उचाना -एक स्कुल की किसान छात्रा टैक्टर रिपर चलाकर बना रही है तूड़ी ,अगर मेरा सगा भाई होता तो मैं भी घर पर आराम करती गांव डूमरखा कला हल्का उचाना जिला जींद की रहने वाली मुस्कान आज एक ऐसी कहानी बन चुकी है, जो हर बेटी को आगे बढ़ने की हिम्मत देती है। मुस्कान 12वीं कक्षा की छात्रा है, लेकिन उसकी पहचान सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है। स्कूल से लौटने के बाद वह सीधे खेतों का रुख करती है और अपने पिता प्रवीण का पूरा हाथ बंटाती है। ट्रैक्टर चलाना हो, खेतों की जुताई-बुवाई करनी हो, रीपर चलाकर तूड़ी (भूसा) बनाना हो या खेतों को समतल करना—मुस्कान हर काम में माहिर है। चार बहनों में सबसे बड़ी मुस्कान ने कभी अपने पिता को बेटे की कमी महसूस नहीं होने दी। गांव में लोग पहले कहते थे—"लड़की होकर ट्रैक्टर चलाती है", लेकिन मुस्कान ने इन बातों को नजरअंदाज कर अपने काम पर ध्यान दिया। आज वही लोग उसकी मेहनत और हिम्मत की मिसाल देते हैं। मुस्कान को ट्रैक्टर ही नहीं, गाड़ी, बाइक और स्कूटी चलाना भी आता है। इसी वजह से गांव में वह “ड्राइवर छोरी” के नाम से मशहूर हो चुकी है। उसके पिता ने भी उसकी लगन देखकर उसे खुद का ट्रैक्टर दिलाया है। जब उससे पूछा गया कि क्या उसे अपने चेहरे और मेकअप की चिंता नहीं होती, तो मुस्कान का जवाब दिल जीत लेने वाला था— “मेकअप तो बाद में भी हो जाएगा गेहूं की फसल का सीजन साल में एक बार ही आता है इसलिए टैक्टर -रिपर से तूड़ी बनाकर परिवार के लिए पैसे कमाने हैं सीकर दोपहरी में मेहनत से जहां एक तरफ बेटियां आसमान में जहाज उड़ा रही हैं और मेट्रो चला रही हैं, वहीं चिलचिलाती धूप में खेतों में ट्रैक्टर चलाना भी किसी हिम्मत से कम नहीं। बड़े-बड़े ड्राइवर जहां थक जाते हैं, वहीं मुस्कान मुस्कुराते हुए खेतों में काम करती नजर आती है। मुस्कान सिर्फ एक बेटी नहीं, बल्कि एक सोच है—जो बताती है कि अगर हौसला हो तो कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता।
उचाना -एक स्कुल की किसान छात्रा टैक्टर रिपर चलाकर बना रही है तूड़ी ,अगर मेरा सगा भाई होता तो मैं भी घर पर आराम करती गांव डूमरखा कला हल्का उचाना जिला जींद की रहने वाली मुस्कान आज एक ऐसी कहानी बन चुकी है, जो हर बेटी को आगे बढ़ने की हिम्मत देती है। मुस्कान 12वीं कक्षा की छात्रा है, लेकिन उसकी पहचान सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है। स्कूल से लौटने के बाद वह सीधे खेतों का रुख करती है और अपने पिता प्रवीण का पूरा हाथ बंटाती है। ट्रैक्टर चलाना हो, खेतों की जुताई-बुवाई करनी हो, रीपर चलाकर तूड़ी (भूसा) बनाना हो या खेतों को समतल करना—मुस्कान हर काम में माहिर है। चार बहनों में सबसे बड़ी मुस्कान ने कभी अपने पिता को बेटे की कमी महसूस नहीं होने दी। गांव में लोग पहले कहते थे—"लड़की होकर ट्रैक्टर चलाती है", लेकिन मुस्कान ने इन बातों को नजरअंदाज कर अपने काम पर ध्यान दिया। आज वही लोग उसकी मेहनत और हिम्मत की मिसाल देते हैं। मुस्कान को ट्रैक्टर ही नहीं, गाड़ी, बाइक और स्कूटी चलाना भी आता है। इसी वजह से गांव में वह “ड्राइवर छोरी” के नाम से मशहूर हो चुकी है। उसके पिता ने भी उसकी लगन देखकर उसे खुद का ट्रैक्टर दिलाया है। जब उससे पूछा गया कि क्या उसे अपने चेहरे और मेकअप की चिंता नहीं होती, तो मुस्कान का जवाब दिल जीत लेने वाला था— “मेकअप तो बाद में भी हो जाएगा गेहूं की फसल का सीजन साल में एक बार ही आता है इसलिए टैक्टर -रिपर से तूड़ी बनाकर परिवार के लिए पैसे कमाने हैं सीकर दोपहरी में मेहनत से जहां एक तरफ बेटियां आसमान में जहाज उड़ा रही हैं और मेट्रो चला रही हैं, वहीं चिलचिलाती धूप में खेतों में ट्रैक्टर चलाना भी किसी हिम्मत से कम नहीं। बड़े-बड़े ड्राइवर जहां थक जाते हैं, वहीं मुस्कान मुस्कुराते हुए खेतों में काम करती नजर आती है। मुस्कान सिर्फ एक बेटी नहीं, बल्कि एक सोच है—जो बताती है कि अगर हौसला हो तो कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता।
- अलेवा ब्लॉक के लोगों के लिए अच्छी खबर है कि अब हर सप्ताह मंगलवार को अलेवा तहसील में एसडीएम रमित यादव समाधान शिविर लगाएंगे। यहां पर वो सभी विभागों के अधिकारियों के साथ 10 बजे से लेकर 1 बजे तक जन समस्याओं को सुनेंगे। अलेवा ब्लॉक के लोगों को अपने छोटे से लेकर बड़े काम तक अलेवा से उचाना आना पड़ता है। विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री से लोगों ने मांग की थी सप्ताह में एक दिन एसडीएम अगर अलेवा तहसील में रहे तो लोगों को लंबी दूर तक कर उचाना कम जाना पड़ेगा। विधायक ने लोगों की इस मांग को पूरा करते हुए एसडीएम रमित मलिक से बात कर उन्हें सप्ताह में एक दिन तय कर अलेवा तहसील पहुंच कर लोगों की समस्याओं को सुनने के निर्देश दिए। इन निर्देशा का तुरंत एसडीएम ने पालन करते हुए मंगलवार का दिन अलेवा तहसील के लिए निर्धारित किया। सभी विभागों के अधिकारी रहेंगे मौजूद एसडीएम रमति यादव ने कहा कि हर सोमवार, गुरूवार को सरकार के निर्देशानुसार उचाना उपमंडल कार्यालय में समाधान शिविर लगाया जाता है। विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री के निर्देश पर हर मंगलवार को अलेवा तहसील में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मौजूद रहेंगे। यहां पर लोगों की समस्याओं को समाधान शिविर लगा कर सुना जाएगा। किसी को किसी भी तरह की अगर कोई समस्या है तो वो आकर अपनी समस्याओं को समाधान करवा सकता है। सरकार की सोच है कि पंक्ति के अंत में खड़े व्यक्ति को योजना का लाभ मिले। जो भी सरकार की योजनाएं है उनके बारे में लोगों को अवगत करवा उनको लाभ देने के लिए कार्य किया जाता है। लोगों की मांग हुई पूरी विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री ने कहा कि अलेवा ब्लॉक के लोग मांग कर रहे थे कि एक सप्ताह अलेवा तहसील में एसडीएम लोगों की समस्याओं को सुनने पहुंचे। एसडीएम को निर्देश दिए गए है अब वो हर मंगवाल को अलेवा तहसील विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ पहुंचेंगे। वो खुद भी सप्ताह में पांच दिन लोगों के बीच रहते है। लोगों की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द हो ये कोशिश रहती है।2
- Post by Bhajan Lal1
- दिल्ली से आने वाली मगध एक्सप्रेस में भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यात्रियों का आरोप है कि वेटिंग टिकट काउंटर से उपलब्ध नहीं हो रहा, लेकिन ट्रेन के अंदर टीटी द्वारा पैसे लेकर टिकट दिया जा रहा है। #MagadhExpress #RailwayCorruption #TTScam #TicketBlackMarketing #IndianRailways #TrainScam #PublicIssue #BreakingNews #RailwayNews #ViralNews #CommonManIssue #ReservationScam #TrainJourney #IndiaNews2
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- #नशे को छोड़कर शिक्षा की तरफ कदम बढ़ाये युवा : बलवान सिंह हेडमास्टर1
- Post by Rahul1
- Post by FojiNews241
- *हरियाणा में छात्र क्रांति! 🚩 BJP सरकार के खिलाफ एकजुट हुए सभी संगठन, विश्वविद्यालयों में भारी बवाल! #JPHNewsHaryana* *क्या विश्वविद्यालयों में लोकतंत्र की हत्या हो रही है? भिवानी महापंचायत से आई सरकार को सीधी चेतावनी!*⚠️ *छात्रों का सैलाब! 🌊 हरियाणा में सरकार के खिलाफ आर-पार की जंग, देखें महापंचायत की पूरी रिपोर्ट!*1