उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त भारी भूचाल आ गया, जब बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिना किसी का नाम लिए सड़क पर आंदोलन करने वाले संगठनों और नेताओं पर तीखा हमला बोला। मेरठ की दलित बेटी ललिता गौतम को न्याय दिलाने की लड़ाई के बीच बहुजन सियासत में अब वर्चस्व की बड़ी जंग छिड़ गई है। मायावती ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन पीड़ित परिवारों को भड़काकर सड़कों पर उतारते हैं, अपनी राजनीति चमकाते हैं और फिर घटनास्थल पर पहुंचकर मगरमच्छ के आंसू बहाते हैं। मायावती के इस बयान को सीधे तौर पर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से जोड़कर देखा जा रहा है, जिन्होंने इस पर बेहद कड़ा पलटवार किया है। चंद्रशेखर आजाद ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि अगर वे मगरमच्छ के आंसू बहाने आते हैं, तो मायावती को भी ऐसा करने से किसने रोका है, वे भी आकर आंसू बहा लें। उन्होंने अदालत के जरिए इंसाफ मांगने की मायावती की बात पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर इंसाफ मिलने में दस साल का समय लगेगा, तो क्या तब तक हमारी बहन-बेटियों की इज्जत लुटती रहे और लोग चुप बैठे रहें? चंद्रशेखर आजाद ने भावुक होते हुए कहा कि आज मायावती ने उनके दिल को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने साफ कर दिया कि अब समाज खुद इस बात का फैसला करेगा कि कौन उनके लिए वास्तव में लड़ रहा है और किसका समाज से सिर्फ वोट का रिश्ता है। इस जुबानी जंग के बाद अब बहुजन राजनीति में यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि दलित समाज की लड़ाई का सही रास्ता क्या होगा—सड़क पर संघर्ष या फिर अदालत में न्याय का इंतजार।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त भारी भूचाल आ गया, जब बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिना किसी का नाम लिए सड़क पर आंदोलन करने वाले संगठनों और नेताओं पर तीखा हमला बोला। मेरठ की दलित बेटी ललिता गौतम को न्याय दिलाने की लड़ाई के बीच बहुजन सियासत में अब वर्चस्व की बड़ी जंग छिड़ गई है। मायावती ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन पीड़ित परिवारों को भड़काकर सड़कों पर उतारते हैं, अपनी राजनीति चमकाते हैं और फिर घटनास्थल पर पहुंचकर मगरमच्छ के आंसू बहाते हैं। मायावती के इस बयान को सीधे तौर पर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से जोड़कर देखा जा रहा है, जिन्होंने इस पर बेहद कड़ा पलटवार किया है। चंद्रशेखर आजाद ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि अगर वे मगरमच्छ के आंसू बहाने आते हैं, तो मायावती को भी ऐसा करने से किसने रोका है, वे भी आकर आंसू बहा लें। उन्होंने अदालत के जरिए इंसाफ मांगने की मायावती की बात पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर इंसाफ मिलने में दस साल का समय लगेगा, तो क्या तब तक हमारी बहन-बेटियों की इज्जत लुटती रहे और लोग चुप बैठे रहें? चंद्रशेखर आजाद ने भावुक होते हुए कहा कि आज मायावती ने उनके दिल को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने साफ कर दिया कि अब समाज खुद इस बात का फैसला करेगा कि कौन उनके लिए वास्तव में लड़ रहा है और किसका समाज से सिर्फ वोट का रिश्ता है। इस जुबानी जंग के बाद अब बहुजन राजनीति में यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि दलित समाज की लड़ाई का सही रास्ता क्या होगा—सड़क पर संघर्ष या फिर अदालत में न्याय का इंतजार।
- आगरा में आज का नया डांस चैलेंज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 'टुडे ट्रेंड डांस चैलेंज' के नाम से चल रहा यह चैलेंज इंटरनेट पर लगातार ट्रेंड कर रहा है और लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।1
- आगरा के थाना सदर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी करने के उद्देश्य से बून्दू कटरा चौकी पुलिस ने रोहता चौराहे पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान पुलिस टीम पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। पुलिसकर्मियों ने संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों पर विशेष नजर रखते हुए सघन जांच की और साथ ही वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की। पुलिस की इस सक्रिय मुस्तैदी और कार्यशैली की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही है। व्यस्त रोहता चौराहे पर पुलिस की इस मौजूदगी से क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर एक सकारात्मक संदेश गया है। बून्दू कटरा चौकी पुलिस की इस सक्रियता को अपराधों की रोकथाम और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल माना जा रहा है। इस नियमित चेकिंग से जहां संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिल रही है, वहीं वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।1
- उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरित प्रदेश के लक्ष्य को लेकर एक वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की गई है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान का शुभारंभ किया है। इस अभियान के तहत प्रदेश भर में बड़ी संख्या में पौधे लगाए जा रहे हैं। इस अभियान से जुड़ी पूरी खबर केवल कांतप टीवी (Kantap TV) पर देखी जा सकती है।1
- उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 858 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से बने एक रेलवे ओवरब्रिज का महज एक ही बारिश में आंचा-पांचा खुल गया है। इस रेलवे ओवरब्रिज को अभी मात्र 15 दिन पहले ही लोगों के इस्तेमाल के लिए खोला गया था। लेकिन महज इतने कम दिनों के भीतर ही पहली बारिश ने इसके पूरे निर्माण की पोल खोलकर रख दी है, जिससे यह विश्वास करना भी मुश्किल हो रहा है कि 858 करोड़ रुपए की लागत से बने इस ओवरब्रिज का ऐसा हाल हो गया है।1
- आगरा के आगरा कैंट स्टेशन पर आरपीएफ कर्मी और डिप्टी एसएस के बीच हुए विवाद के बाद मारपीट होने से हड़कंप मच गया है। एक यात्री को लेकर शुरू हुआ यह पूरा मामला विवाद से शुरू होकर सीधे मारपीट तक पहुंच गया। इस घटना के कारण स्टेशन परिसर में भारी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इस पूरे घटनाक्रम ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1