जहानाबाद पुलिस बल को शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को पुलिस केंद्र में एक साप्ताहिक परेड का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार के निर्देश पर आयोजित इस परेड में पुलिस जवानों ने अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट तालमेल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। सुबह से ही विभिन्न टुकड़ियों के जवान परेड मैदान में पहुंचे और निर्धारित ड्रिल, मार्च पास्ट तथा शारीरिक अभ्यास में सक्रिय रूप से शामिल हुए। इस दौरान अधिकारियों ने जवानों के टर्नआउट, समयपालन, कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा का गहन निरीक्षण किया, साथ ही उन्हें अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमित परेड और प्रशिक्षण न केवल पुलिसकर्मियों की शारीरिक क्षमता को मजबूत करता है, बल्कि उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का भी विकास करता है, जिससे पुलिस बल चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए तैयार होता है। उन्होंने जोर दिया कि एक अनुशासित और प्रशिक्षित पुलिस बल ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अधिक सक्षम साबित होता है। परेड के दौरान जवानों को जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने, कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सतर्क नजर रखने और हर परिस्थिति में संयम तथा धैर्य के साथ कार्य करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास एवं बेहतर संबंध स्थापित करने में पुलिसकर्मियों का व्यवहार अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने कहा कि प्रभावी और बेहतर पुलिसिंग के लिए शारीरिक दक्षता के साथ-साथ मानसिक सजगता, अनुशासन और समर्पण भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी जवानों से निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया। परेड का समापन जवानों के उत्साहवर्धन, आवश्यक दिशा-निर्देशों और भविष्य में भी नियमित प्रशिक्षण जारी रखने के संकल्प के साथ किया गया, जिसने पुलिस बल में नई ऊर्जा और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश दिया।
जहानाबाद पुलिस बल को शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को पुलिस केंद्र में एक साप्ताहिक परेड का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार के निर्देश पर आयोजित इस परेड में पुलिस जवानों ने अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट तालमेल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। सुबह से ही विभिन्न टुकड़ियों के जवान परेड मैदान में पहुंचे और निर्धारित ड्रिल, मार्च पास्ट तथा शारीरिक अभ्यास में सक्रिय रूप से शामिल हुए। इस दौरान अधिकारियों ने जवानों के टर्नआउट, समयपालन, कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा का गहन निरीक्षण किया, साथ ही उन्हें अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमित परेड और प्रशिक्षण न केवल पुलिसकर्मियों की शारीरिक क्षमता को मजबूत करता है, बल्कि उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का भी विकास करता है, जिससे पुलिस बल चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए तैयार होता है। उन्होंने जोर दिया कि एक अनुशासित और प्रशिक्षित पुलिस बल ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अधिक सक्षम साबित होता है। परेड के दौरान जवानों को जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने, कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सतर्क नजर रखने और हर परिस्थिति में संयम तथा धैर्य के साथ कार्य करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास एवं बेहतर संबंध स्थापित करने में पुलिसकर्मियों का व्यवहार अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने कहा कि प्रभावी और बेहतर पुलिसिंग के लिए शारीरिक दक्षता के साथ-साथ मानसिक सजगता, अनुशासन और समर्पण भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी जवानों से निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया। परेड का समापन जवानों के उत्साहवर्धन, आवश्यक दिशा-निर्देशों और भविष्य में भी नियमित प्रशिक्षण जारी रखने के संकल्प के साथ किया गया, जिसने पुलिस बल में नई ऊर्जा और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश दिया।
- मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयार सुरेश कुमार ने लक्ष्मी चौक पर होटल सिल्वर इसपुन का उदघाटन किया है। यह उद्घाटन कार्यक्रम लक्ष्मी चौक नामक स्थान पर आयोजित किया गया था।1
- नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के फैसले पर आनंद मोहन ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बिहार की राजनीति में आनंद मोहन का कड़ा तेवर देखने को मिला है, जहां उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजपूत समाज को बिहार की सत्ता में उचित मंत्रिमंडल नहीं मिल पाया है। आनंद मोहन ने स्पष्ट रूप से कहा कि राजपूत समाज को बिहार के सत्ता में सही मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा थाना क्षेत्र के सिहाड़ी टोले फतेहपुर गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसे में इंदल चन्द्रवंशी की पाँच वर्षीय पुत्री की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद, एक पूर्व विधायक पीड़ित परिवार से मिलने के लिए सिहाड़ी टोले फतेहपुर स्थित मृतक के घर पहुँचे।1
- आरा में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा ने संयुक्त रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक सामूहिक उपवास कार्यक्रम आयोजित किया। जिला सचिव जयशंकर प्रसाद ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए भाजपा सरकार और शिक्षा मंत्री पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में देश के भीतर लगातार पेपर लीक हो रहे हैं और कोई भी परीक्षा निष्पक्ष रूप से नहीं कराई जा रही है। इस उपवास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अव्यवस्था, परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों, पेपर लीक की घटनाओं, छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ और शिक्षा के व्यापारीकरण के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए RYA राज्य सचिव व अगिआव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन ने विशेष रूप से पिछले दिनों हुए "नेट AEDO" के पेपर लीक का जिक्र किया, जिसके कारण देश के दर्जनों छात्रों ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने इन आत्महत्याओं को सरकार द्वारा की गई "संस्थानिक हत्या" करार दिया। शिवप्रकाश रंजन ने भाजपा सरकार को 2014 से लगातार छात्र विरोधी, परीक्षा विरोधी और शिक्षा विरोधी बताते हुए कहा कि इसी के चलते देश में सभी पेपर लीक हो रहे हैं, और यह लगातार शिक्षा मात्राओं का संरक्षण दे रहे हैं। वक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत इस्तीफे की मांग की, यह कहते हुए कि देश के युवा उन्हें शिक्षा मंत्रालय में नहीं देखना चाहते क्योंकि वे 'शिक्षा विरोधी, देश विरोधी और छात्र विरोधी' हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के भीतर बड़े-बड़े आंदोलन सड़कों से हुए हैं और इन्हीं सड़क आंदोलनों से सरकार को झुकना पड़ा है तथा तमाम मांगों को मानना पड़ा है, जिससे यह सरकार पूरी तरह से वाकिफ है।4
- बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद, शराब तस्कर तस्करी के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। इसी क्रम में, पटना उत्पाद विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की है, जिसे इस बार तस्करों ने ‘गवर्नमेंट ऑफ़ बिहार नॉट फॉर सेल’ लिखी दवाओं की आड़ में छुपा रखा था। पटना उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त प्रेम प्रकाश ने बताया कि सोमवार को शराब तस्करी की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर अगमकुआं थाना क्षेत्र के एनआरएल पेट्रोल पंप के पास छापेमारी की गई। टीम ने एक ट्रक में भरी विदेशी शराब की लगभग 400 कार्टून जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि, छापेमारी के दौरान शराब तस्कर मौके से भागने में सफल रहे और उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई। विभाग ने शराब जब्त कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह घटना एक बार फिर बिहार में शराबबंदी की प्रभावशीलता पर सवाल उठाती है, क्योंकि तस्कर हर बार नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं।1
- भोजपुर जिले में, भारत भूषण तिवारी के आवास पर दिव्यांग व्यक्तियों का एक समूह पहुँचा। इस घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी या उनके पहुँचने का कारण फिलहाल उपलब्ध नहीं है।1
- नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने पर आनंद मोहन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस घटनाक्रम पर बिहार की राजनीति में आनंद मोहन का कड़ा तेवर देखने को मिला, जहाँ उन्होंने यह भी कहा कि राजपूत समाज को बिहार की सत्ता में सही मंत्रिमंडल नहीं मिल पाया है।1
- एक व्यक्ति ने रूपा पासवान, उसके पिता अमरजीत पासवान और छोटी बहन रानी पासवान पर लोगों को फंसाने और लूटने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने बताया है कि वह खुद इन लोगों का शिकार हुआ है, जहाँ रूपा पासवान ने उससे शादी की और दो साल तक उसके साथ रही। इसके बाद, वह उसके घर से सारा पैसा और जेवर लूटकर फरार हो गई। पीड़ित ने दावा किया है कि रूपा पासवान लोगों को अपने प्रेम जाल में फंसाती है और फिर उन्हें लूटकर भाग जाती है। उसने रूपा के पहले पति इंद्रदेव पासवान का भी जिक्र किया, जो कथित तौर पर दो साल तक कहीं और रहने के बाद भी उसे वापस रखने को तैयार हो गया था। शिकायतकर्ता ने इस खबर को व्यापक रूप से प्रसारित करने की अपील की है, ताकि कोई और व्यक्ति इस प्रकार के धोखे का शिकार न हो सके।2
- भोजपुर पुलिस ने सहार थाना क्षेत्र के पीउर गांव (बालू घाट) में मो. अलाउद्दीन उर्फ अब्दुल फैज पर हुए जानलेवा हमले और रंगदारी के मामले में आधे घंटे के भीतर ही हमलावर को गिरफ्तार कर त्वरित कार्रवाई का शानदार उदाहरण पेश किया है। पीस कमेटी भोजपुर के सम्मानित सदस्य श्री सोहेल खान और श्री जीशान अली ने जैसे ही इस घटना की जानकारी भोजपुर के एसपी श्री राज जी को दी, एसपी साहब के कुशल निर्देश पर पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और आरोपी को धर दबोचने के बाद थाने से उसकी तस्वीर भी जारी की। भोजपुर पुलिस और एसपी श्री राज जी की यह तत्परता दर्शाती है कि वे किसी भी घटना को कितनी गंभीरता से लेते हैं और अपराधियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजने में यकीन रखते हैं। भोजपुर वासियों के लिए यह बेहद खुशी और राहत की बात है कि श्री राज जी जैसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी जिले में सेवा दे रहे हैं, जो किसी भी नागरिक की मदद के लिए हमेशा तत्पर और उपलब्ध रहते हैं। इस अद्भुत मुस्तैदी दिखाने और कानून का इकबाल बुलंद रखने के लिए भोजपुर वासियों की ओर से एसपी श्री राज जी को हृदय से धन्यवाद दिया गया है।1