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पीलौदा और खंण्डीप के गेटों पर कुछ आवश्यक कार्य किया जाने वाला है।
Gangapur ki Aabaj
पीलौदा और खंण्डीप के गेटों पर कुछ आवश्यक कार्य किया जाने वाला है।
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- भारत विकास परिषद करौली के तत्वावधान में त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम में परिषद के संस्थापक सदस्य सूरज प्रकाश मित्तल की जयंती 'सेवा पखवाड़े' के रूप में मनाई गई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती, स्वामी विवेकानंद और सूरज प्रकाश मित्तल के चित्रपट पर दीप प्रज्वलन तथा वंदे मातरम गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रांतीय आई टी प्रभारी योगेन्द्र सिंघल ने नशे के दुष्परिणामों और समाज को होने वाली हानि पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र को सामूहिक रूप से नशा मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने की सामूहिक शपथ लेते हुए नशा मुक्ति का संकल्प लिया गया। परिषद ने 'थैली छोड़ो थैला अपनाओ' अभियान भी चलाया और थैलों का वितरण किया। उपस्थित लोगों ने एक बैनर पर हस्ताक्षर कर नशा न करने की प्रतिज्ञा ली। इस कार्यक्रम में प्रांतीय पर्यावरण प्रभारी एडवोकेट सीताराम शर्मा, प्रांतीय आई टी प्रभारी योगेन्द्र सिंघल, नीरज बजाज, गोविन्द लोहे वाले, अरविंद अग्रवाल, अखिलेश गुप्ता, प्रकाश गुप्ता, अमरसिंह, डॉ प्रदीप जैन, जुगल किशोर चतुर्वेदी, मोती लाल शाक्यवार, गणेश प्रजापत, कैलाश बजाज, महेंद्र पाटोर और गजानंद खेडीया सहित कई सदस्य मौजूद रहे।1
- प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए, लालसोट नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के आह्वान पर, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के बैनर तले कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया है। जिला अध्यक्ष मिथुन गोड़ीवाल ने बताया कि यह आंदोलन भर्ती में अनियमितताओं, समझौतों की अनदेखी और ठेका प्रथा के विरोध में चलाया जा रहा है। इस हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और लालसोट में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे शहर बेहाल है।3
- किशन नगर वार्ड 32 में भूमिया मंदिर के पास पिछले 20 दिनों से सीवरेज का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे कॉलोनी के लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर हानि पहुँच रही है। इस समस्या के समाधान के लिए 181 पर शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अतिरिक्त, अयन साहब को लिखित शिकायत दी गई और एसडीएम साहब को भी ज्ञापन सौंपा गया, फिर भी अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। स्थानीय निवासियों ने इस गंदे पानी को जल्द से जल्द साफ कराने की तत्काल मांग की है।2
- कल रविवार को करौली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुनेंगे। खेड़ा जमालपुर मंडल के बूथ अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ता सुबह 10:00 बजे से इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।1
- दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में मोरेल बांध में जयपुर के अमानीशाह नाले से आने वाले कथित प्रदूषित पानी को लेकर किसानों और ग्रामीणों में गंभीर चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस दूषित पानी के कारण कृषि, पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है, जिसके चलते उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि मोरेल बांध में पहुँचने वाले पानी को पहले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के माध्यम से शुद्ध किया जाना चाहिए, ताकि रासायनिक तत्व, गंदगी और अन्य प्रदूषक बांध तक न पहुँचें। उन्होंने अमानीशाह नाले सहित प्रमुख नालों पर आधुनिक एसटीपी स्थापित करने की भी मांग उठाई है। किसानों ने यह भी आग्रह किया है कि बांध में आने वाले पानी के मार्गों का नियमित निरीक्षण हो और औद्योगिक इकाइयों द्वारा सीधे नालों में रासायनिक युक्त अपशिष्ट छोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों के अनुसार, यह मुद्दा पहले भी राजस्थान विधानसभा में उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इसी क्रम में उन्होंने जिला प्रशासन और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ज्ञापन सौंपकर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाने और एक किसान समिति गठित करके फसलों को होने वाले नुकसान तथा संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में पंचायत व संबंधित विभागों को ज्ञापन देने की बात कही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो मोरेल बांध का जल, इससे जुड़े हजारों किसानों की आजीविका और क्षेत्र के लोगों का स्वास्थ्य एक गंभीर संकट में पड़ सकता है।1
- करौली शहर में कांग्रेस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर नीट पेपर लीक प्रकरण, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य जन-मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पत्रकारों से मुखातिब होते हुए सांसद भजनलाल जाटव ने शुक्रवार शाम 4:00 बजे बताया कि केंद्र सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर मामला है और लगातार हो रही अनियमितताओं के कारण विद्यार्थियों का शिक्षा व्यवस्था पर से भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही, कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा सुधार के लिए प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाने का भी ऐलान किया। इस दौरान करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, टोडाभीम विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष घनश्याम महर, हिंडौन विधायक अनीता जाटव, पूर्व जिला अध्यक्ष अलका मीणा सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- मलारना डूंगर उपखंड की ग्राम पंचायत चक बिलोली और ऐबरा में राज्य सरकार के जन कल्याण अभियान के तहत एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था। ऐबरा में तहसीलदार रामजीलाल मीणा ने शिविर की अध्यक्षता की, वहीं चक बिलोली में विकास अधिकारी नरेंद्र मीणा की अध्यक्षता में यह आयोजन संपन्न हुआ। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं, जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की और अनेक मामलों का तुरंत निस्तारण किया। कृषि विभाग ने किसानों को कृषि मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए, साथ ही उन्हें उन्नत खेती, फसल प्रबंधन और विभागीय योजनाओं के बारे में बताया। राजस्व विभाग ने नामांतरण, सहमति बंटवारे और अन्य राजस्व संबंधी प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया। अन्य विभागों ने भी अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र लाभार्थियों को उनसे जोड़ने का काम किया। अधिकारियों ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें जनहित से जुड़े मामलों के समाधान पर विशेष जोर दिया गया। एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों ने अत्यधिक संतोष व्यक्त किया। इस दौरान चक बिलोली प्रशासक ज़ोरावर सिंह, ओबरा प्रशासक आशा देवी, सहायक विकास अधिकारी गौरी शंकर शर्मा, बिजली विभाग से लोकेश गुर्जर और शेर सिंह मीणा, पशुपालन विभाग से राजेश गुर्जर (जिन्होंने पशु जीवन बीमा वितरित किया), ऐबरा आयुर्वेदिक वैध लक्ष्मीकांत बंसल, मलारना स्टेशन वैध प्रदीप कुमार, वन विभाग नाका मलारना डूंगर से सुमेर सिंह गुर्जर, मलारना स्टेशन नाका से आरती भारद्वाज, जलदाय विभाग से विनोद कुमार, पटवारी नीरज शर्मा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित कई विभागों के तहसील स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- पाली रोड पर चलती एक बस का अचानक डीजल समाप्त हो जाने के कारण कुछ समय के लिए यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि, संबंधित कर्मचारियों ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल दूसरी बस का इंतजाम किया। इस त्वरित व्यवस्था के कारण, सभी यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया, जिससे एक बड़ी परेशानी टल गई और उन्हें राहत मिली। इसके बाद, पहली बस के लिए भी डीजल की व्यवस्था की गई, और डीजल पहुँचने पर वह बस भी अपने निर्धारित मार्ग पर रवाना हो गई। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर (मध्य प्रदेश) की ओर से सभी यात्रियों की सुरक्षित और सुखद यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दी गईं, जिसमें सेवा, सहयोग और मानवता को सबसे बड़ी पहचान बताया गया।1
- लालसोट क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में जयपुर के अमानीशाह नाले से मोरेल बांध में आ रहे प्रदूषित और कथित जहरीले पानी को लेकर गहरी चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस दूषित पानी के कारण कृषि, पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। किसानों ने सरकार और प्रशासन से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए ठोस कदम उठाने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि मोरेल बांध में पानी छोड़ने से पहले उसे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के माध्यम से शुद्ध किया जाना चाहिए, ताकि जहरीले रसायन, गंदगी और अन्य प्रदूषक तत्व बांध तक न पहुंचें। उन्होंने अमानीशाह नाले सहित सभी प्रमुख नालों पर आधुनिक एसटीपी स्थापित करने का आह्वान किया है। किसानों ने यह भी मांग की है कि बांध में मिलने वाले पानी के मार्गों पर नियमित औचक निरीक्षण किए जाएं और फैक्ट्रियों तथा औद्योगिक इकाइयों द्वारा रासायनिक युक्त अपशिष्ट सीधे नालों में छोड़े जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यह मुद्दा पूर्व में राजस्थान विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया जा चुका है, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों और किसानों ने अब जिला प्रशासन और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को लिखित ज्ञापन सौंपकर प्रभावी कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाने और एक किसान समिति गठित करने की भी बात कही है, जो फसलों को होने वाले नुकसान, चर्म रोग सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में पंचायत और संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपेगी। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो मोरेल बांध का जल, इससे जुड़े हजारों किसानों की आजीविका और आमजन का स्वास्थ्य गंभीर संकट में पड़ सकते हैं।2