झारखंड के धनबाद के बहुचर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में करीब 15 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने पूर्व मंत्री मन्नान मालिक सहित 30 आरोपियों को दंगा, सरकारी कार्य में बाधा और आगजनी से जुड़ी धाराओं में दोषी ठहराते हुए अधिकतम तीन वर्ष की सजा सुनाई है। हालांकि, साक्ष्य के अभाव में अदालत ने सभी आरोपियों को हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के आरोपों से बरी कर दिया है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को जमानत भी मिल गई है। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 353 और 435 के तहत सभी 30 आरोपियों को दोषी करार दिया। वहीं, पर्याप्त सबूतों की कमी के चलते इन्हें धारा 302, 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)(A) के तहत लगाए गए गंभीर आरोपों से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया। यह पूरा मामला 27 अप्रैल 2011 का है, जब बीसीसीएल के क्वार्टरों को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंची पुलिस टीम और आंदोलनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इस दौरान हालात बेकाबू होने पर हुई गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई थी। इस हिंसक घटना ने पूरे झारखंड में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा बटोरी थी। करीब डेढ़ दशक तक चली इस लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए फैसले के साथ ही धनबाद के इस सबसे चर्चित मामले का न्यायिक अध्याय फिलहाल समाप्त हो गया है।
झारखंड के धनबाद के बहुचर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में करीब 15 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने पूर्व मंत्री मन्नान मालिक सहित 30 आरोपियों को दंगा, सरकारी कार्य में बाधा और आगजनी से जुड़ी धाराओं में दोषी ठहराते हुए अधिकतम तीन वर्ष की सजा सुनाई है। हालांकि, साक्ष्य के अभाव में अदालत ने सभी आरोपियों को हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के आरोपों से बरी कर दिया है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को जमानत भी मिल गई है। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 353 और 435 के तहत सभी 30 आरोपियों को दोषी करार दिया। वहीं, पर्याप्त सबूतों की कमी के चलते इन्हें धारा 302, 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)(A) के तहत लगाए गए गंभीर आरोपों से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया। यह पूरा मामला 27 अप्रैल 2011 का है, जब बीसीसीएल के क्वार्टरों को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंची पुलिस टीम और आंदोलनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इस दौरान हालात बेकाबू होने पर हुई गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई थी। इस हिंसक घटना ने पूरे झारखंड में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा बटोरी थी। करीब डेढ़ दशक तक चली इस लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए फैसले के साथ ही धनबाद के इस सबसे चर्चित मामले का न्यायिक अध्याय फिलहाल समाप्त हो गया है।
- हजारीबाग के पुराने समाहरणालय में स्थित प्रसिद्ध हनुमान जी की संध्या आरती और पूजा का आयोजन किया गया, जहां लोगों ने भगवान के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर में संध्या आरती और पूजा-अर्चना की गई, जिसका श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ प्राप्त किया।1
- हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड अंतर्गत खुटरा पंचायत में युवाओं को नशे से दूर रखने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करना और उन्हें मोबाइल की लत से बाहर निकालकर खेल के मैदान की ओर आकर्षित करना है। इस खेल प्रतियोगिता में जिले की कुल छह प्रमुख टीमें हिस्सा ले रही हैं। इन टीमों में हजारीबाग फुटबॉल अकैडमी, राइजिंग फुटबॉल क्लब, ब्लू बर्ड क्लब, फुटबॉल अकैडमी खुटरा, अंबेडकर बॉयज क्लब पबरा-गोविंदपुर-हेडलाख और खुटरा रिटायर-11 शामिल हैं। आयोजकों ने बताया कि खेल में अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए खिलाड़ियों से किसी भी प्रकार का प्रवेश शुल्क नहीं लिया जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि आजकल के युवा मोबाइल फोन में अत्यधिक व्यस्त रहते हैं, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। ऐसे में खेलकूद के माध्यम से उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज से जुड़ने का अवसर मिलेगा, साथ ही लोगों तक नशा मुक्त समाज और स्वच्छ पर्यावरण का संदेश भी पहुंचेगा। इस आयोजन को सफल बनाने में गांव के शाहजहां हुसैन, हाजी सैफ अहमद वारसी, मुखिया अनवर उल हक और उपमुखिया तस्वीर शेख सहित कई ग्रामीणों और युवाओं का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। आयोजकों ने सभी खेल प्रेमियों और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में मैदान पहुंचकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने और नशा मुक्त एवं स्वस्थ समाज की इस पहल का हिस्सा बनने की अपील की है।1
- हजारीबाग में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई के कारण दर्जनों गरीबों की दुकानें उजड़ गई हैं। नगर निगम द्वारा की गई इस कार्रवाई के चलते गरीब दुकानदारों की दुकानों को उजाड़ दिया गया है।1
- हजारीबाग शहर के जीवन ज्योति नर्सिंग होम में बच्चेदानी के ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। मृतका की पहचान पदमा थाना क्षेत्र के सूरजपुरा पंचायत की रहने वाली सुशीला देवी के रूप में हुई है। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान जब महिला की तबीयत बिगड़ी, तो नर्सिंग होम प्रबंधन ने बेहतर इलाज का हवाला देकर उन्हें रांची रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस दुखद घटना से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में नर्सिंग होम पहुंचे और वहां जमकर हंगामा किया। इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने नर्सिंग होम के शटर और ताला तोड़ने का भी प्रयास किया और न्याय के साथ-साथ मुआवजे की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने कहा है कि परिजनों से लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले की पूरी जांच की जाएगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।3
- रांची के करम टोली स्थित केंद्रीय धूमकुडिया सभागार में आदिवासी जन परिषद द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।1
- झारखंड के हजारीबाग में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एक बड़ा संदेश दिया है। इस कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित भी किया गया।1
- नालंदा के अस्थावां थाना क्षेत्र के कोनन गांव में जलावन को लेकर शुरू हुआ विवाद एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया है। इस टकराव के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।1