बूंदी के देवपुरा तहसील रोड स्थित एक मकान पर पुलिस ने बोगस ग्राहक बनकर देह व्यापार के एक बड़े संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने मुख्य सरगना सहित कुल 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 15 पुरुष और बाहरी क्षेत्रों से आई 7 महिलाएं शामिल हैं। इस क्षेत्र में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद पुलिस ने विशेष योजना बनाकर महिला कांस्टेबलों और पुलिसकर्मियों को बोगस ग्राहक बनाकर मौके पर भेजा और सूचना की पुष्टि होते ही छापा मारकर सभी को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से ग्राहकों से डिजिटल भुगतान लेने में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन, यूपीआई भुगतान संबंधी साक्ष्य, नकदी, वाहन तथा अन्य सामग्री जब्त की है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस अवैध देह व्यापार के धंधे का पूरा संचालन डिजिटल लेनदेन के माध्यम से ही किया जा रहा था। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (पीटा एक्ट) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही पुलिस जब्त किए गए डिजिटल लेनदेन के रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी गहनता से जांच कर रही है ताकि मामले में सामने आने वाले अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर उनके खिलाफ भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
बूंदी के देवपुरा तहसील रोड स्थित एक मकान पर पुलिस ने बोगस ग्राहक बनकर देह व्यापार के एक बड़े संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने मुख्य सरगना सहित कुल 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 15 पुरुष और बाहरी क्षेत्रों से आई 7 महिलाएं शामिल हैं। इस क्षेत्र में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद पुलिस ने विशेष योजना बनाकर महिला कांस्टेबलों और पुलिसकर्मियों को बोगस ग्राहक बनाकर मौके पर भेजा और सूचना की पुष्टि होते ही छापा मारकर सभी को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से ग्राहकों से डिजिटल भुगतान लेने में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन, यूपीआई भुगतान संबंधी साक्ष्य, नकदी, वाहन तथा अन्य सामग्री जब्त की है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस अवैध देह व्यापार के धंधे का पूरा संचालन डिजिटल लेनदेन के माध्यम से ही किया जा रहा था। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (पीटा एक्ट) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही पुलिस जब्त किए गए डिजिटल लेनदेन के रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी गहनता से जांच कर रही है ताकि मामले में सामने आने वाले अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर उनके खिलाफ भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
- दिल्ली के जंतर-मंतर से छात्रों ने निकाला शांति पूर्वक संसद मार्च ये कल के संसद मार्च का वीडियो है: बारिश में भीगते हुए हजारों की संख्या में संसद की तरफ जा रहे ये छात्र और युवा दूर-दूर से इस मार्च में शामिल होने आए थे: ये मार्च स्वत: स्फूर्त था: कोई इन्हें लीड नहीं कर रहा था: फिर भी जिस तरह छात्रों की तरफ से न तो कोई हिंसा हुई और ही किसी तरह की अनुशासन हीनता: लाखों युवाओं की मौजूदगी में ये एक चमत्कार ही कहा जाएगा: दूसरी तरफ सरकार है जिसने जुल्म की सारी हदें पार कर दीं:1
- कोटा के स्वामी विवेकानंद नगर स्थित एक मकान के बाथरूम में ब्लैक कोबरा दिखाई देने से परिवार और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम के गोविंद शर्मा मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद सावधानीपूर्वक कोबरा का सफल रेस्क्यू किया। इसके बाद सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। रेस्क्यू के दौरान गोविंद शर्मा ने लोगों से अपील की कि बारिश के मौसम में सांप अक्सर बिलों से निकलकर सुरक्षित स्थान की तलाश में घरों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में घबराने या सांप को मारने की बजाय तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि सांप और लोगों दोनों की सुरक्षित तरीके से रक्षा की जा सके।1
- कोटा के विवेकानंद नगर क्षेत्र में स्थित एक खंडहर मकान में अचानक जहरीला कोबरा निकल आने से इलाके में हड़कंप मच गया। इस मकान में एक मजदूर अपने परिवार और बच्चों के साथ रहता है। जहरीला सांप मकान के भीतर रखे पानी के ड्रम के पास जाकर छिप गया था। इसी दौरान परिवार की 5 वर्षीय मासूम बालिका जब पानी के ड्रम के पास पहुंची, तो उसकी नजर अचानक फन फैलाकर बैठे कोबरा पर पड़ी। सांप को देखते ही बच्ची घबरा गई और उसने शोर मचा दिया। गनीमत यह रही कि कोबरा ने बालिका पर हमला नहीं किया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। शोर सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने कोबरा को भगाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद स्नैक कैचर गोविंद शर्मा को मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही स्नैक कैचर गोविंद शर्मा मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित तरीके से जहरीले कोबरा का रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद कोबरा को लाडपुरा क्षेत्र के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। कोबरा के पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों और परिवार ने राहत की सांस ली और समय रहते कार्रवाई करने के लिए स्नैक कैचर की तत्परता की सराहना की।2
- कोटा में कोली समाज ने राधा-कृष्ण मंदिर के आसपास हो रहे अतिक्रमण और नशाखोरी के खिलाफ कलेक्टर को ज्ञापन दिया है। कोली समाज द्वारा राधा-कृष्ण मंदिर के निकट चल रहे अतिक्रमण और नशाखोरी के विरोध में यह कदम उठाया गया है।1
- राजस्थान के कोटा में अस्सी फीट रोड पर बीजेपी के निर्माणाधीन कार्यालय को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रेलवे ने एक पत्र जारी कर इस जमीन पर हो रहे निर्माण को अवैध अतिक्रमण बताया है। रेलवे ने केडीए को लिखे पत्र में साफ किया है कि यह जमीन केवल 35 साल की लीज पर सड़क निर्माण के लिए दी गई थी, जिसे बीजेपी कार्यालय के लिए आवंटित कर दिया गया। अब इस मामले ने पूरी तरह से तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे पर मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्माणाधीन कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में डीआरएम से मुलाकात कर चर्चा की। कांग्रेस नेता विपिन बरथूनियां ने सीधा आरोप लगाया है कि बीजेपी रेलवे की इस बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रही है, जबकि सारे दस्तावेज इसके रेलवे की जमीन होने की पुष्टि करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में जब देश में डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार थी, तब इसी जमीन पर रेलवे कर्मचारियों के बच्चों के लिए एक हॉस्टल निर्माण की योजना को मंजूरी मिली थी और बकायदा इसका बजट भी घोषित किया जा चुका था।1
- आमजन और पुलिस के बीच विश्वास और संवाद को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कोटा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने जिले के प्रमुख पुलिस थानों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में खुद मौजूद रहकर आम लोगों की समस्याएं सुनीं और पुलिस से जुड़े विभिन्न मामलों की बारीकी से मॉनिटरिंग करते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। इस जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, लंबित अनुसंधान और आपराधिक मामलों सहित अन्य शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की गई। आईजी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए और कई मामलों में जल्द से जल्द कार्रवाई के आदेश दिए। इस विशेष कार्यक्रम में कोटा शहर पुलिस अधीक्षक (एसपी) तेजस्विनी गौतम (आईपीएस) सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित थाना प्रभारी उपस्थित रहे। आईजी ने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना भी है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि जनसुनवाई को नियमित और प्रभावी बनाया जाए ताकि प्रत्येक शिकायतकर्ता को समय पर न्याय मिल सके और पुलिस पर जनता का विश्वास मजबूत हो सके।1
- कोटा-बूंदी के शंभूपुरा में निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के कार्यों में तेजी लाने और इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने मंगलवार को कार्यस्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को तय समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। संभागीय आयुक्त ने जायजा लेते हुए कहा कि काम के बीच आ रही किसी भी प्रकार की रुकावट को तुरंत प्रभाव से दूर किया जाए ताकि काम की रफ्तार प्रभावित न हो। उन्होंने अंतर-विभागीय समन्वय पर विशेष जोर देते हुए केडीए (KDA), जेवीवीएनएल (JVVNL), आरवीपीएल (RVPL) और पीएचईडी (PHED) विभाग को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने वन विभाग की क्लीयरेंस से जुड़ी प्रक्रिया में तेजी लाने और समय-सीमा के भीतर इसे शीघ्र मंगवाने के निर्देश भी जारी किए। इस निरीक्षण के दौरान मौके पर केडीए आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ममता तिवारी, केडीए सचिव मुकेश चौधरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।4
- कोटा के स्वामी विवेकानंद नगर स्थित एक मकान के बाथरूम में ब्लैक कोबरा दिखाई देने से परिवार और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम के गोविंद शर्मा मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद सावधानीपूर्वक कोबरा का सफल रेस्क्यू किया। इसके बाद सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। रेस्क्यू के दौरान गोविंद शर्मा ने लोगों से अपील की कि बारिश के मौसम में सांप अक्सर अपने बिलों से निकलकर सुरक्षित स्थान की तलाश में घरों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में घबराने या सांप को मारने के बजाय तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि सांप और लोगों दोनों की सुरक्षित तरीके से रक्षा की जा सके।1