अध्यक्ष हैं। उन्होंने मेले को ठेके पर देने के लिए अस्सी लाख रुपये से बोली शुरू करने की बात कही है। आरोप है कि यदि बोली अस्सी लाख से शुरू होती है तो शासन की जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी। जिलाधीश सिरमौर, उपमंडल अधिकारी नाहन, तहसीलदार ददाहू, पटवारी ददाहू, कानूनगो, सभी की भूमिका खत्म हो जाएगी। उद्घोषणा तीन: आरोप यह भी है कि ठेकेदार अपनी मर्जी से दुकानदारों को लूटेंगे और सीधा लाभ नेता को पहुंचेगा। कहा जा रहा है कि ठेका देने का अधिकार मौजूदा विधायक विनय कुमार को नहीं है। आज तक जिलाधीश सिरमौर ही विकास समिति के अध्यक्ष रहते आए हैं और उनके नेतृत्व में मेला होता रहा है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी यहां कुछ दुकानदार अस्सी वर्षों से दुकानें लगाते आ रहे हैं। उन्हें यहां स्थान आधे दाम में मिलना चाहिए। लेकिन उनके साथ भी दाम का सौदा किया जाता है। मेले के दौरान नेता ऐसे नाचते हैं जैसे कभी नाचे ना हों। यह मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान है। इस लड़ाई के लिए मैं सर्वोच्च न्यायालय तक जाने को तैयार हूं। उद्घोषणा चार: राजेंद्र सिंह का कहना है कि वे इस मामले को जल्द उच्च न्यायालय में याचिका के माध्यम से चुनौती देंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब यहां इतने अधिकारी हैं और सरकार उन्हें वेतन देती है तो वे काम क्यों नहीं करते। वक्तव्य: नाथूराम चौहान यह मां रेणुका जी की पवित्र धरती है। इसे बोली लगाकर बेचा नहीं जा सकता। जो लोग मेले को ठेके पर देना चाहते हैं, वे आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गरीब दुकानदारों को उजाड़कर चंद लोगों को लाभ पहुंचाना बंद होना चाहिए। हम इसका डटकर विरोध करेंगे। उद्घोषणा पांच: एक और सवाल यह है कि इस गंभीर विषय पर भाजपा के नेता चुप क्यों हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी नारायण सिंह क्यों चुप बैठे हैं, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी हम मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान नहीं होने देंगे। हम लोगों को लूटने नहीं देंगे। उच्च न्यायालय में लड़ाई होगी। समापन उद्घोषणा: रेणुका जी धाम में एक पालकी जम्मू कोठी से आएगी, एक पालकी कटा शीतला से आएगी। इस धाम में भगवान परशुराम, उनकी माता रेणुका जी, उनके पिता जमदग्नि जी और गणेश जी विराजमान हैं। कहा जाता है कि यहां कई हजार वर्ष पहले तपस्या हुई थी। आज हाल यह है कि भगवान परशुराम और मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर देने की तैयारी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब सब कुछ ठेके पर देना है तो पुलिस शासन भी ठेके पर दे दो और बाकी शासन को छुट्टी देकर घर बैठा दो। उद्घोषणा छह: वर्ष 2025 में भी प्रदेश के मुखिया आधे रास्ते से लौट गए थे, जिससे लोगों को बहुत दुख हुआ था। इस वर्ष रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने फिर कहा है कि शुभारंभ के लिए प्रदेश के मुखिया ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू आएंगे। पिछली बार उनका उड़न खटोला खराब होने से वे नहीं आ पाए थे। लोगों को उनसे बहुत उम्मीद थी। बस अड्डे की घोषणा, महाविद्यालय की घोषणा, विकास खंड कार्यालय के भवन की घोषणा, गिरी नदी के पुल का अधूरा कार्य, रेणुका क्षेत्र की बदहाली का समाधान, इन सब पर लोगों की नजर है। वहीं जनता कहती है कि विधायक ने तो कह दिया कि मुखिया आएंगे, मगर कोई विश्वास नहीं है। रेणुका जी से राजेंद्र सिंह रिपोर्ट
अध्यक्ष हैं। उन्होंने मेले को ठेके पर देने के लिए अस्सी लाख रुपये से बोली शुरू करने की बात कही है। आरोप है कि यदि बोली अस्सी लाख से शुरू होती है तो शासन की जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी। जिलाधीश सिरमौर, उपमंडल अधिकारी नाहन, तहसीलदार ददाहू, पटवारी ददाहू, कानूनगो, सभी की भूमिका खत्म हो जाएगी। उद्घोषणा तीन: आरोप यह भी है कि ठेकेदार अपनी मर्जी से दुकानदारों को लूटेंगे और सीधा लाभ नेता को पहुंचेगा। कहा जा रहा है कि ठेका देने का अधिकार मौजूदा विधायक विनय कुमार को नहीं है। आज तक जिलाधीश सिरमौर ही विकास समिति के अध्यक्ष रहते आए हैं और उनके नेतृत्व में मेला होता रहा है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी यहां कुछ दुकानदार अस्सी वर्षों से दुकानें लगाते आ रहे हैं। उन्हें यहां स्थान आधे दाम में मिलना चाहिए। लेकिन उनके साथ भी दाम का सौदा किया
जाता है। मेले के दौरान नेता ऐसे नाचते हैं जैसे कभी नाचे ना हों। यह मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान है। इस लड़ाई के लिए मैं सर्वोच्च न्यायालय तक जाने को तैयार हूं। उद्घोषणा चार: राजेंद्र सिंह का कहना है कि वे इस मामले को जल्द उच्च न्यायालय में याचिका के माध्यम से चुनौती देंगे। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब यहां इतने अधिकारी हैं और सरकार उन्हें वेतन देती है तो वे काम क्यों नहीं करते। वक्तव्य: नाथूराम चौहान यह मां रेणुका जी की पवित्र धरती है। इसे बोली लगाकर बेचा नहीं जा सकता। जो लोग मेले को ठेके पर देना चाहते हैं, वे आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गरीब दुकानदारों को उजाड़कर चंद लोगों को लाभ पहुंचाना बंद होना चाहिए। हम इसका डटकर विरोध करेंगे। उद्घोषणा पांच: एक और सवाल यह है कि इस गंभीर
विषय पर भाजपा के नेता चुप क्यों हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी नारायण सिंह क्यों चुप बैठे हैं, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वक्तव्य: राजेंद्र सिंह, समाजसेवी हम मां रेणुका जी और भगवान परशुराम का अपमान नहीं होने देंगे। हम लोगों को लूटने नहीं देंगे। उच्च न्यायालय में लड़ाई होगी। समापन उद्घोषणा: रेणुका जी धाम में एक पालकी जम्मू कोठी से आएगी, एक पालकी कटा शीतला से आएगी। इस धाम में भगवान परशुराम, उनकी माता रेणुका जी, उनके पिता जमदग्नि जी और गणेश जी विराजमान हैं। कहा जाता है कि यहां कई हजार वर्ष पहले तपस्या हुई थी। आज हाल यह है कि भगवान परशुराम और मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर देने की तैयारी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि जब सब कुछ ठेके पर देना है
तो पुलिस शासन भी ठेके पर दे दो और बाकी शासन को छुट्टी देकर घर बैठा दो। उद्घोषणा छह: वर्ष 2025 में भी प्रदेश के मुखिया आधे रास्ते से लौट गए थे, जिससे लोगों को बहुत दुख हुआ था। इस वर्ष रेणुका जी के विधायक विनय कुमार ने फिर कहा है कि शुभारंभ के लिए प्रदेश के मुखिया ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू आएंगे। पिछली बार उनका उड़न खटोला खराब होने से वे नहीं आ पाए थे। लोगों को उनसे बहुत उम्मीद थी। बस अड्डे की घोषणा, महाविद्यालय की घोषणा, विकास खंड कार्यालय के भवन की घोषणा, गिरी नदी के पुल का अधूरा कार्य, रेणुका क्षेत्र की बदहाली का समाधान, इन सब पर लोगों की नजर है। वहीं जनता कहती है कि विधायक ने तो कह दिया कि मुखिया आएंगे, मगर कोई विश्वास नहीं है। रेणुका जी से राजेंद्र सिंह रिपोर्ट
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- पंचकूला सेक्टर-21 में अवैध माइनिंग का वीडियो वायरल, देर रात जेसीबी से खुदाई का दावा पंचकूला के सेक्टर-21 से देर रात कथित अवैध माइनिंग का वीडियो सामने आया है। वीडियो में जेसीबी की मदद से खुदाई होती दिखाई दे रही है। स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि रात के समय चल रही इस गतिविधि पर संबंधित विभागों की नजर क्यों नहीं पड़ी। इससे पहले भी पंचकूला के अलग-अलग सेक्टरों से अवैध माइनिंग के मामले सामने आ चुके हैं। संबंधित विभाग की कार्रवाई और जांच का इंतजार है।1
- वन विभाग मजदूर यूनियन हरियाणा (रजि० नं० 14-50) सम्बद्धित — सी.आई.टी.यू. एवं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा राज्य प्रधान: विजय शर्मा वरिष्ठ उपप्रधान: रामेश्वर भारद्वाज कोषाध्यक्ष: नरेन्द्र सिंह राज्य महासचिव: राजकुमार सोलंकी मांग-पत्र 1. पिछले कई महीनों के बकाया वेतन का भुगतान करवाया जाए। विभाग द्वारा मजदूरों को स्कीमों के नाम पर कई-कई माह तक वेतन नहीं दिया जाता। 2. सभी वन मजदूरों के बढ़े हुए मानदेय का एरियर व बकाया एरियर का भुगतान करवाया जाए। 3. वर्ष 2017 से E.P.F. एवं E.S.I. का लाभ सभी वन मजदूरों को दिलवाया जाए। 4. महंगाई को मध्यनजर रखते हुए मजदूरों को आजीविका चलाने के लिए न्यूनतम वेतन ₹20,000 दिया जाए। 5. विभाग में कार्यरत सभी वन मजदूरों की वरिष्ठता सूची बनाई जाए। 6. विभाग में कार्यरत सभी वन मजदूरों को पहचान पत्र, वर्दी व जूते दिलवाए जाएं। 7. 5, 10, 15, 20, 25 और 30 वर्षों से कार्यरत सभी वन मजदूरों को अर्धकुशल, कुशल एवं उच्च कुशल श्रेणी का लाभ दिलवाया जाए। 8. सभी वन मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा के लिए श्रम कल्याण बोर्ड से पंजीकृत करवाया जाए। 9. दुर्घटनाग्रस्त वन मजदूरों को ₹5 लाख दुर्घटना मुआवजा दिलवाया जाए। 10. शौच मुक्त अभियान की वन विभाग की कई नर्सरियों में शौचालय न होने से पोल खुल रही है। सभी नर्सरियों में शौचालय की व्यवस्था की जाए। 11. माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 23 दिसम्बर, 24 दिसम्बर एवं 31 दिसम्बर 2026 को पारित आदेशों के अनुसार वन मजदूरों को नियमित किया जाए। 12. 10वीं, 12वीं एवं बी.ए. पास वन मजदूरों को पदोन्नति का लाभ दिलवाया जाए। 13. रिटायरमेंट पर वन मजदूरों को ₹10 लाख दिए जाएं। 14. ठेकेदारी प्रथा बंद करके मस्टरोल प्रणाली लागू करवाई जाए। 15. विभाग में जूनियर मजदूरों को रेगुलर किया गया है, जबकि सीनियर मजदूरों को वंचित रखा गया है। सीनियर मजदूरों को तुरंत प्रभाव से रेगुलर किया जाए। 16. जो पुराने वन मजदूर कार्य से बाहर हैं, उन्हें कार्य पर रखा जाए, ताकि उनके परिवार का गुजारा सुचारू रूप से चल सके। 17. विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए रेलवे लाइन, माइनर, नहरों, सड़कों, पंचायती जमीन एवं चंजर पड़ी जमीन पर पौधारोपण करवाया जाए, ताकि पर्यावरण शुद्ध हो और आमजन को शुद्ध वायु एवं स्वच्छ वातावरण मिल सके। जारीकर्ता: महासचिव वन विभाग मजदूर यूनियन हरियाणा वन विभाग मजदूर यूनियन हरियाणा (रजि० नं० 14-50) सम्बद्धित — सी.आई.टी.यू. एवं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा राज्य प्रधान: विजय शर्मा वरिष्ठ उपप्रधान: रामेश्वर भारद्वाज कोषाध्यक्ष: नरेन्द्र सिंह राज्य महासचिव: राजकुमार सोलंकी मांग-पत्र 1. पिछले कई महीनों के बकाया वेतन का भुगतान करवाया जाए। विभाग द्वारा मजदूरों को स्कीमों के नाम पर कई-कई माह तक वेतन नहीं दिया जाता। 2. सभी वन मजदूरों के बढ़े हुए मानदेय का एरियर व बकाया एरियर का भुगतान करवाया जाए। 3. वर्ष 2017 से E.P.F. एवं E.S.I. का लाभ सभी वन मजदूरों को दिलवाया जाए। 4. महंगाई को मध्यनजर रखते हुए मजदूरों को आजीविका चलाने के लिए न्यूनतम वेतन ₹20,000 दिया जाए। 5. विभाग में कार्यरत सभी वन मजदूरों की वरिष्ठता सूची बनाई जाए। 6. विभाग में कार्यरत सभी वन मजदूरों को पहचान पत्र, वर्दी व जूते दिलवाए जाएं। 7. 5, 10, 15, 20, 25 और 30 वर्षों से कार्यरत सभी वन मजदूरों को अर्धकुशल, कुशल एवं उच्च कुशल श्रेणी का लाभ दिलवाया जाए। 8. सभी वन मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा के लिए श्रम कल्याण बोर्ड से पंजीकृत करवाया जाए। 9. दुर्घटनाग्रस्त वन मजदूरों को ₹5 लाख दुर्घटना मुआवजा दिलवाया जाए। 10. शौच मुक्त अभियान की वन विभाग की कई नर्सरियों में शौचालय न होने से पोल खुल रही है। सभी नर्सरियों में शौचालय की व्यवस्था की जाए। 11. माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 23 दिसम्बर, 24 दिसम्बर एवं 31 दिसम्बर 2026 को पारित आदेशों के अनुसार वन मजदूरों को नियमित किया जाए। 12. 10वीं, 12वीं एवं बी.ए. पास वन मजदूरों को पदोन्नति का लाभ दिलवाया जाए। 13. रिटायरमेंट पर वन मजदूरों को ₹10 लाख दिए जाएं। 14. ठेकेदारी प्रथा बंद करके मस्टरोल प्रणाली लागू करवाई जाए। 15. विभाग में जूनियर मजदूरों को रेगुलर किया गया है, जबकि सीनियर मजदूरों को वंचित रखा गया है। सीनियर मजदूरों को तुरंत प्रभाव से रेगुलर किया जाए। 16. जो पुराने वन मजदूर कार्य से बाहर हैं, उन्हें कार्य पर रखा जाए, ताकि उनके परिवार का गुजारा सुचारू रूप से चल सके। 17. विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए रेलवे लाइन, माइनर, नहरों, सड़कों, पंचायती जमीन एवं चंजर पड़ी जमीन पर पौधारोपण करवाया जाए, ताकि पर्यावरण शुद्ध हो और आमजन को शुद्ध वायु एवं स्वच्छ वातावरण मिल सके। जारीकर्ता: महासचिव वन विभाग मजदूर यूनियन हरियाणा2
- CM के आदेशों के बावजूद नहीं थम रही अवैध माइनिंग? सेक्टर-21 में रात के अंधेरे में चलता दिखा खेल! 🔴 रात को बेखौफ माइनिंग! सेक्टर-21 का वीडियो सामने आते ही उठे कार्रवाई पर सवाल सेक्टर-21 में धड़ल्ले से अवैध माइनिंग, आखिर किसके संरक्षण में चल रहा खेल? पंचकूला सेक्टर-21 में बेखौफ अवैध माइनिंग! रात को चलता है ‘माइनिंग का खेल’, कब होगी कार्रवाई? पंचकूला। सेक्टर-21 में अवैध माइनिंग का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सामने आए वीडियो में रात के समय खुलेआम माइनिंग होती दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही? स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद अगर इस तरह माइनिंग जारी है, तो निगरानी और कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। वीडियो सामने आने के बाद अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।1
- आज SSP देहरादून को प्रार्थना पत्र देकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग किसान मजदूर महासंग्राम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मोबिन अहमद जी ने आज पीड़ित परिवार के साथ SSP देहरादून को प्रार्थना पत्र देकर नाबालिग दिव्यांशु चौहान (लगभग 17 वर्ष) की करंट लगने से हुई मृत्यु के मामले में लिखित प्रार्थना-पत्र सौंपा और निष्पक्ष जांच एवं दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। पीड़ित परिवार के अनुसार दिव्यांशु को काम के लिए ले जाया गया था और काम के दौरान करंट लगने से उसकी मृत्यु हो गई। परिवार ने मामले में ठेकेदार मंगाराम, मकान मालिक सुरेंद्र मिस्त्री एवं राजवीर की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लगभग 2 माह बीत जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने पर संगठन ने SSP महोदय के समक्ष मामले को गंभीरता से उठाया। किसान मजदूर महासंग्राम संगठन पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। हमारी मांग स्पष्ट है— ➡️ मामले की निष्पक्ष जांच हो। ➡️ CCTV, वीडियो एवं अन्य साक्ष्य सुरक्षित कर जांचे जाएं। ➡️ संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएं। ➡️ नाबालिग से काम कराने और उसकी मृत्यु से जुड़ी परिस्थितियों की जांच हो। ➡️ जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई हो। **दिव्यांशु चौहान को न्याय मिलना चाहिए। पीड़ित परिवार अकेला नहीं है — किसान मजदूर महासंग्राम उनके साथ खड़ा है।** — मोबिन अहमद जी राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान मजदूर महासंग्राम संगठन आज SSP देहरादून को प्रार्थना पत्र देकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग किसान मजदूर महासंग्राम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मोबिन अहमद जी ने आज पीड़ित परिवार के साथ SSP देहरादून को प्रार्थना पत्र देकर नाबालिग दिव्यांशु चौहान (लगभग 17 वर्ष) की करंट लगने से हुई मृत्यु के मामले में लिखित प्रार्थना-पत्र सौंपा और निष्पक्ष जांच एवं दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। पीड़ित परिवार के अनुसार दिव्यांशु को काम के लिए ले जाया गया था और काम के दौरान करंट लगने से उसकी मृत्यु हो गई। परिवार ने मामले में ठेकेदार मंगाराम, मकान मालिक सुरेंद्र मिस्त्री एवं राजवीर की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लगभग 2 माह बीत जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने पर संगठन ने SSP महोदय के समक्ष मामले को गंभीरता से उठाया। किसान मजदूर महासंग्राम संगठन पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। हमारी मांग स्पष्ट है— ➡️ मामले की निष्पक्ष जांच हो। ➡️ CCTV, वीडियो एवं अन्य साक्ष्य सुरक्षित कर जांचे जाएं। ➡️ संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएं। ➡️ नाबालिग से काम कराने और उसकी मृत्यु से जुड़ी परिस्थितियों की जांच हो। ➡️ जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई हो। **दिव्यांशु चौहान को न्याय मिलना चाहिए। पीड़ित परिवार अकेला नहीं है — किसान मजदूर महासंग्राम उनके साथ खड़ा है।** — मोबिन अहमद जी राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान मजदूर महासंग्राम संगठन1
- कुमारहट्टी बाईपास एनएच 5 पर पलटी कार , ब*ड़ा हा*द**सा डाला कुमारहट्टी बाईपास एनएच 5 पर पलटी कार , ब*ड़ा हा*द**सा डाला #solan #nh #car #accident #BREAKING1
- राष्ट्रीय आयुष दिवस के मौके पर सोलन में लगेगा निशुल्क चिकित्सा शिविर1
- कुमारहट्टी बाईपास एनएच 5 पर आमंत्रित होकर पलटी कार ,टला बड़ा हादसा1