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सुराल घाटी में स्की प्रतियोगिता का भव्य समापन, शीतकालीन पर्यटन की अपार संभावनाएं : अमनदीप सिंह। प्रतिनिधि पांगी न्यूज़ टुडे। पांगी की खूबसूरत सुराल घाटी में पांगी स्की एसोसिएशन सुराल और सुराल पर्यटन विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्की प्रतियोगिता का रविवार को भव्य समापन हुआ। प्रतियोगिता में 13 से 18 वर्ष तथा 19 से 30 वर्ष आयु वर्ग के लड़के-लड़कियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन समारोह के दौरान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और चंबा दिवस भी पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी उत्सवमय हो गया। समारोह में आवासीय आयुक्त पांगी अमनदीप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पांगी घाटी में शीतकालीन खेलों और शीतकालीन पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने पांगी स्की एसोसिएशन सुराल तथा सुराल पर्यटन विकास समिति द्वारा क्षेत्र में स्की खेलों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित भी करते हैं। अमनदीप सिंह ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और चंबा दिवस के अवसर पर पांगी घाटी की महिलाओं तथा क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सुराल घाटी को एक उभरते हुए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर बल दिया। इस अवसर पर पांगी स्की एसोसिएशन सुराल के अध्यक्ष कुलदीप धुतवानी ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए पांगी घाटी के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी से यह प्रतियोगिता और भी सफल रही है तथा भविष्य में ऐसे आयोजनों को और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में सहायक आयुक्त (विकास) एवं खंड अधिकारी पांगी योगेश कुमार, सहायक पशुपालन निदेशक डॉ. सुरेंद्र ठाकुर, डॉ. नरेश ठाकुर, भगवान दास चौहान प्रधानाचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किलाड़ संदीप भम्बोटा तहसीलदार पांगी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

on 9 March
user_PANGI NEWS TODAY
PANGI NEWS TODAY
Insurance Agent पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
on 9 March

सुराल घाटी में स्की प्रतियोगिता का भव्य समापन, शीतकालीन पर्यटन की अपार संभावनाएं : अमनदीप सिंह। प्रतिनिधि पांगी न्यूज़ टुडे। पांगी की खूबसूरत सुराल घाटी में पांगी स्की एसोसिएशन सुराल और सुराल पर्यटन विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्की प्रतियोगिता का रविवार को भव्य समापन हुआ। प्रतियोगिता में 13 से 18 वर्ष तथा 19 से 30 वर्ष आयु वर्ग के लड़के-लड़कियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन समारोह के दौरान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और चंबा दिवस भी पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी उत्सवमय हो गया। समारोह में आवासीय आयुक्त पांगी अमनदीप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पांगी घाटी में शीतकालीन खेलों और शीतकालीन पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने पांगी स्की एसोसिएशन सुराल तथा सुराल पर्यटन विकास समिति द्वारा क्षेत्र में स्की खेलों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित भी करते हैं। अमनदीप सिंह ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और चंबा दिवस के अवसर पर पांगी घाटी की महिलाओं तथा क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सुराल घाटी को एक उभरते हुए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर बल दिया। इस अवसर पर पांगी स्की एसोसिएशन सुराल के अध्यक्ष कुलदीप धुतवानी ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए पांगी घाटी के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी से यह प्रतियोगिता और भी सफल रही है तथा भविष्य में ऐसे आयोजनों को और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में सहायक आयुक्त (विकास) एवं खंड अधिकारी पांगी योगेश कुमार, सहायक पशुपालन निदेशक डॉ. सुरेंद्र ठाकुर, डॉ. नरेश ठाकुर, भगवान दास चौहान प्रधानाचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किलाड़ संदीप भम्बोटा तहसीलदार पांगी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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  • हिमालय की दुर्गम और प्राकृतिक रूप से समृद्ध घाटियों में वन्यजीवों की मौजूदगी एक सुखद संकेत मानी जाती है। इसी कड़ी में 3 अप्रैल 2026 को पांगी घाटी के चस्क क्षेत्र में एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा हिमालयन आइबेक्स (Himalayan Ibex) का कैमरे में कैद होना न केवल रोमांचक क्षण है, बल्कि यह क्षेत्र में जैव विविधता की समृद्धि और संरक्षण प्रयासों की सफलता को भी दर्शाता है। बताया जा रहा है कि यह दुर्लभ दृश्य चस्क की ऊंची पहाड़ियों में देखा गया, जहां आइबेक्स अपने प्राकृतिक आवास में स्वतंत्र रूप से विचरण करता नजर आया। हिमालयन आइबेक्स एक जंगली बकरी प्रजाति है, जो ऊबड़-खाबड़ चट्टानी इलाकों में रहने के लिए जानी जाती है और इसे देख पाना बेहद कठिन होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की वन्यजीव उपस्थिति यह संकेत देती है कि क्षेत्र का पर्यावरण अभी भी संतुलित है और मानव हस्तक्षेप सीमित है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस दुर्लभ क्षण को साझा करते हुए वन्यजीव पर्यटन (Wildlife Tourism) को बढ़ावा देने की अपील की है, ताकि लोग प्रकृति के करीब आ सकें और इसके संरक्षण के प्रति जागरूक बनें। पांगी घाटी, जो अपनी अनछुई सुंदरता और जैव विविधता के लिए जानी जाती है, अब धीरे-धीरे एडवेंचर और इको-टूरिज्म का केंद्र बनती जा रही है। ऐसे में हिमालयन आइबेक्स जैसे दुर्लभ जीवों की मौजूदगी पर्यटकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा सकती है। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से भी यह अपेक्षा की जा रही है कि वे इस दिशा में ठोस कदम उठाएं, ताकि वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके और क्षेत्र में जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। 👉 यह दृश्य न केवल एक फोटोग्राफर की उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है, जो हमें प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का एहसास कराता है।
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    हिमालय की दुर्गम और प्राकृतिक रूप से समृद्ध घाटियों में वन्यजीवों की मौजूदगी एक सुखद संकेत मानी जाती है। इसी कड़ी में 3 अप्रैल 2026 को पांगी घाटी के चस्क क्षेत्र में एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा हिमालयन आइबेक्स (Himalayan Ibex) का कैमरे में कैद होना न केवल रोमांचक क्षण है, बल्कि यह क्षेत्र में जैव विविधता की समृद्धि और संरक्षण प्रयासों की सफलता को भी दर्शाता है।
बताया जा रहा है कि यह दुर्लभ दृश्य चस्क की ऊंची पहाड़ियों में देखा गया, जहां आइबेक्स अपने प्राकृतिक आवास में स्वतंत्र रूप से विचरण करता नजर आया। हिमालयन आइबेक्स एक जंगली बकरी प्रजाति है, जो ऊबड़-खाबड़ चट्टानी इलाकों में रहने के लिए जानी जाती है और इसे देख पाना बेहद कठिन होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की वन्यजीव उपस्थिति यह संकेत देती है कि क्षेत्र का पर्यावरण अभी भी संतुलित है और मानव हस्तक्षेप सीमित है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस दुर्लभ क्षण को साझा करते हुए वन्यजीव पर्यटन (Wildlife Tourism) को बढ़ावा देने की अपील की है, ताकि लोग प्रकृति के करीब आ सकें और इसके संरक्षण के प्रति जागरूक बनें।
पांगी घाटी, जो अपनी अनछुई सुंदरता और जैव विविधता के लिए जानी जाती है, अब धीरे-धीरे एडवेंचर और इको-टूरिज्म का केंद्र बनती जा रही है। ऐसे में हिमालयन आइबेक्स जैसे दुर्लभ जीवों की मौजूदगी पर्यटकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से भी यह अपेक्षा की जा रही है कि वे इस दिशा में ठोस कदम उठाएं, ताकि वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके और क्षेत्र में जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
👉 यह दृश्य न केवल एक फोटोग्राफर की उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है, जो हमें प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का एहसास कराता है।
    user_हिम संदेश
    हिम संदेश
    Social Media Manager पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by Varun Slathia
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    Post by Varun Slathia
    user_Varun Slathia
    Varun Slathia
    Local Politician Kathua, Jammu and Kashmir•
    9 hrs ago
  • मंडी में यूथ कांग्रेस का ‘किसान न्याय सत्याग्रह’ 🔥 US ट्रेड डील और नई नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन | Mandi News
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    मंडी में यूथ कांग्रेस का ‘किसान न्याय सत्याग्रह’ 🔥 US ट्रेड डील और नई नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन | Mandi News
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter बल्ह, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • Crafted in wood, designed for timeless living. This wooden dining table blends warmth, durability, and modern elegance—perfect for everyday moments and special gatherings. For interior design ideas and customized solutions, contact Decoory Interiors 📩 DM for inquiries 📞 Contact us: 9821545511 📍Location: GF -71, Gaur City Center, Greater Noida West, Gautam Buddha Nagar, Uttar Pradesh 201318
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    Crafted in wood, designed for timeless living.
This wooden dining table blends warmth, durability, and modern elegance—perfect for everyday moments and special gatherings.
For interior design ideas and customized solutions, contact Decoory Interiors
📩 DM for inquiries
📞 Contact us: 9821545511
📍Location: GF -71, Gaur City Center, Greater Noida West, Gautam Buddha Nagar, Uttar Pradesh 201318
    user_Decoory Interiors
    Decoory Interiors
    Interior designer कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सुजानपुर सुजानपुर के विश्व प्रसिद्ध काली माता मंदिर प्रांगण में शनिवार को विशेष पूजा अर्चना हवन इत्यादि करने के बाद वार्षिक भंडारा आयोजित किया गया मंदिर परिसर के बाहर सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया बताते चले की मंदिर कमेटी द्वारा प्रतिवर्ष नवरात्र संपन्न होने के बाद वार्षिक भंडारा आयोजित किया जाता है जिसके चलते यह कार्यक्रम आयोजित हुआ भंडारा शुरू होने से पहले मंदिर परिसर में विशेष पूजा पाठ हवन इत्यादि करवाया गया यहां पंडित आचार्य संजय शर्मा द्वारा तमाम वैदिक रस्मों को निभाते हुए सर्वजन मंगल कल्याण की कामना की गई
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    सुजानपुर
सुजानपुर के विश्व प्रसिद्ध काली माता मंदिर प्रांगण में शनिवार को विशेष पूजा अर्चना हवन इत्यादि करने के बाद वार्षिक भंडारा आयोजित किया गया मंदिर परिसर के बाहर सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया बताते चले की मंदिर कमेटी द्वारा प्रतिवर्ष नवरात्र संपन्न होने के बाद वार्षिक भंडारा आयोजित किया जाता है जिसके चलते यह कार्यक्रम आयोजित हुआ भंडारा शुरू होने से पहले मंदिर परिसर में विशेष पूजा पाठ हवन इत्यादि करवाया गया यहां पंडित आचार्य संजय शर्मा द्वारा तमाम वैदिक रस्मों को निभाते हुए सर्वजन मंगल कल्याण की कामना की गई
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • देवभूमि कुल्लू हिमाचल प्रदेश
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    देवभूमि कुल्लू हिमाचल प्रदेश
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • हमीरपुर कांगड़ा घाटी में 4 अप्रैल 1905 को आए विनाशकारी भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शनिवार को यहां उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक जागरुकता कार्यक्रम, रैली और मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अवसर पर मिनी सचिवालय परिसर में मॉक ड्रिल करवाई गई तो भंूकंप आने पर किस तरह से बचाव किया जाए इस पर कर्मचारियों व लोगों को जागरूक किया गया है। एसडीएम संजीत सिंह की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दमकल विभाग, पुलिस व कर्मचारियों ने मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया और लोगों को बचाव की जानकारी दी। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय से लेकर नगर निगम कार्यालय तक एक जागरुकता रैली भी निकाली गई। रैली के बाद उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक मॉक ड्रिल भी की गई, जिसमें होमगार्ड्स और अग्निशमन विभाग के बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने कहा है कि 121 वर्ष पूर्व कांगड़ा में आया विनाशकारी भूकंप एक बहुत बड़ी त्रासदी थी। उस समय आपदा प्रबंधन के लिए न तो कोई सिस्टम विकसित हुआ था और न ही आम लोगों में इसके प्रति जागरुकता थी। लेकिन, आज के दौर में किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए हर जिला स्तर पर डीडीएमए से लेकर उपमंडल स्तर तक एक प्रभावी तंत्र और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों को तत्परता तथा प्रभावी ढंग से अंजाम देने के लिए हमारी पहले से ही तैयारी होनी चाहिए, ताकि वास्तव में आपदा आने पर जान-माल के नुक्सान को कम किया जा सके। इस अवसर पर एसडीएम संजीत सिंह ने उपायुक्त, अन्य अधिकारियों, आईटीआई हमीरपुर और अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा कांगड़ा घाटी की भूकंप त्रासदी के इतिहास पर प्रकाश डाला।
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    हमीरपुर
कांगड़ा घाटी में 4 अप्रैल 1905 को आए विनाशकारी भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शनिवार को यहां उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक जागरुकता कार्यक्रम, रैली और मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अवसर पर मिनी सचिवालय परिसर में मॉक ड्रिल करवाई गई तो भंूकंप आने पर किस तरह से बचाव किया जाए इस पर कर्मचारियों व लोगों को जागरूक किया गया है। एसडीएम संजीत सिंह की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दमकल विभाग, पुलिस व कर्मचारियों ने मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया और लोगों को बचाव की जानकारी दी। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय से लेकर नगर निगम कार्यालय तक एक जागरुकता रैली भी निकाली गई। रैली के बाद उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक मॉक ड्रिल भी की गई, जिसमें होमगार्ड्स और अग्निशमन विभाग के बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।
उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने कहा है कि 121 वर्ष पूर्व कांगड़ा में आया विनाशकारी भूकंप एक बहुत बड़ी त्रासदी थी। उस समय आपदा प्रबंधन के लिए न तो कोई सिस्टम विकसित हुआ था और न ही आम लोगों में इसके प्रति जागरुकता थी। लेकिन, आज के दौर में किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए हर जिला स्तर पर डीडीएमए से लेकर उपमंडल स्तर तक एक प्रभावी तंत्र और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों को तत्परता तथा प्रभावी ढंग से अंजाम देने के लिए हमारी पहले से ही तैयारी होनी चाहिए, ताकि वास्तव में आपदा आने पर जान-माल के नुक्सान को कम किया जा सके।
इस अवसर पर एसडीएम संजीत सिंह ने उपायुक्त, अन्य अधिकारियों, आईटीआई हमीरपुर और अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा कांगड़ा घाटी की भूकंप त्रासदी के इतिहास पर प्रकाश डाला।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    7 hrs ago
  • IIT मंडी vs माइंड ट्री स्कूल विवाद ⚠️ छात्रों का भविष्य खतरे में | हाई कोर्ट में मामला लंबित | Mandi News
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    IIT मंडी vs माइंड ट्री स्कूल विवाद ⚠️ छात्रों का भविष्य खतरे में | हाई कोर्ट में मामला लंबित | Mandi News
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter बल्ह, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
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