मुजफ्फरनगर के रोहाना कलां/ग्राम बेहड़ी में वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पहुंचे सहारनपुर मंडल के मंडलायुक्त और जनपद के नोडल अधिकारी डॉ. रूपेश कुमार ने बरगद का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से रोपे गए प्रत्येक पौधे की उचित देखभाल करने और उसे विशाल वृक्ष बनाने का संकल्प लेने की भावुक अपील की। इस अभियान के दौरान मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर, उप जिलाधिकारी सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी और तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड़ ने भी पौधारोपण किया। सभी अधिकारियों ने एक सुर में कहा कि केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी निरंतर देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी बेहद आवश्यक है। मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने वृक्षों को मानव जीवन, जैव विविधता और जल सुरक्षा का मजबूत आधार स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां हमारे जीवन का आधार होती है, उसी तरह वृक्ष भी जीवन के रक्षक हैं। जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान जैसी गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए जनभागीदारी से वृक्षारोपण ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने जनपदवासियों से अपनी मां और पूर्वजों की याद को चिरस्थायी बनाने के लिए एक पौधा लगाने का आग्रह किया। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर ने धरती माता की आरोग्यता की रक्षा को सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण बेहद जरूरी है।
मुजफ्फरनगर के रोहाना कलां/ग्राम बेहड़ी में वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पहुंचे सहारनपुर मंडल के मंडलायुक्त और जनपद के नोडल अधिकारी डॉ. रूपेश कुमार ने बरगद का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से रोपे गए प्रत्येक पौधे की उचित देखभाल करने
और उसे विशाल वृक्ष बनाने का संकल्प लेने की भावुक अपील की। इस अभियान के दौरान मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर, उप जिलाधिकारी सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी और तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड़ ने भी पौधारोपण किया। सभी अधिकारियों ने एक सुर में कहा कि केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी निरंतर देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी
बेहद आवश्यक है। मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने वृक्षों को मानव जीवन, जैव विविधता और जल सुरक्षा का मजबूत आधार स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां हमारे जीवन का आधार होती है, उसी तरह वृक्ष भी जीवन के रक्षक हैं। जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान जैसी गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए जनभागीदारी से वृक्षारोपण ही सबसे प्रभावी
उपाय है। उन्होंने जनपदवासियों से अपनी मां और पूर्वजों की याद को चिरस्थायी बनाने के लिए एक पौधा लगाने का आग्रह किया। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर ने धरती माता की आरोग्यता की रक्षा को सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण बेहद जरूरी है।
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश में धार्मिक स्थलों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर मंदिरों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विकास के मुद्दे पर सरकार की आलोचना करना किसी भी तरह से उचित नहीं है।1
- मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महाबली गांव में लगातार हुई बारिश की वजह से एक कच्चा मकान गिर गया है।1
- मुजफ्फरनगर के चरथावल कस्बे में बारिश से अपनी जान बचाने के लिए एक गहरा छत पर चढ़ गया। इस घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसे न्यूज़ फॉर पब्लिक लाइव द्वारा देखने के लिए कहा गया है।1
- मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन क्षेत्र में सुमन विहार से कमला नेहरू वाटिका (कम्पनी बाग) तक बंद रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। अधिकांश स्थानीय लोग इस मार्ग को खुलवाने के पक्ष में हैं, क्योंकि इसके खुलने से आम लोगों, विशेषकर बुजुर्गों को काफी सुविधा मिलेगी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुछ परिवारों के विरोध और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण इस रास्ते को खोलने में बाधा आ रही है और प्रशासनिक कार्रवाई रुकी हुई है। उन्होंने बताया कि पूर्व में डीएम के निर्देश पर अतिक्रमण तो हटा दिया गया था, लेकिन गेट अब तक नहीं खोला गया है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि सुमन विहार से कम्पनी बाग तक का यह बंद रास्ता जल्द नहीं खोला गया तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।4
- उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग के माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री कपिल देव अग्रवाल जी द्वारा मुजफ्फरनगर जनपद वासियों को 'एक पेड़ मां के नाम' लगाने के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने जनपद वासियों को अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया है।1
- मुजफ्फरनगर की चरथावल पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत दो सगे भाइयों को उनके परिवार से मिला दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने तत्कालीन सरकार पर जमकर हमला बोला है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले न तो काम करने की कोई नीयत थी और न ही तत्कालीन सरकार की कोई नीति थी। जब सरकारें स्वयं ही पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार हों, तो वे भला पॉलिसी कैसे बनाएंगी! पूर्ववर्ती व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि 2017 के पहले उनके स्तर पर विकास को लेकर कोई पहल नहीं होती थी, जिसके कारण सभी विकास कार्य ठप्प पड़े हुए थे और राज्य में कोई निवेश नहीं आता था। उन्होंने पिछली सरकार के रवैये पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब के राशन, सुविधा और रोजगार पर ये सपाई गुंडे कब्जा करके गरीब जनता को पूरी तरह से तबाह करते थे।1
- मुजफ्फरनगर के पुरकाजी में भारतीय किसान यूनियन के नेता ने चेतावनी दी है। किसान नेता का साफ कहना है कि लक्सर रोड पर सोलानी नदी के पास अगर 'पल' को नहीं उखाड़ा गया, तो वे लोग वहीं पर धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे।1
- देवबंद पुलिस ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी समीर को गिरफ्तार कर लिया है। सहारनपुर के देवबंद के रणसुरा गांव निवासी समीर (पुत्र दिलशाद उर्फ पोशमीन) पर आरोप है कि वह नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। वहां उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और वारदात को अंजाम देने के बाद उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी भी दी। इस गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए देवबंद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर लगाए गए ये आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं और इस मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाएगा।1