फतेहाबाद में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने बुधवार को उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियमावली-2024 के तहत लागू की गई ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया है। दस्तावेज बार एसोसिएशन फतेहाबाद, दीवानी बार एसोसिएशन और बार एसोसिएशन फतेहाबाद की एक संयुक्त बैठक तहसील में आयोजित की गई। इस बैठक में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं ने ई-पंजीकरण व्यवस्था के खिलाफ अपने विचार रखते हुए कहा कि यह नई प्रणाली आम जनता के साथ-साथ उनके अपने रोजगार पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू करने संबंधी आदेश वापस नहीं लेती, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से दूर रहेंगे और उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। इस अवसर पर पंकज गुप्ता, हरी सिंह अर्नोटिया, विष्णु गुर्जर, अरविंद कुमार, अनिल कुमार, उमाशंकर शर्मा, महेश पाठक, देवेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र, चौब सिंह, भंवर सिंह, सुभाष चंद्र शर्मा, विष्णु वर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
फतेहाबाद में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने बुधवार को उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियमावली-2024 के तहत लागू की गई ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया है। दस्तावेज बार एसोसिएशन फतेहाबाद, दीवानी बार एसोसिएशन और बार एसोसिएशन फतेहाबाद की एक संयुक्त बैठक तहसील में आयोजित की गई। इस बैठक में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं ने ई-पंजीकरण व्यवस्था के खिलाफ अपने विचार रखते हुए कहा कि यह
नई प्रणाली आम जनता के साथ-साथ उनके अपने रोजगार पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू करने संबंधी आदेश वापस नहीं लेती, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से दूर रहेंगे और उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। इस अवसर पर पंकज गुप्ता, हरी सिंह अर्नोटिया, विष्णु गुर्जर, अरविंद कुमार, अनिल कुमार, उमाशंकर शर्मा, महेश पाठक, देवेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र, चौब सिंह, भंवर सिंह, सुभाष चंद्र शर्मा, विष्णु वर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
- मोहर्रम पर्व के अवसर पर जिले में शांति, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से फिरोजाबाद के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य लांग्हे ने नगर क्षेत्र में ताजिया रूट का स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने ताजिया जुलूस के निर्धारित मार्ग, संवेदनशील स्थलों, बैरिकेडिंग, यातायात व्यवस्था और अन्य सुरक्षा प्रबंधों का गहनता से जायजा लिया। निरीक्षण के पश्चात, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के संबंध में जानकारी दी।1
- फिरोजाबाद जिले में मुहर्रम के अवसर पर एक बड़ा एक्शन लिया गया है। इस कार्रवाई के तहत, एसपी ग्रामीण अनुज चौधरी ने स्वयं ताजियों की ऊंचाई को नपवाया।1
- बताया गया है कि माता रानी के भक्तों की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस दौरान 'जय माता दी' का उद्घोष भी किया गया।1
- फिरोजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने फायर सेफ्टी और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आवश्यक सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें और साथ ही, पाई गई किसी भी कमी को तत्काल प्रभाव से दूर करें।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में कांच उद्योग से जुड़े कारीगरों का हुनर सचमुच देखने लायक है। स्थानीय कांच कार्यक्रमों में प्रदर्शित की जाने वाली कला बेहद प्रभावशाली है, जिसे देखकर लोग काफी प्रभावित होते हैं। इसी के साथ सरकार भी इस व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ऋण उपलब्ध कराकर सहायता प्रदान कर रही है।1
- फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में मुहर्रम के जुलूस से एक दिन पहले, गुरुवार 25 जून 2026 को, एएसपी ग्रामीण अनुज चौधरी ने ताजिए/अलम की ऊँचाई का निरीक्षण किया। यह जाँच इसलिए की गई क्योंकि ऐसी सूचना मिली थी कि मानक से ज़्यादा ऊँचे ताजिए बनाए जा रहे हैं। एएसपी अनुज चौधरी ने स्वयं इंची टेप का इस्तेमाल कर ताजियों की ऊँचाई मापी। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने पूरे जुलूस मार्ग, कर्बला और बिजली के ढीले तारों का भी जायजा लिया। जाँच में सभी ताजिए मानक के अनुसार 7 फीट + 3 फीट (धकेल) यानी कुल 10 फीट की ऊँचाई के पाए गए। अधिकारियों ने हादसों को रोकने के लिए मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया।1
- आगरा में एक बड़े आर्थिक अपराध का भंडाफोड़ हुआ है, जहाँ जीएसटी फ्रॉड के तहत 70 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग रैकेट का पर्दाफाश किया गया है। लोहामंडी पुलिस, साइबर और काउंटर इंटेलिजेंस टीम की संयुक्त कार्रवाई में इस बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ है, जिसमें रजत बनर्जी, राहुल और नितिन सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। इन आरोपियों पर करोड़ों के फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल जनरेट कर टैक्स सिस्टम को चूना लगाने का गंभीर आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह कागजों पर फर्जी फर्में बनाकर करोड़ों की फर्जी बिलिंग का खेल चला रहा था। इनके पास से 7 मोबाइल, एक लैपटॉप और 10 फर्जी मोहरें बरामद की गई हैं, जो सरकारी दस्तावेजों जैसी दिखती थीं और इन्हीं का इस्तेमाल कर यह करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से फर्जी दस्तावेजों के एक बड़े नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ है, जिसने कर चोरी का एक संगठित जाल बिछा रखा था। इस मामले में पूछताछ के दौरान कई और संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिसके चलते जांच का दायरा काफी बढ़ गया है और आने वाले समय में कई और गिरफ्तारियां संभव हैं। डिजिटल सबूतों ने इस फर्जी बिलिंग गिरोह के कई राज खोले हैं, जिससे चौंकाने वाले तथ्य उजागर हो रहे हैं। पुलिस इस आर्थिक अपराध पर शिकंजा कसते हुए आगे की कार्रवाई में जुटी है, क्योंकि यह घोटाला करोड़ों रुपये का है और इसकी जड़ें काफी गहरी हो सकती हैं।1
- फिरोजाबाद में मोहर्रम का जुलूस निकलने से पहले, ACP अनुज चौधरी ने सुरक्षा और मानकों का हवाला देते हुए खुद सड़क पर उतरकर इंची टेप से ताजियों की ऊंचाई नापी। इस जाँच में सभी ताजिए निर्धारित 10 फीट के तय मानक के भीतर ही पाए गए। हालांकि, धार्मिक आस्था के इन प्रतीकों को इस तरह सरेआम नापने और कैमरे पर इसका वीडियो बनाकर जारी करने को लेकर सोशल मीडिया पर गंभीर सवाल उठे हैं। यूज़र्स ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पूछा है कि क्या यह सचमुच सुरक्षा की चिंता थी, या केवल कैमरे के सामने प्रशासनिक 'शक्ति प्रदर्शन' और खौफ दिखाने का तरीका? लोगों का साफ कहना है कि नियम-कानून का पालन बिना किसी नुमाइश के और धार्मिक जज्बातों का पूरा सम्मान करते हुए भी सुनिश्चित कराया जा सकता था।1
- फिरोजाबाद में एक भव्य नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रख्यात शायर माजिद देवबंदी ने अपनी दिलकश प्रस्तुति से श्रोताओं का समां बांध दिया, जिससे पूरा माहौल रसमय हो गया।1