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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के ढालपुर इलाके में 'वी वांट जस्टिस' के नारों से माहौल गूंज उठा, जहाँ बंटी सिराजी ने जनता को संबोधित करते हुए कुल्लू अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार वालों का कहना है कि बालीचौकी से आई प्रसूता मंजू शर्मा की मृत्यु अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के कारण हुई है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इस मौत के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होने का आरोप लगाया है।
Himachal Update 24 News
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के ढालपुर इलाके में 'वी वांट जस्टिस' के नारों से माहौल गूंज उठा, जहाँ बंटी सिराजी ने जनता को संबोधित करते हुए कुल्लू अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार वालों का कहना है कि बालीचौकी से आई प्रसूता मंजू शर्मा की मृत्यु अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के कारण हुई है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इस मौत के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होने का आरोप लगाया है।
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- हमीरपुर के नादौन शहर में नगर परिषद (एमसी) ने रविवार को बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के उद्देश्य से मुख्य बाजार स्थित कुमार मार्केट के नाले की विशेष सफाई करवाई थी। सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक चले इस अभियान के दौरान लगभग एक ट्रैक्टर गाद, मिट्टी और अन्य कचरा निकालने का दावा किया गया। नगर परिषद ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर अभियान की तस्वीरें और जानकारी साझा करते हुए बताया था कि वर्षा जल की सुचारु निकासी सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर नालियों और नालों की सफाई की जा रही है। लेकिन, इस अभियान के अगले ही दिन, रविवार रात से शुरू हुई बारिश सोमवार सुबह तेज होते ही शहर के कई हिस्सों में अलग ही तस्वीर सामने आई। कई स्थानों पर वर्षा का पानी नालियों में बहने के बजाय सड़कों और पैदल आवाजाही वाले रास्तों के बीचों-बीच बहता नजर आया, जिससे लोगों को पैदल आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पहली ही बारिश में सामने आए इन हालात ने नगर परिषद की जल निकासी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रविवार को विशेष सफाई अभियान चलाकर नालियों से गाद और कचरा निकाल दिया गया था, तो महज एक दिन बाद ही पानी नालियों में जाने के बजाय सड़कों और पैदल मार्गों पर कैसे बहने लगा। उनका मानना है कि नालियों का इतनी जल्दी अवरुद्ध होना समझ से परे है, और केवल सफाई अभियान चलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे ड्रेनेज सिस्टम की कार्यप्रणाली और जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाना आवश्यक है। नगर परिषद ने अभियान के दौरान नागरिकों से नालियों में कचरा न डालने और शहर को स्वच्छ रखने की अपील भी की थी। वहीं, पहली ही बारिश के बाद सामने आए हालात को देखते हुए स्थानीय लोगों ने पूरे शहर की जल निकासी व्यवस्था की तकनीकी समीक्षा कर उसमें आवश्यक सुधार करने की मांग की है, ताकि आगामी बारिश के दौरान सड़कों और पैदल आवाजाही वाले मार्गों पर जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।1