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टैगोर गार्डन एक्सटेंशन में गुरुद्वारे के सामने चल रही चिकन बिरयानी की दुकान पर स्थानीय लोग भड़क गए हैं। उनका कहना है कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं और नियमों के उल्लंघन पर सवाल उठ रहे हैं। निवासियों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
Gurvinder Grewal
टैगोर गार्डन एक्सटेंशन में गुरुद्वारे के सामने चल रही चिकन बिरयानी की दुकान पर स्थानीय लोग भड़क गए हैं। उनका कहना है कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं और नियमों के उल्लंघन पर सवाल उठ रहे हैं। निवासियों ने प्रशासन से इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
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- Post by Bharatiya Jan KRANTI SENA1
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- 74 लाख टन कचरा हुआ गायब कूड़े की खदान पर Delhi सरकार का चला जादू Big Update 2026 After 1 Month Great News दिल्ली में वर्षों से खड़े गाजीपुर, भलस्वा और ओखला के कूड़े के पहाड़ अब राजनीति और पर्यावरण दोनों के केंद्र में हैं। दिल्ली सरकार और नगर निगम (MCD) दावा कर रहे हैं कि लाखों टन “लीगेसी वेस्ट” यानी पुराना कचरा हटाया गया है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या सचमुच 74 लाख टन कचरा खत्म हो गया, या सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा दिया गया? दिल्ली के तीन बड़े लैंडफिल — Ghazipur landfill, Bhalswa landfill और Okhla landfill — वर्षों से राजधानी की सबसे बड़ी पर्यावरणीय समस्या रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार इन साइटों पर कभी 280 लाख टन से अधिक कचरा जमा था। � निष्कर्ष दिल्ली के कूड़े के पहाड़ केवल सफाई का मुद्दा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा सवाल हैं। 74 लाख टन कचरा “गायब” होने का दावा जितना बड़ा है, उतनी ही बड़ी पारदर्शिता की मांग भी उठ रही है। आने वाले वर्षों में यह साफ होगा कि राजधानी ने सचमुच कचरे के पहाड़ खत्म किए हैं या सिर्फ उनका पता बदल दिया है।1