टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने जिलेवासियों से सुरक्षित यात्रा और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अपील जारी की है, जिसके तहत निरंतर सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने ज़ोर दिया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम केवल पुलिस की ही नहीं, बल्कि हम सभी की साझा सामाजिक जिम्मेदारी है और सभी नागरिकों से यातायात एडवाइजरी में बताई गई सावधानियों का पालन करने की अपेक्षा की गई है। इस एडवाइजरी में सुरक्षित यात्रा के लिए विभिन्न नियमों और निर्धारित मानकों का पालन करने को अनिवार्य बताया गया है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए आईएसआई मानक हेलमेट पहनना (चालक व पीछे बैठने वाले दोनों के लिए), तीन सवारी न बैठाना, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन न चलाना और निर्धारित गति सीमा का पालन करना आवश्यक है। चारपहिया एवं यात्री वाहन चालकों को सीट बेल्ट का उपयोग करने, निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न बैठाने, मोबाइल का उपयोग न करने, नशे में वाहन न चलाने और लंबी दूरी की यात्रा में समय-समय पर विश्राम करने की सलाह दी गई है। यात्री एवं व्यावसायिक वाहन संचालकों के लिए शासन द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा उपकरण (फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र) और अद्यतन दस्तावेज (फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा, परमिट) अनिवार्य रूप से रखने तथा ओवरलोडिंग से बचने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्कूल वाहनों और सार्वजनिक परिवहन वाहनों में सुरक्षा मानकों का विशेष पालन करने पर बल दिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में वैध पीयूसी प्रमाणपत्र रखने, अत्यधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों का संचालन न करने और नियमित सर्विसिंग कराने के लिए कहा गया है। वाहन में निर्धारित मानक की हेडलाइट, इंडिकेटर और ब्रेक लाइट का उपयोग करने तथा अनधिकृत हाई बीम, फ्लैशर, काली फिल्म या प्रतिबंधित सामग्री का प्रयोग न करने, और नंबर प्लेट निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने का भी निर्देश दिया गया है। सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण नियमों में गलत दिशा में वाहन न चलाना, यातायात संकेतों और ट्रैफिक सिग्नलों का पालन करना, पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देना, वाहन चलाते समय धैर्य व संयम बनाए रखना और बारिश, धुंध व रात्रि के समय विशेष सावधानी बरतना शामिल है। एडवाइजरी में सड़क दुर्घटना के बाद के पहले घंटे को “गोल्डन ऑवर” बताया गया है, जिसमें समय पर सहायता मिलने से घायल व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। इसमें यह भी कहा गया है कि किसी दुर्घटना पीड़ित की मदद करना एक मानवीय कर्तव्य है और कानून मददगार नागरिकों को संरक्षण प्रदान करता है। टीकमगढ़ पुलिस द्वारा जिलेभर में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, हेलमेट सुरक्षा संकल्प, जनसंवाद चौपाल, विद्यालय एवं महाविद्यालय जागरूकता अभियान तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष यातायात जनजागरूकता गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित यातायात व्यवहार के प्रति जागरूक बनाना है। पुलिस अधीक्षक ने अपनी अपील में नागरिकों से यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए करने का आग्रह किया है, क्योंकि एक छोटी सी सावधानी किसी परिवार की खुशियां बचा सकती है। उन्होंने इस संदेश के साथ अपनी बात समाप्त की कि “सड़क पर जिम्मेदारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। नियमों का पालन करें, जीवन को सुरक्षित बनाएं।”
टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने जिलेवासियों से सुरक्षित यात्रा और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अपील जारी की है, जिसके तहत निरंतर सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने ज़ोर दिया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम केवल पुलिस की ही नहीं, बल्कि हम सभी की साझा सामाजिक जिम्मेदारी है और सभी नागरिकों से यातायात एडवाइजरी में बताई गई सावधानियों का पालन करने की अपेक्षा की गई है। इस एडवाइजरी में सुरक्षित यात्रा के लिए विभिन्न नियमों और निर्धारित मानकों का पालन करने को अनिवार्य बताया गया है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए आईएसआई मानक हेलमेट पहनना (चालक व पीछे बैठने वाले दोनों के लिए), तीन सवारी न बैठाना, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन न चलाना और निर्धारित गति सीमा का पालन करना आवश्यक है। चारपहिया एवं यात्री वाहन चालकों को सीट बेल्ट का उपयोग करने, निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न बैठाने, मोबाइल का उपयोग न करने, नशे में वाहन न चलाने और लंबी दूरी की यात्रा में समय-समय पर विश्राम करने की सलाह दी गई है। यात्री एवं व्यावसायिक वाहन संचालकों के लिए शासन द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा उपकरण (फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र) और अद्यतन दस्तावेज (फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा, परमिट) अनिवार्य रूप से रखने तथा ओवरलोडिंग से बचने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्कूल वाहनों और सार्वजनिक परिवहन वाहनों में सुरक्षा मानकों का विशेष पालन करने पर बल दिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में वैध पीयूसी प्रमाणपत्र रखने, अत्यधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों का संचालन न करने और नियमित सर्विसिंग कराने के लिए कहा गया है। वाहन में निर्धारित मानक की हेडलाइट, इंडिकेटर और ब्रेक लाइट का उपयोग करने तथा अनधिकृत हाई बीम, फ्लैशर, काली फिल्म या प्रतिबंधित सामग्री का प्रयोग न करने, और नंबर प्लेट निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने का भी निर्देश दिया गया है। सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण नियमों में गलत दिशा में वाहन न चलाना, यातायात संकेतों और ट्रैफिक सिग्नलों का पालन करना, पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देना, वाहन चलाते समय धैर्य व संयम बनाए रखना और बारिश, धुंध व रात्रि के समय विशेष सावधानी बरतना शामिल है। एडवाइजरी में सड़क दुर्घटना के बाद के पहले घंटे को “गोल्डन ऑवर” बताया गया है, जिसमें समय पर सहायता मिलने से घायल व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। इसमें यह भी कहा गया है कि किसी दुर्घटना पीड़ित की मदद करना एक मानवीय कर्तव्य है और कानून मददगार नागरिकों को संरक्षण प्रदान करता है। टीकमगढ़ पुलिस द्वारा जिलेभर में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, हेलमेट सुरक्षा संकल्प, जनसंवाद चौपाल, विद्यालय एवं महाविद्यालय जागरूकता अभियान तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष यातायात जनजागरूकता गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित यातायात व्यवहार के प्रति जागरूक बनाना है। पुलिस अधीक्षक ने अपनी अपील में नागरिकों से यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए करने का आग्रह किया है, क्योंकि एक छोटी सी सावधानी किसी परिवार की खुशियां बचा सकती है। उन्होंने इस संदेश के साथ अपनी बात समाप्त की कि “सड़क पर जिम्मेदारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। नियमों का पालन करें, जीवन को सुरक्षित बनाएं।”
- टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा कस्बे के मेन मार्केट में शनिवार, 30 मई को बिजली के करंट की चपेट में आने से एक गौवंश की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में दो महिलाएं भी बिजली का करंट लगने से बाल-बाल बचीं। लोगों ने इस मामले में बिजली विभाग और उसके कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मुहल्ले वासियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि मेन मार्केट में गजेंद्र श्रीवास्तव के मकान के पास लगे बिजली के खंभे में पिछले कई दिनों से बिजली का करंट आ रहा था। लोगों ने इसकी शिकायत बिजली कार्यालय में भी की थी, लेकिन शिकायत के बावजूद बिजली कर्मचारियों ने मौके पर आकर कोई सुधारात्मक कार्य नहीं किया। इसी लापरवाही के कारण, गौवंश बिजली के खंभे के पास पहुंचा और करंट की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे मेन मार्केट में जाम की स्थिति बन गई। बाद में ग्राम पंचायत के द्वारा मृत गौवंश को ट्रैक्टर से हटवाया गया। लोगों ने यह भी जानकारी दी कि गांव में कई जगह बिजली की केबलें क्षतिग्रस्त हैं और बिल्कुल नीचे लटक रही हैं, जिससे भविष्य में कोई दूसरी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने मेन मार्केट सहित पूरे गांव में अव्यवस्थित तरीके से डाली गई बिजली केबलों में सुधार कार्य कराने की तत्काल मांग की है।1
- आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नगिना सांसद चंद्रशेखर आजाद टीकमगढ़ के काशीराम अस्पताल पहुँचे। उन्होंने अस्पताल में पहुँचकर प्रभावितों को मुआवजा प्रदान किया।1
- टीकमगढ़ पुलिस ग्राउंड पर शनिवार, 30 मई 2026 को समर कप फुटबॉल प्रतियोगिता के अंतर्गत दो सेमीफाइनल मैच खेले गए। पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा के मार्गदर्शन में 1 मई से 31 मई 2026 तक पुलिस लाइन खेल परिसर में आयोजित हो रही इस वार्षिक प्रतियोगिता में आज जूनियर और सीनियर वर्ग के पहले सेमीफाइनल मुकाबले हुए। जूनियर वर्ग का पहला सेमीफाइनल मैच फिटनेस क्लब और टीकमगढ़ सिटी के बीच हुआ, जिसमें फिटनेस क्लब के कप्तान शेख अनीस और टीकमगढ़ सिटी के कप्तान अमन खान थे। इस रोमांचक मुकाबले में फिटनेस क्लब ने टीकमगढ़ सिटी को 4-2 से हराया। फिटनेस क्लब की ओर से मारूफ ने दो गोल, जबकि अनीश और अर्सलान ने एक-एक गोल किया। वहीं, टीकमगढ़ सिटी के लिए दोनों गोल रौनक खान ने दागे। इस जीत के साथ फिटनेस क्लब जूनियर वर्ग में फाइनल में पहुँचने वाली पहली टीम बन गई। सीनियर वर्ग में टर्मिनेटर, जिसके कप्तान दिव्यांश खरे थे, और पैंथर इलेवन, जिसके कप्तान मोहम्मद आमिर थे, के बीच खेला गया मैच 4-4 की बराबरी पर समाप्त हुआ। टर्मिनेटर की तरफ से कप्तान दिव्यांश खरे ने दो गोल किए, जबकि कैफ राजा और रचित वाल्मीक ने एक-एक गोल किया। पैंथर क्लब के लिए अश्विन अहिरवार ने दो गोल, जबकि लवित अहिरवार और अरशद मोहम्मद ने एक-एक गोल किया। दो मैच खेलकर 4 अंक अर्जित करने वाली टर्मिनेटर की टीम सीनियर वर्ग में फाइनल में पहुँचने वाली पहली टीम बनी। इन सेमीफाइनल मैचों के विशेष अतिथि पुलिस पेंशनर्स टीकमगढ़ के खलील मोहम्मद खान, सुरेश दोंदेरिया, उमाशंकर चतुर्वेदी, जगतपाल सिंह, गोविंद अहिरवार और काजी हफीजुद्दीन थे। आज के मैचों में जमन हाशमी और आशिफ खान ने रेफरी की भूमिका निभाई, जबकि पूरे मैच का संचालन जिला खेल प्रशिक्षक टीकमगढ़ अनूप मंडल द्वारा किया गया।1
- टीकमगढ़ जिले के कुड़ियाला गाँव में अवैध शराब की बिक्री के विरोध में ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन किया, जिसके तहत पलेरा जतारा मार्ग को जाम कर दिया गया। इस प्रदर्शन में महिलाएँ भी सड़क पर उतरकर शामिल हुईं, जिसके परिणामस्वरूप मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यह मामला कनेरा चौकी क्षेत्र का बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने अवैध शराब पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।1
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है, जहाँ मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा और डॉक्टरों के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश प्रमुख सचिव राम रतन दीक्षित और उनकी टीम ने इन शिकायतों के बाद अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और अव्यवस्थाओं को अपनी आँखों से देखने के बाद सीएमएचओ डॉक्टर अनुरागी को भी अवगत कराया। आरोप है कि डॉक्टर मुकेश साहू, जिनका बंधपत्र अप्रैल 2026 में समाप्त हो चुका है, वे अब भी ओपीडी में बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं और सरकारी क्वार्टर में निवास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि ऐसी स्थिति में यदि किसी मरीज की हालत बिगड़ती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इसके अतिरिक्त, मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों के बजाय बाहर की कमीशन वाली दवाइयां लिखी जा रही हैं, जिससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों के बीच लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण मरीजों को भीषण गर्मी में घंटों भटकना पड़ता है। मरीजों और उनके परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर टी-शर्ट और चप्पल पहने हुए थे, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा था। इस पूरे मामले में डॉ. अंकित राजपूत और डॉ. महेंद्र पटेल के नाम भी चर्चा में हैं। कुछ दिनों पहले अस्पताल परिसर में डॉक्टर के चेंबर में एक आवारा कुत्ते के आराम करते हुए फोटो सामने आने के बाद स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल में साफ-सफाई और अनुशासन की स्थिति बेहद खराब है, और जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।2
- पलेरा में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुँचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया, जिसके बाद सड़क पर लगाया गया जाम सफलतापूर्वक खुलवा दिया गया।1