मौसम विज्ञान विभाग ने ललितपुर जनपद के लिए 29 मई 2026 को आगामी दो दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इस दौरान जनपद में भारी वर्षा, आंधी-तूफान, अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली जैसी प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों की आशंका व्यक्त की गई है। जनसामान्य की सुरक्षा, जनहानि एवं संपत्ति की क्षति को रोकने तथा त्वरित राहत एवं बचाव कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी श्री सत्य प्रकाश ने सभी नागरिकों से आवश्यक सावधानी बरतने और सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से आंधी-तूफान (70-100 किमी/घंटा) के दौरान घरों के अंदर रहने, तथा बड़े होर्डिंग्स, साइनबोर्ड, कमजोर दीवारों और पुराने पेड़ों के नीचे आश्रय न लेने की सलाह दी है। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस/अग्निशमन सेवा (100, 101), एम्बुलेंस सेवा (108, 102) और जिलाधिकारी कार्यालय कंट्रोल रूम (1077, 05176-272613) जैसे आपातकालीन संपर्क नंबरों पर संपर्क करने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को भी सख्त निर्देश दिए हैं। इनमें मौसम विभाग के पूर्वानुमानों की सतत निगरानी, जनपद स्तरीय नियंत्रण कक्ष/आपदा नियंत्रण कक्ष को 24x7 सक्रिय रखना, तथा सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका /नगर पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में संवेदनशील स्थानों का भ्रमण कर एहतियाती व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करना शामिल है। पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत, सिंचाई, लोक निर्माण, नगर निकाय, राजस्व, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन सहित अन्य विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है। संभावित जलभराव, वृक्ष गिरने, विद्युत पोल/तार क्षतिग्रस्त होने, सड़क अवरोध या भवन क्षति जैसी आपदा संबंधी घटनाओं से निपटने हेतु आवश्यक संसाधन एवं मानवबल अग्रिम रूप से उपलब्ध रखने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर दवाइयों, प्राथमिक उपचार सामग्री, एम्बुलेंस और आपात चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश है, जबकि नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था, नालों की सफाई और कमजोर संरचनाओं के संबंध में कार्रवाई करनी होगी। विद्युत विभाग को जर्जर तारों की समीक्षा कर आपातकालीन मरम्मत दलों को सक्रिय रखने को कहा गया है। आमजन को सोशल मीडिया, प्रचार-प्रसार वाहनों और ग्राम पंचायतों आदि के माध्यम से मौसम संबंधी सावधानियों एवं एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने पर जोर दिया गया है। आपदा विशेषज्ञ आरती सिंह ने बताया है कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आज दोपहर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू होकर देर रात तक पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंच जाएगा, जिससे 28 मई से 31 मई तक 6-8 डिग्री सेल्सियस के तापमान में गिरावट और राज्य के अनेक हिस्सों में आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि के साथ व्यापक वर्षा होगी। उन्होंने 29 मई को इसका प्रभाव सर्वाधिक (वायु गति 80-90 किमी/घंटा से 100 किमी/घंटा के झोंकों के साथ) पहुंचने की संभावना जताई है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी उत्तरदायी होंगे।
मौसम विज्ञान विभाग ने ललितपुर जनपद के लिए 29 मई 2026 को आगामी दो दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इस दौरान जनपद में भारी वर्षा, आंधी-तूफान, अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली जैसी प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों की आशंका व्यक्त की गई है। जनसामान्य की सुरक्षा, जनहानि एवं संपत्ति की क्षति को रोकने तथा त्वरित राहत एवं बचाव कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी श्री सत्य प्रकाश ने सभी नागरिकों से आवश्यक सावधानी बरतने और सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से आंधी-तूफान (70-100 किमी/घंटा) के दौरान घरों के अंदर रहने, तथा बड़े होर्डिंग्स, साइनबोर्ड, कमजोर दीवारों और पुराने पेड़ों के नीचे आश्रय न लेने की सलाह दी है। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस/अग्निशमन सेवा (100, 101), एम्बुलेंस सेवा (108, 102) और जिलाधिकारी कार्यालय कंट्रोल रूम (1077, 05176-272613) जैसे आपातकालीन संपर्क नंबरों पर संपर्क करने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को भी सख्त निर्देश दिए हैं। इनमें मौसम विभाग के पूर्वानुमानों की सतत निगरानी, जनपद स्तरीय नियंत्रण कक्ष/आपदा नियंत्रण कक्ष को 24x7 सक्रिय रखना, तथा सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका /नगर पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में संवेदनशील स्थानों का भ्रमण कर एहतियाती व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करना शामिल है। पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत, सिंचाई, लोक निर्माण, नगर निकाय, राजस्व, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन सहित अन्य विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है। संभावित जलभराव, वृक्ष गिरने, विद्युत पोल/तार क्षतिग्रस्त होने, सड़क अवरोध या भवन क्षति जैसी आपदा संबंधी घटनाओं से निपटने हेतु आवश्यक संसाधन एवं मानवबल अग्रिम रूप से उपलब्ध रखने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर दवाइयों, प्राथमिक उपचार सामग्री, एम्बुलेंस और आपात चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश है, जबकि नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था, नालों की सफाई और कमजोर संरचनाओं के संबंध में कार्रवाई करनी होगी। विद्युत विभाग को जर्जर तारों की समीक्षा कर आपातकालीन मरम्मत दलों को सक्रिय रखने को कहा गया है। आमजन को सोशल मीडिया, प्रचार-प्रसार वाहनों और ग्राम पंचायतों आदि के माध्यम से मौसम संबंधी सावधानियों एवं एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने पर जोर दिया गया है। आपदा विशेषज्ञ आरती सिंह ने बताया है कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आज दोपहर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू होकर देर रात तक पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंच जाएगा, जिससे 28 मई से 31 मई तक 6-8 डिग्री सेल्सियस के तापमान में गिरावट और राज्य के अनेक हिस्सों में आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि के साथ व्यापक वर्षा होगी। उन्होंने 29 मई को इसका प्रभाव सर्वाधिक (वायु गति 80-90 किमी/घंटा से 100 किमी/घंटा के झोंकों के साथ) पहुंचने की संभावना जताई है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी उत्तरदायी होंगे।
- ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 'गविष्टि यात्रा' के तहत ललितपुर के कस्बा महरौनी पहुँचे। यह यात्रा गौ-रक्षा और 'गौ माता को राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। महरौनी में उन्होंने उपस्थित लोगों को गौ रक्षा और गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने का संकल्प दिलाया। साथ ही, जगतगुरु शंकराचार्य ने सनातनी भक्तों से गौधाम बनाने का अनुरोध किया और अशोक शुक्ला को महरौनी में अपना प्रतिनिधि नियुक्त कर इन पुनीत कार्यों को संपन्न कराने का दायित्व सौंपा। इस अवसर पर, जगतगुरु शंकराचार्य ने अयोध्या से दर्शन कर लौट रहे महरौनी के 9 श्रद्धालुओं की एक सड़क हादसे में हुई मृत्यु पर अपनी गहरी शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं और उनके परिजनों का हौसला बढ़ाया।1
- Post by Pran Singh1
- Post by Manoj jain1
- ललितपुर में देव नारायण आइसक्रीम प्रतिष्ठान पर प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसके तहत कुल 29 किलो संदिग्ध माल जब्त किया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने जब्त किए गए इस माल के नमूने आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन द्वारा इस मामले में और भी बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।1
- टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा कस्बे के मेन मार्केट में शनिवार, 30 मई को बिजली के करंट की चपेट में आने से एक गौवंश की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में दो महिलाएं भी बिजली का करंट लगने से बाल-बाल बचीं। लोगों ने इस मामले में बिजली विभाग और उसके कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मुहल्ले वासियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि मेन मार्केट में गजेंद्र श्रीवास्तव के मकान के पास लगे बिजली के खंभे में पिछले कई दिनों से बिजली का करंट आ रहा था। लोगों ने इसकी शिकायत बिजली कार्यालय में भी की थी, लेकिन शिकायत के बावजूद बिजली कर्मचारियों ने मौके पर आकर कोई सुधारात्मक कार्य नहीं किया। इसी लापरवाही के कारण, गौवंश बिजली के खंभे के पास पहुंचा और करंट की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे मेन मार्केट में जाम की स्थिति बन गई। बाद में ग्राम पंचायत के द्वारा मृत गौवंश को ट्रैक्टर से हटवाया गया। लोगों ने यह भी जानकारी दी कि गांव में कई जगह बिजली की केबलें क्षतिग्रस्त हैं और बिल्कुल नीचे लटक रही हैं, जिससे भविष्य में कोई दूसरी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने मेन मार्केट सहित पूरे गांव में अव्यवस्थित तरीके से डाली गई बिजली केबलों में सुधार कार्य कराने की तत्काल मांग की है।1
- आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नगिना सांसद चंद्रशेखर आजाद टीकमगढ़ के काशीराम अस्पताल पहुँचे। उन्होंने अस्पताल में पहुँचकर प्रभावितों को मुआवजा प्रदान किया।1
- थाना सौजना पुलिस ने आमजनता को झाँसा देकर नकली आभूषण बेचने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन अभियुक्तों के कब्जे से नकली आभूषण बरामद किए हैं। बरामदगी में एक कमरबंद, एक चेन और दो जोड़ी पायल शामिल हैं, जो सभी सफेद धातु के बने हुए थे।1