इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा साइबर अपराधों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दिनांक 05 जुलाई 2026 को एक साइबर जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। यह मैराथन "SAFE CLICK 2.0" अभियान के तहत नेहरू स्टेडियम, इंदौर में संपन्न हुई, जिसमें लगभग 6,000 लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस महाभियान में भारतीय सेना के सैनिक, पुलिस जवान, महिला पुलिस ट्रेनी, शहर के नवयुवक-युवतियां और कुछ बच्चे भी शामिल हुए। मैराथन से पहले नेहरू स्टेडियम में एक रंगारंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों ने साइबर अपराधों के लिए जन जागरूकता की दौड़ में हिस्सा लिया। इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने भी इस मैराथन में धावकों के साथ दौड़ लगाई। इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल अपराधों के तरीके बदल गए हैं, और इनसे बचने के लिए स्वयं में जागरूकता लाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचने का एकमात्र प्रभावी तरीका है। यह मुश्ताक शेख की रिपोर्ट है।
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा साइबर अपराधों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दिनांक 05 जुलाई 2026 को एक साइबर जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। यह मैराथन "SAFE CLICK 2.0" अभियान के तहत नेहरू स्टेडियम, इंदौर में संपन्न हुई, जिसमें लगभग 6,000 लोगों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस महाभियान में भारतीय सेना के सैनिक, पुलिस जवान, महिला पुलिस ट्रेनी, शहर के नवयुवक-युवतियां और कुछ बच्चे भी शामिल हुए। मैराथन से पहले नेहरू स्टेडियम में एक रंगारंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों ने साइबर अपराधों के लिए जन जागरूकता की दौड़ में हिस्सा लिया। इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने भी इस मैराथन में धावकों के साथ दौड़ लगाई। इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल अपराधों के तरीके बदल गए हैं, और इनसे बचने के लिए स्वयं में जागरूकता लाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचने का एकमात्र प्रभावी तरीका है। यह मुश्ताक शेख की रिपोर्ट है।
- भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने अपनी पत्नी के साथ रविवार को महेश्वर का भ्रमण किया। वे इंदौर से महेश्वर पहुंचे, जहाँ कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। भ्रमण के दौरान, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने महेश्वर के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने माँ नर्मदा के दर्शन किए और नर्मदा के मध्य प्रवाह में स्थित बाणेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने देवी अहिल्याबाई किले, अहिल्याबाई की गादी संग्रहालय और नर्मदा तट का भी दौरा किया। श्री ज्ञानेश कुमार ने महेश्वर स्थित रेवा सोसाइटी का भी भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने महेश्वरी साड़ियों के निर्माण की पारंपरिक प्रक्रिया को देखा और बुनकरों की हस्तकला एवं उत्कृष्ट कारीगरी की सराहना की। भ्रमण के उपरांत, उन्होंने कहा कि उन्हें महेश्वर में माँ नर्मदा और भगवान बाणेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा लोकमाता को श्रद्धासुमन अर्पित करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने महेश्वर की ऐतिहासिक धरोहरों, अहिल्या किले की उत्कृष्ट नक्काशी और महेश्वरी साड़ियों के निर्माण में बुनकरों के कौशल की प्रशंसा करते हुए यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति और हस्तशिल्प की यह परंपरा देश की अमूल्य धरोहर है, और इन कारीगरों पर पूरे देश को गर्व है। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री आरपीएस जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सुरभि तिवारी, खरगोन की उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती हेमलता सोलंकी और एसडीएम पूर्वा मंडलोई सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।1
- इंदौर में समाज में शिक्षा के स्तर को सुधारने और युवाओं के बेहतर भविष्य के उद्देश्य से 'नूर एजुकेशन एंड हेल्थ फाउंडेशन' ने खजराना स्थित एचबीके गार्डन में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। फाउंडेशन के सदस्य और एलएंडटी इंडिया के लीड इंजीनियर शादाब अहमद ने बताया कि संस्था का मुख्य लक्ष्य बच्चों को सही मार्गदर्शन देना और उनके करियर को आगे बढ़ाना है। अपनी शुरुआत के मात्र चार महीने के भीतर, संस्था ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को साथ जोड़कर 75 बच्चों की परीक्षा ली थी, जिसमें से शीर्ष 10 प्रतिभावान बच्चों को इस कार्यक्रम के दौरान स्कॉलरशिप प्रदान की गई। शादाब अहमद ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान समय शिक्षा का है और उन्नति के लिए बच्चों का पढ़ाई से जुड़ा रहना अनिवार्य है। संस्था का कार्यक्षेत्र केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह स्वास्थ्य (हेल्थ) के क्षेत्र में भी काम करेगी और समाज के अन्य प्रतिभावान व्यक्तियों को आगे लाने में सहयोग करेगी। इस नेक कार्य में समाज के हर वर्ग, वक्फ बोर्ड और स्थानीय ओहदेदारों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। बच्चों के बेहतर मार्गदर्शन के लिए फाउंडेशन ने श्रीनगर एक्सटेंशन में 'टेक फ्रॉम टेकी' नाम से एक काउंसलिंग ऑफिस भी स्थापित किया है।1
- इंदौर के खजराना क्षेत्र में प्रस्तावित 100 बेड का सिविल अस्पताल पिछले लगभग छह वर्षों से सिर्फ कागज़ों पर ही चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि जहाँ एक ओर अस्पताल की बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है और न ही मरीजों के लिए कोई सुविधाएँ शुरू की गई हैं, वहीं दूसरी ओर इसके लिए 87 पदों को स्वीकृत कर उन पर भर्ती और पदस्थापन भी कर दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, नियुक्त किए गए अधिकांश कर्मचारियों को फिलहाल अन्य सरकारी अस्पतालों में तैनात किया गया है। यह स्थिति इसलिए बनी हुई है क्योंकि अस्पताल के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण और भवन निर्माण का कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। इस पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं और संबंधित अधिकारियों व व्यवस्थापक से जवाबदेही की मांग की जा रही है।1
- इंदौर के परदेशीपुरा क्षेत्र में नगर निगम ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए जर्जर मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की है। यह कार्रवाई बारिश के बीच भी जारी रही, जहाँ नगर निगम ने असुरक्षित मकान को ढहाने का काम किया।1
- इंदौर में नगर निगम ने एक आत्मनिर्भर दिव्यांग व्यक्ति की साइकिल उठा ली। इस घटना के बाद मुख्यालय में पावती जारी करने के नाम पर रिश्वतखोरी चलने का गंभीर आरोप सामने आया है।1
- एक व्यक्ति ने अपनी समस्या बताते हुए कहा है कि एक गड्ढे में उनकी गाड़ियां बार-बार गिर जाती हैं। उन्होंने अधिकारियों से इस गंभीर समस्या के जल्द से जल्द समाधान की मांग की है।1
- इंदौर में प्रशासन ने फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अवैध क्लिनिकों पर ताला लगा दिया है। कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने उन लोगों को निशाना बनाया जो बिना किसी वैध योग्यता के एलोपैथिक इलाज कर रहे थे। इस सख्त कार्रवाई से फर्जी डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने नियम तोड़ने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। बताया गया है कि अब यह अभियान पूरे जिलेभर में चलाया जाएगा।1
- इंदौर में ATM कैश लोडिंग के दौरान ₹40 लाख की कथित हेराफेरी का एक मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर CMS कंपनी के कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।1