*महाघोटाला:सिस्टम की आंखों में धूल झोंककर 'दिव्यांग' बन गई ई-मित्र संचालक की पत्नी* *क्षेत्र में सैकड़ों फर्जी विकलांग सर्टिफिकेट से उठ रही लाखों रुपए की पेंशन ओर पालनहार* *डकारा जा रहा गरीबों का हक*! बांदीकुई! राज कुमार चतुर्वेदी: प्रशासनिक ढिलाई और भ्रष्टाचार की जुगलबंदी ने एक ऐसे खेल को जन्म दिया है, जिसने मानवता और कानून दोनों को शर्मसार कर दिया है। एक ओर जहां असली दिव्यांग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर दम तोड़ रहे हैं, वहीं क्षेत्र में एक ई-मित्र संचालक खुद की पत्नी का फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र बनवाकर न केवल पेंशन डकार रहा है, बल्कि 'पालनहार' जैसी संवेदनशील योजना का भी नाजायज लाभ उठा रहा है। ई - मित्र का रजिस्ट्रेशन भी फर्जी पेंशनधारक पत्नी के नाम ही बताया जा रहा है । प्राप्त सूत्रों की मानें तो क्षेत्र में फर्जी विकलांग सर्टिफिकेट बनाने वाला दलाल भी सक्रिय बताया जा रहा है जिसने लोगों से 5 से 10 हजार रुपए लेकर फर्जी विकलांग सर्टिफिकेट जारी करवाएं है ओर लोगों की पेंशन पालनहार जैसी सुविधाओं में सेंधमारी की रुपरेखा तैयार की । *फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड*: रक्षक ही बन रहे भक्षक ई-मित्र केंद्र, जिसका काम जनता को सरकारी योजनाओं से जोड़ना है, वहीं बैठा संचालक खुद की पत्नी को कागजों में 'निःशक्त' दिखाकर सरकार की तिजोरी में सेंध लगा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी संचालक की पत्नी पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही है और उनके नाम अपना ई-मित्र केंद्र सुचारू रूप से चलता आ रहा है। लेकिन संचालक की पत्नी को उसने सरकारी रिकॉर्ड में दिव्यांग घोषित करवा रखा है। *दोहरी लूट: पेंशन भी और पालनहार भी* हैरानी की बात यह है कि आरोपी केवल विकलांग पेंशन तक ही सीमित नहीं रहा। उसने फर्जी दस्तावेजों के सहारे पालनहार योजना का भी लाभ लेना शुरू कर दिया। यह योजना उन अनाथ या विशेष परिस्थिति वाले बच्चों के लिए है जिनके पास सहारा नहीं है, लेकिन यहाँ एक सक्षम व्यक्ति फर्जीवाड़े के दम पर इस बजट को अपनी जेब में भर रहा है। *प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल* यह मामला न केवल ई-मित्र संचालक की धोखाधड़ी को दर्शाता है, बल्कि प्रशासनिक जांच प्रक्रिया पर भी गहरा प्रश्नचिह्न लगाता है: मेडिकल बोर्ड की भूमिका: क्या बिना जांच के ही विकलांग प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया? *सत्यापन में चूक*: पेंशन और पालनहार योजना की स्वीकृति से पहले क्या भौतिक सत्यापन (Physical Verification) सिर्फ कागजों तक ही सीमित था? साठगांठ का अंदेशा: क्या इस खेल में विभाग के कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं? *जनता में भारी आक्रोश* क्षेत्र के ग्रामीणों और असली हकदारों में इस खबर को लेकर जबरदस्त गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि— "हम महीनों तक दफ्तरों के चक्कर काटते हैं पर हमारा काम नहीं होता, और यहाँ आंखों के सामने स्वस्थ व्यक्ति सरकारी पैसा लूट रहा है।" *एक मामला ऐसा भी* पति के मरने के बाद देवर के नाते ( दूसरे व्यक्ति को पति बनना ) बैठने के बाद भी विधवा पेंशन ओर पालनहार का लाभ उठा रहे हैं जबकि अब महिला किसी अन्य पुरुष की घरवाली बन चुकी है ओर बच्चों व पत्नी की जिम्मेदारी अब दूसरा पति उठा रहा है । बावजूद इस सबके कई वर्षों से विधवा पेंशन ओर पालनहार का लाभ उठाया जा रहा है
*महाघोटाला:सिस्टम की आंखों में धूल झोंककर 'दिव्यांग' बन गई ई-मित्र संचालक की पत्नी* *क्षेत्र में सैकड़ों फर्जी विकलांग सर्टिफिकेट से उठ रही लाखों रुपए की पेंशन ओर पालनहार* *डकारा जा रहा गरीबों का हक*! बांदीकुई! राज कुमार चतुर्वेदी: प्रशासनिक ढिलाई और भ्रष्टाचार की जुगलबंदी ने एक ऐसे खेल को जन्म दिया है, जिसने मानवता और कानून दोनों को शर्मसार कर दिया है। एक ओर जहां असली दिव्यांग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर दम तोड़ रहे हैं, वहीं क्षेत्र में एक ई-मित्र संचालक खुद की पत्नी का फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र बनवाकर न केवल पेंशन डकार रहा है, बल्कि 'पालनहार' जैसी संवेदनशील योजना का भी नाजायज लाभ उठा रहा है। ई - मित्र का रजिस्ट्रेशन भी फर्जी पेंशनधारक पत्नी के नाम ही बताया जा रहा है । प्राप्त सूत्रों की मानें तो क्षेत्र में फर्जी विकलांग सर्टिफिकेट बनाने वाला दलाल भी सक्रिय बताया जा रहा है जिसने लोगों से 5 से 10 हजार रुपए लेकर फर्जी विकलांग सर्टिफिकेट जारी करवाएं है ओर लोगों की पेंशन पालनहार जैसी सुविधाओं में सेंधमारी की रुपरेखा तैयार की । *फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड*: रक्षक ही बन रहे भक्षक ई-मित्र केंद्र, जिसका काम जनता को सरकारी योजनाओं से जोड़ना है, वहीं बैठा संचालक खुद की पत्नी को कागजों में 'निःशक्त' दिखाकर सरकार की तिजोरी में सेंध लगा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी संचालक की पत्नी पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही है और उनके नाम अपना ई-मित्र केंद्र सुचारू रूप से चलता आ रहा है। लेकिन संचालक की पत्नी को उसने सरकारी रिकॉर्ड में दिव्यांग घोषित करवा रखा है। *दोहरी लूट: पेंशन भी और पालनहार भी* हैरानी की बात यह है कि आरोपी केवल विकलांग पेंशन तक ही सीमित नहीं रहा। उसने फर्जी दस्तावेजों के सहारे पालनहार योजना का भी लाभ लेना शुरू कर दिया। यह योजना उन अनाथ या विशेष परिस्थिति वाले बच्चों के लिए है जिनके पास सहारा नहीं है, लेकिन यहाँ एक सक्षम व्यक्ति फर्जीवाड़े के दम पर इस बजट को अपनी जेब में भर रहा है। *प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल* यह मामला न केवल ई-मित्र संचालक की धोखाधड़ी को दर्शाता है, बल्कि प्रशासनिक जांच प्रक्रिया पर भी गहरा प्रश्नचिह्न लगाता है: मेडिकल बोर्ड की भूमिका: क्या बिना जांच के ही विकलांग प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया? *सत्यापन में चूक*: पेंशन और पालनहार योजना की स्वीकृति से पहले क्या भौतिक सत्यापन (Physical Verification) सिर्फ कागजों तक ही सीमित था? साठगांठ का अंदेशा: क्या इस खेल में विभाग के कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं? *जनता में भारी आक्रोश* क्षेत्र के ग्रामीणों और असली हकदारों में इस खबर को लेकर जबरदस्त गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि— "हम महीनों तक दफ्तरों के चक्कर काटते हैं पर हमारा काम नहीं होता, और यहाँ आंखों के सामने स्वस्थ व्यक्ति सरकारी पैसा लूट रहा है।" *एक मामला ऐसा भी* पति के मरने के बाद देवर के नाते ( दूसरे व्यक्ति को पति बनना ) बैठने के बाद भी विधवा पेंशन ओर पालनहार का लाभ उठा रहे हैं जबकि अब महिला किसी अन्य पुरुष की घरवाली बन चुकी है ओर बच्चों व पत्नी की जिम्मेदारी अब दूसरा पति उठा रहा है । बावजूद इस सबके कई वर्षों से विधवा पेंशन ओर पालनहार का लाभ उठाया जा रहा है
- लकड़ी काटने जा रही महिला की कुल्हाड़ी छीनकर गले का मंगलसूत्र और कानों में पहने सोने की बालियां छीन कर फरार हुए आरोपी , बसवा के सबडावली गांव का मामला , महिला को पहुंचाया गया बसवा अस्पताल जहां महिला के कानों में लगाए जा रहे टांके1
- Post by Pãndít MoHit ShaRma1
- Post by पत्रकार -सुमित बैरवा1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- गो माता को राष्ट्र माता घोषित कराने हेतु सांसदों व विधायकों के लिए सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित! कोटा- श्री गोविंद देव परोपकारी ट्रस्ट के तत्वावधान में आमझरी स्थित श्री श्री 1008 रामानंद आश्रम में गो माता को राष्ट्र माता घोषित कराने की मांग को लेकर सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर आहुतियां दीं और गौ संरक्षण के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। यज्ञाचार्या डार्विन ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधि-विधान से यज्ञ संपन्न कराया। यज्ञ का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों—सांसदों एवं विधायकों—को गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने तथा गोशालाओं की दयनीय स्थिति सुधारने के लिए सद्बुद्धि प्रदान करने की कामना करना रहा। कार्यक्रम में कोटा-बूंदी क्षेत्र के सांसद मांगीलाल नागर ने कहा कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति की पहचान है और गोशालाओं के संरक्षण व संवर्धन के लिए जनप्रतिनिधियों को गंभीर पहल करनी चाहिए। इस अवसर पर गोशाला समिति के पदाधिकारी, विधायक नितेश नागर, महंत कमलेश्वर दास, महंत चेतेश्वरानंद दास, सीमा राधाकृष्ण, जाह्नवी दीक्षित, पदम जैन, बबलू, मोनू सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में गौ रक्षा एवं गौ संवर्धन के संकल्प के साथ प्रसाद वितरण किया गया।3
- कुंडल मुख्यालय के समीप भेड़ोली इंटरचेंज के पास बुधवार देर शाम एक चलती कार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कुछ ही समय में पूरी गाड़ी जलकर राख हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार दिल्ली से अहमदाबाद की ओर जा रही थी। वाहन में दो लोग सवार थे। अचानक इंजन की तरफ से धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी को सड़क किनारे रोक दिया। दोनों सवार तुरंत नीचे उतर गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में वाहन पूरी तरह आग की चपेट में आ गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की जताई जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सुचारू करवा दिया गया।3
- Post by Beerulal Dhanka1
- पुलिस अपनी वैन तक ले जा रही दो महिलाओं को काले कोट के लात घूसों से बचाने की बजाय विवस नजर आते का वीडियो वायरल1