साल का पहला सूर्य ग्रहण आज भारत में सूर्य ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं______________________ राघवेंद्र त्रिपाठी संवाददाता विधान केसरी संत कबीर नगर 17 फरवरी 2026 का दिन खगोल और ज्योतिष, दोनों नजरियों से खास माना जा रहा है। साल का पहला सूर्य ग्रहण आज लग रहा है और इसे वलयाकार सूर्य ग्रहण यानी 'रिंग ऑफ फायर' कहा जा रहा है. हालांकि राहत की बात यह है कि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा. इसके बावजूद ग्रहण का नाम सुनते ही लोगों के मन में जिज्ञासा और हल्की-सी चिंता दोनों जाग जाती हैं. बुजुर्ग सूतक की बात करते हैं, तो युवा गूगल पर लाइव स्ट्रीम ढूंढते हैं. आज लग रहे सूर्य ग्रहण का समय क्या है, यह कहां दिखेगा और ज्योतिष के अनुसार इसका क्या प्रभाव माना जा रहा है। "भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण, सूतक मान्य नहीं" सबसे पहले वही सवाल जो हर घर में पूछा जा रहा है क्या आज सूतक लगेगा? ज्योतिषीय परंपराओं के अनुसार, जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सूतक काल मान्य नहीं होता। 17 फरवरी 2026 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे और नियमित पूजा-अर्चना जारी रहेगी. पंडितों का कहना है कि सूतक के नियमों का पालन तभी किया जाता है जब ग्रहण स्थानीय रूप से दृश्य हो. यही कारण है कि देशभर में सामान्य दिनचर्या बनी रहेगी, भारत के समयानुसार सूर्य ग्रहण दोपहर 03 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर शाम 07 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. इसकी कुल अवधि लगभग 04 घंटे 32 मिनट की होगी। ग्रहण का चरम चरण शाम 05 बजकर 42 मिनट पर माना जा रहा है. इसी दौरान 'रिंग ऑफ फायर' जैसा दृश्य बनता है, जब चंद्रमा सूर्य के बीचों-बीच आकर उसे पूरी तरह ढक नहीं पाता और चारों ओर अग्नि-सी चमकती हुई रिंग दिखाई देती है. यही दृश्य इस खगोलीय घटना को बेहद खास बना देता है। हालांकि भारत में यह ग्रहण नजर नहीं आएगा, लेकिन दुनिया के कुछ हिस्सों में यह शानदार दृश्य देखा जा सकेगा, वलयाकार सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका के अधिकांश हिस्सों और दक्षिणी महासागर के आसपास दिखाई देगा। अफ्रीकी देशों में भी नजारा इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बाब्वे जैसे देशों में भी लोग इस खगोलीय घटना के साक्षी बनेंगे. इन क्षेत्रों में वैज्ञानिक और खगोल प्रेमी विशेष उपकरणों के साथ इसे देखने की तैयारी में हैं। चूंकि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दे रहा, इसलिए रोज़मर्रा के काम, ऑफिस, व्यापार और पूजा-पाठ सामान्य रूप से कर सकते हैं। कई लोग ग्रहण के समय ध्यान, मंत्र जाप या शांत बैठकर आत्मचिंतन करना शुभ मानते हैं. यह मानसिक शांति के लिए अच्छा अवसर हो सकता है। अगर आप 'रिंग ऑफ फायर' का लाइव प्रसारण देख रहे हैं, तो प्रमाणित वैज्ञानिक चैनलों या वेधशालाओं की स्ट्रीम देखें. क्योंकि ग्रहण भारत में दृश्य नहीं है, इसलिए किसी विशेष पाबंदी की आवश्यकता नहीं है. बस सामान्य स्वास्थ्य सावधानियां रखें। क्या न करें?जहां ग्रहण दिखाई दे रहा है, वहां विशेष चश्मे के बिना सूर्य को देखना आंखों के लिए हानिकारक हो सकता है। (हालांकि भारत में यह लागू नहीं होता) सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें वायरल होती हैं जैसे भोजन न बनाएं, पानी न पिएं आदि. भारत में ग्रहण दृश्य न होने से ऐसी पाबंदियां जरूरी नहीं हैं। ज्योतिषीय प्रभाव व्यक्तिगत कुंडली पर निर्भर करते हैं. सामान्य लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर कोई जरूरी निर्णय लेना है, तो सिर्फ ग्रहण के डर से उसे न रोकें. सोच-समझकर निर्णय लेना ही समझदारी है.
साल का पहला सूर्य ग्रहण आज भारत में सूर्य ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं______________________ राघवेंद्र त्रिपाठी संवाददाता विधान केसरी संत कबीर नगर 17 फरवरी 2026 का दिन खगोल और ज्योतिष, दोनों नजरियों से खास माना जा रहा है। साल का पहला सूर्य ग्रहण आज लग रहा है और इसे वलयाकार सूर्य ग्रहण यानी 'रिंग ऑफ फायर' कहा जा रहा है. हालांकि राहत की बात यह है कि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा. इसके बावजूद ग्रहण का नाम सुनते ही लोगों के मन में जिज्ञासा और हल्की-सी चिंता दोनों जाग जाती हैं. बुजुर्ग सूतक की बात करते हैं, तो युवा गूगल पर लाइव स्ट्रीम ढूंढते हैं. आज लग रहे सूर्य ग्रहण का समय क्या है, यह कहां दिखेगा और ज्योतिष के अनुसार इसका क्या प्रभाव माना जा रहा है। "भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण, सूतक मान्य नहीं" सबसे पहले वही सवाल जो हर घर में पूछा जा रहा है क्या आज सूतक लगेगा? ज्योतिषीय परंपराओं के अनुसार, जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सूतक काल मान्य नहीं होता। 17 फरवरी 2026 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे और नियमित पूजा-अर्चना जारी रहेगी. पंडितों का कहना है कि सूतक के नियमों का पालन तभी किया जाता है जब ग्रहण स्थानीय रूप से दृश्य हो. यही कारण है कि देशभर में सामान्य दिनचर्या बनी रहेगी, भारत के समयानुसार सूर्य ग्रहण दोपहर 03 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर शाम 07 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. इसकी कुल अवधि लगभग 04 घंटे 32 मिनट की होगी। ग्रहण का चरम चरण शाम 05 बजकर 42 मिनट पर माना जा रहा है. इसी दौरान 'रिंग ऑफ फायर' जैसा दृश्य बनता है, जब चंद्रमा सूर्य के बीचों-बीच आकर उसे पूरी तरह ढक नहीं पाता और चारों ओर अग्नि-सी चमकती हुई रिंग दिखाई देती है. यही दृश्य इस खगोलीय घटना को बेहद खास बना देता है। हालांकि भारत में यह ग्रहण नजर नहीं आएगा, लेकिन दुनिया के कुछ हिस्सों में यह शानदार दृश्य देखा जा सकेगा, वलयाकार सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका के अधिकांश हिस्सों और दक्षिणी महासागर के आसपास दिखाई देगा। अफ्रीकी देशों में भी नजारा इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बाब्वे जैसे देशों में भी लोग इस खगोलीय घटना के साक्षी बनेंगे. इन क्षेत्रों में वैज्ञानिक और खगोल प्रेमी विशेष उपकरणों के साथ इसे देखने की तैयारी में हैं। चूंकि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दे रहा, इसलिए रोज़मर्रा के काम, ऑफिस, व्यापार और पूजा-पाठ सामान्य रूप से कर सकते हैं। कई लोग ग्रहण के समय ध्यान, मंत्र जाप या शांत बैठकर आत्मचिंतन करना शुभ मानते हैं. यह मानसिक शांति के लिए अच्छा अवसर हो सकता है। अगर आप 'रिंग ऑफ फायर' का लाइव प्रसारण देख रहे हैं, तो प्रमाणित वैज्ञानिक चैनलों या वेधशालाओं की स्ट्रीम देखें. क्योंकि ग्रहण भारत में दृश्य नहीं है, इसलिए किसी विशेष पाबंदी की आवश्यकता नहीं है. बस सामान्य स्वास्थ्य सावधानियां रखें। क्या न करें?जहां ग्रहण दिखाई दे रहा है, वहां विशेष चश्मे के बिना सूर्य को देखना आंखों के लिए हानिकारक हो सकता है। (हालांकि भारत में यह लागू नहीं होता) सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें वायरल होती हैं जैसे भोजन न बनाएं, पानी न पिएं आदि. भारत में ग्रहण दृश्य न होने से ऐसी पाबंदियां जरूरी नहीं हैं। ज्योतिषीय प्रभाव व्यक्तिगत कुंडली पर निर्भर करते हैं. सामान्य लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर कोई जरूरी निर्णय लेना है, तो सिर्फ ग्रहण के डर से उसे न रोकें. सोच-समझकर निर्णय लेना ही समझदारी है.
- विकास पुरुष एके शर्मा कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश1
- *पसमांदा समाज को आबादी के अनुपात में मिले राजनीतिक हिस्सेदारी : मु. इसहाक अंसारी* *2027 विधानसभा चुनाव में PDA के तहत 64 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की मांग, संवैधानिक अधिकार संवाद कार्यक्रम में उठी आवाज* ✍️ *आशु सिंह* संतकबीरनगर। ओबीसी श्रेणी के पसमांदा एवं दलित मुस्लिम समाज के अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी को लेकर आयोजित “जागरूकता एवं संवैधानिक अधिकार संवाद कार्यक्रम” में समाज के नेताओं ने अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का नेतृत्व ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम समाज के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद इसहाक अंसारी ने किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पसमांदा समाज लंबे समय से सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक रूप से उपेक्षित रहा है। जब तक वंचित तबकों को उनके संवैधानिक अधिकारों, आरक्षण, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी योजनाओं की सही जानकारी नहीं होगी, तब तक वास्तविक सामाजिक न्याय संभव नहीं है। इस उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाकर समाज को संगठित करने की जरूरत है। प्रेस वार्ता के दौरान मु. इसहाक अंसारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि “हम समाजवादी विचारधारा के साथ हैं और रहेंगे, लेकिन हमें हमारी आबादी के अनुसार राजनीतिक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।” उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मांग की कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के तहत पसमांदा समाज को आबादी के अनुपात में कम से कम 64 सीटों पर चुनाव लड़ाया जाए। उन्होंने कहा कि पसमांदा समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़े बिना सामाजिक न्याय की अवधारणा अधूरी है। यदि समाज को निर्णय प्रक्रिया में प्रतिनिधित्व मिलेगा, तभी उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव होगा। कार्यक्रम में सामाजिक एकता, शिक्षा के प्रसार और युवाओं को राजनीति में आगे आने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि पसमांदा और दलित मुस्लिम समाज को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए गांव-गांव संवाद कार्यक्रम चलाकर लोगों को संगठित किया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठजन उपस्थित रहे। अंत में उपस्थित लोगों ने सामाजिक समरसता, शिक्षा के विस्तार और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।1
- भावनाओं का विज्ञान1
- *शिकायत है* आकाशवाणी 17 2 2026 ई0 यह ग्राम पंचायत भगवानपुर का पंचायत भवन है । ग्राम पंचायत भगवानपुर ब्लॉक बघौली ,पुलिस स्टेशन बखिरा, तहसील खलीलाबाद, जनपद संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आता है। 👉🏾 जैसा की स्पष्ट दिखाई दे रहा है, ग्राम पंचायत भगवानपुर का पंचायत भवन गांव कानापार में बनवाया गया है। ✍️पंचायत भवन के गेट की कुंडी तोड़ डाली गई है ❗ यह काम अराजक तत्वों के द्वारा किया गया है । शायद उनका उद्देश्य पंचायत भवन के अंदर चोरी करने का उद्देश्य था । क्योंकि अंदर कंप्यूटर है ,सिस्टम सब लगे हुए हैं ,मशीन रखी हुई है, लेकिन किसी प्रकार का क्षति नहीं पहुंचाया गया है! केवल गेट को ही क्षति पहुंचाया गया है। पानी के पाइप को तोड़ डाला गया है। अराजक तत्वों के बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया है। शासन प्रशासन को संज्ञान में लेना चाहिए। यह काम रात्रि में अंधेरे में किया गया है। 16 फरवरी 2026 ई0 को शाम को इसका पता चला है ,देखा गया है। अर्थात 15 फरवरी के रात में ही इसे तोड़ा गया है।2
- Post by Vindhyavasini Yadav1
- Post by Anand Kumar2
- Post by Abc Hindustan1
- मेहदावल बायपास चौराहा हुआ अतिक्रमण मुक्त, शहर में लौटी राहत की सांस__________________ राघवेंद्र त्रिपाठी संवाददाता विधान केसरी संत कबीर नगर संत कबीर नगर, 17 फरवरी 2026: पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर के निर्देशन में यातायात विभाग द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत मेहदावल बायपास चौराहा पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है, बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी बड़ी राहत मिली है। अभियान के दौरान फुटपाथ के किनारे लगे ठेले, अनियमित वाहन पार्किंग और वाहन स्टैंड द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। यातायात पुलिस के अधिकारीयो के निर्देश पर हेड कांस्टेबल संजय राय एवं हेड कांस्टेबल वशिष्ठ नारायण पांडेय अमोंग अन्य यातायात विभाग के जवानों की उपस्थिति में यह कार्रवाई की गई। इससे पहले, मेहदावल बायपास चौराहे पर अतिक्रमण की समस्या काफी गंभीर थी, जिससे यातायात जाम और नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब, इस चौराहे को अतिक्रमण मुक्त करने से शहर की सुंदरता में भी इजाफा हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अतिक्रमण न करें और शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में सहयोग करें। यह कार्रवाई शहर के विकास और नागरिकों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस अधीक्षक ने विशेष निर्देश दिया है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।2