राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री का पुतला दहन किया और राजस्थान सरकार से उन्हें तत्काल मंत्री पद से हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मंत्री ने महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली कथित टिप्पणी की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इधर, गौतम दक के खिलाफ डूंगला थाने में राजकार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद, उनकी गिरफ्तारी न होने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रदर्शनकारी कानून के समान अनुपालन और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है और सरकार तथा पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री का पुतला दहन किया और राजस्थान सरकार से उन्हें तत्काल मंत्री पद से हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मंत्री ने महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली कथित टिप्पणी की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इधर, गौतम दक के खिलाफ डूंगला थाने में राजकार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद, उनकी गिरफ्तारी न होने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रदर्शनकारी कानून के समान अनुपालन और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है और सरकार तथा पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
- मंदसौर जिले में सुबह से ही बादल छाए हुए थे, लेकिन शाम होते-होते बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से आम जनता को लगातार चल रहे कूलर और एसी के कारण हो रही गर्मी से राहत मिलेगी और बिजली के बिलों से भी छुटकारा मिल पाएगा। वहीं, किसानों के लिए भी यह बारिश खुशी लेकर आई है, क्योंकि उनके खेत अभी खाली हैं और उन्हें पानी की सख्त आवश्यकता है। अच्छी बारिश होने पर किसान बुआई भी कर सकेंगे, क्योंकि खेत पानी का इंतजार कर रहे थे।1
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हिन्दू मंदिरों को ध्वस्त करने में केवल मुगलों का ही नहीं, बल्कि ईसाइयों का भी हाथ रहा है, जिन्होंने जहाँ भी अवसर मिला, मंदिरों को तोड़ डाला। रिपोर्ट में गोवा के एक भव्य मंदिर का विशेष उल्लेख किया गया है, जिसे 'वेटिकन और येसु के जाहिलों' द्वारा तोड़े जाने से बच गया, यह दर्शाता है कि ऐसे न जाने कितने ही मंदिरों को नष्ट कर दिया गया।1
- नीमच में हैदरी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ बोहरा समाज के मेधावी विद्यार्थियों और प्रोफेशनल युवाओं को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम के तहत, 10वीं और 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ, एमबीबीएस, बीडीएस, सीए, सीएस और बीएचएमएस जैसी प्रतिष्ठित प्रोफेशनल डिग्री हासिल करने वाले युवाओं को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर नवाजा गया। समारोह के दौरान, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और आधुनिक तकनीक के महत्व पर भी विस्तार से विचार व्यक्त किए गए।1
- लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जयंती के अवसर पर धनगर समाज द्वारा एक प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।1
- नीमच शहर में तेज़ हवाओं के साथ जोरदार बारिश दर्ज की गई है। इस मूसलाधार बारिश ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दिलाई है।1
- मध्य प्रदेश के जावद में स्वर्गीय वीरेंद्र कुमार सखलेचा की 27वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई, जो राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रहे थे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनके सुपुत्र ओमप्रकाश सखलेचा, जो पूर्व एमएसएमई मंत्री और वर्तमान विधायक हैं, ने अपने पूज्य पिताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय सखलेचा की जनसेवा और संगठन के प्रति निष्ठा को याद किया। वक्ताओं ने उन्हें जनसंघ से भाजपा तक के सफर का एक सशक्त मार्गदर्शक नेता बताया, जिनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण और जनहित के कार्यों के लिए समर्पित रहा।1
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की खास रिपोर्ट के अनुसार, ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिस पर शिकायतकर्ता रिंकी चटर्जी ने कहा है कि अब न्याय मिलेगा। रिंकी चटर्जी ने आरोप लगाया है कि जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब उन्होंने हिजाब पहनकर रेड रोड पर ईद की नमाज़ में भाग लिया और बाद में हिंदू धर्म को 'गंदे धर्म' के रूप में टिप्पणी की। रिंकी चटर्जी ने बताया कि जब वह पहली बार साइबर ब्रांच में एफआईआर दर्ज कराने गई थीं तो उनकी शिकायत स्वीकार नहीं की गई। उन्हें शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, और उनकी शिकायत दर्ज किए बिना कई दिनों तक देरी हुई। उन्होंने आगे कहा कि 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले, धर्मतला में हिंदू मतदाताओं को धमकी देते हुए बयान दिए गए, जिससे एक हिंदू और एक कार्यकर्ता के रूप में उन्हें व्यक्तिगत रूप से जोखिम महसूस हुआ और हमलों का डर सताया। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें उकसावे, हिंसा के लिए उकसाने और सनातन धर्म के अपमान का हवाला दिया गया था। शुरुआत में पुलिस ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में उनकी शिकायत ले ली गई और गंभीर धाराएं लागू की गईं।1
- लॉकडाउन के दौरान पिता और बेटे की पिटाई से हुई मौत के मामले में नौ पुलिसकर्मियों को दो बार फांसी की सजा सुनाई गई है। इस कड़ी सजा के साथ ही, उन पर डेढ़ करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।1