बार्सिलोना से एक बड़ी क्रूज़ शिप 7 दिन की मेडिटेरेनियन जर्नी के लिए निकली थी। इसमें हजारों टूरिस्ट थे। लोग फोटो खींच रहे थे, पोर्ट पर छोड़ने आए अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को अलविदा कह रहे थे और एक शानदार प्रीमियम ट्रिप के लिए निकल रहे थे। लेकिन इसी शिप में एक ऐसा आदमी भी सवार था, जिसे दुनिया की तीन इंटेलिजेंस एजेंसियां, जिसमें भारत की रॉ भी शामिल थी, ढूंढ रही थीं। बताया जा रहा था कि ये आदमी एक जगह से दूसरी जगह पैसे ट्रांसफर करता था और किसी को पता भी नहीं चलता था कि पैसा कब और कैसे ट्रांसफर हुआ। यूरोप की कुछ एजेंसियों को बस इतना पता चला था कि ये आदमी इस क्रूज़ शिप पर सवार हो चुका है। उन्हें एक पैटर्न नजर आया था कि अक्सर क्रिप्टोकरेंसी और कैश के जरिए होने वाले संदिग्ध पैसों के ट्रांसफर क्रूज़ खत्म होने के बाद सामने आते थे। इसके बाद रॉ ने एक प्लान बनाया। क्रूज़ कंपनी में एक भारतीय व्यक्ति सीनियर लेवल पर काम करता था। उसी के जरिए रॉ ने अपने एक ऑफिसर, विक्रम सूरी को कसीनो मैनेजर बनाकर क्रूज़ शिप पर भेज दिया। विक्रम का काम था कसीनो में होने वाली हर चीज पर नजर रखना। वहां आने वाले लोग काफी अमीर और प्रभावशाली थे। पहले दिन कुछ नहीं हुआ। दूसरे दिन भी कोई खास जानकारी नहीं मिली। तीसरे दिन भी सबकुछ बिल्कुल सामान्य था। लेकिन चौथे दिन एक आदमी कसीनो में आया और उसने सीधे 50,000 यूरो का बड़ा बेट लगा दिया। अब भाई, जरा सोचिए, अगर आप किसी गेम में 50,000 यूरो लगा दें और वो पूरा पैसा हार जाएं, तो आपका रिएक्शन कैसा होगा? गुस्सा आएगा, चेहरे पर टेंशन दिखेगी, बॉडी लैंग्वेज बदल जाएगी। आखिर 50,000 यूरो कोई छोटी रकम तो है नहीं। लेकिन इस आदमी के साथ कुछ अलग ही हुआ। वो 50,000 यूरो हार गया, लेकिन उसके चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं थी। न गुस्सा, न टेंशन, न कोई परेशानी। उल्टा वो मुस्कुराता हुआ वहां से चला गया। विक्रम ने इस बात को बहुत ध्यान से नोटिस किया। क्योंकि सवाल ये नहीं था कि वो 50,000 यूरो हार गया, सवाल ये था कि इतनी बड़ी रकम हारने के बाद भी उसे कोई फर्क क्यों नहीं पड़ रहा था? फिर पांचवें दिन भी लगभग यही चीज दोबारा हुई। वो आया, बड़ी रकम लगाई, फिर हार गया और फिर बिल्कुल आराम से वहां से चला गया। अब विक्रम को शक होने लगा कि ये आदमी गेम जीतने के लिए खेल ही नहीं रहा है। शायद वो जानबूझकर हार रहा था। जब विक्रम ने पूरे पैटर्न को जोड़ना शुरू किया, तो उसे समझ आया कि कसीनो की टेबल पर जो व्यक्ति गेम जीत रहा है, वही असल में पैसे को आगे दूसरी जगह ट्रांसफर कर रहा था। यानी ऊपर से सबकुछ एक सामान्य कसीनो गेम जैसा दिख रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर उसी गेम की आड़ में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पैसे पहुंचाए जा रहे थे। यहीं से विक्रम को समझ आया कि जिस आदमी को इंटेलिजेंस एजेंसियां ढूंढ रही थीं, शायद वो यही व्यक्ति है। 7 दिन बाद जब क्रूज़ अपने अगले पोर्ट पर पहुंची, तो भारत और यूरोप की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने मिलकर उस आदमी को पकड़ लिया। इसके बाद पूछताछ में इस पूरे खेल से जुड़े कई राज सामने आए।
बार्सिलोना से एक बड़ी क्रूज़ शिप 7 दिन की मेडिटेरेनियन जर्नी के लिए निकली थी। इसमें हजारों टूरिस्ट थे। लोग फोटो खींच रहे थे, पोर्ट पर छोड़ने आए अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को अलविदा कह रहे थे और एक शानदार प्रीमियम ट्रिप के लिए निकल रहे थे। लेकिन इसी शिप में एक ऐसा आदमी भी सवार था, जिसे दुनिया की तीन इंटेलिजेंस एजेंसियां, जिसमें भारत की रॉ भी शामिल थी, ढूंढ रही थीं। बताया जा रहा था कि ये आदमी एक जगह से दूसरी जगह पैसे ट्रांसफर करता था और किसी को पता भी नहीं चलता था कि पैसा कब और कैसे ट्रांसफर हुआ। यूरोप की कुछ एजेंसियों को बस इतना पता चला था कि ये आदमी इस क्रूज़ शिप पर सवार हो चुका है। उन्हें एक पैटर्न नजर आया था कि अक्सर क्रिप्टोकरेंसी और कैश के जरिए होने वाले संदिग्ध पैसों के ट्रांसफर क्रूज़ खत्म होने के बाद सामने आते थे। इसके बाद रॉ ने एक प्लान बनाया। क्रूज़ कंपनी में एक भारतीय व्यक्ति सीनियर लेवल पर काम करता था। उसी के जरिए रॉ ने अपने एक ऑफिसर, विक्रम सूरी को कसीनो मैनेजर बनाकर क्रूज़ शिप पर भेज दिया। विक्रम का काम था कसीनो में होने वाली हर चीज पर नजर रखना। वहां आने वाले लोग काफी अमीर और प्रभावशाली थे। पहले दिन कुछ नहीं हुआ। दूसरे दिन भी कोई खास जानकारी नहीं मिली। तीसरे दिन भी सबकुछ बिल्कुल सामान्य था। लेकिन चौथे दिन एक आदमी कसीनो में आया और उसने सीधे 50,000 यूरो का बड़ा बेट लगा दिया। अब भाई, जरा सोचिए, अगर आप किसी गेम में 50,000 यूरो लगा दें और वो पूरा पैसा हार जाएं, तो आपका रिएक्शन कैसा होगा? गुस्सा आएगा, चेहरे पर टेंशन दिखेगी, बॉडी लैंग्वेज बदल जाएगी। आखिर 50,000 यूरो कोई छोटी रकम तो है नहीं। लेकिन इस आदमी के साथ कुछ अलग ही हुआ। वो 50,000 यूरो हार गया, लेकिन उसके चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं थी। न गुस्सा, न टेंशन, न कोई परेशानी। उल्टा वो मुस्कुराता हुआ वहां से चला गया। विक्रम ने इस बात को बहुत ध्यान से नोटिस किया। क्योंकि सवाल ये नहीं था कि वो 50,000 यूरो हार गया, सवाल ये था कि इतनी बड़ी रकम हारने के बाद भी उसे कोई फर्क क्यों नहीं पड़ रहा था? फिर पांचवें दिन भी लगभग यही चीज दोबारा हुई। वो आया, बड़ी रकम लगाई, फिर हार गया और फिर बिल्कुल आराम से वहां से चला गया। अब विक्रम को शक होने लगा कि ये आदमी गेम जीतने के लिए खेल ही नहीं रहा है। शायद वो जानबूझकर हार रहा था। जब विक्रम ने पूरे पैटर्न को जोड़ना शुरू किया, तो उसे समझ आया कि कसीनो की टेबल पर जो व्यक्ति गेम जीत रहा है, वही असल में पैसे को आगे दूसरी जगह ट्रांसफर कर रहा था। यानी ऊपर से सबकुछ एक सामान्य कसीनो गेम जैसा दिख रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर उसी गेम की आड़ में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पैसे पहुंचाए जा रहे थे। यहीं से विक्रम को समझ आया कि जिस आदमी को इंटेलिजेंस एजेंसियां ढूंढ रही थीं, शायद वो यही व्यक्ति है। 7 दिन बाद जब क्रूज़ अपने अगले पोर्ट पर पहुंची, तो भारत और यूरोप की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने मिलकर उस आदमी को पकड़ लिया। इसके बाद पूछताछ में इस पूरे खेल से जुड़े कई राज सामने आए।
- नेपाल में सैलाब का खौफनाक मंजर! नेपाल से सामने आया एक और खौफनाक वीडियो नेपाल में सैलाब का खौफनाक मंजर! 😱🌊 नेपाल से सामने आया एक और खौफनाक वीडियो, जिसमें सैलाब का रौद्र रूप साफ नजर आ रहा है। चारों तरफ पानी का कहर और लोगों में चीख-पुकार का माहौल दिखाई दे रहा है। प्रकृति के इस विकराल रूप ने हर किसी को दहला दिया है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। देखिए कैसे पलभर में तबाही का मंजर बन गया पूरा इलाका!1
- झूलेलाल मंदिर में चालीहा महोत्सव हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर और राम शर्मा का हुआ सम्मान लोकेशन:-बीना रिपोर्टर:-राकेश सेन बीना :-पूज्य सिंधी पंचायत द्वारा गांधी वार्ड सिंधी कॉलोनी स्थित झूलेलाल मंदिर पर चालीहा महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। 19 जुलाई से प्रारंभ हुए इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को बुलाकर सम्मानित किया जा रहा है। बुधवार को झूलेलाल मंदिर पर पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर, समाजसेवी राम शर्मा, उद्योगपति महेंद्र यादव एवं राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल के सदस्यों का स्वागत किया गया। *पंडित विष्णु शर्मा (सोनू महाराज) ने कहा* कि कलयुग में केवल प्रभु का नाम ही सब कुछ है। भगवान झूलेलाल का अवतार धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश के लिए हुआ था। 40 दिनों तक नियम-संयम से की गई साधना भक्त को ईश्वर के निकट ले जाती है। सभी को प्रेम और सद्भावना के साथ भगवान के नाम का स्मरण करना चाहिए। *पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर ने कहा* कि भगवान झूलेलाल वरुण देवता के अवतार हैं। जब मुगलों के अत्याचारों से लोग परेशान थे, तब समाज के लोगों ने सिंधु नदी के तट पर बैठकर भगवान की आराधना की थी। तब आकाशवाणी हुई कि आने वाले समय में झूलेलाल जी का अवतार होगा और सभी संकट समाप्त होंगे। सिंधी पंचायत समाज द्वारा जिस तरह से सभी समुदायों को जोड़ने की पहल की जा रही है, वह प्रशंसनीय है। *समाजसेवी राम शर्मा ने कहा* कि सिंधी समाज ने जो भाईचारा और सद्भावना का उदाहरण पेश करते हुए विभिन्न समुदाय के लोगों को सम्मान दिया है, वह निश्चित ही स्वागत योग्य है। इस तरह के आयोजन समाज में एकता और प्रेम को बढ़ाते हैं। इस अवसर पर मंदिर में विशेष महाआरती हुई, जिसमें श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। चालीहा पर्व का विशेष धार्मिक महत्व है, 40 दिनों तक व्रत और आराधना के बाद 41वें दिन यह पर्व उत्साह के साथ मनाया जाता है। कार्यक्रम में राम टहलरेजा, चंदू बाधवानी, पार्षद प्रकाश बजाज, बालचंद वाधवानी, अशोक कुकरेजा, पवन लालवानी, जोधन सिंह, आशीष बाधवानी, गोलू, लक्ष्य नाथानी आदि उपस्थित थे। अंत में प्रसाद वितरण किया गया।4
- लोकशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना। ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस सेवादल के संस्थापक डॉ. एन.एस. सुब्बाराव की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम ब्लॉक कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष ओमप्रकाश पंजाबी एवं शहर कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में डॉ. एन.एस. सुब्बाराव के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके जीवन, देश सेवा और कांग्रेस सेवादल के प्रति योगदान को याद किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सेवादल देश सेवा और पार्टी के प्रति समर्पित संगठन है। वहीं विशेष अतिथि अनुसूचित जाति कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अशोक परिहार ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमप्रकाश पंजाबी ने की, जबकि संचालन विक्रांत गोलनदाज ने किया। शहर कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय ने डॉ. सुब्बाराव के जीवन परिचय एवं उनके योगदान पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर केदार पटेल, बलराम अहिरवार, सुखलाल अहिरवार, महेंद्र नवैया, खुशीलाल अहिरवार, कृष्णा कैथोरिया, जननू लाल राय, पीयूष तिवारी, रामकिशन अहिरवार, शेर सिंह अहिरवार, लक्ष्मण चंदेल, प्रभुदयाल सोनी, सुरेश सेन, मोतीलाल अहिरवार, ओपी लारोट सहित कांग्रेस सेवादल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। लोकशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना। ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस सेवादल के संस्थापक डॉ. एन.एस. सुब्बाराव की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम ब्लॉक कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष ओमप्रकाश पंजाबी एवं शहर कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में डॉ. एन.एस. सुब्बाराव के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके जीवन, देश सेवा और कांग्रेस सेवादल के प्रति योगदान को याद किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सेवादल देश सेवा और पार्टी के प्रति समर्पित संगठन है। वहीं विशेष अतिथि अनुसूचित जाति कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अशोक परिहार ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमप्रकाश पंजाबी ने की, जबकि संचालन विक्रांत गोलनदाज ने किया। शहर कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय ने डॉ. सुब्बाराव के जीवन परिचय एवं उनके योगदान पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर केदार पटेल, बलराम अहिरवार, सुखलाल अहिरवार, महेंद्र नवैया, खुशीलाल अहिरवार, कृष्णा कैथोरिया, जननू लाल राय, पीयूष तिवारी, रामकिशन अहिरवार, शेर सिंह अहिरवार, लक्ष्मण चंदेल, प्रभुदयाल सोनी, सुरेश सेन, मोतीलाल अहिरवार, ओपी लारोट सहित कांग्रेस सेवादल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- लोकशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना। ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस सेवादल के संस्थापक डॉ. एन.एस. सुब्बाराव की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम ब्लॉक कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष ओमप्रकाश पंजाबी एवं शहर कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में डॉ. एन.एस. सुब्बाराव के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके जीवन, देश सेवा और कांग्रेस सेवादल के प्रति योगदान को याद किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सेवादल देश सेवा और पार्टी के प्रति समर्पित संगठन है। वहीं विशेष अतिथि अनुसूचित जाति कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अशोक परिहार ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमप्रकाश पंजाबी ने की, जबकि संचालन विक्रांत गोलनदाज ने किया। शहर कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय ने डॉ. सुब्बाराव के जीवन परिचय एवं उनके योगदान पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर केदार पटेल, बलराम अहिरवार, सुखलाल अहिरवार, महेंद्र नवैया, खुशीलाल अहिरवार, कृष्णा कैथोरिया, जननू लाल राय, पीयूष तिवारी, रामकिशन अहिरवार, शेर सिंह अहिरवार, लक्ष्मण चंदेल, प्रभुदयाल सोनी, सुरेश सेन, मोतीलाल अहिरवार, ओपी लारोट सहित कांग्रेस सेवादल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। लोकशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना। ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस सेवादल के संस्थापक डॉ. एन.एस. सुब्बाराव की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम ब्लॉक कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष ओमप्रकाश पंजाबी एवं शहर कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में डॉ. एन.एस. सुब्बाराव के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके जीवन, देश सेवा और कांग्रेस सेवादल के प्रति योगदान को याद किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सेवादल देश सेवा और पार्टी के प्रति समर्पित संगठन है। वहीं विशेष अतिथि अनुसूचित जाति कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अशोक परिहार ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमप्रकाश पंजाबी ने की, जबकि संचालन विक्रांत गोलनदाज ने किया। शहर कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय ने डॉ. सुब्बाराव के जीवन परिचय एवं उनके योगदान पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर केदार पटेल, बलराम अहिरवार, सुखलाल अहिरवार, महेंद्र नवैया, खुशीलाल अहिरवार, कृष्णा कैथोरिया, जननू लाल राय, पीयूष तिवारी, रामकिशन अहिरवार, शेर सिंह अहिरवार, लक्ष्मण चंदेल, प्रभुदयाल सोनी, सुरेश सेन, मोतीलाल अहिरवार, ओपी लारोट सहित कांग्रेस सेवादल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- लोकशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना। ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस सेवादल के संस्थापक डॉ. एन.एस. सुब्बाराव की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम ब्लॉक कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष ओमप्रकाश पंजाबी एवं शहर कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में डॉ. एन.एस. सुब्बाराव के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके जीवन, देश सेवा और कांग्रेस सेवादल के प्रति योगदान को याद किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सेवादल देश सेवा और पार्टी के प्रति समर्पित संगठन है। वहीं विशेष अतिथि अनुसूचित जाति कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अशोक परिहार ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमप्रकाश पंजाबी ने की, जबकि संचालन विक्रांत गोलनदाज ने किया। शहर कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष प्रमोद राय ने डॉ. सुब्बाराव के जीवन परिचय एवं उनके योगदान पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर केदार पटेल, बलराम अहिरवार, सुखलाल अहिरवार, महेंद्र नवैया, खुशीलाल अहिरवार, कृष्णा कैथोरिया, जननू लाल राय, पीयूष तिवारी, रामकिशन अहिरवार, शेर सिंह अहिरवार, लक्ष्मण चंदेल, प्रभुदयाल सोनी, सुरेश सेन, मोतीलाल अहिरवार, ओपी लारोट सहित कांग्रेस सेवादल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- नेपाल में मानसूनी बाढ़ का कहर, सीमावर्ती राज्यों में अलर्ट नेपाल में मानसूनी बाढ़ का कहर, सीमावर्ती राज्यों में अलर्ट नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गई हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं के बाद भारत के सीमावर्ती राज्यों जैसे बिहार और उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है।1
- 🏆मुंगावली नगर की एक और बेटी कु. शैली अग्रवाल ने भोपाल से सी.एस. एक्जीक्यूटिव परीक्षा में प्रथम इस्थान को प्राप्त कर नगर और परिवार का नाम एक बार फिर से रोशन किया है। सफलता की खबर से नगर में जिस खुशी का माहौल दिखाई दिया, इस वि शैली इस बात को किस तरह देखती है, सुनिये शैली अग्रवाल की ही जुबानी... 🏆🏆🏆🏆🏆1
- पटना, 6 साल की उम्र में आदित्य का ज्ञान सुनकर होश उड़ जाएंगे, BPSC प्रोटेस्ट,,, बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक डाकबंगला चौराहे पर बीते 25 अगस्त को नौकरियों में अनियमितता और परीक्षाओं में धांधली को लेकर चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन उस समय एक अभूतपूर्व मोड़ पर आ गया, जब प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ के बीच 6 साल का एक मासूम बच्चा अपने स्कूल बैग में भारत का संविधान रखकर अग्रिम पंक्ति में खड़ा दिखाई दिया। पहली कक्षा में पढ़ने वाले इस बच्चे का नाम आदित्य कुमार है, जो पटना के पुनाईचक इलाके का रहने वाला है। हाथों में तिरंगा थामे और आंदोलनकारियों के सुर में सुर मिलाते हुए, आदित्य न केवल इस छात्र आंदोलन का सबसे चर्चित चेहरा बन गया है, बल्कि उसके तीखे तेवरों और बेबाक बयानों ने सत्ता के गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक तहलका मचा दिया है। #हिन्दी_खबर #हिन्दी_न्यूज #latestnews #viralpost #bihar_patna @jay_bajni_baba_khadowara subscribe/share करें1