उत्तर प्रदेश के बरेली जिला अंतर्गत फरीदपुर के दिवंगत भाजपा विधायक स्वर्गीय डॉ. प्रो. श्यामबिहारी लाल के पुत्र ईशान ग्वाल को उत्तर प्रदेश ताइक्वान्डो संघ का मनोनीत अध्यक्ष बनाया गया है। बरेली के लिए गर्व की इस खबर के सामने आने के बाद खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है और खिलाड़ियों को एक नई उम्मीद मिली है। उत्तर प्रदेश ताइक्वान्डो संघ के महासचिव अनिल कुमार ने ईशान ग्वाल को मनोनयन पत्र सौंपते हुए यह भरोसा जताया कि वह अपने पिता की जनसेवा और खेलों को बढ़ावा देने की सोच को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। इस नई जिम्मेदारी को ग्रहण करने के बाद ईशान ग्वाल ने इसे अपने जीवन का एक बेहद भावनात्मक पल बताया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने का एक बड़ा अवसर है। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के हर जिले, खासकर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के बच्चों तक निःशुल्क ताइक्वान्डो प्रशिक्षण पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, पारदर्शी व्यवस्था और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। प्रेस वार्ता में उन्होंने ताइक्वान्डो संगठन के लिए एक स्थायी भवन बनाने का प्रयास करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री से मिलवाने की कोशिश करने का भी बड़ा ऐलान किया, ताकि उनकी प्रतिभा को उचित सम्मान मिल सके। ईशान ग्वाल को मिली इस नई जिम्मेदारी से ताइक्वान्डो खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। अब खेल जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ताइक्वान्डो संघ कितनी तेजी से सफलता की नई ऊंचाइयों को छूता है।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिला अंतर्गत फरीदपुर के दिवंगत भाजपा विधायक स्वर्गीय डॉ. प्रो. श्यामबिहारी लाल के पुत्र ईशान ग्वाल को उत्तर प्रदेश ताइक्वान्डो संघ का मनोनीत अध्यक्ष बनाया गया है। बरेली के लिए गर्व की इस खबर के सामने आने के बाद खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है और खिलाड़ियों को एक नई उम्मीद मिली है। उत्तर प्रदेश ताइक्वान्डो संघ के महासचिव अनिल कुमार ने ईशान ग्वाल को मनोनयन पत्र सौंपते हुए यह भरोसा जताया कि वह अपने पिता की जनसेवा और खेलों को बढ़ावा देने की सोच को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। इस नई जिम्मेदारी को ग्रहण करने के बाद ईशान ग्वाल ने इसे अपने जीवन का एक बेहद भावनात्मक पल बताया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने का एक बड़ा अवसर है। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के हर जिले, खासकर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के बच्चों तक निःशुल्क ताइक्वान्डो प्रशिक्षण पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, पारदर्शी व्यवस्था और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। प्रेस वार्ता में उन्होंने ताइक्वान्डो संगठन के लिए एक स्थायी भवन बनाने का प्रयास करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री से मिलवाने की कोशिश करने का भी बड़ा ऐलान किया, ताकि उनकी प्रतिभा को उचित सम्मान मिल सके। ईशान ग्वाल को मिली इस नई जिम्मेदारी से ताइक्वान्डो खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। अब खेल जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ताइक्वान्डो संघ कितनी तेजी से सफलता की नई ऊंचाइयों को छूता है।
- बरेली के थाना मीरगंज क्षेत्र में पुलिस ने झूठी और क्रॉस एफआईआर दर्ज कराने के उद्देश्य से बस में स्वयं तोड़फोड़ और फायरिंग की साजिश रचने वाले 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस गंभीर मामले की जानकारी देते हुए मीरगंज के क्षेत्राधिकारी श्री अजय कुमार ने बताया कि आरोपियों ने झूठा मुकदमा दर्ज कराने की नियत से खुद ही बस में तोड़फोड़ करने और फायरिंग की पूरी साजिश रची थी।1
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- उत्तर प्रदेश के बरेली में आईडीए (IDA) का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मंथन आयोजित किया गया, जिसमें आगामी 2027 के चुनाव के लिए साझा रणनीति तैयार करने पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। इस राजनीतिक बैठक के दौरान मोहम्मद सुलेमान ने दलों से एकजुट होने की पुरजोर अपील की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि देश के संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए सभी दलों को एक साथ आना चाहिए।1
- बरेली के बेटे ईशान ग्वाल को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह उत्तरप्रदेश ताइक्वान्डो संघ के अध्यक्ष बन गए हैं। ईशान ग्वाल अब अपने पिता की इस विरासत को आगे संभालेंगे।1
- बरेली में इंसानियत को जिंदा रखने वाली एक बेहद भावुक तस्वीर सामने आई है, जहां एक लावारिस शव को उसका कोई अपना नसीब नहीं होने पर पीस कमेटी ऑफ इंडिया ने सहारा दिया। थाना बारादरी की सैटेलाइट चौकी पुलिस से सूचना मिलने के बाद, समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम इकबाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने आगे आकर शव के अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी संभाली। इस नेक कार्य को अंजाम देते हुए समिति के सलाहकार और मीडिया प्रभारी डॉ. शहाबुद्दीन ने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार शव को नहलाया, कफन पहनाया और फिर कब्रिस्तान में जनाजे की नमाज के बाद पूरे सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक कराया। यह पूरी प्रक्रिया सैटेलाइट चौकी के हेड कांस्टेबल अजीत सिंह की मौजूदगी में संपन्न हुई, जिसमें बाबू कुरैशी, नासिर अली और अली हसन ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई। इस मौके पर नदीम इकबाल ने संदेश दिया कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और लावारिस शवों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराना इंसानियत की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। रविवार शाम लगभग 6:00 बजे सामने आई इस पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आज भी इंसानियत जिंदा है।1
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- उत्तर प्रदेश के बरेली में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। यहाँ के सिविल लाइंस स्थित रोटरी भवन में इंडियन डेमोक्रेटिक एलायंस यानी आईडीए की बैठक आयोजित हुई, जिसमें 20 से ज्यादा क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों के नेता एक मंच पर नजर आए। रविवार शाम करीब 4 बजे हुई इस बैठक में नेताओं ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर साझा रणनीति बनाने पर चर्चा की। इस दौरान लोकतंत्र, संविधान, सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार, किसानों, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का फैसला लिया गया। बैठक में ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट वसी अहमद ने कहा कि छोटे दल जनता के असली मुद्दों को उठाते हैं और अब समान विचारधारा वाले दल मिलकर एक मजबूत विकल्प पेश करेंगे। वहीं, प्रदेश प्रवक्ता मुख्तार अहमद ने बताया कि गठबंधन को पूरे उत्तर प्रदेश में मजबूत किया जाएगा और इसके लिए हर मंडल व जिले में बैठकें आयोजित की जाएंगी। इस बैठक के बाद अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि 2027 के चुनाव में यह नया गठबंधन कितना असर दिखा पाता है।1
- बरेली के मीरगंज थाना क्षेत्र में दिल्ली हाईवे पर स्थित एक ढाबे के पास बस में फायरिंग और तोड़फोड़ की एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लगने पर जब पुलिस ने गहन पड़ताल की, तो पता चला कि यह पूरी घटना व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और पुरानी रंजिश के चलते खुद ही रची गई थी। मीरगंज पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बिलाल और अरबाज नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच के अनुसार, यह साजिश टीपू चौधरी के इशारे पर उसके साथियों ने अपनी ही बस को निशाना बनाकर रची थी। इस साजिश का मुख्य मकसद प्रतिद्वंद्वी बस संचालक शुभम चौधरी और उसके साथियों के खिलाफ एक झूठी क्रॉस एफआईआर (FIR) दर्ज कराना था, ताकि उन्हें कानूनी पचड़े में फंसाकर उनके कारोबार को नुकसान पहुंचाया जा सके। गिरफ्तार आरोपी बिलाल और अरबाज ने पुलिस पूछताछ में इस पूरी साजिश को रचने की बात कबूल कर ली है। मीरगंज पुलिस ने इस मामले में विभिन्न गंभीर धाराओं और सीएलए (CLA) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है और मामले में नामजद अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।1