छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में मोबाइल टावरों से लाखों रुपये की बैटरियां चोरी करने वाले गिरोह के कथित सरगना अंकित जैन को आखिरकार आमाबेड़ा पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस आरोपी को हिरासत में लेने के लिए पुलिस को न्यायालय से लेकर अस्पताल तक करीब 24 घंटे से अधिक समय तक कड़ा इंतजार करना पड़ा। आरोपी लगातार अपनी तबीयत बिगड़ने का हवाला देकर अपनी गिरफ्तारी को टालने का प्रयास कर रहा था। दरअसल, पिछले छह महीनों के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में मोबाइल टावरों से बैटरी चोरी के कई मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों की जांच के दौरान रावघाट पुलिस ने गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की थी। इसी पूछताछ के दौरान दल्लीराजहरा निवासी अंकित जैन का नाम इस गिरोह के कथित मुख्य सरगना के रूप में सामने आया था, जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। बीती 9 जुलाई को भानुप्रतापपुर न्यायालय में पेशी के दौरान आमाबेड़ा पुलिस पहले से ही सादे कपड़ों में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मुस्तैद थी। इसी बीच जमानत मिलने के तुरंत बाद अंकित जैन ने सीने में दर्द होने की शिकायत कर दी। न्यायालय के निर्देश पर उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां ईसीजी सहित अन्य सभी चिकित्सकीय जांच सामान्य पाई गईं। इसके बावजूद उसे अस्पताल में ही भर्ती रखा गया और आमाबेड़ा पुलिस लगातार उसकी निगरानी में तैनात रही। अगले दिन एक्स-रे के दौरान भी आरोपी ने तबीयत बिगड़ने और बेहोश होने का दावा किया, लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उसकी चालें नहीं चलीं और आखिरकार शनिवार को पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस अब हिरासत में लिए गए आरोपी अंकित जैन से जिले में दर्ज मोबाइल टावर बैटरी चोरी के अन्य मामलों के संबंध में गहन पूछताछ करेगी। पुलिस का मानना है कि इस पूछताछ के जरिए चोरी के पूरे नेटवर्क, अन्य आरोपियों की संलिप्तता और चोरी की गई बैटरियों को छिपाने के ठिकानों को लेकर कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में मोबाइल टावरों से लाखों रुपये की बैटरियां चोरी करने वाले गिरोह के कथित सरगना अंकित जैन को आखिरकार आमाबेड़ा पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस आरोपी को हिरासत में लेने के लिए पुलिस को न्यायालय से लेकर अस्पताल तक करीब 24 घंटे से अधिक समय तक कड़ा इंतजार करना पड़ा। आरोपी लगातार अपनी तबीयत बिगड़ने का हवाला देकर अपनी गिरफ्तारी को टालने का प्रयास कर रहा था। दरअसल, पिछले छह महीनों के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में मोबाइल टावरों से बैटरी चोरी के कई मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों की जांच के दौरान रावघाट पुलिस ने गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की थी। इसी पूछताछ के दौरान दल्लीराजहरा निवासी अंकित जैन का नाम इस गिरोह के कथित मुख्य सरगना के रूप में सामने आया था, जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। बीती 9 जुलाई को भानुप्रतापपुर न्यायालय में पेशी के दौरान आमाबेड़ा पुलिस पहले से ही सादे कपड़ों में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मुस्तैद थी। इसी बीच जमानत मिलने के तुरंत बाद अंकित जैन ने सीने में दर्द होने की शिकायत कर दी। न्यायालय के निर्देश पर उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां ईसीजी सहित अन्य सभी चिकित्सकीय जांच सामान्य पाई गईं। इसके बावजूद उसे अस्पताल में ही भर्ती रखा गया और आमाबेड़ा पुलिस लगातार उसकी निगरानी में तैनात रही। अगले दिन एक्स-रे के दौरान भी आरोपी ने तबीयत बिगड़ने और बेहोश होने का दावा किया, लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उसकी चालें नहीं चलीं और आखिरकार शनिवार को पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस अब हिरासत में लिए गए आरोपी अंकित जैन से जिले में दर्ज मोबाइल टावर बैटरी चोरी के अन्य मामलों के संबंध में गहन पूछताछ करेगी। पुलिस का मानना है कि इस पूछताछ के जरिए चोरी के पूरे नेटवर्क, अन्य आरोपियों की संलिप्तता और चोरी की गई बैटरियों को छिपाने के ठिकानों को लेकर कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
- कांकेर के दुर्गूकोंदल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत साधुमिचगांव के आश्रित ग्राम भुसकी गोपालटोला में एक अज्ञात ट्रैक्टर की टक्कर से ट्रांसफार्मर लगा बिजली का पोल टूट गया है। इस हादसे के कारण पिछले चार दिनों से गांव में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है और पूरा गोपालटोला अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग को घटना की सूचना देने के बाद भी अब तक कोई मरम्मत कार्य नहीं किया गया है, जिससे पीने के पानी, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के घरेलू काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में कनिष्ठ यंत्री नरोत्तम राठिया ने जानकारी दी है कि मरम्मत के लिए सामग्री की व्यवस्था की जा रही है और आगामी एक-दो दिनों में पोल को ठीक करके आपूर्ति दोबारा बहाल कर दी जाएगी।1
- धमतरी पुलिस द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी, एकरूप और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन रूद्री के कम्पोजिट भवन में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के विभिन्न व्यावहारिक और विधिक पक्षों पर विस्तृत व्याख्यान और मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज ने विवेचना की नवीन प्रक्रियाओं, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, प्रभावी अभियोजन की रणनीतियों तथा न्यायालयीन कार्यवाही में इन नए कानूनों के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि इन नवीन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीड़ित-केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। वहीं, पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते विधिक परिदृश्य में पुलिस बल का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और सुदृढ़ अभियोजन बेहद जरूरी है। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और इकाइयों के लगभग 250 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक भानूप्रताप चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मोनिका मरावी, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मीना साहू, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नगरी विपिन रंगारी, वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित सभी थाना-चौकी प्रभारी, विवेचक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर और प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से विवेचना, डिजिटल साक्ष्य, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और अदालती प्रक्रिया से जुड़ी पुलिसकर्मियों की शंकाओं का समाधान किया गया।1
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति देने के लिए वन मंत्री केदार कश्यप ने करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्रवासियों को कई जनकल्याणकारी योजनाओं की सौगात दी गई है, जिसमें सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। इस दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए 'मायका सेंटर' का भी शुभारंभ किया गया। इस केंद्र में महिलाओं को सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच और प्रसव पूर्व आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ इलाकों तक हर विकास योजना को पहुंचाना है ताकि स्थानीय लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया। स्थानीय लोगों ने इन विकास कार्यों का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि इन योजनाओं से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी।1
- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री खिलावन राम रिगरी ने शिरकत की। न्यायाधीश श्री खिलावन राम रिगरी ने स्कूल के विद्यार्थियों को जनसंख्या संतुलन और परिवार नियोजन के बारे में जागरूक किया। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों को उनके संवैधानिक अधिकारों, बाल संरक्षण नियमों, पॉक्सो अधिनियम, साइबर सुरक्षा तथा निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारियां प्रदान कीं।1
- राजनांदगांव में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर नौकरी का झांसा देने और लाखों की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ श्री अरुण देव गौतम ने रविवार, 05 जुलाई 2026 को सूरजपुर जिले का औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस राजपत्रित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक ली, जिसमें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और बीट पुलिसिंग की गुणवत्ता जैसे विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा और डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर भी उपस्थित रहे। डीजीपी श्री अरुण देव गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की सबसे बड़ी पहचान जनता का विश्वास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों से संबंधित मामलों में तुरंत कार्रवाई करने तथा आम नागरिकों के साथ विनम्र व्यवहार बनाए रखने की बात कही। अपराधों की रोकथाम के लिए उन्होंने मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, आदतन अपराधियों की निगरानी करने और तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का सुझाव दिया। बैठक में लंबित प्रकरणों के निराकरण, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, सड़क सुरक्षा और डायल-112 की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की गई। डीजीपी ने गंभीर अपराधों में सजा की दर बेहतर होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और पुलिस अधिकारियों को न्यायालय में अपनी उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण विवेचना, घटनास्थल संरक्षण और डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया। इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन सहित जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड के तहसील मुख्यालय सरोना में 11 जुलाई की शाम 5 बजे नवनिर्मित 'मावा मोदोल निःशुल्क लाइब्रेरी' का लोकार्पण किया गया। उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने इसका लोकार्पण किया, जो जिले की सातवीं मावा मोदोल लाइब्रेरी है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लाइब्रेरी से क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक एवं निःशुल्क अध्ययन सुविधा मिलेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई कर अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। इस लाइब्रेरी में प्रतिदिन 5 बैचों में अध्ययन की व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रत्येक बैच में 75 विद्यार्थियों के बैठने की सुविधा है। इसका संचालन सुबह 7 बजे से शाम 7:30 बजे तक किया जाएगा। इस कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग, विधायक आशाराम नेताम सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।1
- कांकेर के भानुप्रतापपुर सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक के हाथ में बिना सुन्न करने वाला इंजेक्शन लगाए ही सीधे टांके लगाए जाते दिखाई दे रहे हैं। इस अनोखे इलाज पर जब आपत्ति जताई गई तो कथित तौर पर जवाब मिला कि "दो बार इंजेक्शन लगाता, उसके बदले दो बार टांका लगा दिया।" अस्पताल के इस कारनामे पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि चिकित्सा विज्ञान भी शायद इस नए शोध से अनजान होगा। ऐसा लग रहा है कि अस्पताल में अब दर्द कम करने की नहीं, बल्कि दर्द सहने की ट्रेनिंग दी जा रही है और अगर मरीज चीखे तो समझिए इलाज सही दिशा में चल रहा है।1