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DIG को पत्रकार ने दिए आवेदन, पुलिस पदाधिकारी पर बड़ा आरोप। समस्तीपुर जिले के चर्चित बुजुर्ग पत्रकार को 26 जनवरी को रोसड़ा थाना पर ASI सुभाष चंद्र मॉडल द्वारा अपमान किये जाने का मामला लेकर दरभंगा डीआइजी के पास पहुंचे पत्रकार पलटन सहनी !
Pankaj Baba
DIG को पत्रकार ने दिए आवेदन, पुलिस पदाधिकारी पर बड़ा आरोप। समस्तीपुर जिले के चर्चित बुजुर्ग पत्रकार को 26 जनवरी को रोसड़ा थाना पर ASI सुभाष चंद्र मॉडल द्वारा अपमान किये जाने का मामला लेकर दरभंगा डीआइजी के पास पहुंचे पत्रकार पलटन सहनी !
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- यह रोड जो है साजन पुर पंचायत बेनीपुर प्रखंड मलौल का है जो काम से कम 500 घर प्रभावित है यह हर जगह हम लोग शिकायत किया लेकिन यह कोई शिकायत सुनने वाला नहीं है महोदय प्लीज हम लोग करोड़ बनवाया जाए7
- गोदरगामा आजाद चौक के सामने में चौराहा आता है वह मटियानी इधर और मनियप्पा इधर जाता है वहीं पर बालू से भरा टेलर पलट गया,,,,1
- Post by Rajkumar Paswan1
- बिहार में शराबबंदी कानून को लागू हुए कई साल हो चुके हैं, और इस दौरान इस कानून के प्रभावों को लेकर विभिन्न राय सामने आई हैं। जदयू विधायक अजीत कुमार का दावा है कि बिहार में शराबबंदी कानून सख्ती से लागू है और पूरा प्रदेश इससे खुश है। हालांकि, इस दावे की सच्चाई को लेकर सवाल उठते हैं, क्योंकि एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं ने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग की है। शराबबंदी कानून के समर्थकों का तर्क है कि इससे शराब की लत से जुड़ी समस्याओं में कमी आई है, और लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। इसके अलावा, शराबबंदी से महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी आने की बात भी कही जाती है। लेकिन, दूसरी ओर, इस कानून के आलोचकों का कहना है कि इससे अवैध शराब की बिक्री बढ़ गई है, और इससे जुड़े अपराधों में वृद्धि हुई है। शराबबंदी कानून के कार्यान्वयन में खामियां भी सामने आई हैं। कई बार शराब की तस्करी और अवैध बिक्री की खबरें आती हैं, जिससे कानून की प्रभावशीलता पर सवाल उठते हैं। इसके अलावा, शराबबंदी से राज्य के राजस्व पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, क्योंकि शराब की बिक्री से होने वाली आय में कमी आई है। एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं ने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग की है, जिसमें कहा गया है कि कानून के कार्यान्वयन में सुधार की जरूरत है। वे चाहते हैं कि सरकार इस कानून की समीक्षा करे और इसके कार्यान्वयन में सुधार के लिए कदम उठाए। इस पूरे मामले में, यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार शराबबंदी कानून के कार्यान्वयन में सुधार के लिए क्या कदम उठाती है। क्या वह इस कानून को और सख्ती से लागू करेगी, या इसमें बदलाव करेगी? यह देखना बाकी है। शराबबंदी कानून के प्रभावों को लेकर विभिन्न राय हैं, और इस पर चर्चा जारी रहेगी। लेकिन, एक बात स्पष्ट है कि इस कानून के कार्यान्वयन में सुधार की जरूरत है, ताकि इसके उद्देश्यों को पूरा किया जा सके। सरकार को इस दिशा में कदम उठाने चाहिए, ताकि बिहार में शराबबंदी कानून का सही मायनों में पालन हो सके।1
- बिहार के मधुबनी में भवानीपुर स्थित प्रसिद्ध उगना महादेव मंदिर में करोड़ आभूषण चोरी कर लिया गया है #biharupdatetoday #SinghNews #jasmantsingh #bihar #BiharNews #BiharUpdate #madhubani #ugna_mahadev_mandir #BiharPolice #darbhanga #mithila #mithilaupdate #mithlanews #facebookphotochallenge #FacebookPage1