ब्यावर सभापति की कुर्सी और विधायक बाबा की चाणक्य नीति शंकर सिंह रावत की रणनीति में अपना चेहरा नहीं स्वीकारी *--@-- ब्यावर जनाधिकार मंच, ब्यावर --* *-- जन संवाद -- निर्भीक कलम -- इवनिंग पोस्ट --*✍️ जैतारण राधेश्याम दाधीच 🔥 *सभापति की कुर्सी और विधायक बाबा की चाणक्य नीति!* 🔥 क्या शंकर सिंह रावत की रणनीति में “अपना चेहरा” नहीं, *“सर्वस्वीकार्य चेहरा” बनेगा अंतिम पत्ता?* 🔥*सभापति की कुर्सी पर “चाणक्य चाल”! शंकर सिंह रावत के पत्ते खुले तो ब्यावर की राजनीति में मचेगा सियासी तूफान!* 🔴 ब्यावर नगर परिषद में सभापति की कुर्सी को लेकर *राजनीतिक शतरंज अब बेहद दिलचस्प दौर में पहुंच गई है।* चर्चाओं और संभावित समीकरणों को मानें तो विधायक श्री शंकर सिंह रावत के सामने पहला सवाल यह होगा कि *यदि भाजपा 31 का बहुमत जुटा लेती है, तो चेहरा कौन होगा?* पुष्पा जयकिशन बल्दुआ, गोपाल रावत या गोविन्द अग्रवाल जैसे *नाम राजनीतिक चर्चा में हैं,* लेकिन असली “चाणक्य नीति” शायद यहीं से शुरू होती है— *क्या विधायक अपने सबसे भरोसेमंद चेहरे को आगे करेंगे या ऐसा नाम चुनेंगे जिस पर संगठन, पार्षदों और व्यापक राजनीतिक खेमे में न्यूनतम विरोध हो?* पिछली नगर परिषदों के अनुभवों ने भी नेतृत्व के लिए एक बात स्पष्ट कर दी होगी कि सभापति केवल बहुमत से बनता है, *लेकिन उसके बाद पांच वर्ष तक उसे संभालना अलग चुनौती है।* इसलिए यदि आलाकमान की पर्ची से कोई नया, सामान्य वर्ग से जुड़ा, धरातल पर सक्रिय *और अपेक्षाकृत सर्वस्वीकार्य चेहरा सामने आता है, तो* यह रणनीति व्यक्तिगत दावेदारी से अधिक संगठनात्मक संतुलन की हो सकती है। 🔴 यदि भाजपा के 23 पार्षदों के साथ सात निर्दलीय—कविता सोनी, हेमन्त कुमावत, मनोज तंवर, मंगतसिंह मोनू, रुपेश भारद्वाज, तिलकसिंह और लक्ष्मण पोपावत—तथा जैतारण से जुड़े दो पार्षदों का *समर्थन जुटता है, तो बहुमत का समीकरण बन सकता है।* लेकिन राजनीति में गणित कागज पर जितना सीधा दिखता है, *जमीन पर उतना ही पेचीदा होता है।* एक-दो पार्षदों की असहमति पूरा *खेल पलट सकती है और क्रॉस-वोटिंग की संभावना समीकरण को फिर से शून्य से शुरू कर सकती है।* ऐसी स्थिति में बागावासजी अथवा RLP के समर्थन की आवश्यकता पड़े या न पड़े, यह *अंतिम क्षण तक निश्चित मानना जल्दबाजी होगी।* और यहीं से विधायक शंकर बाबा भोलेनाथ की *संभावित “चाणक्य नीति” का दूसरा अध्याय शुरू होता है—* किसी एक नाम को जिताने से ज्यादा महत्वपूर्ण है *ऐसा नाम सामने लाना जिसे रोकने के लिए विपक्ष के पास भी मजबूत कारण न हो।* यदि विपक्ष के अनुभवी पार्षद—अजय शर्मा, दलपत मेवाड़ा, भरत बाधमार, विक्रांत यादव, घनश्याम फुलवारी, पारस जैन, प्रिंस ओस्तवाल, हनुमान साखला, मोहम्मद इमरान, भरत बंधीवाल और कैलाश गहलोत- *अपनी रणनीति के साथ मैदान में हैं, तो भाजपा के लिए सभापति का चुनाव महज 31 का आंकड़ा पूरा करने का खेल नहीं रहेगा* यहां सहमति, क्रॉस-वोटिंग रोकना, निर्दलीयों को साधना और सर्वस्वीकार्य चेहरे का चयन— *चारों मोर्चे एक साथ संभालने होंगे।* 📜 अंततः ब्यावर की राजनीति में अभी कई पत्ते बंद हैं और कई दावेदार खुले मैदान में। *इसलिए किसी नाम को तय मानना अभी उचित नहीं।* लेकिन यदि वास्तव में विधायक श्री शंकर सिंह रावत के हाथ में 31 का आंकड़ा आ जाता है, तो असली चाणक्य कौन होगा, इसका पता केवल इस बात से नहीं चलेगा कि किसे सभापति बनाया गया— *बल्कि इस बात से चलेगा कि किसे नहीं बनाया गया और क्यों नहीं बनाया गया।* राजनीति में कई बार सबसे मजबूत चाल वह नहीं होती जो सबसे ज्यादा दिखाई दे, *बल्कि वह होती है जिसका परिणाम सामने आने तक अंदाजा ही न लगे।* अब देखना यही है—21 तारीख को ब्यावर की सभापति की कुर्सी पर दावेदारी बैठेगी, समीकरण बैठेगा या *फिर आलाकमान की “पर्ची” पूरा खेल बदल देगी?* *-- निर्भीक कलम --*✍️ (सुझावों के लिए संपर्क करे हेल्पलाइन 9352006179)
ब्यावर सभापति की कुर्सी और विधायक बाबा की चाणक्य नीति शंकर सिंह रावत की रणनीति में अपना चेहरा नहीं स्वीकारी *--@-- ब्यावर जनाधिकार मंच, ब्यावर --* *-- जन संवाद -- निर्भीक कलम -- इवनिंग पोस्ट --*✍️ जैतारण राधेश्याम दाधीच 🔥 *सभापति की कुर्सी और विधायक बाबा की चाणक्य नीति!* 🔥 क्या शंकर सिंह रावत की रणनीति में “अपना चेहरा” नहीं, *“सर्वस्वीकार्य चेहरा” बनेगा अंतिम पत्ता?* 🔥*सभापति की कुर्सी पर “चाणक्य चाल”! शंकर सिंह रावत के पत्ते खुले तो ब्यावर की राजनीति में मचेगा सियासी तूफान!* 🔴 ब्यावर नगर परिषद में सभापति की कुर्सी को लेकर *राजनीतिक शतरंज अब बेहद दिलचस्प दौर में पहुंच गई है।* चर्चाओं और संभावित समीकरणों को मानें तो विधायक श्री शंकर सिंह रावत के सामने पहला सवाल यह होगा कि *यदि भाजपा 31 का बहुमत जुटा लेती है, तो चेहरा कौन होगा?* पुष्पा जयकिशन बल्दुआ, गोपाल रावत या गोविन्द अग्रवाल जैसे *नाम राजनीतिक चर्चा में हैं,* लेकिन असली “चाणक्य नीति” शायद यहीं से शुरू होती है— *क्या विधायक अपने सबसे भरोसेमंद चेहरे को आगे करेंगे या ऐसा नाम चुनेंगे जिस पर संगठन, पार्षदों और व्यापक राजनीतिक खेमे में न्यूनतम विरोध हो?* पिछली नगर परिषदों के अनुभवों ने भी नेतृत्व के लिए एक बात स्पष्ट कर दी होगी कि सभापति केवल बहुमत से बनता है, *लेकिन उसके बाद पांच वर्ष तक उसे संभालना अलग चुनौती है।* इसलिए यदि आलाकमान की पर्ची से कोई नया, सामान्य वर्ग से जुड़ा, धरातल पर सक्रिय *और अपेक्षाकृत सर्वस्वीकार्य चेहरा सामने आता है, तो* यह रणनीति व्यक्तिगत दावेदारी से अधिक संगठनात्मक संतुलन की हो सकती है। 🔴 यदि भाजपा के 23 पार्षदों के साथ सात निर्दलीय—कविता सोनी, हेमन्त कुमावत, मनोज तंवर, मंगतसिंह मोनू, रुपेश भारद्वाज, तिलकसिंह और लक्ष्मण पोपावत—तथा जैतारण से जुड़े दो पार्षदों का *समर्थन जुटता है, तो बहुमत का समीकरण बन सकता है।* लेकिन राजनीति में गणित कागज पर जितना सीधा दिखता है, *जमीन पर उतना ही पेचीदा होता है।* एक-दो पार्षदों की असहमति पूरा *खेल पलट सकती है और क्रॉस-वोटिंग की संभावना समीकरण को फिर से शून्य से शुरू कर सकती है।* ऐसी स्थिति में बागावासजी अथवा RLP के समर्थन की आवश्यकता पड़े या न पड़े, यह *अंतिम क्षण तक निश्चित मानना जल्दबाजी होगी।* और यहीं से विधायक शंकर बाबा भोलेनाथ की *संभावित “चाणक्य नीति” का दूसरा अध्याय शुरू होता है—* किसी एक नाम को जिताने से ज्यादा महत्वपूर्ण है *ऐसा नाम सामने लाना जिसे रोकने के लिए विपक्ष के पास भी मजबूत कारण न हो।* यदि विपक्ष के अनुभवी पार्षद—अजय शर्मा, दलपत मेवाड़ा, भरत बाधमार, विक्रांत यादव, घनश्याम फुलवारी, पारस जैन, प्रिंस ओस्तवाल, हनुमान साखला, मोहम्मद इमरान, भरत बंधीवाल और कैलाश गहलोत- *अपनी रणनीति के साथ मैदान में हैं, तो भाजपा के लिए सभापति का चुनाव महज 31 का आंकड़ा पूरा करने का खेल नहीं रहेगा* यहां सहमति, क्रॉस-वोटिंग रोकना, निर्दलीयों को साधना और सर्वस्वीकार्य चेहरे का चयन— *चारों मोर्चे एक साथ संभालने होंगे।* 📜 अंततः ब्यावर की राजनीति में अभी कई पत्ते बंद हैं और कई दावेदार खुले मैदान में। *इसलिए किसी नाम को तय मानना अभी उचित नहीं।* लेकिन यदि वास्तव में विधायक श्री शंकर सिंह रावत के हाथ में 31 का आंकड़ा आ जाता है, तो असली चाणक्य कौन होगा, इसका पता केवल इस बात से नहीं चलेगा कि किसे सभापति बनाया गया— *बल्कि इस बात से चलेगा कि किसे नहीं बनाया गया और क्यों नहीं बनाया गया।* राजनीति में कई बार सबसे मजबूत चाल वह नहीं होती जो सबसे ज्यादा दिखाई दे, *बल्कि वह होती है जिसका परिणाम सामने आने तक अंदाजा ही न लगे।* अब देखना यही है—21 तारीख को ब्यावर की सभापति की कुर्सी पर दावेदारी बैठेगी, समीकरण बैठेगा या *फिर आलाकमान की “पर्ची” पूरा खेल बदल देगी?* *-- निर्भीक कलम --*✍️ (सुझावों के लिए संपर्क करे हेल्पलाइन 9352006179)
- आगेवा मैं 11 वर्षीय छात्र खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ *आगेवा में 11 वर्षीय छात्र खेलकूद प्रतियोगिता शुभारम्भ* जैतारण राधेश्याम दाधीच 70वी प्राथमिक विद्यालयी ब्लॉक स्तरीय 11वर्षीय छात्र खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारम्भ पीईईओ श्री नारायणलाल पटेल , प्रशासक श्री राकेश सरगरा , पर्यवेक्षक श्री जवरीलाल प्रजापत एवं संयोजक श्री दुर्गाराम चौधरी के कर कमलों से किया गया।। संयोजक चौधरी ने बताया कि 11वर्षीय छात्र प्रतियोगिता का आयोजन 16 से 19 सितम्बर2026 तक राजकीय बालिका उच्च प्राथामिक विद्यालय आगेवा के मैदान में आयोजन होने जा रहा है । इसमें कुल 10 टीमें तथा कुल 46 प्रतिभागी भाग ले रहें हैं।। प्रतियोगिता को सम्पन्न करवाने हेतु कुल 10 शा०शि० एवं कार्मिकों की प्रतिनियुक्ति पर लगाये गये।। तकनिकी सलाकार श्रीमती रेखा निम्बावत ने बताया कि उद्घाटन मैच खो-खो राबाउप्रावि आगेवा V/S राउमावि आगेवा के बीच खेला गया जिसमें राउमावि आगेवा विजेता रही।। एथेलेटिक्स 50 मीटर दाैड़ में विजेता राबाउप्रावि आगेवा व उपविजेता सीरवी ईन्टरनेशल स्कूल जैतारण रही तथा 100 मीटर दौड़ में सीरवी इन्टरनेशनल जैतारण विजेता व राबाउप्रावि आगेवा उप विजेता रही।। प्रतियोगिता आयोजन में राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ब्लॉक अध्यक्ष अर्जुन कुमावत, प्रदेश मंत्री लिखमाराम सीरवी, निर्णायक एवं चयनकर्ता शा० शि० भंवरलाल सीरवी, रामनिवास चौधरी, सुनिता चौधरी, सुरेश कुमार गौड़, रफीक मोहममद, ओमप्रकाश सैनी, मंगलाराम माली, केसाराम , दुर्गा चौधरी, अनिता रामनानी, पूजा चौधरी, मंजू प्रजापति, भूण्डापूरी , अनिलपुरी सहित समस्त ग्रामीणों व पूरे विद्यालय परिवार का पूर्ण सहयोग रहा।।1
- जैतारण (ब्यावर ) भाजपा के भैणाराम गेहलोत बने नगर पालिका जैतारण के अध्यक्ष भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने की नाम की घोषणा। भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता महेश पंचारिया की तरफ से भेणाराम जी गेहलोत के नगर पालिका जैतारण के अध्यक्ष बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।2
- ब्यावर में बंद मकान में चोरी का प्रयास, CCTV में कैद हुए संदिग्ध चोर ब्यावर में बंद मकान में चोरी का प्रयास, CCTV में कैद हुए संदिग्ध चोर नंद नगर गली नंबर 4 स्थित आर.के. विला में देर रात वारदात का प्रयास, पड़ोसियों के जागने पर भागे संदिग्ध ब्यावर। शहर के नंद नगर गली नंबर 4 स्थित आर.के. विला में देर रात अज्ञात संदिग्धों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। मकान पिछले करीब 3-4 महीनों से बंद बताया जा रहा है और मकान मालिक बाहर रहते हैं। जानकारी के अनुसार, देर रात संदिग्ध चोर चोरी की बाइक पर सवार होकर बंद मकान के पास पहुंचे और वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। इस दौरान मकान के आसपास लगे CCTV कैमरों में संदिग्धों की गतिविधियां कैद हो गईं। इसी बीच पड़ोसियों को मकान के आसपास संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। पड़ोसियों के जागने और हलचल होने पर संदिग्ध चोर वारदात को अंजाम दिए बिना मौके से फरार हो गए। पड़ोसियों की सजगता के चलते चोरी की वारदात होने से टल गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित केशव कंजानि ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान और तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं।1
- पीसांगन में बड़ा उलटफेर - 8 निर्दलीयों ने थामा भाजपा का दामन, भाजपा का बोर्ड बनना तय! पीसांगन।* नगरपालिका चुनाव में सबसे बड़ा धमाका हो गया है। किंगमेकर बने कई निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा ज्वाइन कर ली है। इस ज्वाइनिंग के साथ ही पीसांगन नगरपालिका में सत्ता का गणित पूरी तरह बदल गया है। कांग्रेस के पास सिर्फ 08 पार्षद रह गए हैं। बताया जा रहा है कि निर्दलीय लोकेश लम्बा के भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के उपरांत पीसांगन की हाॅट सीट वार्ड 18 के पार्षद अविनाश महता,वार्ड 25 से ईश्वर,वार्ड 23 से अभिषेक सोनी, वार्ड 13 से कमला सहित निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा की सदस्यता ली है। साथ ही पीसांगन नगरपालिका में सबसे बड़े अंतर से जीत दर्ज करने वाली निर्दलीय प्रत्याशी संपति देवी भाजपा प्रत्याशी लोकेश लम्बा की प्रस्तावक बनकर सभी को चौंका दिया ।। अब पीसांगन में भाजपा का अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है। औपचारिक ऐलान बाकी है।1
- रिया बड़ी नगर पालिका मंडल के कांग्रेस पार्टी के जीते हुए पार्षदों पर हमला1
- नागौर में BJP ने खोले पत्ते, संतोष टाक ने भरा सभापति पद का पर्चा नागौर नगर परिषद सभापति पद के लिए भाजपा की ओर से श्रीमती संतोष टाक ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस दौरान भाजपा प्रभारी श्री देवजी भाई पटेल, खींवसर विधायक श्री रेवंतराम डांगा, पूर्व विधायक श्री मोहनाराम चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री रामधन पोटालिया, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री कृपाराम देवड़ा, श्री हुक्मीचंद टाक सहित पार्टी के अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। संतोष टाक के पर्चा दाखिल करते ही नागौर सभापति चुनाव की तस्वीर और दिलचस्प हो गई है। अब सबकी नजरें बोर्ड के सियासी समीकरणों पर टिकी हैं।1
- सवाई भोज मंदिर पर श्रद्धालुओं का उमड़ा जन सैलाब भादवी छठ पर्व है गुर्जर समाज का सबसे बड़ा पर्व भगवान श्री देव नारायण के प्रिय घोड़े नीलाधर का है 1115 वा अवतारण दिवस आसींद गुर्जर समाज के अंतरराष्ट्रीय तीर्थ स्थल श्री सवाई भोज एवं भगवान देवनारायण के मंदिर पर भादवी छठ के मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का आना जारी है वही इस पर्व की मान्यता है कि भगवान श्री देवनारायण जी के प्रिया घोड़े नीलाधार के 1115 वे अवतारण दिवस है वही बाहर से आने वाले श्रद्धालु महंत श्री श्री 1008 श्री सुरेश दास जी महाराज का आशीर्वाद लेकर मंदिर दर्शन कर रहे हैं सुरक्षा को लेकर चप्पे चप्पे पर महिला पुलिसकर्मियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है आसींद मंजूर 94138895964
- बीजेपी ने खोले पते ब्यावर में पुष्पा बंल्लदुआ जैतारण से भेनाराम गहलोत अध्यक्ष पद के अधिकृत प्रत्याशी घोषित जैतारण राधेश्याम दाधीच1