मृत्युभोज कुप्रथा पर सांसद का अभियान पेलवा में मृत चांदन (बांका): प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सिलजोरी पंचायत के पेलवा गांव में आयोजित शोकसभा सामाजिक जागरूकता का संदेश बन गई। प्राथमिक विद्यालय कसई की 35 वर्षीय शिक्षिका शोभा कुमारी (पति – वीरेंद्र दास) का बीते 20 फरवरी को लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया था। उनके परिवार में एक पुत्र एवं एक पुत्री हैं।सोमवार 2 मार्च को बांका सांसद गिरधारी यादव अपने समर्थकों के साथ शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मृत्युभोज की प्रथा का बहिष्कार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद आवश्यक धार्मिक कर्मकांड परंपरा अनुसार किए जा सकते हैं, लेकिन मृत्युभोज समाज पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालता है। कई गरीब परिवार सामाजिक दबाव में कर्ज लेकर भोज का आयोजन करते हैं, जिससे वे आर्थिक संकट में फंस जाते हैं।सांसद ने स्पष्ट कहा कि किसी भी शास्त्र में मृत्युभोज को अनिवार्य नहीं बताया गया है। यदि वही राशि बच्चों की शिक्षा और भविष्य निर्माण में खर्च की जाए तो परिवार का कल्याण होगा। उन्होंने युवाओं से आगे आकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ पहल करने का आह्वान किया।सांसद की प्रेरणा से स्वर्गीय शोभा कुमारी के पति वीरेंद्र दास ने मृत्युभोज नहीं करने का संकल्प लिया। मौके पर उपस्थित लोगों ने भी सांसद की बातों का समर्थन करते हुए मृत्युभोज नहीं करने का सामूहिक संकल्प लिया। ग्रामीणों ने इसे समाज के लिए सकारात्मक और साहसिक कदम बताया।इस अवसर पर गौरीपुर मुखिया प्रतिनिधि सह पूर्व प्रखंड प्रमुख प्रमोद मंडल, मोहनपुर के पूर्व जिला परिषद सदस्य भूतनाथ यादव, देवघर मेयर प्रत्याशी पिंटू यादव, डॉ. बीपी यादव, सिलजोरी पंचायत के उपमुखिया शिव प्रसाद यादव उर्फ शिबू यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। रिपोर्ट:उमाकांत पोद्दार
मृत्युभोज कुप्रथा पर सांसद का अभियान पेलवा में मृत चांदन (बांका): प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सिलजोरी पंचायत के पेलवा गांव में आयोजित शोकसभा सामाजिक जागरूकता का संदेश बन गई। प्राथमिक विद्यालय कसई की 35 वर्षीय शिक्षिका शोभा कुमारी (पति – वीरेंद्र दास) का बीते 20 फरवरी को लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया था। उनके परिवार में एक पुत्र एवं एक पुत्री हैं।सोमवार 2 मार्च को बांका सांसद गिरधारी यादव अपने समर्थकों के साथ शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मृत्युभोज की प्रथा का बहिष्कार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद आवश्यक धार्मिक कर्मकांड परंपरा अनुसार किए जा सकते हैं, लेकिन मृत्युभोज समाज पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालता है। कई गरीब परिवार सामाजिक दबाव में कर्ज लेकर भोज का आयोजन करते हैं, जिससे वे आर्थिक संकट में फंस जाते हैं।सांसद ने स्पष्ट कहा कि किसी भी शास्त्र में मृत्युभोज को अनिवार्य नहीं बताया गया है। यदि वही राशि बच्चों की शिक्षा और भविष्य निर्माण में खर्च की जाए तो परिवार का कल्याण होगा। उन्होंने युवाओं से आगे आकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ पहल करने का आह्वान किया।सांसद की प्रेरणा से स्वर्गीय शोभा कुमारी के पति वीरेंद्र दास ने मृत्युभोज नहीं करने का संकल्प लिया। मौके पर उपस्थित लोगों ने भी सांसद की बातों का समर्थन करते हुए मृत्युभोज नहीं करने का सामूहिक संकल्प लिया। ग्रामीणों ने इसे समाज के लिए सकारात्मक और साहसिक कदम बताया।इस अवसर पर गौरीपुर मुखिया प्रतिनिधि सह पूर्व प्रखंड प्रमुख प्रमोद मंडल, मोहनपुर के पूर्व जिला परिषद सदस्य भूतनाथ यादव, देवघर मेयर प्रत्याशी पिंटू यादव, डॉ. बीपी यादव, सिलजोरी पंचायत के उपमुखिया शिव प्रसाद यादव उर्फ शिबू यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। रिपोर्ट:उमाकांत पोद्दार
- Post by N.k.choudhary1
- बिहार बांका -जिले भर में रविवार देर रात पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ होलिका दहन किया गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोगों ने विधि-विधान के साथ होलिका दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व मनाया। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और होली के उत्सव की शुरुआत की। इधर सोमवार को लगने वाले चंद्र ग्रहण को लेकर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल प्रभावी रहेगा। इसी कारण सोमवार सुबह करीब 6 बजे से शाम 7 बजे तक बांका जिले के सभी मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। सूतक काल के दौरान मंदिरों में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान नहीं किए जाएंगे।1
- Post by Jamui star news /जमुई स्टार न्यूज़1
- Post by Rajiv Ranjan1
- टेटिया बंबर। होली के शुभ अवसर पर भुना पंचायत के कलई गांव स्थित दक्षिणेश्वर कालिका मंदिर के प्रांगण में ग्रामीणों ने पारंपरिक उत्साह के साथ रंगोत्सव मनाया। सुबह से ही मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुटने लगी, जहां मां भगवती की विधिवत पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की गई। पूजन के बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से फाग गीत गाए। ढोल और झाल की थाप पर गूंजते पारंपरिक होली गीतों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और उत्सवी बना दिया। लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर अमित झा, ऋषभ पाठक, शंभू नाथ पाठक, वार्ड सदस्य अंजनी पाठक सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष एवं युवा उपस्थित रहे। सभी ने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देते हुए हर्षोल्लास के साथ होली पर्व मनाया।1
- जमुई सेवानिवृत्ति होकर फौजी जब घर आये तो उनको स्वागत करते हुए परिजन लोग क्या कहा जानिए !1
- Post by Objectionnews1
- Post by N.k.choudhary1
- जमुई में होली से पहले बड़ी कार्रवाई! 32 बोतल विदेशी शराब बरामद, महिला गिरफ्तार1