बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ तहसील के काकनवानी गांव में बाबा रामदेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य एवं धार्मिक वातावरण में समापन हो गया। इस अवसर पर पांच कुंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान रामदेवजी का अभिषेक और पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस आयोजन में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और धर्म लाभ प्राप्त किया। इस धार्मिक आयोजन का नेतृत्व और व्यवस्थापन काकनवानी गांव के समाजसेवी रूपसिंह भगत ने किया। समारोह के दौरान यज्ञ, हवन, भजन-कीर्तन और संतों के प्रवचनों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान रामदेवजी के जयकारे लगाते हुए मंदिर में दर्शन किए और सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में संत रघुवरदास जी (बांसवाड़ा), दलसुख दास जी सजीले (गुजरात), प्रेमनाथ जी (महर्षि वाल्मीकि गौशाला आश्रम जंबूखंड), ईश्वरनाथ जी (नाल वाले हनुमानजी), धना महाराज (झालोद), संत नरसिंहगिरी जी (रामधाम कुशलगढ़), गिरधारीनाथ जी, कृष्णागिरी जी, कल्लू गिरी जी और भुर्जी गिरी जी सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। संतों ने अपने आशीर्वचन में धर्म, संस्कृति और मानव सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला और समाज को सदाचार और एकता का संदेश दिया। पांच कुंडी महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने पूर्ण आस्था और श्रद्धा के साथ आहुतियां अर्पित कीं। वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुए इस यज्ञ में भगवान रामदेवजी का विशेष अभिषेक किया गया तथा मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा की सभी धार्मिक विधियां विधिवत संपन्न कराई गईं। यज्ञ के बाद महाप्रसादी का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समारोह के दौरान ग्रामीणों और भक्तों का उत्साह देखने लायक था; महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कुशलगढ़ विधायक श्रीमती रमीला हुरतिंग खडीया ने भी भजन की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के समापन पर रामगिरी महाराज ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, श्रद्धालुओं, ग्रामवासियों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, समर्पण और श्रद्धा से यह धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने भविष्य में भी धर्म एवं समाजहित के कार्यों में इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने का आह्वान किया। बाबा रामदेव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का यह आयोजन काकनवानी गांव के धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा, जिसने क्षेत्र में धार्मिक चेतना, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक जागरण का संदेश दिया।
बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ तहसील के काकनवानी गांव में बाबा रामदेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य एवं धार्मिक वातावरण में समापन हो गया। इस अवसर पर पांच कुंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान रामदेवजी का अभिषेक और पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस आयोजन में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और धर्म लाभ प्राप्त किया। इस धार्मिक आयोजन का नेतृत्व और व्यवस्थापन काकनवानी गांव के समाजसेवी रूपसिंह भगत ने किया। समारोह के दौरान यज्ञ, हवन, भजन-कीर्तन और संतों के प्रवचनों से पूरा वातावरण भक्तिमय
बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान रामदेवजी के जयकारे लगाते हुए मंदिर में दर्शन किए और सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में संत रघुवरदास जी (बांसवाड़ा), दलसुख दास जी सजीले (गुजरात), प्रेमनाथ जी (महर्षि वाल्मीकि गौशाला आश्रम जंबूखंड), ईश्वरनाथ जी (नाल वाले हनुमानजी), धना महाराज (झालोद), संत नरसिंहगिरी जी (रामधाम कुशलगढ़), गिरधारीनाथ जी, कृष्णागिरी जी, कल्लू गिरी जी और भुर्जी गिरी जी सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। संतों ने अपने आशीर्वचन में धर्म, संस्कृति और मानव सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला और समाज को सदाचार और एकता
का संदेश दिया। पांच कुंडी महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने पूर्ण आस्था और श्रद्धा के साथ आहुतियां अर्पित कीं। वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुए इस यज्ञ में भगवान रामदेवजी का विशेष अभिषेक किया गया तथा मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा की सभी धार्मिक विधियां विधिवत संपन्न कराई गईं। यज्ञ के बाद महाप्रसादी का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समारोह के दौरान ग्रामीणों और भक्तों का उत्साह देखने लायक था; महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कुशलगढ़ विधायक श्रीमती रमीला हुरतिंग खडीया ने भी भजन की
प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के समापन पर रामगिरी महाराज ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, श्रद्धालुओं, ग्रामवासियों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, समर्पण और श्रद्धा से यह धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने भविष्य में भी धर्म एवं समाजहित के कार्यों में इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने का आह्वान किया। बाबा रामदेव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का यह आयोजन काकनवानी गांव के धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा, जिसने क्षेत्र में धार्मिक चेतना, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक जागरण का संदेश दिया।
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के आनंदपुरी में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत मालवीया ने भाग लिया और उपस्थित लोगों को संबोधित किया।1
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- गुजरात के वडोदरा शहर स्थित कोटांबी स्टेडियम के निकट बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक 9 वर्षीय बालक भी शामिल है, जबकि 31 अन्य यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बालाजी ट्रैवल्स की एक लग्जरी स्लीपर बस राजस्थान के बांसवाड़ा से सूरत की ओर जा रही थी, तभी सुबह वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम के पास वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और वडोदरा फायर विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। कड़ी मशक्कत के बाद फंसे यात्रियों को बस से बाहर निकाला जा सका। सभी घायल यात्रियों को उपचार के लिए वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। दुर्घटना के कारण मार्ग पर लंबा जाम लग गया था, जिसे हटाने के लिए पुलिस एवं प्रशासन की टीमें मौके पर लगातार जुटी रहीं। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे के पीछे चालक की लापरवाही या बस के नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच, हादसे में मरने वालों की संख्या 7 बताई जा रही है।4
- राजस्थान के प्रतापगढ़ बस स्टैंड पर सटका मटका का खेल प्रतिदिन खेला जा रहा है, जिस पर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस प्रशासन की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण यह अवैध खेल लगातार जारी है और आज तक इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है। ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोग बस स्टैंड पर अक्सर सटका मटका खेलते हैं। इस खेल में हारने के बाद, वे घर पर किसी भी तरह का सामान नहीं ले जा पाते, जिससे आए दिन महिलाओं के आत्महत्या करने की खबरें सामने आ रही हैं। सवाल उठाया जा रहा है कि क्या पुलिस इस गंभीर स्थिति को संज्ञान में लेकर कोई कार्रवाई करेगी। यह पूरी स्थिति पुलिस प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में आगामी 19 जून को पांचवें आदिवासी प्रतिभा एवं वरिष्ठजन सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह गरिमामयी कार्यक्रम अरावली ट्राइबल वेलफेयर सोसायटी द्वारा गेंजी घाटा स्थित आदिवासी प्रेरणा स्थल पर सुबह 10 बजे से आयोजित होगा। समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज की होनहार प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना, युवाओं को नई प्रेरणा देना और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सार्वजनिक मंच पर सम्मानित करना है। इस वर्ष के समारोह में चौरासी विधानसभा क्षेत्र के उन छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने वर्ष 2026 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में अपने-अपने विद्यालयों में पहला स्थान प्राप्त किया है। साथ ही, क्षेत्र के हाल ही में सरकारी सेवाओं में चयनित हुए युवाओं और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, डूंगरपुर जिले के उन मेधावी छात्र-छात्राओं को भी मंच प्रदान किया जाएगा जिन्होंने IAS, RAS (प्रारंभिक एवं मुख्य), NEET, IIT, NET, JET, MBBS और PHD जैसी देश और प्रदेश की प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर जिले और समाज का गौरव बढ़ाया है। कार्यक्रम में केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक ही सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि खेल-कूद, आदिवासी संस्कृति, लोककला, चित्रकला, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, व्यापार और सामाजिक सरोकारों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभूतियों को भी इस मंच से नवाजा जाएगा। इसके अलावा, समाज निर्माण में अमूल्य योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और वरिष्ठजनों का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाएगी। अरावली ट्राइबल वेलफेयर सोसायटी ने जिले के सभी समाज बंधुओं, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों से इस गरिमामयी समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।1
- महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर बांसवाड़ा में उस समय जबरदस्त उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी वहां पहुंचे। उनके समर्थकों और क्षत्रिय समाज ने उनका भव्य स्वागत किया, जबकि युवा कार्यकर्ताओं ने उन्हें जोश और उत्साह के साथ कंधों पर उठाकर सम्मान दिया। इस दौरान 'महाराणा प्रताप अमर रहें' और 'भारत माता की जय' के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। विधायक भाटी ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने युवाओं से महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, संघर्ष और स्वाभिमान से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन और युवा मौजूद थे, जिससे पूरे आयोजन में एक उत्सव जैसा माहौल बन गया। ऐसी ही खबरों के लिए आदिवासी मंच न्यूज चैनल को फॉलो करने की अपील की गई।1
- Post by Bapulal Ahari1
- बासिया धर्मेला तालाब के किनारे स्थित एक बिना मुंडेर वाले कुएं में करीब दो दिनों से फंसी एक गौमाता को ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से सुरक्षित बाहर निकालकर मानवता और गौसेवा की अद्भुत मिसाल पेश की। गाय कुएं में गिरने के बाद से ही बाहर निकलने के लिए लगातार संघर्ष कर रही थी। इस घटना का पता तब चला जब वहां से गुजर रहे कुछ लोगों की नजर कुएं में गिरी गाय पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल वार्ड सदस्य रणछोड़ कोटेड और अन्य ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वार्ड सदस्य रणछोड़ कोटेड, विकेश कोटेड, आशीष कोटेड, कीर्ति डोडीयार, अक्षय डोडीयार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए रस्सियों का इंतजाम किया और गाय को कुएं से बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू कर दिया। काफी देर तक चली कड़ी मशक्कत और सभी के एकजुट प्रयासों के बाद, गाय को सफलतापूर्वक कुएं से बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस बचाव कार्य के दौरान गाय को कोई गंभीर चोट नहीं आई। इस सफल अभियान के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और ग्रामीणों के गौसेवा के इस कार्य की सराहना की। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि समय पर सूचना मिलने और सभी के सक्रिय सहयोग के कारण ही एक बेजुबान पशु की जान बचाई जा सकी। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि क्षेत्र में खुले एवं बिना मुंडेर वाले सभी कुओं पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पशुओं के साथ-साथ आमजन भी सुरक्षित रह सकें।3
- बांसवाड़ा से डूंगरपुर होकर गुजरात के सूरत जा रही बालाजी ट्रेवल्स की एक स्लीपर बस तड़के करीब 3:30 बजे वडोदरा शहर के कोटंबी स्टेडियम के पास सड़क पर खड़ी एक ट्रक में जा घुसी, जिससे एक भीषण हादसा हो गया। इस दुर्घटना में नौ साल के एक बच्चे सहित सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। मृतकों की पहचान पिंकी भाटिया (36), विनोद नरेश डामोर (30), मुकेश जीवाजी डिंडोर (34), प्रीत हितेश भाटिया (9), महेंद्र कुमार भोगीलाल पंड्या (68), हरजिंगभाई वलजीभाई कटारा (30) और एक अज्ञात व्यक्ति के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि इनमें कई लोग डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों के हैं। हादसे के बाद कई यात्री बस में फंस गए थे, जिन्हें निकालने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और वडोदरा अग्निशमन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। मामूली रूप से घायल मरीजों को घटनास्थल पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि गंभीर घायलों और मृतकों को एसएसजी अस्पताल ले जाया गया। घायलों में पिंकी रावल, मनीषा रावल, रामचंद्र डोरिया, शिल्पा पाटीदार, महेंद्र कटारा, आशीष यादव, आशीष कटारा, बंसीलाल राणे, जीवराजभाई, गुंजनबेन, नाराचया, पिंटू चरपोट, विजय कटारा, भेरूलाल मीना, सीमा यादव, सागर कटारा, भगवती भाई, कल्पेश गौर, पैलबेन नाई, शील, सुरेशभाई डिंडोर, रमेशभाई, पंकजभाई चरपोट, कमलेशभाई कटारा और मायाबेन पाटीदार सहित अन्य यात्री शामिल हैं। फिलहाल हादसे की सही वजह का पता नहीं चल पाया है, लेकिन तेज रफ्तार या चालक की लापरवाही को संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे क्षतिग्रस्त बस और ट्रक को हटाकर बहाल कर दिया गया। घटना के बाद बस में यात्रा करने वाले यात्रियों के परिजनों की चिंताएं बढ़ गई हैं और वे अपनों की कुशलक्षेम जानने का प्रयास कर रहे हैं।2