रायबरेली के ऊँचाहार स्थित डॉ. अम्बेडकर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जय शंकर ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उन्हें वियतनाम की राजधानी हनोई स्थित बाओ सोन इंटरनेशनल होटल में 12 जून से 17 जून तक आयोजित 'द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय बहुविषयक सम्मेलन (सीसीआरबीईसी-2026)' के दौरान उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए 'अंतर्राष्ट्रीय सम्मान' से नवाजा गया। इस दौरान डॉ. जय शंकर ने अपना शोध पत्र भी प्रस्तुत किया। यह वैश्विक सम्मेलन जलवायु परिवर्तन, संसाधन, जैव विविधता, पर्यावरणीय चुनौतियां तथा सतत विकास हेतु रणनीतियों पर केंद्रित था। डॉ. जय शंकर को शिक्षा, अनुसंधान, सामाजिक सेवा तथा व्यावसायिक क्षेत्र में उनके विशिष्ट व उत्कृष्ट योगदान के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। यह गौरवमयी सम्मान सम्मेलन के अध्यक्ष व मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. थावाच्चाई कमोलथम, जो सुआन सुनन्धा राजभाट विश्वविद्यालय, बैंकॉक, थाईलैंड के निदेशक हैं, द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर विभिन्न देशों से आए प्रख्यात शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और विषय विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही। डॉ. जय शंकर की इस वैश्विक उपलब्धि पर स्थानीय क्षेत्रवासियों और महाविद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है।
रायबरेली के ऊँचाहार स्थित डॉ. अम्बेडकर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जय शंकर ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उन्हें वियतनाम की राजधानी हनोई स्थित बाओ सोन इंटरनेशनल होटल में 12 जून से 17 जून तक आयोजित 'द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय बहुविषयक सम्मेलन (सीसीआरबीईसी-2026)' के दौरान उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए 'अंतर्राष्ट्रीय सम्मान' से नवाजा गया। इस दौरान डॉ. जय शंकर ने अपना शोध पत्र भी प्रस्तुत किया। यह वैश्विक सम्मेलन जलवायु परिवर्तन, संसाधन, जैव विविधता, पर्यावरणीय चुनौतियां तथा सतत विकास हेतु रणनीतियों पर केंद्रित था। डॉ. जय शंकर को शिक्षा, अनुसंधान, सामाजिक सेवा तथा व्यावसायिक क्षेत्र में उनके विशिष्ट व उत्कृष्ट योगदान के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। यह गौरवमयी सम्मान सम्मेलन के अध्यक्ष व मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. थावाच्चाई कमोलथम, जो सुआन सुनन्धा राजभाट विश्वविद्यालय, बैंकॉक, थाईलैंड के निदेशक हैं, द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर विभिन्न देशों से आए प्रख्यात शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और विषय विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही। डॉ. जय शंकर की इस वैश्विक उपलब्धि पर स्थानीय क्षेत्रवासियों और महाविद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है।
- उत्तर प्रदेश पुलिस के दो-तीन दरोगा पूर्ण द्विवेदी को कथित तौर पर जबरन अपने साथ थाने ले जाने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान पूर्ण द्विवेदी ने पुलिसकर्मियों से अपने अपराध के बारे में सवाल किया, लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी और उन्हें गाड़ी में बैठने के लिए कहा। इस घटना को लेकर सवाल उठाए गए हैं कि उत्तर प्रदेश पुलिस माननीय सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय का उल्लंघन कर रही है, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय गिरफ्तारी के कारण बताना अनिवार्य है, जबकि आरोप है कि पुलिस ने पूर्ण द्विवेदी को ये कारण नहीं बताए। यह भी पूछा गया है कि क्या उत्तर प्रदेश पुलिस का यह व्यवहार सही है, साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि 'पंडित हो तो सावधान'।1
- रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र में सलोन राजमार्ग से जुड़ने वाली अलीगंज स्टेशन रोड की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। एनटीपीसी के सीएसआर विभाग द्वारा निर्मित इस सीसी रोड पर अब बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और जगह-जगह से लोहे की छड़ें बाहर निकल आई हैं। हालांकि यह सड़क पहले भी कई बार मीडिया की सुर्खियों में रही है, लेकिन इसकी बदहाली के प्रति जिम्मेदार अधिकारी आज भी अनभिज्ञ या उदासीन बने हुए हैं। स्थानीय निवासी राम सजीवन ने बताया कि रोड पर नाली का गंदा पानी जमा रहता है, जिससे राहगीर और ग्रामीण पैदल व साइकिल से इसी गंदे पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं। डॉक्टर एस.के. ने आगामी स्कूल खुलने के मद्देनजर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को भी इसी गंदे पानी से गुजरना पड़ेगा, जिससे उनमें बीमारियों का डर रहेगा। श्रीराम और सुवीर ठाकुर ने इस बात पर जोर दिया कि यह सड़क वर्षों से टूटी पड़ी है। कुछ जनप्रतिनिधियों ने इसकी शिकायत संबंधित विभाग को पत्र लिखकर की भी थी, लेकिन अफसोस है कि आज तक इस जर्जर सड़क की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। सभी स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द इस सड़क के निर्माण की मांग की है।1
- कांग्रेस प्रदेश सचिव और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अतुल सिंह ने रायबरेली के ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र में मेलखा साहब, पूरे जुडावन सिंह, कुतुपुर सहित कई गांवों में चौपाल और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। अतुल सिंह ने चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि ऊंचाहार क्षेत्र की जनता आज भी कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है, जिनमें आवारा पशुओं का आतंक किसानों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है और बिजली की भारी कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक जनता की वास्तविक समस्याओं से दूर होकर केवल प्रचार-प्रसार और स्वागत-सत्कार में ही व्यस्त हैं। सिंह ने गांवों में गहराते पेयजल संकट पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि कई हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिन्हें तत्काल रिबोर कराने की आवश्यकता है। अतुल सिंह ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वह जनता की इन समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा, "ऊंचाहार की जनता मेरे परिवार की तरह है, मैं आप सभी की सेवा करता रहूंगा।" इस कार्यक्रम में कांग्रेस जिला सचिव शैलेन्द्र सिंह, दल बहादुर सिंह, प्रदीप अग्निहोत्री, राघवेंद्र सिंह, जसवंत सिंह चौहान, अभय सिंह, अनुराग गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- कौशांबी के महेवाघाट क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि खंड संख्या 16/4 से 16/6 तक का खनन पट्टा अनामिका करवरिया के नाम पर होने के बावजूद, निर्धारित क्षेत्र से बाहर 16/20-22 तक पोकलेन जैसी भारी मशीनों से धड़ल्ले से खनन कराया जा रहा है। ये गतिविधियां खुलेआम जारी हैं और कई वीडियो भी सामने आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और टास्क फोर्स की चुप्पी चौंकाने वाली है। इलाके के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की है। शिकायतकर्ता राजेश, अश्वनी कुमार पांडेय और आशुतोष कुमार के अनुसार, मौरंग खनन के इस पूरे मामले में करवरिया बंधुओं का इतना दबदबा है कि अधिकारी भी कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। हालात यह हैं कि दिन-रात एनजीटी और खनन नियमों को दरकिनार करते हुए वैध सीमा से बाहर खनन जारी है, पर जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे प्रशासनिक नाकामी और दबाव की स्थिति साफ दिखती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रदेश में खनन विभाग सीधे मुख्यमंत्री के पास है, फिर भी जिले के अधिकारी मौके पर जाकर छापेमारी या कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, जिससे यह सवाल और गहरा हो जाता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध खनन चल रहा है। इस अवैध खनन का असर केवल नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण और जलीय जीव-जंतुओं के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है। लगातार हो रही खुदाई से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है और क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। अब जब यह मामला मीडिया में उजागर हो चुका है, तो सबकी नजर शासन-प्रशासन पर टिकी है कि आखिर कब तक इस अवैध खनन पर रोक लगती है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाती है।2
- मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित गर्ल्स कॉलेज परीक्षा केंद्र पर आयोजित री-NEET परीक्षा के दौरान, तीन छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रह गईं।1
- एक युवा लड़का, जो खुद को 'आर्मी कमांडो' मानता है, दौड़ने का अभ्यास करते हुए अपनी देशभक्ति का प्रदर्शन कर रहा है। वह 'जय हिंद' के नारे के साथ अपने उत्साह को व्यक्त करता है। दौड़ने के कारण उसकी सांसें फूल रही हैं, लेकिन वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित और समर्पित दिखाई देता है।1
- कौशाम्बी पुलिस लाइन में आज, 21 जून 2026 को, एक शोक सभा का आयोजन कर मृत पुलिसकर्मी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कौशाम्बी पुलिस परिवार ने शोक परेड के दौरान दिवंगत आरक्षी के पार्थिव शरीर पर रीत और पुष्प चढ़ाकर उन्हें अंतिम विदाई दी तथा शोक सलामी दी। यह बताया गया कि थाना पश्चिम शरीरा में तैनात आरक्षी विपेंद्र सिंह यादव, जो मूल रूप से जनपद महोबा के निवासी थे और 10 अक्टूबर 2020 को उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी के पद पर भर्ती हुए थे, उनका आज सुबह लगभग 11:00 बजे विद्युत करंट की चपेट में आने से दुखद निधन हो गया था। इस श्रद्धांजलि सभा में पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी श्री सत्यनारायण, अपर पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी श्रीमती अमिता सिंह, क्षेत्राधिकारी कौशाम्बी/लाइन श्री जनेश्वर प्रसाद पाण्डेय और प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन श्री देवपाल सहित पुलिस परिवार के कई अन्य सदस्य उपस्थित थे। इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर आरक्षी विपेंद्र सिंह यादव को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी ने मृतक पुलिसकर्मी के परिजनों को दुःख की इस घड़ी में ढांढस बंधाया और सांत्वना प्रदान की। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए यह भी विश्वास दिलाया कि पूरा पुलिस परिवार इस मुश्किल समय में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।1
- कौशाम्बी पुलिस ने भैंस चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत फैलाने वाले गिरोह पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश गुड्डू उर्फ साहिल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मंझनपुर थाना क्षेत्र में हुई, जहां जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगने के बाद उसे पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस और चोरी की रकम भी बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, अप्रैल महीने में बंधवा रजबर और भेलखा गांव से कई भैंस चोरी होने की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे ग्रामीणों में काफी नाराजगी थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के छह सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन गुड्डू उर्फ साहिल फरार चल रहा था। रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि यह इनामी बदमाश एदिलपुर नहर के पास किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की, जिसके बाद खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में गुड्डू उर्फ साहिल के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर भैंस चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने बताया कि चोरी की गई भैंसों को उन्नाव स्थित एक स्लॉटर हाउस में बेचकर रकम आपस में बांट ली जाती थी। आरोपी के पास से 3310 रुपये भी बरामद हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गुड्डू उर्फ साहिल पर चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी को एक बड़ी सफलता बताया है, जिसके बाद पशु चोरी करने वाले अन्य गिरोहों में हड़कंप मच गया है।1