कोइलवर में सोन नदी पर बनने वाला यह नया चार लेन का रेल पुल बिहार के रेल बुनियादी ढांचे के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। कोइलवर में सोन नदी पर बनने वाला यह नया चार लेन का रेल पुल बिहार के रेल बुनियादी ढांचे के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। यह न केवल उत्तर और पूर्व भारत को जोड़ने वाले मुख्य रेलखंड की क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि ट्रेनों की रफ्तार और समय पालन (punctuality) में भी क्रांतिकारी सुधार लाएगा। इस परियोजना के मुख्य बिंदुओं का विस्तार से विवरण यहाँ दिया गया है: 1. पुल की विशिष्टता और क्षमता देश का दूसरा बड़ा पुल: यह उत्तर प्रदेश में बन रहे पहले डबल डेकर पुल (4-लेन रेल और 6-लेन सड़क) के बाद देश का दूसरा ऐसा बड़ा चार लेन वाला रेल पुल होगा। लेन विस्तार: वर्तमान में कोइलवर में दो रेल लाइनें हैं। नए पुल के बनने के बाद यहाँ कुल चार लाइनें उपलब्ध होंगी। इसका मतलब है कि एक ही समय में तीन से चार ट्रेनें एक साथ आ-जा सकेंगी। समानांतर निर्माण: नया पुल वर्तमान अब्दुल बारी रेल पुल के बिल्कुल बगल में बनाया जाएगा। 2. डीडीयू-झाझा रेलखंड का आधुनिकीकरण यह पुल केवल एक एकल प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह डीडीयू-पटना-किऊल-झाझा रेलखंड के विस्तारीकरण का हिस्सा है: तीसरी और चौथी लाइन: डीडीयू से किऊल तक लगभग 17,000 करोड़ रुपये की लागत से तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना है। फतुहा खंड: इस योजना के तहत रेलवे ने फतुहा से तीसरी और चौथी लाइन के लिए 3,600 करोड़ रुपये की मंजूरी पहले ही दे दी है। कोइलवर पुल इसी बड़ी कड़ी का एक अनिवार्य हिस्सा है, क्योंकि बिना पुल के रेल लाइनों की संख्या बढ़ाने का लाभ नहीं मिलेगा। 3. रफ्तार और समय की बचत सेमी हाई-स्पीड का सपना: वर्तमान में ट्रैक क्षमता कम होने के कारण ट्रेनों को उनकी वास्तविक क्षमता (जैसे 130-160 किमी/घंटा) से कम पर चलाया जाता है। सफल ट्रायल: हाल ही में डीडीयू-गया-प्रधानखांटा रेलखंड पर 180 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रायल सफल रहा है। कोइलवर में नया पुल बनने के बाद पटना-डीडीयू रूट पर भी वंदे भारत जैसी ट्रेनों को उनकी अधिकतम गति पर चलाना संभव हो पाएगा। बॉटलनेक का खात्मा: वर्तमान पुल पर ट्रेनों का भारी दबाव रहता है, जिससे अक्सर बाहरी इलाकों में ट्रेनों को खड़ा करना पड़ता है। चार लेन होने से यह 'बॉटलनेक' पूरी तरह खत्म हो जाएगा। 4. निवेश और वर्तमान स्थिति लागत: इसके निर्माण पर लगभग 3500 से 4000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंजूरी की प्रक्रिया: पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने इसका प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। चूंकि लागत 1000 करोड़ से अधिक है, इसलिए रेलवे बोर्ड की सहमति के बाद इसे केंद्रीय कैबिनेट (CCEA) से मंजूरी मिलना अनिवार्य है। सर्वे: इसी महीने विस्तृत जांच रिपोर्ट (Detailed Project Report) बोर्ड को सौंपी जाएगी, जिसके बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी
कोइलवर में सोन नदी पर बनने वाला यह नया चार लेन का रेल पुल बिहार के रेल बुनियादी ढांचे के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। कोइलवर में सोन नदी पर बनने वाला यह नया चार लेन का रेल पुल बिहार के रेल बुनियादी ढांचे के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। यह न केवल उत्तर और पूर्व भारत को जोड़ने वाले मुख्य रेलखंड की क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि ट्रेनों की रफ्तार और समय पालन (punctuality) में भी क्रांतिकारी सुधार लाएगा। इस परियोजना के मुख्य बिंदुओं का विस्तार से विवरण यहाँ दिया गया है: 1. पुल की विशिष्टता और क्षमता देश का दूसरा बड़ा पुल: यह उत्तर प्रदेश में बन रहे पहले डबल डेकर पुल (4-लेन रेल और 6-लेन सड़क) के बाद देश का दूसरा ऐसा बड़ा चार लेन वाला रेल पुल होगा। लेन विस्तार: वर्तमान में कोइलवर में दो रेल लाइनें हैं। नए पुल के बनने के बाद यहाँ कुल चार लाइनें उपलब्ध होंगी। इसका मतलब है कि एक ही समय में तीन से चार ट्रेनें एक साथ आ-जा सकेंगी। समानांतर निर्माण: नया पुल वर्तमान अब्दुल बारी रेल पुल के बिल्कुल बगल में बनाया जाएगा। 2. डीडीयू-झाझा रेलखंड का आधुनिकीकरण यह पुल केवल एक एकल प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह डीडीयू-पटना-किऊल-झाझा रेलखंड के विस्तारीकरण का हिस्सा है: तीसरी और चौथी लाइन: डीडीयू से किऊल तक लगभग 17,000 करोड़ रुपये की लागत से तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना है। फतुहा खंड: इस योजना के तहत रेलवे ने फतुहा से तीसरी और चौथी लाइन के लिए 3,600 करोड़ रुपये की मंजूरी पहले ही दे दी है। कोइलवर पुल इसी बड़ी कड़ी का एक अनिवार्य हिस्सा है, क्योंकि बिना पुल के रेल लाइनों की संख्या बढ़ाने का लाभ नहीं मिलेगा। 3. रफ्तार और समय की बचत सेमी हाई-स्पीड का सपना: वर्तमान में ट्रैक क्षमता कम होने के कारण ट्रेनों को उनकी वास्तविक क्षमता (जैसे 130-160 किमी/घंटा) से कम पर चलाया जाता है। सफल ट्रायल: हाल ही में डीडीयू-गया-प्रधानखांटा रेलखंड पर 180 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रायल सफल रहा है। कोइलवर में नया पुल बनने के बाद पटना-डीडीयू रूट पर भी वंदे भारत जैसी ट्रेनों को उनकी अधिकतम गति पर चलाना संभव हो पाएगा। बॉटलनेक का खात्मा: वर्तमान पुल पर ट्रेनों का भारी दबाव रहता है, जिससे अक्सर बाहरी इलाकों में ट्रेनों को खड़ा करना पड़ता है। चार लेन होने से यह 'बॉटलनेक' पूरी तरह खत्म हो जाएगा। 4. निवेश और वर्तमान स्थिति लागत: इसके निर्माण पर लगभग 3500 से 4000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंजूरी की प्रक्रिया: पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने इसका प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। चूंकि लागत 1000 करोड़ से अधिक है, इसलिए रेलवे बोर्ड की सहमति के बाद इसे केंद्रीय कैबिनेट (CCEA) से मंजूरी मिलना अनिवार्य है। सर्वे: इसी महीने विस्तृत जांच रिपोर्ट (Detailed Project Report) बोर्ड को सौंपी जाएगी, जिसके बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी
- to hello guys aap log dekh sakte hain Kitna mehnat lagta Hai video banane ka1
- मां आरण्य देवी (जिन्हें स्थानीय स्तर पर कई बार 'आयरन देवी' कहा जाता है) बिहार के आरा (भोजपुर) शहर की सबसे प्रमुख अधिष्ठात्री देवी हैं। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक (सिद्धपीठ) माना जाता है, जिसका संबंध रामायण काल और पांडवों (महाभारत) से है। यहाँ माँ के महालक्ष्मी और महासरस्वती रूप की पूजा होती है। मां आरण्य देवी के बारे में मुख्य बातें: स्थान: यह मंदिर बिहार के आरा शहर के शीश महल चौक के पास स्थित है। इतिहास और मान्यता: मान्यता है कि पांडवों ने वनवास के दौरान इस स्थान पर देवी की स्थापना की थी। रामायण काल में भी भगवान राम ने यहाँ पूजा की थी। नाम का अर्थ: 'आरण्य' का अर्थ है 'वन' (जंगल)। चूँकि यह क्षेत्र प्राचीन काल में वन (आरण्य) था, इसलिए इन्हें आरण्य देवी कहा जाता है। 'आरा' शहर का नाम भी इन्हीं देवी के नाम पर पड़ा है। प्रतिमा: मंदिर के गर्भगृह में दो प्रमुख प्रतिमाएँ हैं - एक काली (महा सरस्वती) और दूसरी श्वेत (महालक्ष्मी), जो ५ फीट ऊँचे सिंहासन पर विराजमान हैं। महत्व: यह सिद्धपीठ है और नवरात्र के दौरान यहाँ विशेष उत्सव और भारी भीड़ होती है1
- पटना सिटी स्थित बाहरी बेगमपुर जल्ला बाले महावीर मंदिर में हनुमान जयंती के पावन अवसर पर गुरुवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर “जय श्री राम” और “हनुमान जी की जय” के उद्घोष से गूंजता रहा। सुबह से ही महिला और पुरुष श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े होकर बजरंगबली के दर्शन और पूजन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा पाठ और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से भगवान हनुमान की पूजा की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के आसपास मेले जैसा दृश्य देखने को मिला, जहां सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन भी मुस्तैद रहा। स्थानीय पूर्व पुजारी जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि हनुमान जयंती का दिन अत्यंत हर्ष और आस्था का प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष इस अवसर पर जल्ला हनुमान मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। यह मंदिर लगभग 450 वर्ष प्राचीन है और इसकी विशेषता यह है कि यहां स्थापित हनुमान जी की मूर्ति भभूत (राख) से निर्मित है, जो इसे अन्य मंदिरों से अलग पहचान देती है। उन्होंने बताया कि इस मंदिर की आस्था केवल पटना सिटी तक सीमित नहीं है, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से यहां पूजा करने पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।#ApnaCityTakNews #PatnaCity #HanumanMandir #JlalaHanumanMandir #1
- *मैट्रिक टाॅपर्स सम्मान समारोह सह विदाई एवं प्रीतिभोज संपन्न*। ------------------ आरा प्रखंड स्थित ज्ञानोदय प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय, बभनौली,भोजपुर के मैट्रिक परीक्षा में शत्-प्रतिशत सफलता प्राप्त करने वाले सभी 150 छात्र-छात्राओं के सम्मान में ,"मैट्रिक टाँपर्स सम्मान समारोह सह प्रीतिभोज" का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ बतौर मुख्य अतिथि माननीय बिहार विधान परिषद सदस्य, जीवन कुमार ने किया। विशिष्ट अतिथि के तौर पर अखिल भारतीय विद्वत परिषद के जिलाअध्यक्ष सत्यनारायण उपाध्याय, लोजपा रामविलास के जिलाध्यक्ष-राजेश्वर पासवान, प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष मिथिलेश रंजन, मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष हरेंद्र प्रसाद यादव, आरा मध्य के जिला परिषद प्रतिनिधि हरीफन यादव, के अलावे अन्य की गरिमामय उपस्थिति रही। समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों का सम्मान विद्यालय के निदेशक धर्मेन्द्र उपाध्याय, प्राचार्य वेद प्रकाश तिवारी द्वारा पुष्प गुच्छ ,माला एवं अंगवस्त्र से किया गया। इस कार्यक्रम के मंच का संचालन विद्यालय के शिक्षक मनोज कुमार ने किया। तत्पश्चात विद्यालय के निदेशक द्वारा अपने संबोधन में सभी सफल और टाॅपर्स छात्र-छात्राओं को बधाई के साथ शुभकामना दी गई। निदेशक धर्मेन्द्र उपाध्याय ने विद्यालय के स्थापना दिवस पर टाॅपर छात्र को लैपटॉप से सम्मानित करने एवं विद्यालय स्तर पर अधिकत्तम अंक प्राप्त करने वाले पाँच छात्रों का इंटरमीडिएट में नि:शुल्क नामांकन लेने की घोषणा की। बताते चले कि 2001 ई० में स्थापित ज्ञानोदय प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने वर्ष 2013 से लेकर वर्तमान वर्ष 2026 में भी अच्छे अंक अर्जित कर न केवल विद्यालय के नाम को रौशन किया है ,बल्कि शत्-प्रतिशत सफलता भी प्राप्त किया है,जो विद्यालय के लिए गौरव की बात है। कहा गया है कि सफलता ऐसे ही कदम नही चूमती, "माँ कमला देवी मेमोरियल ट्रस्ट" द्वारा संचालित ये विद्यालय, निदेशक धर्मेन्द्र उपाध्याय और सभी शिक्षक-शिक्षिका, विद्यालय के कर्मी एवं छात्र अभिभावकों के विश्वास, लग्न, अथक परिश्रम और लंबे संघर्ष का परिणाम है। इसी संदर्भ में मंच संचालक शिक्षक मनोज कुमार ने कहा कि "रात नही, ख्वाब बदलता है। मंजिल नही कारवाँ बदलता है। जज्बा रखों जीतने का क्यूकिं। किस्मत बदले न बदले, पर वक्त जरुर बदलता है। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जीवन कुमार ने इस उपलब्धि के लिए सभी छात्र-छात्राओं को बधाई के साथ-साथ उनके उज्जवल भविष्य के लिए भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने संबोधन में छात्रों से अपील की कि ये तो अभी शुरुआत है, अत: आप ज्यादा से ज्यादा परीश्रम करें और इंटरमीडिएट में इससे भी बेहतर अंक प्राप्त कर बिहार में टाॅपर का स्थान प्राप्त करें ताकि फिर से आपको सम्मानित करने का अवसर मिले। मंचासीन सभी बशिष्ट अतिथियों ने भी छात्र अभिभावको को संबोधित किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ बधाइयां दी,साथ ही विद्यालय के निदेशक एवं पूरी टीम को अच्छे पठन-पाठन, खेलकूद के साथ अनुशासन की भी सराहना की। सम्मान समारोह में खास कर 93.8% अंक प्राप्त करने वाले जितु कुमार गुप्ता, रोमा कुमारी, अंजली कुमारी से लेकर 80% अंक प्राप्त करने वाले 62 टॉपर्स छात्र-छात्राओं के साथ सभी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण 145 एवं द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण 5 छात्र एवं उनके माता-पिता, अभिभावक को माननीय बिहार विधान परिषद सदस्य, जीवन कुमार एवं विशिष्ट अतिथियों के कर कमलों द्वारा विद्यालय की ओर से माला पहनाकर दिवाल घड़ी,कलम एवं (प्रशस्तिपत्र) प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के पश्चात सबों ने प्रीतिभोज में शामिल होकर छात्रों के साथ लजीज व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया। धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के प्रचार्य श्री वेद प्रकाश तिवारी ने किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी शिक्षक-शिक्षिका,विद्यालय कर्मी एवं छात्र अभिभावकों का भरपूर सहयोग रहा।1
- जय श्रीराम4
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- बिहटा (पटना)। बिहटा थाना क्षेत्र में बढ़ती बाइक चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाते हुए पुलिस ने मंगलवार शाम विशेष अभियान के तहत तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी की दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं। बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार ने बुधवार सुबह मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बाइक चोरी की घटनाओं को देखते हुए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी अभियान के तहत पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से दो चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं।1
- भोजपुर आरा के धनुपरा में द रॉयल इन होटल एंड रेस्टोरेंट शहर में धमाल मचा रहा है इस होटल में शादी विवाह किसी भी पार्टी में रहने खाने का व्यवस्था है सबसे खास बातें है की यह होटल ऑन रोड है किसी को आने-जाने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है यहां पर सभी रूम एसी है 24 ऑवर व्यवस्था रहने खाने के लिए परिपूर्ण है जो की बहुत कम पैसों में आपको बहुत सारी सुविधाएं मिलती है आप कभी भी इधर से गुजरे एक बार इस होटल में विजिट जरूर करें इसके प्रोपराइटर हरेंद्र सिंह हैं पता है धनुपरा मोम फैक्ट्री के बगल में है मोबाइल नंबर 9470 222 396 एवं 823570 1322 है1
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