मेडिकल कॉलेज के एमसीएच कैंपस और इसके पीछे होने वाले दूषित पानी के भराव से उत्पन्न होने वाले दुर्गंध व अन्य परेशानियों से आने वाले दिनों में निजात मिल कुशीनगर। जनपद मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज के एमसीएच कैंपस और इसके पीछे होने वाले दूषित पानी के भराव से उत्पन्न होने वाले दुर्गंध व अन्य परेशानियों से आने वाले दिनों में निजात मिल जाएगी। क्योंकि इस हॉस्पिटल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाए जाने के लिए एनआईटी (नोटिस इनवाइटिंग टेंडर) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि इसका निर्माण जून तक शुरू हो जाएगा। जनपद मुख्यालय पर पहले जिला अस्पताल, उसके बाद परिसर में ही पांच मंजीला एमसीएच विंग और अंत में नौ मंजीला मेडिकल कॉलेज भवन संबंधित कार्यदायी संस्थाओं ने समय-समय पर कराया, लेकिन दूरगामी परिणाम पर ध्यान न दिए जाने के कारण इस विशाल अस्पताल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण नहीं कराया। नतीजतन बरसात के दिनों में ही नहीं, जब भी यहां मूसलाधार बारिश होती है, पूरा अस्पताल परिसर जलमग्न हो जाता है। इसके अलावा अस्पताल की डायलिसिस यूनिट और अन्य यूनिट, अस्पताल के अन्य हिस्सों, हॉस्टल एवं रेजीडेंस आदि से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी का इंतजाम न होने के कारण यह एमसीएच विंग के अगल-बगल और इसके पीछे खाली प्लाट में एकत्र होता है, जहां से रिसकर आबादी के बीच सड़क तक बहता रहता है। गंदगी और दुर्गंध के कारण आस-पास के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह समस्या आपके प्रिय अखबार हिन्दुस्तान में इस साल 29 जनवरी के अंक में मेडिकल कॉलेज के गंदे पानी से मोहल्ले में सांसत शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित हो चुकी है। लिहाजा, जनहित को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज परिसर में एसटीपी लगाए जाने का निर्णय लिया गया था। स्वीकृति मिलने के बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बन जाने के बाद दुर्गंध, गंदगी और इनसे बीमारियों का खतरा टल जाएगा। बुद्ध नगरी के अंतरराष्ट्रीय महत्व को देखते हुए नगर पालिका परिषद कुशीनगर में भी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। इसकी भी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होने के बाद एसटीपी का निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे कुशीनगर में भी दूषित जल का शोधन हो सकेगा। जल निगम शहरी के एक्सईएन ,उत्कर्ष श्रीवास्तव ने कहा कि मौजूदा समय में कुशीनगर जनपद में दो एसटीपी के निर्माण की स्वीकृति मिली है। मेडिकल कॉलेज कुशीनगर और नगरपालिका परिषद कुशीनगर के लिए। इनका एनआईटी अर्थात नोटिस इनवाइटिंग टेंडर निकाला जा चुका है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने में करीब दो माह का समय लगेगा। जून तक इसका निर्माण शुरू हो जाने की उम्मीद है। जल निगम (शहरी) इनका निर्माण कराएगा। दोनों एसबीएम अर्थात स्वच्छ भारत मिशन में सम्मिलित हैं। इस सुविधा के हो जाने से दूषित पानी नालियों में नहीं बहेगा, जिससे गंदगी और दुर्गंध से निजात मिलेगी। दूषित पानी के शोधन से उसका कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि फसलों के लिए उसका सदुपयोग हो सकेगा। दोनों की लागत लगभग 50-50 करोड़ रुपये आएगी।मेडिकल कॉलेज में एसटीपी निर्माण के लिए प्रयास किया गया, जिसकी स्वीकृति मिल गई है। जल निगम (शहरी) इसकी कार्यदायी संस्था नामित है। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होने के बाद निर्माण शुरू हो जाएगा। उसके बाद मेडिकल कॉलेज और आसपास होने वाले दूषित जलभराव से निजात मिल जाएगी।डॉ. सुभाष गुप्ता, प्राचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, कुशीनगर
मेडिकल कॉलेज के एमसीएच कैंपस और इसके पीछे होने वाले दूषित पानी के भराव से उत्पन्न होने वाले दुर्गंध व अन्य परेशानियों से आने वाले दिनों में निजात मिल कुशीनगर। जनपद मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज के एमसीएच कैंपस और इसके पीछे होने वाले दूषित पानी के भराव से उत्पन्न होने वाले दुर्गंध व अन्य परेशानियों से आने वाले दिनों में निजात मिल जाएगी। क्योंकि इस हॉस्पिटल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाए जाने के लिए एनआईटी (नोटिस इनवाइटिंग टेंडर) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि इसका निर्माण जून तक शुरू हो जाएगा। जनपद मुख्यालय पर पहले जिला अस्पताल, उसके बाद परिसर में ही पांच मंजीला एमसीएच विंग और अंत में नौ मंजीला मेडिकल कॉलेज भवन संबंधित कार्यदायी संस्थाओं ने समय-समय पर कराया, लेकिन दूरगामी परिणाम पर ध्यान न दिए जाने के कारण इस विशाल अस्पताल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण नहीं कराया। नतीजतन बरसात के दिनों में ही नहीं, जब भी यहां मूसलाधार बारिश होती है, पूरा अस्पताल परिसर जलमग्न हो जाता है। इसके अलावा अस्पताल की डायलिसिस यूनिट और अन्य यूनिट, अस्पताल के अन्य हिस्सों, हॉस्टल एवं रेजीडेंस आदि से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी का इंतजाम न होने के कारण यह एमसीएच विंग के अगल-बगल और इसके पीछे खाली प्लाट में एकत्र होता है, जहां से रिसकर आबादी के बीच सड़क तक बहता रहता है। गंदगी और दुर्गंध के कारण आस-पास के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह समस्या आपके प्रिय अखबार हिन्दुस्तान में इस साल 29 जनवरी के अंक में मेडिकल कॉलेज के गंदे पानी से मोहल्ले में सांसत शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित हो चुकी है। लिहाजा, जनहित को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज परिसर में एसटीपी लगाए जाने का निर्णय लिया गया था। स्वीकृति मिलने के बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बन जाने के बाद दुर्गंध, गंदगी और इनसे बीमारियों का खतरा टल जाएगा। बुद्ध नगरी के अंतरराष्ट्रीय महत्व को देखते हुए नगर पालिका परिषद कुशीनगर में भी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। इसकी भी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होने के बाद एसटीपी का निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे कुशीनगर में भी दूषित जल का शोधन हो सकेगा। जल निगम शहरी के एक्सईएन ,उत्कर्ष श्रीवास्तव ने कहा कि मौजूदा समय में कुशीनगर जनपद में दो एसटीपी के निर्माण की स्वीकृति मिली है। मेडिकल कॉलेज कुशीनगर और नगरपालिका परिषद कुशीनगर के लिए। इनका एनआईटी अर्थात नोटिस इनवाइटिंग टेंडर निकाला जा चुका है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने में करीब दो माह का समय लगेगा। जून तक इसका निर्माण शुरू हो जाने की उम्मीद है। जल निगम (शहरी) इनका निर्माण कराएगा। दोनों एसबीएम अर्थात स्वच्छ भारत मिशन में सम्मिलित हैं। इस सुविधा के हो जाने से दूषित पानी नालियों में नहीं बहेगा, जिससे गंदगी और दुर्गंध से निजात मिलेगी। दूषित पानी के शोधन से उसका कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि फसलों के लिए उसका सदुपयोग हो सकेगा। दोनों की लागत लगभग 50-50 करोड़ रुपये आएगी।मेडिकल कॉलेज में एसटीपी निर्माण के लिए प्रयास किया गया, जिसकी स्वीकृति मिल गई है। जल निगम (शहरी) इसकी कार्यदायी संस्था नामित है। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होने के बाद निर्माण शुरू हो जाएगा। उसके बाद मेडिकल कॉलेज और आसपास होने वाले दूषित जलभराव से निजात मिल जाएगी।डॉ. सुभाष गुप्ता, प्राचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, कुशीनगर
- न्याय न मिलने से क्षुब्ध व्यक्ति पेट्रोल की बोतल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ा, तहसील में मचा हड़कंप खबर का असर संवाददाता कुशीनगर जनपद अंतर्गत तमकुहीराज तहसील परिसर में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक व्यक्ति हाथ में पेट्रोल की बोतल और माचिस लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गया। पीड़ित का आरोप है कि भूमि विवाद के मामले में प्रशासनिक अधिकारी उसकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं और उसे न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।घटना का विवरण मिली जानकारी के अनुसार, व्यक्ति काफी समय से अपनी जमीन से जुड़े विवाद को लेकर तहसील के चक्कर काट रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सहयोग न मिलने और मामले के निस्तारण में हो रही देरी से परेशान होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।स्थान तहसील परिसर, तमकुहीराज।स्थिति: पीड़ित टंकी की ऊंचाई पर हाथ में ज्वलनशील पदार्थ लेकर खड़ा है और नीचे कूदने या आत्मदाह करने की धमकी दे रहा है।मांग जमीन विवाद का तत्काल और निष्पक्ष निस्तारण।प्रशासनिक हलचल और मौके के हालात घटना की सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में स्थानीय लोग और अधिवक्ता मौके पर एकत्रित हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार तमकुहीराज तत्काल मौके पर पहुंचे और पुलिस बल के साथ पीड़ित को समझाने-बुझाने की कोशिशों में जुट गए हैं।मौके पर मौजूद चश्मदीदों का कहना है कि व्यक्ति काफी देर से चिल्ला रहा है कि उसकी कोई सुनने वाला नहीं है। वह न्याय की गुहार लगाते-लगाते थक चुका है, इसलिए अब उसके पास जान देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।वर्तमान स्थिति फिलहाल, तहसीलदार और अन्य अधिकारी लाउडस्पीकर के माध्यम से पीड़ित से नीचे उतरने की अपील कर रहे हैं। उसे आश्वासन दिया जा रहा है कि उसके मामले की फाइल दोबारा देखी जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम तैनात है, ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।समाचार लिखे जाने तक बचाव अभियान जारी है और व्यक्ति अभी भी टंकी पर ही मौजूद है।2
- खबर का असर संवाददाता कुशीनगर पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर सिद्धार्थ वर्मा के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी खड्डा वीरेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में अवैध मादक पदार्थ/द्रव्य के निष्कर्षण,परिवहन एवं बिक्री के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना रामकोला पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग के दौरान थाना रामकोला क्षेत्र से एक कार में छिपाकर कर ले जायी जा रही 10 किग्रा 334 ग्राम अवैध गांजा (वाहन सहित कुल कीमत लगभग 07 लाख 50 हजार रुपये) के साथ 01 नफर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर थाना रामकोला पर मु0अ0सं0 170/2026 धारा 8/20 एन0डी0पी0एस0 एक्ट पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।3
- CBSE बोर्ड 10वीं के नतीजे घोषित, कुशीनगर के छात्र ने किया कमाल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस बार भी छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इसी क्रम में कुशीनगर जनपद के मठिया स्थित RPIC कॉन्वेंट स्कूल के छात्र आरिफ अंसारी ने 96.5% अंक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। आरिफ अंसारी खड्डा क्षेत्र के नरकुल छपरा गांव निवासी मुबारक अली के पुत्र हैं। उनकी मेहनत और लगन ने यह साबित कर दिया कि लक्ष्य के प्रति समर्पण से बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। विद्यालय के प्रबंधक नीरज तिवारी ने छात्र को सम्मानित करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने भी छात्र की उपलब्धि पर गर्व जताया। आरिफ की इस सफलता से क्षेत्र के अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी। सागर पाठक की रिपोर्ट3
- अज्ञात कारणों से कई झोपड़ियों में लगी आग - आग लगने से मचा ग्रामीणों में हड़कंप - आग बुझाने की कोशिश में जुटे ग्रामीण - ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को दी सूचना - आग से हुआ भारी नुकसान - भीषण आग की चपेट में आई कई झोपड़ी हुई राख - विशुनपुरा थाना क्षेत्र के ठाड़ीभार के इनरपट्टी की घटना।2
- - आग बुझाने की कोशिश में जुटे ग्रामीण - ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को दी सूचना - आग से हुआ भारी नुकसान - भीषण आग की चपेट में आई कई झोपड़ी हुई राख - विशुनपुरा थाना क्षेत्र के ठाड़ीभार के इनरपट्टी की घटना।3
- रामकोला CHC में लापरवाही का आरोप - एक्सीडेंट में घायल होने के बाद घंटों बिना इलाज तड़पता रहा मरीज - परिजनों ने इलाज के लिए डॉक्टर के न आने का लगाया आरोप - अस्पताल के बाहर ही पड़ा तड़पता रहा घायल मरीज - पत्नी लगाती रही गुहार पर नही “कोई डॉक्टर बाहर - इलाज न मिलने से सुरेश की हुई मौत का - 15 अप्रैल को रामपुर बगहा के पास हुआ था हादसा - स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल4
- Post by Times of Uttar Pradesh1
- तमकुहीराज तहसील में हाई वोल्टेज ड्रामा, भूमि विवाद से परेशान व्यक्ति पानी टंकी पर चढ़ा, कुशीनगर तमकुहीराज तहसील में युवक का हाई वोल्टेज ड्रामा, भूमि विवाद से परेशान व्यक्ति पानी टंकी पर चढ़ा, आत्महत्या की दी धमकी1