जमुई जिले के गुरमहा गांव, जो कभी नक्सलियों की गतिविधियों का गढ़ माना जाता था, रविवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की 'जन-अदालत' लगती थी और भय व बंदूक का साया रहता था, वहीं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सैकड़ों लोगों के बीच योग, विकास और विश्वास का संदेश गूंजा। इस अवसर पर बिहार सरकार की खेल एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह, जिलाधिकारी नवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ योगाभ्यास किया। उन्होंने यह संदेश दिया कि अब यह इलाका बंदूक नहीं, बल्कि विकास और विश्वास की राह पर आगे बढ़ रहा है। मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग वैश्विक पहचान बना चुका है और यह स्वस्थ व सकारात्मक समाज निर्माण का माध्यम है। उन्होंने हिंसा और भय का दौर देखने वाले इस क्षेत्र में योग और विकास की चर्चा को बदलाव की सबसे बड़ी पहचान बताया, साथ ही गुरमहा की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए पर्यटन के लिए भी प्रयास करने की बात कही। इस दौरान गांव में नल-जल योजना का भी उद्घाटन किया गया। ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने घोषणा की कि गुरमहा में जल्द ही मध्य विद्यालय भवन का निर्माण कराया जाएगा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अस्पताल खोलने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। उन्होंने बिजली, सड़क व अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार हो रहे कार्यों पर भी जोर दिया, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी गांव विकास की दौड़ में पीछे न रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने हेतु चोरमारा गांव की सुगंती कुमारी और गुरमहा की अन्नू कुमारी को नई आशा कार्यकर्ता के रूप में नियुक्ति पत्र सौंपे गए। दिव्यांग महेश राणा को ट्राइसाइकिल और बुजुर्ग महिलाओं को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने पुष्टि की कि पूरा क्षेत्र अब नक्सलमुक्त हो चुका है, लोगों के मन से डर समाप्त हो गया है, और प्रशासन उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है, विकास को नक्सलवाद का सबसे प्रभावी जवाब बताया। इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि योग शिविर उसी स्थान पर आयोजित किया गया, जो कभी नक्सलियों की गतिविधियों का केंद्र था और जहां पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए नक्सलियों के स्मारक भी बनाए जाते थे। इस जगह योगाभ्यास, सरकारी योजनाओं की घोषणा और विकास की चर्चा ने गुरमहा के भय और हिंसा के अतीत को पीछे छोड़ एक नई तस्वीर पेश की। प्रखंड विकास पदाधिकारी एस.के. पांडेय के नेतृत्व में व्यापक सुरक्षा तैयारियों के बीच आयोजित यह योग शिविर केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उस परिवर्तन का प्रतीक था जिसमें नक्सलवाद की पहचान रखने वाला इलाका अब विकास, विश्वास और नई संभावनाओं की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
जमुई जिले के गुरमहा गांव, जो कभी नक्सलियों की गतिविधियों का गढ़ माना जाता था, रविवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की 'जन-अदालत' लगती थी और भय व बंदूक का साया रहता था, वहीं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सैकड़ों लोगों के बीच योग, विकास और विश्वास का संदेश गूंजा। इस अवसर पर बिहार सरकार की खेल एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह, जिलाधिकारी नवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ योगाभ्यास किया। उन्होंने यह संदेश दिया कि अब यह इलाका बंदूक नहीं, बल्कि विकास और विश्वास की राह पर आगे बढ़ रहा है। मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग वैश्विक पहचान बना चुका है और यह स्वस्थ व सकारात्मक समाज निर्माण का माध्यम है। उन्होंने हिंसा और भय का दौर देखने वाले इस क्षेत्र में योग और विकास की चर्चा को बदलाव की सबसे बड़ी पहचान बताया, साथ ही गुरमहा की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए पर्यटन के लिए भी प्रयास करने की बात कही। इस दौरान गांव में नल-जल योजना का भी उद्घाटन किया गया। ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने घोषणा की कि गुरमहा में जल्द ही मध्य विद्यालय भवन का निर्माण कराया जाएगा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अस्पताल खोलने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। उन्होंने बिजली, सड़क व अन्य आधारभूत
सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार हो रहे कार्यों पर भी जोर दिया, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी गांव विकास की दौड़ में पीछे न रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने हेतु चोरमारा गांव की सुगंती कुमारी और गुरमहा की अन्नू कुमारी को नई आशा कार्यकर्ता के रूप में नियुक्ति पत्र सौंपे गए। दिव्यांग महेश राणा को ट्राइसाइकिल और बुजुर्ग महिलाओं को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने पुष्टि की कि पूरा क्षेत्र अब नक्सलमुक्त हो चुका है, लोगों के मन से डर समाप्त हो गया है, और प्रशासन उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है, विकास को नक्सलवाद का सबसे प्रभावी जवाब बताया। इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि योग शिविर उसी स्थान पर आयोजित किया गया, जो कभी नक्सलियों की गतिविधियों का केंद्र था और जहां पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए नक्सलियों के स्मारक भी बनाए जाते थे। इस जगह योगाभ्यास, सरकारी योजनाओं की घोषणा और विकास की चर्चा ने गुरमहा के भय और हिंसा के अतीत को पीछे छोड़ एक नई तस्वीर पेश की। प्रखंड विकास पदाधिकारी एस.के. पांडेय के नेतृत्व में व्यापक सुरक्षा तैयारियों के बीच आयोजित यह योग शिविर केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उस परिवर्तन का प्रतीक था जिसमें नक्सलवाद की पहचान रखने वाला इलाका अब विकास, विश्वास और नई संभावनाओं की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- जमुई जिले के चिहरा थाना क्षेत्र के गुहिया जंगल में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम ने विशेष सर्च अभियान चलाकर जमीन में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में नक्सली सामग्री, हथियारों के पुर्जे, आईईडी बनाने का सामान और नक्सली साहित्य बरामद किया। बरामद की गई सामग्री में हथियारों के पुर्जे और उनकी सफाई का सामान, नक्सलियों की 55 काली वर्दी बेल्ट, एके-47, इंसास, एसएलआर और .303 राइफल के पार्ट्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, डिजिटल मल्टीमीटर, बैटरियां, स्विच, नट-बोल्ट और अन्य विस्फोटक सामग्री भी मिली है। सुरक्षाबलों को लगभग 850 नक्सली पंपलेट, रसीद बुक और प्रतिबंधित संगठन से संबंधित साहित्य भी प्राप्त हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह इलाका पहले नक्सलियों द्वारा प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उपयोग किया जाता था। बरामद सामग्री के आधार पर आगे की जांच जारी है और पुलिस नक्सली नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है।1
- देवघर से एक वीडियो सामने आया है, जिसने स्थानीय स्थिति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह वीडियो इस बात को लेकर प्रश्नचिह्न लगा रहा है कि क्या यह स्थानीय ट्रैफिक व्यवस्था का मामला है या फिर दबंगई का प्रदर्शन।1
- बिहार के जमुई जिले में स्थित नक्सलियों के पुराने गढ़ कहे जाने वाले गुरमाहा क्षेत्र में योग का संदेश गूंजा है। इस अवसर पर मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि अब यह क्षेत्र विकास और स्वास्थ्य की नई पहचान के रूप में जाना जाएगा।1
- जमुई के नारायण पैलेस विवाह भवन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग शिविर में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस आयोजन ने क्षेत्र में काफी धूम मचाई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया गया है, जिसे '#samrat4bjp' नामक अकाउंट से पोस्ट किया गया है। पोस्ट में दर्शकों से इस वीडियो के संबंध में उनकी राय मांगी गई है।1
- जमुई पुलिस लाइन में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह के दौरान एक अत्यंत भावुक दृश्य देखने को मिला, जब प्रशिक्षु पुलिसकर्मी नीलू ने अपनी मां के चरणों में दंडवत प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लिया। यह पल समारोह का सबसे प्रेरणादायक और यादगार क्षण बन गया, जिसने सभी उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। इस दीक्षांत परेड में प्रशिक्षण पूरा करने वाले जवानों ने अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति की शपथ ली। समारोह में पुलिस अधिकारी, परिजनों और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जहाँ नीलू द्वारा अपनी मां के प्रति व्यक्त सम्मान और परेड की प्रमुख झलकियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं।1
- City Channel Jamui ने बिहार की 10 सबसे बड़ी और चर्चित खबरें प्रस्तुत की हैं, जिसमें खान सर को कोर्ट से मिली बड़ी राहत प्रमुख है। इसके अतिरिक्त, लव मैरिज के छह महीने बाद हुई ऑनर किलिंग से फैली सनसनी और नौकरी ज्वाइन करने से पहले अपनी मां को दंडवत प्रणाम करते एक कॉन्स्टेबल का वायरल वीडियो भी इनमें शामिल है। यह वीडियो अपराध, राजनीति, शिक्षा, प्रशासन और प्रदेश की अन्य बड़ी खबरों को भी कवर करता है। City Channel Jamui दर्शकों को बिहार की हर ताज़ा और विश्वसनीय खबर सबसे पहले देखने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करने तथा वीडियो को लाइक व शेयर करने का आग्रह करता है।1
- स्थानीय बाबा धनेश्वर नाथ मंदिर की हरियाली तेजी से उजड़ रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर एक सवाल उठाया गया है कि वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ साहब) इस पर अपनी चुप्पी कब तोड़ेंगे और कब कार्रवाई करेंगे।1