विदिशा जिले के शमशाबाद में महानीम चौराहे के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार डंपर ने पीछे से एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक पर सवार एक युवक शैलेंद्र राजपूत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शमशाबाद-विदिशा मार्ग पर हुए इस भीषण हादसे में बाइक सवार तीनों लोग डंपर की चपेट में आ गए और सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग जुट गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल शमशाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने शैलेंद्र राजपूत को मृत घोषित कर दिया। दोनों गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त डंपर को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश में जांच शुरू कर दी है। मृतक के शव का पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और स्थानीय लोग सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के बेकाबू चलन पर नियंत्रण लगाने की मांग कर रहे हैं।
विदिशा जिले के शमशाबाद में महानीम चौराहे के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार डंपर ने पीछे से एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक पर सवार एक युवक शैलेंद्र राजपूत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शमशाबाद-विदिशा मार्ग पर हुए इस भीषण हादसे में बाइक सवार तीनों लोग डंपर की चपेट में आ गए और सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग जुट गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल शमशाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने शैलेंद्र राजपूत को मृत घोषित कर दिया। दोनों गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त डंपर को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश में जांच शुरू कर दी है। मृतक के शव का पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और स्थानीय लोग सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के बेकाबू चलन पर नियंत्रण लगाने की मांग कर रहे हैं।
- जमीन से जुड़े एक मामले में कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को हेमंत खंडेलवाल ने पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन करार दिया है। उन्होंने इन आरोपों को जनता को भ्रमित करने का एक असफल प्रयास बताया। खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि मोहन सरकार पारदर्शिता, सुशासन और विकास के अपने एजेंडे पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण लोकहित प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। MSME मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी। बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि समान नागरिक संहिता (UCC) पर 9 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत सुझाव UCC के समर्थन में हैं। अल्पसंख्यक वर्ग ने भी UCC पर भरोसा जताया है, और इसे लेकर हर जिले में अभियान चलाया गया था। यह प्रस्ताव 5 जुलाई को सरकार के पास आएगा और अगले विधानसभा सत्र में सदन में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट को राष्ट्रपति की मध्य प्रदेश यात्रा के बारे में भी जानकारी दी, जिसमें राष्ट्रपति ने सिकल सेल पर एक बड़े सम्मेलन को संबोधित किया और कूनो यात्रा भी की। 'जल गंगा अभियान' के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष कार्य किया गया है। 25 से 20 जून तक ग्राम पंचायत स्तर पर जल गंगा संवर्धन को लेकर आयोजन होंगे। मध्य प्रदेश ने जल गंगा अभियान में देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है, जिसमें डिंडौरी और खंडवा शीर्ष 10 जिलों में शामिल हैं। इंदौर और खंडवा के नगरीय निकायों को भी इसमें स्थान मिला है। किसान सम्मेलन में 81 लाख किसानों को 240 करोड़ रुपये दिए गए। इसके अतिरिक्त, 23 जुलाई से 15 दिनों तक श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 15 से 29 जुलाई तक पूरे प्रदेश में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया जाएगा, जिसका आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग करेगा और सांदीपनि स्कूल में प्रभारी मंत्री कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मंत्रियों ने बताया कि 5365 करोड़ रुपये की योजनाओं की निरंतरता को मंजूरी दी गई है। इनमें मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और खाद्यान्न आपूर्ति परिवहन योजना प्रमुख हैं। अगले 3 वर्षों में स्कूल शिक्षा विभाग शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने हेतु स्कूलों के उन्नयन को भी मंजूरी मिली है। 'किसान कल्याण वर्ष 2026' में किसानों को शून्य प्रतिशत ऋण की योजना में अब साल भर के लिए ऋण दिया जाएगा, जिसकी देय तिथि किसान द्वारा ऋण लेने के दिन से एक साल होगी, जिससे किसानों को तनाव से मुक्ति मिलेगी। शुजालपुर में एक विधि महाविद्यालय को पद सहित मंजूरी दी गई है।1
- भोपाल में नगर निगम के कर्मचारियों पर कचरा न उठाने को लेकर शिकायत सामने आई है। बताया गया है कि नगर निगम के कर्मचारी नालियों से कचरा निकालकर उसे सड़क पर ही जमा कर देते हैं। इसके बाद इस ढेर को उठाने के लिए कचरा गाड़ी नहीं आती, जिससे समस्या बनी रहती है।1
- लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना सामने आई है। इस अग्निकांड में एक छात्रा बाल-बाल बच गई है, और उसने अब उस भयावह पल की अपनी आपबीती साझा की है।1
- आज मंगलवार को रायसेन कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने स्वयं नागरिकों के पास पहुंचकर उनसे एक-एक कर संवाद किया और उनकी शिकायतों को सुना। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही करें, ताकि समस्याओं का शीघ्रता से समाधान हो सके। इस जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी, अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय और विभिन्न विभागों के अन्य जिला अधिकारी भी मौजूद रहे।2
- विदिशा जिले के समस्त सीएससी (सामुदायिक सेवा केंद्र) और जन शिक्षक, जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) की कार्यशैली से परेशान होकर सामूहिक रूप से इस्तीफा देने के लिए कलेक्टर कार्यालय पहुँचे। जन शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस विरोध के तहत, जन शिक्षकों ने अपने पद से इस्तीफा देने के लिए हस्ताक्षर किए और अपनी समस्याओं के संबंध में जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीपीसी की कार्यशैली से त्रस्त होने के कारण ही उन्हें यह बड़ा कदम उठाना पड़ा।4
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मंगलवार को भोपाल के पॉलिटेक्निक चौराहे पर छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बैनर और पोस्टर लेकर महारानी लक्ष्मीबाई (एमएलबी) गर्ल्स कॉलेज के पास संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनके पोस्टरों पर “शिक्षा के मंदिर के पास शराब की दुकान नहीं चलेगी” और “जहां ज्ञान की ज्योति जलती है, वहां शराब की दुकान नहीं चलती” जैसे संदेश लिखे हुए थे। इस दौरान कुछ छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़कर भी अपना विरोध जताते हुए दिखे। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर 200 से अधिक पुलिसकर्मी, वरिष्ठ अधिकारी और वॉटर कैनन तैनात किए गए थे। प्रदर्शन के दौरान भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा छात्रों से मिलने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि मामले में नियमानुसार जांच की जाएगी और सात दिन के भीतर इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा। कलेक्टर के इस आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर शराब की दुकान नहीं हटाई गई तो आठवें दिन से आंदोलन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।1
- अत्यधिक लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहाँ रात के घने अंधेरे में खंभे लेकर जा रहे एक नए ट्रैक्टर ने एक कार को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में हुई टक्कर स्पष्ट रूप से रात में सामान ले जाने में बरती गई भारी लापरवाही को उजागर करती है।1