश का विभाजन नहीं देखा जिन्होंने भारत देश के विभाजन के विषय में इतिहास नहीं पड़ा कि उसे समय किसके शासन में विभाजन हुआ किसके शासन में कश्मीरी पंडितों से खाली होगा किसके शासन में हिंदू मुस्लिम दंगे होते रहे जो आज बीजेपी को निशाना साधते हैं वह पिछले दिनों को याद कीजिए जिनके समय में दंगे हुआ करते थे व्यापारियों का धन सुरक्षित नहीं था बहन बेटे की रक्षा सुरक्षा नहीं थी व्यापारी आज सुरक्षित है धन सुरक्षित है बहन बेटी की रक्षा सुरक्षित है और तुम जैसे चमचों को क्या चाहिए फिर फिर वही देंगे वाली सरकार फिर वही विभाजन वाली सरकार फिर वही सरकार जो कहती है भारत के टुकड़े होंगे इंशा अल्लाह फिर वही सरकार लगे आप जिन्होंने भारत के ही महान वीर योद्धाओं का इतिहास हमसे छुपा कर रखा बाहरी आक्रांताओं मुगलों का इतिहास उन्होंने भारतीय युवाओं के बच्चों को पढ़ाया अपने शासन में इतना गलत काम किया संविधान का दुरुपयोग किया कानून का दुरुपयोग किया शर्यत कानून लागू किया पाकिस्तान हिंदुस्तान विभाजन होने के पश्चात भी उन्होंने दीमको की आधी आबादी यही छोड़ दी ताकि आगे यह दीमक बनाकर आतंकवादी आतंकवाद मचाते रहे और जिसकी सरकार बने उसका विरोध होता रहे की जिसकी सरकार है उसकी सरकार में आतंकवाद क्यों हो रहा है जब उनकी सरकार में आतंकवाद होता था तब किसी ने प्रश्न नहीं किया क्योंकि प्रश्न करने वाले कोई है  तो उसे कारागृह में बंदी बना लेते थे बीजेपी की सरकार में आज उन हिंदुओं को जय श्री राम बोलने से कोई नहीं रोक सकता हिंदुओं को भाजपा के सरकार में स्वतंत्रता मिली है जबकि देश को स्वतंत्रता 1947 में मिली थी किंतु मूल रूप से हिंदुओं को स्वतंत्रता मोदी के सरकार में मिली है हम कैसे कह रहे हैं कि हमने अपना समय में बुरा समय नहीं देखा हमारे बड़े-बड़े यही कहते हैं कि कांग्रेस ने अपने समय में बहुत कानून और संविधान का दुरुपयोग किया जो आज संविधान की पुस्तक उठाकर कहते हैं कि संविधान खतरे में है जब उनके शासन में संविधान खतरे में था तो यह क्या कर रहे थे यह काला धन कमाने की आड़ में गौ तस्करी करते थे बहन बेटी की इज्जत पर जिहादियों का हाथ लगे जिहादियों से पैसा वसूलते थे देश में सरिया लागू करने के लिए इनकम टैक्स लेते थे गुंडागर्दी का आधा योगदान सरकार को जाता था तो जब इतनी जीएसटी नहीं थी तो सरकार गुंडागर्दी से चलाई जाती थी व्यापारियों का धन छन छन कर सरकार को टैक्स के रूप में योगदान देना गुंडो को गुंडागर्दी करने के लिए  कानून के हाथ उन जिहादियों की सेवा में लगा दिए जिन जिहादियों ने पाकिस्तान बनाने का समर्थन किया था जिन जिहादियों के पूर्वज मुगलों ने भारत देश को लूटने चाहा आज उनकी औलाद मुगलों का गुणगान नहीं करेगी तो फिर क्या करेगी यदि यह अब्दुल कलाम वीर अब्दुल हमीद जैसे भारत देश के पहचानो बनने का प्रयास करते  तो न जाने यह कितनी उन्नति पर पहुंचते किंतु इन्हें तो पंचर छाप बनना है और इन्हें लोगों के आगे भीख के लिए हाथ फैलाने हैं
    user_Kaviraj Himanshu Saini Samaj Sevak
    Kaviraj Himanshu Saini Samaj Sevak
    Youth Social Services Organisation Amroha, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • थाना अमरोहा देहात पुलिस एवं एसओजी व सर्विलांस टीम के सहयोग से गुमशुदा डाक्टर को 05 घण्टे में सकुशल बरामद कर परिजनो के सुपुर्द करने के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक अमरोहा द्वारा दी गयी जानकारी
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    थाना अमरोहा देहात पुलिस एवं एसओजी व सर्विलांस टीम के सहयोग से गुमशुदा डाक्टर को 05 घण्टे में सकुशल बरामद कर परिजनो के सुपुर्द करने के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक अमरोहा द्वारा दी गयी जानकारी
    user_डा जगदेव सिंह प्रजापति
    डा जगदेव सिंह प्रजापति
    अमरोहा, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अमरोहा से बड़ी खबर *घायल से रेफर के नाम पर वसूले बारह हजार* नोडल अधिकारी शशांक चौधरी तथा चीफ फार्मासिस्ट विक्रमजीत सिंह पर गंभीर आरोप l पीड़ित का वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल न्याय की गुहार l रहरा /अमरोहा l रहरा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों केवल भ्रष्टाचार का अड्डा बनकर रह गया है क्योंकि यहां झोलाछाप डॉक्टरों से तो अवैध वसूली का खेल काफी लंबे समय से चल रहा है लेकिन यहां फर्जी नौकरी के जॉइनिंग लेटर तक तैयार किए जाते हैं यह बात हम नहीं कर रहे बल्कि क्षेत्रीय जनता और क्षेत्रीय अखबारों की रिपोर्ट्स बता रही है लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो ऐसे मामले सामने आना तो लाजिम है ही बल्कि इससे भी बड़े कई भ्रष्टाचार और अश्लीलता के ऑडियो वीडियो इन लोगो के वायरल हो रहे हैं इसके बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा होने लगी है आपको बताते चलें कि आदमपुर थाना क्षेत्र के नगला खादर ग्राम पंचायत में दो पक्षों में विवाद हो गया जिसमें एक महिला को गंभीर चोट लगी जिस थाने से इलाज के लिए रहरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया जहां पीड़िता के पुत्र जय करण सिंह से इलाज के नाम पर ₹15000 की डिमांड रख दी ₹12000 में जिला अस्पताल को रेफर करना तय हो गया इसके बाद पीड़ित ने ₹2000 विक्रमजीत सिंह और शशांक चौधरी को दे दिए बाकी पैसों का दबाव बनाया गया तो पीड़ित अपना जेवर गिरवी रखकर ₹10000 लेकर रहरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा जहां उससे पैसे लेकर उसकी मां को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया जब पीड़ित को अपनी ठगी का एहसास हुआ तब उसने अपना वीडियो में नोडल अधिकारी शशांक चौधरी तथा विक्रमजीत सिंह पर ₹12000 की वसूली के आरोप लगाकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर अमरोहा पुलिस ने क्षेत्रीय थाने को जांच कार्यवाही करने का आदेश दिया है खबर लिखे जाने तक थाना पुलिस द्वारा कोई अभियोग पंजीकृत नहीं किया गया है l
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    अमरोहा से बड़ी खबर *घायल से रेफर के नाम पर वसूले बारह हजार*
नोडल अधिकारी शशांक चौधरी तथा चीफ फार्मासिस्ट विक्रमजीत सिंह पर गंभीर आरोप l
पीड़ित का वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल न्याय की गुहार l
रहरा /अमरोहा l रहरा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों केवल भ्रष्टाचार का अड्डा बनकर रह गया है क्योंकि यहां झोलाछाप डॉक्टरों से तो अवैध वसूली का खेल काफी लंबे समय से चल रहा है लेकिन यहां फर्जी नौकरी के जॉइनिंग लेटर तक तैयार किए जाते हैं यह बात हम नहीं कर रहे बल्कि क्षेत्रीय जनता और क्षेत्रीय अखबारों की रिपोर्ट्स बता रही है लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो ऐसे मामले सामने आना तो लाजिम है ही बल्कि इससे भी बड़े कई भ्रष्टाचार और अश्लीलता के ऑडियो वीडियो इन लोगो के वायरल हो रहे हैं इसके बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा होने लगी है आपको बताते चलें कि आदमपुर थाना क्षेत्र के नगला खादर ग्राम पंचायत में दो पक्षों में विवाद हो गया जिसमें एक महिला को गंभीर चोट लगी जिस थाने से इलाज के लिए रहरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया जहां पीड़िता के पुत्र जय करण सिंह से इलाज के नाम पर ₹15000 की डिमांड रख दी ₹12000 में जिला अस्पताल को रेफर करना तय हो गया इसके बाद पीड़ित ने ₹2000 विक्रमजीत सिंह और शशांक चौधरी को दे दिए बाकी पैसों का दबाव बनाया गया तो पीड़ित अपना जेवर गिरवी रखकर ₹10000 लेकर रहरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा जहां उससे पैसे लेकर उसकी मां को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया जब पीड़ित को अपनी ठगी का एहसास हुआ तब उसने अपना वीडियो में नोडल अधिकारी शशांक चौधरी तथा विक्रमजीत सिंह पर ₹12000 की वसूली के आरोप लगाकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर अमरोहा पुलिस ने क्षेत्रीय थाने को जांच कार्यवाही करने का आदेश दिया है खबर लिखे जाने तक थाना पुलिस द्वारा कोई अभियोग पंजीकृत नहीं किया गया है l
    user_Mubarak Ali
    Mubarak Ali
    संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Harveer Yadav
    1
    Post by Harveer Yadav
    user_Harveer Yadav
    Harveer Yadav
    Farmer संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Jpn7 News
    1
    Post by Jpn7 News
    user_Jpn7 News
    Jpn7 News
    अमरोहा, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • आज अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर वीर खालसा सेवा समिति की ओर से मजदूरों को आज सम्मानित किया गया जगह-जगह जहां पर मजदूर कार्य कर रहे थे वहीं वीर खालसा सेवा समिति के सदस्यों ने पहुंचकर मजदूरों को गिफ्ट वितरण किया अवतार सिंह ने कहा जिस हिसाब से मजदूरों की मेहनत है मुझे लगता उसे हिसाब से आमदनी कम है कड़ाके की गर्मी में इन मजदूरों को आज सम्मानित किया गया क्योंकि इनका सम्मान भी करना हम सबका कर्तव्य बनता है अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सभी मजदूरों को जगह जाकर बधाई दी इस मौके पर समिति के अध्यक्ष अवतार सिंह गुलशन अरोड़ा नारायण सिंह मनिंदर सिंह वजीर सिंह मनजीत सिंह अमनदीप सिंह हरीश अरोड़ा मौजूद रहे
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    आज अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर वीर खालसा सेवा समिति की ओर से मजदूरों को आज सम्मानित किया गया जगह-जगह जहां पर मजदूर कार्य कर रहे थे वहीं वीर खालसा सेवा समिति के सदस्यों ने पहुंचकर मजदूरों को गिफ्ट वितरण किया अवतार सिंह ने कहा जिस हिसाब से मजदूरों की मेहनत है मुझे लगता उसे हिसाब से आमदनी कम है कड़ाके की गर्मी में इन मजदूरों को आज सम्मानित किया गया क्योंकि इनका सम्मान भी करना हम सबका कर्तव्य बनता है अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सभी मजदूरों को जगह जाकर बधाई दी इस मौके पर समिति के अध्यक्ष अवतार सिंह गुलशन अरोड़ा नारायण सिंह मनिंदर सिंह वजीर सिंह मनजीत सिंह अमनदीप सिंह हरीश अरोड़ा मौजूद रहे
    user_अनुपम संदेश रिपोर्टर
    अनुपम संदेश रिपोर्टर
    सुआर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • Post by Harveer Yadav
    1
    Post by Harveer Yadav
    user_Harveer Yadav
    Harveer Yadav
    Farmer संभल, संभल, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बिलासपुर में सपाईयों ने स्मार्ट मीटरों के विरोध में शनिवार को तहसील भवन पर प्रदर्शन किया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा, जिसमें पुरानी मीटर व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई,तो स्मार्ट मीटर उखाड़कर भाजपा नेताओं के घरों के आगे फेंके जाएंगे।तराई किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ सपा नेता तजिंदर सिंह विर्क के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तहसील गेट के बाहर एकत्र हुए। उन्होंने जुलूस निकालकर तहसील परिसर में प्रवेश किया और मुख्य भवन के सामने स्मार्ट मीटर तथा भाजपा सरकार के विरोध में नारे लगाए।कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटरों के विरोध में लिखे नारों वाली तख्तियां भी लहराईं।प्रदर्शन के दौरान उप जिलाधिकारी अरुण कुमार संपूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित थे।उन्होंने तहसीलदार शिव कुमार शर्मा को ज्ञापन लेने के लिए भेजा।तहसीलदार ने सपा नेता विर्क से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन में स्मार्ट मीटर व्यवस्था को निरस्त कर पुरानी पोस्टपेड मीटर व्यवस्था बहाल करने की मांग कीगई है।सपा नेता विर्क ने कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था भारतीय जनमानस के विरुद्ध, अव्यवहारिक और विद्युत उपभोक्ता नियमों के प्रतिकूल है।उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी बनाने की बजाय घर-घर स्मार्ट मीटर लगाकर जनता को लूटा जा रहा है।विर्क ने कहा कि बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा करने वाली सरकार में स्मार्ट मीटर बुलेट से भी तेज चल रहे हैं।विर्क ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुरानी पोस्टपेड मीटर व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो जनता स्मार्ट मीटरों को उखाड़कर भाजपा नेताओं के घरों के आगे फेंक देगी।इस दौरान सपा नेता मोहम्मद याकूब खां और व्यापार मंडल के नगराध्यक्ष मोहम्मद अनस खां ने कहा कि यह मीटर गरीब-निर्धनों के लिए परेशानियों का सबब बने हुए हैं जबकि लगातार इन्हें बदलवाने की शिकायती की जा रही,तथा जनता सड़कों पर है, परन्तु कोई समाधान नही होना सरकार की तानाशाही का सबूत है।प्रदर्शन में सांसद प्रतिनिधि अथर अली खां,साहब सिंह कोटिया,प्रेमशंकर दिवाकर, नदीमयार खां,नजीब खां, सद्दाम पाशा, हरदीप सिंह, पंकज यादव सहित लगभग दो सौ कार्यकर्ता शामिल थे।
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    बिलासपुर में सपाईयों ने स्मार्ट मीटरों के विरोध में शनिवार को तहसील भवन पर प्रदर्शन किया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा, जिसमें पुरानी मीटर व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई,तो स्मार्ट मीटर उखाड़कर भाजपा नेताओं के घरों के आगे फेंके जाएंगे।तराई किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ सपा नेता तजिंदर सिंह विर्क के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तहसील गेट के बाहर एकत्र हुए। उन्होंने जुलूस निकालकर तहसील परिसर में प्रवेश किया और मुख्य भवन के सामने स्मार्ट मीटर तथा भाजपा सरकार के विरोध में नारे लगाए।कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटरों के विरोध में लिखे नारों वाली तख्तियां भी लहराईं।प्रदर्शन के दौरान उप जिलाधिकारी अरुण कुमार संपूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित थे।उन्होंने तहसीलदार शिव कुमार शर्मा को ज्ञापन लेने के लिए भेजा।तहसीलदार ने सपा नेता विर्क से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन में स्मार्ट मीटर व्यवस्था को निरस्त कर पुरानी पोस्टपेड मीटर व्यवस्था बहाल करने की मांग कीगई है।सपा नेता विर्क ने कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था भारतीय जनमानस के विरुद्ध, अव्यवहारिक और विद्युत उपभोक्ता नियमों के प्रतिकूल है।उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी बनाने की बजाय घर-घर स्मार्ट मीटर लगाकर जनता को लूटा जा रहा है।विर्क ने कहा कि बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा करने वाली सरकार में स्मार्ट मीटर बुलेट से भी तेज चल रहे हैं।विर्क ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुरानी पोस्टपेड मीटर व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो जनता स्मार्ट मीटरों को उखाड़कर भाजपा नेताओं के घरों के आगे फेंक देगी।इस दौरान सपा नेता मोहम्मद याकूब खां और व्यापार मंडल के नगराध्यक्ष मोहम्मद अनस खां ने कहा कि यह मीटर गरीब-निर्धनों के लिए परेशानियों का सबब बने हुए हैं जबकि लगातार इन्हें बदलवाने की शिकायती की जा रही,तथा जनता सड़कों पर है, परन्तु कोई समाधान नही होना सरकार की तानाशाही का सबूत है।प्रदर्शन में सांसद प्रतिनिधि अथर अली खां,साहब सिंह कोटिया,प्रेमशंकर दिवाकर, नदीमयार खां,नजीब खां, सद्दाम पाशा, हरदीप सिंह, पंकज यादव सहित लगभग दो सौ कार्यकर्ता शामिल थे।
    user_कामरान खांन कम्मु
    कामरान खांन कम्मु
    बिलासपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    21 min ago
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