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ईरान पर हुए हवाई हमले में ईरानी नेता मोजतबा खामेनेई की हत्या कर दी गई है। यह हमला अमेरिका द्वारा अपनी आत्मरक्षा में किया गया बताया गया है। इन हवाई हमलों के दौरान अमेरिका ने तीन एयरबेस और पाँच लड़ाकू जेट को नष्ट कर दिया। कथित तौर पर, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी एयरबेस को पूरी तरह तबाह कर दिया है। ईरान पर अब तक 200 से अधिक मिसाइल हमले किए जा चुके हैं।
Vipin patrkaar G.t.m
ईरान पर हुए हवाई हमले में ईरानी नेता मोजतबा खामेनेई की हत्या कर दी गई है। यह हमला अमेरिका द्वारा अपनी आत्मरक्षा में किया गया बताया गया है। इन हवाई हमलों के दौरान अमेरिका ने तीन एयरबेस और पाँच लड़ाकू जेट को नष्ट कर दिया। कथित तौर पर, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी एयरबेस को पूरी तरह तबाह कर दिया है। ईरान पर अब तक 200 से अधिक मिसाइल हमले किए जा चुके हैं।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- मुरादाबाद में आगामी त्योहारों और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। इसी क्रम में, जिला अधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने संयुक्त रूप से शहर में पैदल मार्च किया, जिसका लक्ष्य स्थिति का जायजा लेना और नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास जगाना था।1
- कानपुर कमिश्नरेट के साउथ जोन स्थित किदवई नगर थाना क्षेत्र में एक कबाड़ की दुकान में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग लगते ही पूरे क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया, जिससे आसपास मौजूद लोगों में भारी हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही संबंधित थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र को सुरक्षित कराते हुए लोगों को घटनास्थल से दूर हटाया। वहीं, फायर ब्रिगेड की टीम ने भी तुरंत पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि कबाड़ में रखे ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैल रही थी, जिससे इसे बुझाने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या कोई अन्य तकनीकी वजह मानी जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है। फिलहाल, पुलिस और फायर विभाग पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हुए हैं।1
- भदोही के औराई बस अड्डे पर एक प्रेमी युगल को एकांत का लाभ उठाकर मिलते हुए देखा गया। इस दौरान एक ऐसी गाड़ी भी मौजूद थी जिस पर नंबर प्लेट नहीं थी। पोस्ट में इस प्रेम कहानी को 'लैला मजनू' की कहानी बताते हुए उनके लिए दुआ की गई है और साथ ही 'जय श्री राम' का उद्घोष भी किया गया है।2
- आज 25 मई, सोमवार को कानपुर के नेशनल मीडिया प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान, पीड़ित भोलानाथ और श्रीमती विमला पाठक ने बताया कि बार-बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने वीडियो के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें मंदिर का कमरा बनाने के नाम पर लाखों की ठगी, मंदिर की जमीन कब्जाने का प्रयास और पुजारी को जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पीड़ितों ने प्रेस वार्ता के जरिए शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। यह मामला कानपुर के नवाबगंज थाना अंतर्गत आजाद नगर स्थित पत्थेश्वर मंदिर से जुड़ा है, जहाँ सैकड़ों वर्ष प्राचीन मंदिर की पुजारी श्रीमती विमला पाठक, जो भोलानाथ की पत्नी हैं, ने बताया कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से इस मंदिर प्रांगण की सेवा करता आ रहा है। मंदिर के पीछे एक कमरा था जिसकी छत टीन की थी। उनके पड़ोसी योगी मिश्रा ने प्रस्ताव दिया कि वह कम खर्च में टीन की छत की जगह पक्की छत डलवा देगा। पीड़िता इस पर सहमत हो गईं और उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से 4,50,000/- रुपए योगी मिश्रा को दिए। छत डलवाने के बाद, योगी मिश्रा ने जमीन पर कब्जा करने की नीयत से मंदिर के कमरे का ताला तोड़कर अपना ताला लगा लिया और दावा किया कि यह जगह अब उसकी हो गई है। तब पीड़िता को अपने साथ हुई ठगी और धोखाधड़ी का एहसास हुआ। उन्होंने पुलिस प्रशासन को प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें योगी मिश्रा पर साढ़े चार लाख रुपए की ठगी करने और दबंगई व गुंडई दिखाकर मंदिर की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। हालाँकि, पुलिस प्रशासन से आश्वासन तो मिला लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई, जिससे दबंग योगी मिश्रा के हौसले बुलंद हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आए दिन अराजक तत्व गाड़ियों से आकर गाली गलौज करते हैं और मंदिर परिसर खाली कराने के लिए जान से मारने की धमकी देते हैं, हालांकि क्षेत्रीय लोगों के विरोध के कारण वे कब्जा करने में असफल रहते हैं। थाने से लेकर पुलिस आयुक्त तक सभी जगह प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई है, यहाँ तक कि मंदिर के कमरे में रखा सामान भी उठा ले जाया गया है, जिसे वापस नहीं किया जा रहा है। पुजारी और उनके जान-माल को लगातार खतरा बना हुआ है, और चेतावनी दी गई है कि यदि पुजारी या उनके परिवार के साथ कोई घटना होती है, तो इसके लिए योगी मिश्रा ही दोषी होंगे। यह स्थिति एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के भू-माफिया को 'मिट्टी में मिला देने' के निर्देश के बावजूद, एक प्राचीन मंदिर पर कब्जा करने वाले के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की गई। प्रेस वार्ता में यह सवाल उठाया गया कि जब सरकार सनातन धर्म की रक्षक होने का दावा करती है, तब भी सनातन धर्म ही सुरक्षित क्यों नहीं है। पीड़ितों का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान के सभी सबूत और दो से तीन दर्जन क्षेत्रीय लोगों की गवाही उनके आरोपों को सही साबित करती है। पीड़ित मंदिर पुजारी ने न्यायहित में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन उचित कार्यवाही नहीं करता है, तो वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में शिकायत करेंगी और न्याय मांगेंगी, क्योंकि नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के माध्यम से सूचना देने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।1
- कानपुर में आईटीबीपी जवान का हाथ काटे जाने से जुड़े बहुचर्चित मामले की जाँच में एक नया मोड़ आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित जाँच रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि दोनों अस्पतालों द्वारा उपचार में अत्यधिक देरी की गई, जिसके कारण पीड़ित का हाथ काटना पड़ा। इस संबंध में, कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि पहले प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी और उसमें दोष का निर्धारण स्पष्ट रूप से नहीं किया गया था। इसके बाद, पुलिस ने मेडिकल टीम से बिंदुवार स्पष्टीकरण और जिम्मेदारी तय करते हुए एक संशोधित रिपोर्ट मांगी थी। संशोधित रिपोर्ट मिलने के बाद, पुलिस ने इलाज में हुई देरी को गंभीर चिकित्सीय लापरवाही मानते हुए दोनों अस्पतालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस आयुक्त ने आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के विवाद या टकराव की खबरों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जाँच के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा और सीएमओ स्तर पर विस्तृत परीक्षण के लिए आईटीबीपी के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को पुलिस कार्यालय में आमंत्रित किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी बड़ी संख्या में बल के साथ पहुँचे थे, जिससे पुलिस कार्यालय के बाहर भारी बल की मौजूदगी के कारण मीडिया में गलत संदेश गया। इस पर कमांडेंट को तत्काल अतिरिक्त बल वापस भेजने का निर्देश दिया गया। पुलिस आयुक्त ने यह भी जानकारी दी कि पूरे प्रकरण की सूचना आईटीबीपी मुख्यालय और महानिदेशक को पत्र भेजकर दे दी गई है, साथ ही संबंधित स्तर पर विभागीय और अनुशासनात्मक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध भी किया गया है।1
- उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह करीब 5:00 बजे एक डबल डेकर ए.सी. बस पलट गई।1
- कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र के जरौली फेस 1 में एक पानी की टंकी पर एक व्यक्ति चढ़ गया है। वह नशे की हालत में बताया जा रहा है और टंकी से कूदने की धमकी दे रहा है, जिससे इलाके में हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है। स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद है और स्थिति को संभालने का प्रयास कर रही है।1
- मुरादाबाद में आगामी त्योहारों और जिले की कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है। इसी कड़ी में, जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने संयुक्त रूप से शहर में पैदल मार्च किया।1
- SSC GD की परीक्षाओं के दौरान देश के कई केंद्रों पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जिसके मुख्य कारण परीक्षा केंद्र की क्षमता से दोगुना (लगभग 800 से अधिक) अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी करना और गंभीर तकनीकी खराबी रहे। इस गड़बड़ी के चलते कई शहरों में परीक्षाएँ रद्द करनी पड़ीं। एक केंद्र पर, दूसरी पाली (दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक) के दौरान जब अभ्यर्थियों को बैठने के लिए पर्याप्त कंप्यूटर सिस्टम नहीं मिले, तो हंगामा शुरू हो गया। आक्रोशित अभ्यर्थियों ने सेंटर पर लगे कंप्यूटर सिस्टम, एसी, सीसीटीवी कैमरे और सर्वर में तोड़फोड़ की। इसके बाद, विरोध प्रदर्शन के रूप में GT रोड पर चक्काजाम भी किया गया। इसी तरह की अव्यवस्था और तकनीकी समस्याओं के कारण कानपुर (पुरवामीर स्थित सेंटर), लखनऊ, गोरखपुर और बिहार के मुजफ्फरपुर जैसे अन्य शहरों में भी परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा। प्रयागराज में एक परीक्षा केंद्र पर SSC GD के अभ्यर्थी खराब हुए सिस्टम को ठीक करते हुए भी देखे गए।1