फर्जी टीपी, 8 लाख की डील और फारेस्ट की चुप्पी! मऊगंज में लकड़ी कांड ने खड़े किए बड़े सवाल? फर्जी टीपी, 8 लाख की डील और फारेस्ट की चुप्पी! मऊगंज में लकड़ी कांड ने खड़े किए बड़े सवाल? हनुमना बॉर्डर पर 2 घंटे रोकी गाड़ी, फिर क्यों छोड़ी? फारेस्ट पर उठे गंभीर सवाल मऊगंज लकड़ी कांड: राज्यों तक फैला नेटवर्क, जांच में फारेस्ट अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध? मऊगंज। जिले में सागौन की लकड़ी से लदे वाहन को लेकर उठा विवाद अब और गहराता जा रहा है। पुलिस कार्रवाई, कथित ₹8 लाख के लेन-देन और फर्जी टीपी (ट्रांजिट पास) के आरोपों के बीच अब फारेस्ट विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। सूत्रों के अनुसार, हनुमना बॉर्डर पर संबंधित वाहन को फारेस्ट विभाग ने करीब दो घंटे तक रोके रखा, लेकिन इसके बावजूद वाहन को छोड़ दिया गया। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि लकड़ी की टीपी फर्जी थी, तो आखिर फारेस्ट विभाग ने वाहन को जाने क्यों दिया? मामले में यह भी सामने आया है कि फारेस्ट विभाग के कुछ बड़े अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है, जिससे पूरे प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। बताया जा रहा है कि बीती रात इस मामले को लेकर जिले में हड़कंप मच गया था। किसी ने इसे लूट बताया, तो किसी ने सागौन के बीच चंदन की लकड़ी तस्करी की आशंका जताई। वहीं, पुलिस पर कथित पैसों के लेन-देन के आरोप भी लगाए गए। हालांकि, पूरे मामले में नया ट्विस्ट तब आया जब वाहन मालिक और चालक ने पुलिस पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका स्पष्ट कहना है कि पुलिस ने उनकी मदद की और किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं हुआ। इसके बावजूद, पुलिस अधीक्षक द्वारा दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किए जाने से कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले के तार कोलकाता, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक जुड़े हो सकते हैं। इसमें लकड़ी मालिक, ट्रांसपोर्टर, ट्रक चालक और हनुमना बॉर्डर पर तैनात फारेस्ट अमले की भूमिका की जांच की जा रही है। फिलहाल, एडिशनल एसपी द्वारा पूरे मामले की जांच जारी है, और जांच रिपोर्ट के बाद ही इस हाई-प्रोफाइल लकड़ी कांड का असली सच सामने आ सकेगा।
फर्जी टीपी, 8 लाख की डील और फारेस्ट की चुप्पी! मऊगंज में लकड़ी कांड ने खड़े किए बड़े सवाल? फर्जी टीपी, 8 लाख की डील और फारेस्ट की चुप्पी! मऊगंज में लकड़ी कांड ने खड़े किए बड़े सवाल? हनुमना बॉर्डर पर 2 घंटे रोकी गाड़ी, फिर क्यों छोड़ी? फारेस्ट पर उठे गंभीर सवाल मऊगंज लकड़ी कांड: राज्यों तक फैला नेटवर्क, जांच में फारेस्ट अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध? मऊगंज। जिले में सागौन की लकड़ी से लदे वाहन को लेकर उठा विवाद अब और गहराता जा रहा है। पुलिस कार्रवाई, कथित ₹8 लाख के लेन-देन और फर्जी टीपी (ट्रांजिट पास) के आरोपों के बीच अब फारेस्ट विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। सूत्रों के अनुसार, हनुमना बॉर्डर पर संबंधित वाहन को फारेस्ट विभाग ने करीब दो घंटे तक रोके रखा, लेकिन इसके बावजूद वाहन को छोड़ दिया गया। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि लकड़ी की टीपी फर्जी थी, तो आखिर फारेस्ट विभाग ने वाहन को जाने क्यों दिया? मामले में यह भी सामने आया है कि फारेस्ट विभाग के कुछ बड़े अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है, जिससे पूरे प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। बताया जा रहा है कि बीती रात इस मामले को लेकर जिले में हड़कंप मच गया था। किसी ने इसे लूट बताया, तो किसी ने सागौन के बीच चंदन की लकड़ी तस्करी की आशंका जताई। वहीं, पुलिस पर कथित पैसों के लेन-देन के आरोप भी लगाए गए। हालांकि, पूरे मामले में नया ट्विस्ट तब आया जब वाहन मालिक और चालक ने पुलिस पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका स्पष्ट कहना है कि पुलिस ने उनकी मदद की और किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं हुआ। इसके बावजूद, पुलिस अधीक्षक द्वारा दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किए जाने से कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले के तार कोलकाता, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक जुड़े हो सकते हैं। इसमें लकड़ी मालिक, ट्रांसपोर्टर, ट्रक चालक और हनुमना बॉर्डर पर तैनात फारेस्ट अमले की भूमिका की जांच की जा रही है। फिलहाल, एडिशनल एसपी द्वारा पूरे मामले की जांच जारी है, और जांच रिपोर्ट के बाद ही इस हाई-प्रोफाइल लकड़ी कांड का असली सच सामने आ सकेगा।
- रीवा शहर के कमांडेंट बांग्ला के सामने कई सालों से शासकीय जमीन पर अवैध निर्माण कराया गया था जिला प्रशासन द्वारा चिरौला मंदिर को उज्जैन और शिर्डी के रूप में विस्थापित करने के लिए नई रणनीति बनाई है जिसके चलते मंदिर से कमांडेड बांग्ला होते हुए एक सड़क निर्माण कराया जा रहा है जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर 50 साल से शासकीय जमीन पर किए गए अतिक्रमण और भवन निर्माण को नगर निगम प्रशासन द्वारा पुलिस सुरक्षा के बीच गिराया जा रहा है प्रदेश सरकार के आदेश पर जिला कलेक्टर द्वारा शासकीय भूमि पर किए हुए अतिक्रमण को मुक्त करने का लक्ष्य बना रखा है कुछ दिन पूर्व हाईकोर्ट के दिशा निर्देश पर ग्राम पंचायत पुरास तालाब से अतिक्रमण हटाया गया लेकिन एसडीएम और तहसीलदार की कार्यों शैली पर ग्रामीणों द्वारा उंगली उठाई जा रही है कि अगर हाई कोर्ट द्वारा तालाब से अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश जारी किया है उसे शासकीय जमीन पर भवन और जमीन पर किए गए अतिक्रमण क्यों नहीं हटाए गए क्या गरीबों पर ही बुलडोजर चलने का आदेश हाई कोर्ट द्वारा दिया गया है1
- सांसद जी विधायक जी से निवेदन है कि यह रोड कई साल से मैं ऐसे ही देख रहा हूं जो की यह रास्ता से हजारों लोग का घर जाने आने का रास्ता है और 200 लोग डेली गुजरते हैं यही रास्ता से गला राशन कोटा सब पंचायत यही रास्ते में आता है जो की पंचायत का गाड़ी लोड होकर जाती आती है कभी खाद कभी राशन यह रास्ता से चलना मुश्किल हो गया अभी1
- जय माता दी 🙏🌻🌹🌹🌹🌹1
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मध्य प्रदेश भोपाल 99747788631
- Post by Bolti Divare1
- Post by Suneel1
- न्यूज़ स्क्रिप्ट: सिलवानी (रायसेन) - युवक की मौत का रहस्य शीर्षक: तीन दिन से लापता युवक का जंगल में मिला शव, इलाके में सनसनी। स्थान: सिलवानी, मध्य प्रदेश। [दृश्य 1: एंकर विजुअल / कैमरा ऑन] (गंभीर स्वर में) नमस्कार, आप देख रहे हैं [आपका चैनल/पेज का नाम]। रायसेन जिले के सिलवानी से एक दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। सिलवानी थाना क्षेत्र के जातहरी चौकी अंतर्गत आने वाले सन्ना पुर गांव के एक युवक का शव जंगल में मिला है। युवक पिछले तीन दिनों से लापता था। [दृश्य 2: वॉइस ओवर (जंगल, पुलिस और ग्रामीणों के विजुअल)] (आवाज में गहराई और गंभीरता) सिलवानी के सन्ना पुर गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने पास के जंगल में एक युवक का शव देखा। जैसे ही यह खबर फैली, पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल बन गया। मुख्य बिंदु: लापता युवक: जानकारी के मुताबिक, मृतक युवक पिछले तीन दिनों से घर से लापता था। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। आत्महत्या की आशंका: प्राथमिक जानकारी के अनुसार मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस अभी किसी भी नतीजे पर पहुंचने से बच रही है।1
- CM बोले- लापरवाह अफसर वल्लभ भवन में बैठें, मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे सीधी, कलेक्टर हटाए, जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक सस्पेंड1